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Middle East में बढ़ती तनाव और Iran-US जंग के बीच India ने अपनी energy security को सुनिश्चित किया है।Sources के मुताबिक, Russia ने India के लिए लगभग 9.5 million barrels crude oil तैयार रखे हैं।US President Trump ने कहा था कि trade deal में penalty कम करने के लिए India को Russian oil खरीदना बंद करना चाहिए।लेकिन India ने साफ कर दिया कि हमने कभी किसी से अनुमति नहीं ली और अपनी जरूरतों के अनुसार तेल खरीदते रहेंगे।US की 30-दिन की waiver केवल domestic audience के लिए थी।India के crude और gas के limited stocks सिर्फ 25 दिन के लिए पर्याप्त हैं।Gulf chokepoints जैसे Strait of Hormuz में तनाव के कारण तेल की supply पर खतरा है।India अब alternative sources की भी तलाश कर रहा है ताकि supply chain secure रहे।इससे geopolitical observers को signal गया कि India apni energy aur strategic autonomy prioritise करता है।

Amid rising tensions in the Middle East and the Iran-US conflict, India has secured its energy supply.Sources reveal that Russia has kept around 9.5 million barrels of crude oil ready for India.US President Trump had pressured India to stop buying Russian oil to reduce penalties in the trade deal.However, India stated that it never required permission and will continue buying based on national interest.The US 30-day waiver was primarily for domestic optics.India’s current crude and gas stocks cover only about 25 days of demand.Rising threats near Gulf chokepoints like the Strait of Hormuz have put oil supply at risk.India is also scouting alternative sources to ensure energy security during prolonged Middle East conflicts.The move signals that India prioritizes strategic autonomy in global energy decisions.

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Transcript
00:00मिडल इस्ट में टेंशन बढ़ रही है यूएस और इसरेल ने इरान के खिलाफ अक्षिल लिया है और यहाँ पर
00:05भाई इंडिया तो अपना क्रूड ओयल का सप्लाइ सिक्यूर कर रहा है
00:09रशिया के पास इंडिया के लिए साड़े नौ मिलियन बैरल्स तेल तैयार खड़ा है और यूएस प्रेजिडेंट ट्रम्प के प्रेशर
00:16के बावजूद न्यू दिल्ली ने कभी पर्मिशन लेने की जरूरत नहीं समझी ऐसा मैं नहीं कह रहा हूँ ऐसे कह
00:24रहे हैं सरकार की �
00:25अब यूद के बाद दबाव ट्रम्प और यूएस दोनों पर है क्योंकि इंडिया ने अपने नाशनल इंट्रस्ट को प्रायोरिटी दी
00:32है और अब भारत रूस से तेल खरीदेगा ऐसी बाते सामने आगे इंडिया की एनर्जी सेक्योरिटी इस वक्त इंटरनाशनल पॉलि
00:55देना है कि हमने कभी किसी कंट्री से परमिशन नहीं लिए रश्या क्रूड ऑईल खरीदने के लिए ना कभी पूरी
01:02तरह से रश्या क्रूड ऑइल खरीदना बंद किया हम अपनी अनर्जी नीच्ट के लिए हमेशा कम्पैटिटिव और डिलिवरिवरिबल सोर्से से
01:10क्रू�
01:19भी हमला हो सकता है और वो रूट बहुत रिस्की माना जा रहा है वो वही रूट है जहांसे साओधी
01:25अरब से लेके UAE पूरी गल्फ कंट्रीज का तेल दुनिया तक आता है और भारत में भी आता है लेकिन
01:32अब सिंस वहां क्राइसिस चल रहा है वहां तो जंग है तो भाईया �
01:36भारत तेल कहां से लाएगा और ऐसे में अब रशियन ओयल भारत की तरफ आएगा एक इंडस्री सोर्स के मुताबित
01:43साड़े नौ मिलियन बैरल्स रशियन क्रूड ओयल इंडिया के लिए तयार है और ये कुछी हफतों में इंडिया पहुँच सकता
01:50है ये मूव मिडल इस्�
01:52सप्लाइ डिस्रप्शन को ऑफसेट कर देगा क्योंकि गल्फ चॉक पॉइंट जैसे शेट ऑफ हर्मस के थ्रूड और गास का ट्रांजिट
01:59अब रिस्की हो गया है और अब अगर वहां से तेल नहीं भी आता है तो रशिया से तेल आ
02:04जाएगा लेकिन दर्शकों ये सारा मु
02:20मती दी कि आप 30 दिन और रशिया का ओइल खरीच सकते हो आपको एक वेवर दिया जा रहा है
02:26लेकिन इस वेवर के बाद कहीं कहानी ही तो नहीं पलट जाएगी इंडियन सोर्सेस कहते हैं कि ये वेवर यूएस
02:33की डोमेस्टिक ओडियंस को खुश करने के लिए था इंडिया क
02:36की पॉलिसी हमेशा नाशनल इंट्रेस्ट ट्रिवन रही है और अगर जरूरत पड़ी तो रशिया से तेल हम वैसे भी खरीट
02:42नहीं वाले थे मिडिल इस्ट का इंपक्ट यह है कि मिलियंज ऑफ बैरल्स ओईल और गैस अप्शेट ऑफ हरमस के
02:48पास च्राइंड ने क्योंकि
03:06पच्चिस तीस दिन बाद तेल की जरूरत तो पड़नी है इंडियन गवर्मेंट अब आक्टिवली ऑल्टरनेट सोर्से सर्च कर रही है
03:12ताकि अगर मिडल इस्ट में कॉन्फ्लिक्ट 15-20 दिन और जादा चल जाती है तो इंडिया की सिप्लाइचेंज सिक्योर रहे
03:18लेकिन
03:36अब एक बार फिर से रशिया से तेल आना शुरू हुआ तो क्या उसके बाद क्रंप के दबाव में भी
03:43बंद होगा या फिर ये दुनिया की पॉलिटिक्स का एक नया पन्ना लिखा जाएगा ये मूव जियो पॉलिटिकल अब्जोर्वर्स के
03:50लिए भी बहुत इंपॉर्ट
04:06मिलने का रास्ता सिक्योर तो है और यूएस का दबाव भी है रशिया एक पहुत ही रिलाइबल सोर्स है लेकिन
04:14इस बीच यूएस नराज हो जाएगा पर यूएस तो जंग लड़ रहा है इसका मतलब दर्शकों भारत के पास इससे
04:21वहतर ऑपर्चुनिटी नहीं है अपने �
04:23राश्र इतों को प्राथमिक्ता देने की मिडल इस्ट में टेंशन्स पढ़ रही है लेकिन क्या इंडिया की एनर्जी स्ट्राटेजी ग्लोबल
04:30एनर्जी मार्केट्स और जियो पॉलिटिक्स को नए बैलेंस में लगा देगी ये सवाल जरूर है अब आपको क्या लगता है
04:37कि रश्याज सची दोस्ती निभाने चाहिए या ट्रॉम्प के डर से इंतर्जार करना चाहिए हमें कमेंट सेक्शन में जरूर बताइएगा
04:44आप देख रहे हैं वान इंडिया मैं हूँ आख रुश कोश्रेग्ट
04:49प्सक्राइब एाइब टूर्ण एपने नहीं चाहिए जिसक्शन आपट निभाने ओटना करोंग टूर्ण करोंग निच्छ आपट है
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