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यह वीडियो 21 जुलाई 2024 को आयोजित संत सरिता सत्र से लिया गया है।
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Transcript
00:00रवीना टैगोर की काबुली वाला है पढ़ियेगा तो उसमें जो बच्ची है मिनी उसकी माँ को बिलकुल पसंद नहीं है
00:07कि वो काबुली वाले से मिले वो इतना बड़ा तो जोला लेके चलता और लंबा भी है पता नहीं क्या
00:12है और इन दोनों के बीच परिहास भी ऐसा ही ह
00:22उसकी मिनी की मां सुन रही है उसकी मां का रुख क्या था ये टैगोर बड़े मस्त तरीके से बताते
00:30हैं बोलते हैं वो मांती थी कि ये दुनिया लफंगों चिपकली और तिल्चटों से भरी हुई है बाहर जाओ तो
00:37बाहर क्या है लफंगे खत्रा और घर के अंदर चिपकल
00:45पाठ इश्वर बचाना खतर ही खतर है बाहर भीतर हर चगा तो फिर इसलिए इस्तरियों को दबाना धमकाना डराना भी
00:53ज्यादा आसान रहा है क्योंकि उनको और बताया जाता है कि तुम जहां जाओ तुम्हारे लिए खतर ही खतर है
00:58हाई आठ बज गय अभी तक वापस नहीं
01:00यह ने कानो सुना है वो उसको बोल रही है रात में बहुरा het 코 ने कोई चोटी काट ले
01:05जाएगा इस चोटी काटे का क्या फंडा है और मेरा प्लेगराउंड नहीं है कि हम यहाँ खेलने कले थोड़ी पैदा
01:27हुए है
01:27हम पैदा हुए है और यह सब self-fulfilling होती है बाते तुम अगर मानोगे कि तुम यह करने पैदा
01:35हुए हो तो तुम्हें दुश्मन फिर मिल भी जाएगा वो philosophy दुश्मन है वो मानने ता दुश्मन है जो आपके
01:39दिमाग में डाल दी गई है कि आप दुश्मनों के बीचे पैदा
01:42हुए है कोई किसी का दुश्मन नहीं है
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