00:00आचार जी, आप चेतना की बात कर रहे हैं, चेतना शिक्षा से ही जगेगी, अभी भी भारत शिक्षा के उस
00:06इस्तर पर नहीं पहुँच पाया, उसके लिए आपका कुछ?
00:09है बात की मैं और भारत के लिए दोनों चीजने जरूरी है, और यह बात हमको सहज लगती है कि
00:18है चीक्षा तो चाहिये ही, ठीक, है चीक्षा तो चाहिये ही, पर जो बंधन है दो है उत्तर भारत में
00:39जार्खंड
00:39पढ़ा जो पढ़ लिख जाते हैं, उनके भी भीतरी रवये, भीतरी धर्रे, पुरानी तरह क्या ही रह जाते हैं, वो
00:48ज्यादा बड़ी समस्या है, तो अध्धात्मधर्शन, वो जो भीतरी अशिक्षा है, उसको चनौती देते हैं, बाहरी अशिक्षा को चनौती देने
00:58का का
00:58करने के लिए school college university हैं लेकिन अगर भीतर से व्यक्ति शिक्षित नहीं है जिसको वास्तविक विद्या बोलते हैं
01:06अगर वो भीतर से नहीं है तो बाहरी ग्यान पाकर के भी व्यक्ति फसा ही रहता है अपने लिए राष्ट्र
01:13विश्व सब के लिए वो कोई बहुत शुब नहीं
01:16पाता है
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