00:03शीतला सब्तमी और अश्टमी का तेवहार इस साल 10 मार्च और 11 मार्च को मनाय जा रहा है
00:09भक्तों के मन में ये शंका जरूर रहती है कि शीतला सब्तमी या अश्टमी किस दिन वरत किया जाए
00:15अगर आप कई सालों से ये वरत कर रही हैं, तो शायद आपको यी परिशानी नहों, लेकिन जो महलाओं पहली
00:21बार ये वरत करने जा रही हैं, ये वीडियो उन्ही के लिए है, ताकि उनकी सारी समस्याओं का समाधान इसी
00:27वीडियो में हम आपको बता दे।
00:28सबसे पहले तो शीतला शप्तमी या अश्टमी वरत कब रखे साथी किसे दिन भोजन बनेगा ये सारी जानकारी हम आपको
00:35बताते हैं
00:3610 मार्च यानि की शीतला सप्तमी के दिन आमतोर पर महलाय वरत नहीं रखती हैं
00:41बलकि इस दिन शीतला अश्टमी यानि की अगले दिन बसौडे के लिए भोजन पकाती हैं।
00:47दिन भी वरत रखा जाये तो एसा किया जा सकता है।
00:54आप शीतला सब्तमी के दिन भी वरत रख कर पूजादी से निवरत होकर फलहर ग्रहन कर सकती हैं।
01:00लेकिन पारण आपको बसोडे की अगले दिन करना होगा, यानि ये वरत दो दिनों तक लंबा चलेगा, ऐसे में जो
01:06सही तरीका है वो यही कि शीतला अश्टमी के दिन वरत रखें और अगले दिन पारण कर लें, और शीतला
01:13सप्तमी यानि की 10 मार्च को बसोडे के लिए भोग
01:16की तयारी करें, भोग एक दिन पहले ही बनाना होता है, क्योंकि बसोडे के दिन घर का चूला नहीं जलाते,
01:23और अस दिन ठंडी ठंडी चीजों का ही सेवन किया जाता है, मानिता है कि माताशीतला रोगों से मुक्ति दिलाती
01:30है, चेचक, फोड़े फुनसी और इस तरह की ची
01:46होगा, और वरत संबंदी जो संशय आपके मन में चल रहा था, उसका जवाब हमने इस वीडियो के माध्यम से
01:52आपको जरूर दिया होगा, फिलहाल इस वीडियो में इतना ही, वीडियो को लाइक और शेर करें, साथी चैनल को सब्सक्राइब
01:58करना ना भूलें
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