00:00एक इनसान 13 साल से 20 पर अब सुप्रिम कोर्ट ने लिया ऐसा फैसला जो पहले कभी नहीं हुआ
00:07इलाज बंद किया जाए मरीज के सम्मान और आराम के लिए
00:11भारत के सुप्रिम कोर्ट ने ये एतिहासिक फैसला सुनाया है
00:1432 साल के हरिश टाना जो पिछले 13 साल से वेजेटेटिव स्टेट में हैं
00:19उनके लिए पैसिव यूतनेश्या की अनुमती दी गई है
00:22वेजेटेटिव स्टे का मतलब है कि व्यक्ति के दिमाग की गतिविधी बहुत कम हो गई है
00:27वो होश में नहीं है और अपनी रोजबर्रा के जरूरतों के लिए दूसरों पर पूरी तरह निर्वर है
00:33हरिश भी इसे इस्तिती में है यानि वे खुद से कुछ नहीं कर सकते
00:37पैसी यूतनेश्या का मतलब है कि किसी मरीज की जिंदगी बचाने वाला उप्चार जैसे खाना और दवाई बंद कर दिया
00:44जाए
00:44ताकि उनका जीवन सम्मान और आराम के साथ खत्म हो सके
00:47सुप्रिंग कोट ने फैसला उनके परिवार की इच्छा और मेडिकल रिपोर्ट्स के आधार पर लिया
00:52कोट ने कहा कि अब हरिश का इलाज धिरे धिरे रूका जाए
00:55लेकिन उनका आराम और सम्मान पूरी तरह सुरक्षित रहेगा
00:58ये फैसला भारत में गरिमा के साथ म्रत्यू के अधिकार को नया कानूनी मानेता देता है
01:03और दिखाता है कि प्यार और सम्मिर्ना के साथ कठिन फैसले कैसे लिए जा सकते हैं
01:07बीरो रिपोर्ट एटीवी भारत
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