00:00आप कह रहे हैं कि ये दुनिया कम से कम चल तो रही है, क्या सचमुच चल रही है या
00:06आप बिलकुल विनष्ट होने की कडार पर आ गई है।
00:09हमारी संग्रचना से हमें बुद्धी मिल गई है, ग्रे मैटर आई क्यू मिल गया है।
00:14लेकिन केंद्र तो हमारा पाशविक ही रहा है। उसी पाशविक केंद्र से हमने अपनी सारी विवस्थाइं बना दी है।
00:19बड़ा देश छोटे देश पर जपट्टा मार रहा है, अप दुनिया में देखी रहे हैं।
00:23जो वर्ग सशक्त है वो निर्बल पर चढ़ रहा है। घर के भीतर जिसके पास ताकत है वो अपने से
00:30दुर्बल पर चढ़ रहा है।
00:31प्रत्वी पर अभी जितने भी मैमल्स हैं स्तंधारी। उसमें एक तिहाई वजन सिर्फ इंसानों का बचा है।
00:39और बाकी उनका है जिनको इनसान खाते हैं। भैस, गाय, बकरी। बाकी सब कहां चले गए मैमल्स हमने खत्म ही
00:51कर दिये।
00:52फिर पिछले 50 सालों में आप सोची प्रत्वी कितनी पुरानी है। हम जानते हैं कितने साल।
00:56और उस अवधिकी तुलना में 50 साल क्या होता है। जैसे पलक भी न जपकी हो। मात्र 50 साल में
01:06हमने जंगलों से 75 प्रतिशत वन्य जीवन वाइल्ड लाइफ मिटा दिया। ये करा है हमारी परंपरा, प्रथा, सभ्यता, संस्कृतिने।
01:15और हम उसके पक्ष में कुछ भी बोलना चाहते हैं। स्टेटस को के जो अपोलोजिस्ट्स होते हैं वो हमेशा यही
01:22कहते हैं कि अरे आज तक जो पुराने नियम कायदे रहे उन्हीं के कारण तो देखो आज मेडिकल टेकनोलोजी है,
01:30ये सडक है, ये गाडियां है, ये कप�
01:37प्रवहा चल रहा है, बिलकुल ही बेकार था, मैं कह रहा हूं कि आप की दिरिष्टी बड़ी लोकल हो रही
01:46है, बड़ी सकरी, बड़ी नेरो हो रही है, डून्स्डे क्लॉक हैं, वो 85 सेकंड पर सिट करी गई है, मध्य
01:58रात्तरी से, अभी हाल में ही, जन्वरी में ही शायद
02:03उसका मतर समझते हो, जो जानते हैं, जो यूही हवा हवाई कहानियों में नहीं जी रहे हमारी इतरा, वैज्ञानिक वो
02:13हमें बता रहे हैं, कि तुमने जो यह सब्ज़ता संस्कृती बनाई है, येब एक व्यक्ति को नहीं, एक प्रजाति को
02:21नहीं,
02:21सारी प्रजातियों कोई नहीं पूरे ग्रह को पूरे तरीके से नश्ट कर देने से बस 85 सेकंड दूर है
02:29ये करा है हमने आज तक पुरानी व्यवस्था को चला करके
02:35वो क्या प्राग्य पुरुषों की बनाई व्यवस्था है नहीं
02:42ज्यान के केंद्र से हम थोड़े ही अपनी प्रथा परंपरा और दुनिया भर की संस्कृतियां आगे बढ़ाते रहे हैं
02:50केंद्र तो अज्यान का और अहंकार का ही रहा है न और उस केंद्र से जो कुछ भी बनेगा वो
02:56विनाशकारी ही होगा
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