00:00मिडल इस्ट में टेंशन बढ़ रही है यूएस और इसरेल ने इरान के खिलाफ अक्षिल लिया है और यहाँ पर
00:05भाई इंडिया तो अपना क्रूड ओयल का सप्लाइ सिक्यूर कर रहा है
00:09रशिया के पास इंडिया के लिए साड़े नौ मिलियन बैरल्स तेल तैयार खड़ा है और यूएस प्रेजिडेंट ट्रम्प के प्रेशर
00:16के बावजूद न्यू दिल्ली ने कभी पर्मिशन लेने की जरूरत नहीं समझी ऐसा मैं नहीं कह रहा हूँ ऐसे कह
00:24रहे हैं सरकार की �
00:25अब यूद के बाद दबाव ट्रम्प और यूएस दोनों पर है क्योंकि इंडिया ने अपने नाशनल इंट्रस्ट को प्रायोरिटी दी
00:32है और अब भारत रूस से तेल खरीदेगा ऐसी बाते सामने आगे इंडिया की एनर्जी सेक्योरिटी इस वक्त इंटरनाशनल पॉलि
00:55देना है कि हमने कभी किसी कंट्री से परमिशन नहीं लिए रश्या क्रूड ऑईल खरीदने के लिए ना कभी पूरी
01:02तरह से रश्या क्रूड ऑइल खरीदना बंद किया हम अपनी अनर्जी नीच्ट के लिए हमेशा कम्पैटिटिव और डिलिवरिवरिबल सोर्से से
01:10क्रू�
01:19भी हमला हो सकता है और वो रूट बहुत रिस्की माना जा रहा है वो वही रूट है जहांसे साओधी
01:25अरब से लेके UAE पूरी गल्फ कंट्रीज का तेल दुनिया तक आता है और भारत में भी आता है लेकिन
01:32अब सिंस वहां क्राइसिस चल रहा है वहां तो जंग है तो भाईया �
01:36भारत तेल कहां से लाएगा और ऐसे में अब रशियन ओयल भारत की तरफ आएगा एक इंडस्री सोर्स के मुताबित
01:43साड़े नौ मिलियन बैरल्स रशियन क्रूड ओयल इंडिया के लिए तयार है और ये कुछी हफतों में इंडिया पहुँच सकता
01:50है ये मूव मिडल इस्�
01:52सप्लाइ डिस्रप्शन को ऑफसेट कर देगा क्योंकि गल्फ चॉक पॉइंट जैसे शेट ऑफ हर्मस के थ्रूड और गास का ट्रांजिट
01:59अब रिस्की हो गया है और अब अगर वहां से तेल नहीं भी आता है तो रशिया से तेल आ
02:04जाएगा लेकिन दर्शकों ये सारा मु
02:20मती दी कि आप 30 दिन और रशिया का ओइल खरीच सकते हो आपको एक वेवर दिया जा रहा है
02:26लेकिन इस वेवर के बाद कहीं कहानी ही तो नहीं पलट जाएगी इंडियन सोर्सेस कहते हैं कि ये वेवर यूएस
02:33की डोमेस्टिक ओडियंस को खुश करने के लिए था इंडिया क
02:36की पॉलिसी हमेशा नाशनल इंट्रेस्ट ट्रिवन रही है और अगर जरूरत पड़ी तो रशिया से तेल हम वैसे भी खरीट
02:42नहीं वाले थे मिडिल इस्ट का इंपक्ट यह है कि मिलियंज ऑफ बैरल्स ओईल और गैस अप्शेट ऑफ हरमस के
02:48पास च्राइंड ने क्योंकि
03:06पच्चिस तीस दिन बाद तेल की जरूरत तो पड़नी है इंडियन गवर्मेंट अब आक्टिवली ऑल्टरनेट सोर्से सर्च कर रही है
03:12ताकि अगर मिडल इस्ट में कॉन्फ्लिक्ट 15-20 दिन और जादा चल जाती है तो इंडिया की सिप्लाइचेंज सिक्योर रहे
03:18लेकिन
03:36अब एक बार फिर से रशिया से तेल आना शुरू हुआ तो क्या उसके बाद क्रंप के दबाव में भी
03:43बंद होगा या फिर ये दुनिया की पॉलिटिक्स का एक नया पन्ना लिखा जाएगा ये मूव जियो पॉलिटिकल अब्जोर्वर्स के
03:50लिए भी बहुत इंपॉर्ट
04:06मिलने का रास्ता सिक्योर तो है और यूएस का दबाव भी है रशिया एक पहुत ही रिलाइबल सोर्स है लेकिन
04:14इस बीच यूएस नराज हो जाएगा पर यूएस तो जंग लड़ रहा है इसका मतलब दर्शकों भारत के पास इससे
04:21वहतर ऑपर्चुनिटी नहीं है अपने �
04:23राश्र इतों को प्राथमिक्ता देने की मिडल इस्ट में टेंशन्स पढ़ रही है लेकिन क्या इंडिया की एनर्जी स्ट्राटेजी ग्लोबल
04:30एनर्जी मार्केट्स और जियो पॉलिटिक्स को नए बैलेंस में लगा देगी ये सवाल जरूर है अब आपको क्या लगता है
04:37कि रश्याज सची दोस्ती निभाने चाहिए या ट्रॉम्प के डर से इंतर्जार करना चाहिए हमें कमेंट सेक्शन में जरूर बताइएगा
04:44आप देख रहे हैं वान इंडिया मैं हूँ आख रुश कोश्रेग्ट
04:49प्सक्राइब एाइब टूर्ण एपने नहीं चाहिए जिसक्शन आपट निभाने ओटना करोंग टूर्ण करोंग निच्छ आपट है
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