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Uttam Nagar Holi Case: दिल्ली के उत्तम नगर में होली की रात एक दुखद घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। 26 साल के युवक तरुण के निधन के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया है। बताया जा रहा है कि होली के दौरान पानी के गुब्बारे का छींटा एक मुस्लिम महिला पर पड़ गया, जिसके बाद दोनों पक्षों में विवाद शुरू हो गया, अब इस मामले पर नाजिया इलाही खान का बयान भी सामने आया है, जिसमें उन्होंने कहा कि रमज़ान के दौरान “काफ़िरों को मारना इस्लाम में बताया गया है।”लेकिन बड़ा सवाल यही है — क्या सच में इस्लाम या रमज़ान किसी की जान लेने की इजाज़त देता है?आइए इसे कुरान, हदीस और उलेमा की नजर से समझते हैं।
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00:00रमजान जैसे मुबारक महीने में काफिरों का गला काटना, मुर्तदों का गला काटना सवाब का काम होता है
00:30बीजेपी नेता नाजिय इलाही खान का बयान भी सामने आया है
00:33जिसमें उन्होंने कहा है कि रमजान के तौरान काफिरों को मौत के नीन सुलाना इसलाम में बताया गया है
00:39लेकिन बड़ा सवाल यही है कि क्या सच में इसलाम या रमजान किसी के जान लेने की इजाज़त देता है
00:45आईए इसे कुरान, हदीस और उलेमा की नजर से समझते है
00:48सबसे पहले ये समझना जरूरी है कि इसलाम में इंसानी जान की किमत बहुत जादा बताई गई है
01:02इस आयत से साब पता चलता है कि इसलाम निर्दोश व्यक्ति की जान लेने को बहुत बड़ा गुना मानता है
01:08वही रमजान का महीना मुसल्मानों के लिए सबसे पवित्र महीना में से एक है
01:12इस दोरान रोजा रखा जाता है इबादत की जाती है और खुद को बुराईयों से दूर रखने की कोशिश की
01:19जाती है
01:19इसलामी विद्वानों या उलेमा का कहना है कि रमजान का मकसद है सबर और सैयम सीकना दूसरों के प्रति दया
01:27और रहमत रखना
01:28जगड़े और हिंसा से दूर रहना कई हदीसों में भी ये बताया गया है कि अगर कोई रोजेदार से जगड़ा
01:34करे
01:34तो उसे जवाब में सिर्फ इतना कहना चाहिए मैं रोजे से हूँ
01:38वही नाजिया इलाही खान ने कहा कि रमजान में किसी को मानना सबाब है
01:42ऐसे में बता दें आपको इसलामिक सिक्षकों के अनुसार किसी भी निर्दोश व्यक्ति की जान लेना हराम है
01:47चाहे वो किसी भी धर्म का हो
01:49रमजान में तो उल्टा इनसान से उमीद की जाती है
01:53कि वो जादा से जादा अच्छे काम करे और किसी को नुकसान ना पहुचाए
01:57कई उलेमा का साफ कहना है कि रमजान में किसी की जान लेना तो दूर
02:00किसी को दुख पहुचाना भी गलत माना जाता है
02:03वह अधिकांच इसलामिक विद्वानों का कहना है
02:06कि इसलाम शांती और इंसानियत की सिक्षा देता है
02:09अगर कहीं किसी विवाद में हिंसा होती है
02:12तो वो धार्मिक सिक्षा नहीं
02:14बलकि इंसानों की गलती होती है
02:16इसलिए किसी भी धर्म को हिंसा से जोड़ना सही नहीं माना जाता
02:20दिली के उत्तमनगर की ये घटना बेहत दुखद है और एक परिवार ने अपना बेटा खो दिया
02:24लेकिन धर्म के नाम पर हिंसा को सही ठहराना किसी भी मजहब की असली शिक्षा नहीं है
02:30इसलाम के मूल सिक्षा यही कहती है कि इंसान की जान के हिफाज़त करना सबसे बड़ा फर्ज है
02:35वह एक कई मामलों में इसे पुरानी लड़ाई जगडे से जोड़ कर देखा जा रहा है
02:39हलाकि इस घटना की जाज पुलिस कर रही है और सच क्या है यह जाज के बाद सामने आएगा
02:45लेकिन इतना जरूर है कि किसी भी धर्म के नाम पर नफरत या हिंसा को बढ़ावा देना समाज के लिए
02:51सही रास्ता नहीं है
02:52उमीद करते हूँ आपको जानकारी पसंद आई होगी
02:54फिल्हाल अमारे इस वीडियो में इतना ही वीडियो को लाइक शेर और चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूले
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