00:05दुनिया की सबसे एहम समुद्री जल्धाराओं में से एक स्ट्रेट ओफ हॉर्मोंज
00:10एक ऐसा रास्ता जहां से दुनिया के खरीब 20 प्रतिशत तेल और गैस की सप्लाई गुजरती है
00:16और अब इसी हॉर्मोंज को लेकर अमेरिका और इरान के बीच एक नया विवाद खड़ा हो गया है
00:22इरान ने अमेरिकी राश्ट्रपती डॉनल्ड ट्रम्प पर गंभीर आरोप लगाया है
00:27तेहरान का कहना है कि ट्रम्प एक तरफ शांती और कूटनीती की बात कर रहे है
00:31लेकिन दूसरी तरफ अमेरिका अब भी इरान के खिलाफ नौसैनिक नाके बंदी जारी रखे हुए है
00:37यानि सवाल ये है कि क्या अमेरिका वागई समझोता चाहता है या फिर दबाओ की राजनीती कर रहा है
00:44ये आरोप किसी छोटे नेता ने नहीं लगाया है
00:47ये बयान आया है महसिन रेजाई की तरफ से जो इरान के सर्वोच नेता अयातुल्ला खामिनेई के वरिष्ट सलाहकार हैं
00:54और रेवल्यूशनरी गार्ड्स के पूर्व कमांडर भी रह चुके हैं
00:58रेजाई ने कहा कि ट्रम्प तीसरी बार कूट नीती से विश्वास घात कर रही हैं
01:02उनके मुताबिक अमेरिका सार्वजनिक रूप से शांती की बात करता है लेकिन व्यवहार में सैन्य दबाओ और आर्थिक प्रतिबंधों को
01:10जारी रखे हुए हैं
01:11पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब ट्रम्प ने दावा किया कि हॉर्मूज के आसपास लागू नौसैनिक प्रतिबंधों को हटाया जा
01:18रहा है
01:19इस बयान को बाच्चीत में प्रगती का संकेत माना गया
01:22लेकिन कुछ ही घंटो बाद अमेरिकी सैन्य सूत्रों और सेंट्रल कमांड की ओर से ऐसे संकेत मिले कि नाकी बंदी
01:29वास्तव में अभी भी लागू है
01:31इरानी मीडिया ने रिपोर्ट किया कि अमेरिकी युदपोत अब भी इरानी जहाजों को रोक रहे हैं और कई जहाजों को
01:38वापस लोटने के निर्देश दिये गए हैं
01:40यहीं से तहरान का गुस्सा भूट पड़ा
01:42इरान का अरोब है कि अमेरिका बाचीत को बराबरी के अधार पर नहीं बलकि दबाओ के जरीए आगे बढ़ाना चाहता
01:49है
01:49आर्थिक प्रतिबंद, सैन्य तैनाती और समुद्री नाके बंदी को अमेरिका एक हत्यार की तरह इस्तिमाल कर रहा है
01:56महसिन रेजाई ने चेताबनी दी है कि अगर ये नाके बंदी जारी रही तो इरान भी जवाबी कदम उठाने पर
02:02मजबूर हो सकता है
02:03दरसल अप्रेल में अप्रत्यक्ष वारताओं के तूटने के बाद अमेरिका ने ये नाके बंदी लागू की थी
02:09इसका मकसद था इरान के तेल निर्यात को सीमित करना और उसकी अर्थ व्यवस्था पर दबाव बढ़ाना
02:15ट्रम्प प्रशासन लगतार ये मांग करता रहा है कि इरान अपने समवर्धित यूरेनियम भंडार को खत्म करे
02:22मिसाइल और परमाणू कारिक्रमों पर सख्त सीमाय स्विकार करे और हॉर्मुज में अंतराष्ट्रिय जहाजों की निर्बाध आवाजाही की ग्यारंती दे
02:30लेकिन इरान इन शर्तों को मानने को तयार नहीं है
02:33तेहरान का कहना है कि उसका यूरेनियम भंडार देश के अंदर ही रहेगा और अमेरिकी शर्ति स्विकार करना आत्म समर्पन
02:40के बराबर होगा
02:41यही वजह है कि कई दौर की बातचीत और प्रगती के दावों के बावजूद दोनों देशों के बीच बुन्यादी मतभेद
02:48अब भी कायम है
02:49इसका असर सिर्फ अमेरिका और इरान तक सीमित नहीं है
02:52हॉर्मुज में तनाव बढ़ने से वैश्वे कूर्जा बाजार प्रभावित होता है
02:56तेल की कीमतों में उतार चड़ाव आता है और अंतराष्ट्रिय शिपिंग सेक्टर में अनिश्चित्ता बढ़ चाती है
03:02विशेशग्यों का मानना है कि असली समस्या परमानु कारेक्रम या प्रतिबंध नहीं बलकि दोनों देशों के बीच गहरा अविश्वास है
03:10दोनों पक्ष कहते हैं कि वे समझोता चाहते हैं
03:13दोनों कहते हैं कि वे कूटनीती के पक्षधर हैं
03:15लेकिन जमीन पर दोनों ही संभावित टक्राओं की तैयारी जारी रखे हुए हैं
03:20यानि फिलहाल युद्ध विराम कायम है लेकिन भरोसे की जंग अब भी जारी है
03:24और यही जंग तै करेगी कि मध्यपूर्व में शांती आएगी या तनाओ का एक नया दौर शुरू होगा
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