00:00रमजान जैसे मुबारक महीने में काफिरों का गला काटना, मुर्तदों का गला काटना सवाब का काम होता है
00:30बीजेपी नेता नाजिय इलाही खान का बयान भी सामने आया है
00:33जिसमें उन्होंने कहा है कि रमजान के तौरान काफिरों को मौत के नीन सुलाना इसलाम में बताया गया है
00:39लेकिन बड़ा सवाल यही है कि क्या सच में इसलाम या रमजान किसी के जान लेने की इजाज़त देता है
00:45आईए इसे कुरान, हदीस और उलेमा की नजर से समझते है
00:48सबसे पहले ये समझना जरूरी है कि इसलाम में इंसानी जान की किमत बहुत जादा बताई गई है
01:02इस आयत से साब पता चलता है कि इसलाम निर्दोश व्यक्ति की जान लेने को बहुत बड़ा गुना मानता है
01:08वही रमजान का महीना मुसल्मानों के लिए सबसे पवित्र महीना में से एक है
01:12इस दोरान रोजा रखा जाता है इबादत की जाती है और खुद को बुराईयों से दूर रखने की कोशिश की
01:19जाती है
01:19इसलामी विद्वानों या उलेमा का कहना है कि रमजान का मकसद है सबर और सैयम सीकना दूसरों के प्रति दया
01:27और रहमत रखना
01:28जगड़े और हिंसा से दूर रहना कई हदीसों में भी ये बताया गया है कि अगर कोई रोजेदार से जगड़ा
01:34करे
01:34तो उसे जवाब में सिर्फ इतना कहना चाहिए मैं रोजे से हूँ
01:38वही नाजिया इलाही खान ने कहा कि रमजान में किसी को मानना सबाब है
01:42ऐसे में बता दें आपको इसलामिक सिक्षकों के अनुसार किसी भी निर्दोश व्यक्ति की जान लेना हराम है
01:47चाहे वो किसी भी धर्म का हो
01:49रमजान में तो उल्टा इनसान से उमीद की जाती है
01:53कि वो जादा से जादा अच्छे काम करे और किसी को नुकसान ना पहुचाए
01:57कई उलेमा का साफ कहना है कि रमजान में किसी की जान लेना तो दूर
02:00किसी को दुख पहुचाना भी गलत माना जाता है
02:03वह अधिकांच इसलामिक विद्वानों का कहना है
02:06कि इसलाम शांती और इंसानियत की सिक्षा देता है
02:09अगर कहीं किसी विवाद में हिंसा होती है
02:12तो वो धार्मिक सिक्षा नहीं
02:14बलकि इंसानों की गलती होती है
02:16इसलिए किसी भी धर्म को हिंसा से जोड़ना सही नहीं माना जाता
02:20दिली के उत्तमनगर की ये घटना बेहत दुखद है और एक परिवार ने अपना बेटा खो दिया
02:24लेकिन धर्म के नाम पर हिंसा को सही ठहराना किसी भी मजहब की असली शिक्षा नहीं है
02:30इसलाम के मूल सिक्षा यही कहती है कि इंसान की जान के हिफाज़त करना सबसे बड़ा फर्ज है
02:35वह एक कई मामलों में इसे पुरानी लड़ाई जगडे से जोड़ कर देखा जा रहा है
02:39हलाकि इस घटना की जाज पुलिस कर रही है और सच क्या है यह जाज के बाद सामने आएगा
02:45लेकिन इतना जरूर है कि किसी भी धर्म के नाम पर नफरत या हिंसा को बढ़ावा देना समाज के लिए
02:51सही रास्ता नहीं है
02:52उमीद करते हूँ आपको जानकारी पसंद आई होगी
02:54फिल्हाल अमारे इस वीडियो में इतना ही वीडियो को लाइक शेर और चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूले
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