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  • 2 days ago
गुजरात में अहमदाबाद के एक शांत कोने में एक अनोखा घर है. यहां बदलते समय के साथ जिंदगी भर जमा किए सामानों का संग्रह देखने को मिलता है. करीब 8,000 कलाकृतियों और पुराने सामानों का संग्रह बच्चों के सर्जन डॉ. तेजस नायक का है. उनका निजी संग्रहालय कई पीढ़ियों की कहानियां बयां करता है. इसके कमरों और गलियारों में पुराने लैंप, म्यूजिक रिकॉर्ड, फ्लॉपी डिस्क, प्राचीन जीवाश्म, दुर्लभ सिक्के और अनगिनत पुरानी चीजें भरी हुई हैं। हर सामान में उस दौर की कहानी छिपी है. पांच कमरों में फैले संग्रह को बनाने में तीन दशक से ज्यादा समय लगा। इसे 60 विषयों में बांटा गया है, जो सदियों पुराने इतिहास की दिलचस्प झलक दिखाता है. बॉक्स कैमरों और जासूसी कैमरों से लेकर ग्रामोफोन तक, ये कलाकृतियां बीते युगों की झलक दिखाती हैं. अभी तक ये म्यूजियम इतिहास और विरासत में रुचि दिखाने वालों को आकर्षित करता रहा है. डॉ. तेजस को उम्मीद है कि आने वाले समय में ये कलेक्शन और लोगों तक पहुंचेगा, इसे बेहतर ढंग से सुरक्षित रखा जा सकेगा और ज्यादा से ज्यादा लोग इससे रूबरू होंगे.

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00:33पांच कमरों में फैले संग्रह को बनाने में तीन दशक से ज्यादा समय लगा इसे 60 विश्यों में बाटा गया
00:40है जो सदियों पुराने इतिहास की दल्चस्प जलग दिखाता है
00:46बढ़ता गया चीजे दो सो पांच सो हुई हजार दो हजार हुई तब मैंने उनको सब्जेक्स में डिवाइड करके एरेंज
00:53करने लगा
00:55पहले एक कबड़ में रहते थे वो निकालके घर के दिवारों पे लगाने लगा
01:00तो इस तरह से बनता गया और उसी में हम रहते हैं जिसका भी एक आनंद है
01:06जानवर का पहला जानवर का जो फॉसिल है जो 36 करोड साल पुराना है वो भी मेरे म्यूजियम में है
01:25डॉक्टर तेजस अपने संग्रह के सामानों का अलग-अलग तरीके से अनुभव करते हैं
01:29कभी पुराने संगीत के जरीए अतीत में खो जाते हैं तो कभी उन सामानों को एक टक ने हारते हैं
01:35जिने देखना भी एक सपना था
01:43इस संग्रह की शुडवात बच्पन में मिठाई के रेपर और सिक्के एकटा करने के शौक से हुई
01:48धीरे धीरे ये कलाकृतियों के विशाल संग्रह में तबदील हो गया हर कलाकृती अपने आप में खास है
01:54डॉक्टर तेजस हर सामान की कहानी और उसका इस्तमाल करना जानते हैं
02:03जैसे ये अनुखा ताला जो बिना दिखने वाले छेट से खुलता है
02:11जब डॉक्टर तेजस इसके इस्तमाल करने का तरीका दिखाते हैं, तब जाकर बीते समय की प्रतिभा की जहलक देखने को
02:17मिलती है
02:22बॉक्स कैमरों और जासुची कैमरों से लेकर ग्रामोफोन तक ये कलाकृतियां बीते युगों की जहलक दिखाती है
02:36जो हमारे मोबाइल आए टीवी आए उससे पहले बाते कैसे फैलती थी लोग बाते कैसे करते थे
02:42तो वो स्टोरीटेलिंग डिवाइस इन ग्रामोफोन तेप रेकॉर्डर्स मेरा बहुत अजीस विशे है
03:02हजारों कलाकृतियों में कुछ एक डॉक्टर तेजस के लिए खास है
03:05ये कलाकृतियां कभी उनके दिवंगत दादा, पूर्व प्रधानमंत्री गुलजारी लाननन्ना की थी
03:12इस खास संग्रह में निजी चिठियां, आधिकारिक दस्तावेज और कई परुसकार है
03:22भारत के दो दफा प्रधानमंत्री बने श्री गुलजारी लाननन्दा जी का दोहित रहूं
03:32तो उनकी चीज़ें हैं मेरे पास, खास करके उनका भारत रत्ना और पद्मविपुशन का मैडल है
03:39जो आप एक साथ देख सकते हैं, जो बहुत रहर चीज़ें, दो मैडल ऐसे आप एक मैडल भी देख नहीं
03:45पाते हैं
03:45और गांधी जी ने उन पे लिखे हुए लेटर, हमारे पास नंदा जी को लिखे हुए जवाराल नहरू जी के
03:53खत है, लाल बादू शास्त्री के हैं, उनके साथ हमारे फोटो है
04:00अभी तक ये मुजियम इतिहास और विरासत नरुची दिखाने वालों को आकरशित करता रहा है, डॉक्टर तेजस को उमीद है
04:07कि आने वाले समय में ये कलेक्शन और लोगों तक पहुँचेगा, इसे बहतर ढंक से सुरक्षित रखा जा सकेगा और
04:13ज्यादा से जादा लो�
04:28और पुरा इतिहास इसके अंदर बुना हुआ है, कितने साल का? 5000 साल का भारत का इतिहास, उसकी कुछ न
04:36कुछ चीजे, स्टोरी इसमें है, काफी लोग आते भी है, लेकिन मैं ये मानता हूँ कि और लोग आए, मैं
04:44भी पढ़ता रहता हूँ, मैं जो नॉलेज इकटा करता ह�
04:50बचपन का शौक आज एक जीवन्त संग्रह का रूप ले चुका है, कभी ये एक पारिवारिक घर हुआ करता था,
04:56अब ये इतिहास और संस्कृति की यादगार धरोहर है
05:01एक-एक सामान की अनूठी काहनियों से गढ़ा गया संग्रह पीडियों के बीच पुल का काम करता है और उन
05:08लोगों के लिए अतीत को संजो कर रखता है जिन्होंने अभी तक उसे जाना नहीं है
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