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Transcript
00:00This is a story that makes you a living and can't live in the same way.
00:03Or the next day, your house is not a hard feeling.
00:07This is not a story.
00:09This story is a story for Paul's sake,
00:11which is a rich man,
00:12whose world is in the same way,
00:15who has been in the same time.
00:17The story of his whole story is very weird.
00:20Imagine that the whole world is in the same way.
00:23The house, people, all their own place is in the same place.
00:26पर है. लेकिन कोई शक्स
00:28वो छोड़ा होता जा रहा है.
00:30उसकी पूरी हकीकत बदल रही है
00:32और कोई उस पर यकीन करने
00:34को त्यार नहीं. ये खौफ़नाख
00:36ख्याल इस कहानी की असल
00:38बुनियाद है. तो चलिए
00:39मिलते हैं पौल, उसकी बीवी
00:41Alice और बेटी मिया से
00:43बढ़कुल एक आम सखानदान
00:45जैसा कोई भी हो सकता है
00:47वही घर के कर्स की फिकर
00:49बच्चों के साथ हसी मजाक और मुस्तकבल
00:51के सबने एक ऐसी जिन्दगी
00:53जो बढ़कुल नॉमल थी
00:55जब तक अचानक सब कुछ
00:57बिखरने ना लगा
00:59देखें, शुरू में ये तब्दीलियां इतनी मामूली थी
01:03कि कोई भी इन्हें नजर अंदास कर देता
01:05जैसे तेराकी करते वे पानी में अजीब से बुलबुले
01:09क्या मतलब हुआ इसका? कुछ भी नहीं? शायद
01:12फिर कपडों का अचानक ढीला हो जाना
01:14शायद धुलाई में खराब हो गए होंगे
01:16ये वो छोटे छोटे इशारे थे जिने पाल का दिमाग जुटला रहा था
01:20लेकिन उसका जिसम एक खौफनाक से चाई बयान कर रहा था
01:24तो इन छोटी छोटी बातों ने ना पाल के अंदर एक
01:27बेचैनी का तूफान खड़ा कर दिया
01:29ये सिर्फ जिसमानी तबदीली नहीं थी
01:31ये उसके अपने जहन पर शक करने का हिसास था
01:34उसको लग रहा था कि शायद शायद वो पागल हो रहा है
01:38और ये सब कुछ उससे बहुत पहले हो रहा था
01:41जब उससे एहसास होता
01:42कि असल में उसकी हकीकत ही बदल रही है
01:45मगर वहम और हकीकत के दर्मियान की लकीर
01:49ज्यादा देर कायम नहीं रह सकी
01:51बहुत जल्द ये मामूली इशारे
01:54एक ऐसे मेडिकल बहरान में बदल गए
01:56जिसे अब कोई भी नजर अंदाज नहीं कर सकता था
01:59एक सो असी सेंटीमीटर?
02:01ये ये सिर्फ एक अदद नहीं था
02:04ये पॉल की पहचान थी
02:05इसका कद, इसकी मरदानगी का एक पैमाना
02:09एक ऐसी चीज जिस पर वो हमेशा भरोसा कर सकता था
02:12ये वो बुन्याद थी
02:14जिस पर उसकी पूरी दुनिया टिकी हुई थी
02:16तो जब वो डॉक्टर के पास गया
02:18तो पैमाना 176 सेंटीमीटर दिखा रहा था
02:21सोचें, डॉक्टर ने उसे उमर का तकाज़ा कहकर टाल दिया
02:25अरे ऐसा होता है, उन्होंने कहा
02:27लेकिन पॉल अंदर ही अंदर जानता था
02:30कि ऐसा बिलकुल नहीं होता
02:32ये कुछ और था, कुछ बहुत गलत
02:34और फिर सिर्फ चंद हफतों बाद
02:37हस्पिताल में हकीकत और भी भयानक हो गई
02:41165 सेंटीमीटर
02:42उसका जिस्म उसकी आँखों के सामने गायब हो रहा था
02:46और साइंस, साइंस के पास उसके लिए कोई लफस तक नहीं था
02:50और शायद सबसे खौफनाग बात यही थी
02:53हर टेस्ट, हर स्कैन, हर रिपोर्ट नॉर्मल आती थी
02:57डॉक्टरों के मताबिक वो बिल्कुल ठीक था
02:59तरह सोचें, आपका जिसम आपको धोका दे रहा है
03:03लेकिन साइंस कहती है, सब ठीक है
03:05पॉल इस जंग में बिल्कुल अकेला था
03:08हलात यहां तक पहुँच गए कि वो अपने ही घर में
03:11एक तमाशा बन कर रह गया था
03:13अब वो एक शोहर या बाप नहीं
03:16बलके एक अजीब सी चीज था
03:18एक गुड़िया जिसे उसका अपना खांदान भी
03:21हेरत और फासले से देख रहा था
03:23तो बात सिर्फ जिस्म की नहीं थी
03:26उसकी पूरी शखसियत सुकड रही थी
03:29घर का सरब्रा, मुहाफिज, कमाने वाला
03:32ये तमाम करदार उसके कद के साथ ही
03:36छोटे होते जा रहे थे
03:37और इस नाकाबल फहम बहरान ने
03:40जाहिर है पॉल और एलिस के दर्मियान
03:42एक गहरी दरार पैदा कर दी
03:44एक तरफ पॉल का खौफ और घुस्सा था
03:47तो दूसरी तरफ एलिस की बेबसी
03:49और माली परिशानिया
03:50उनकी महबबत इस दवाओं में तूटने लगी
03:53और उनकी लड़ाईयों की गूंच
03:55उनकी बेटी के कानों तक पहुँचने लगी थी
03:57पता है एक वक्त था जब वो अपनी बेटी के लिए
04:00एक प्यारा सा मॉंस्टर बनता था
04:02और उनकी हसी पूरे घर में गूंचती थी
04:05लेकिन अब
04:06अब जब वो खुद एक छोटे से
04:09वजूद में बदल चुका था
04:10ये खेल उसे अपनी बेबसी और कमजोरी
04:13का एक तकलीफ दे ताना लगता था
04:15अब ये कहानी
04:17सिर्फ एक तूटते हुए
04:18खांदान की नहीं रह गई थी
04:20नहीं ये अब बका की एक
04:22खोफनाक जंग बनने वाली थी
04:24जहां उसका अपना घर
04:26एक मोहलिक जंगल में तबदील हो चुका था
04:29और वो शिकार था
04:31उनकी पालतू बिल्ली टोफू
04:34याद है चो कभी उसके पैरों से लिपटती थी
04:36अब वो एक देव की तरहां उसके उपर खड़ी थी
04:39इस बिल्ली की हर आहर्ट
04:42हर म्याओं अपाल के लिए मौत का पैगाम थी
04:45और फिर वो ताकुब शुरू हुआ
04:49तोफू ने दर्वाजा तोड़ा
04:51और पाल ने अपनी जिन्दगी बचाने के लिए
04:53एक सुई को तलवार बना लिया
04:55ये एक अफरा तफरी की दोड थी
04:58कुर्सियों के नीचे से
04:59मेजों के उपर से
05:01जो तेखाने की सीडियों पर
05:02एक खौफनाक गिरावट के साथ खतम हुई
05:05जब एलिस को पॉल की
05:07खुन आलूदा कमीज का एक टुकड़ा मिला
05:10तो उसने वही सोचा
05:11जो कोई भी सोचता
05:13सबसे बुरा
05:14उसे लगा कि बिली ने
05:16उसने सोचा कि सब कुछ खतम हो गया है
05:18दुख और गुसे में उसने बिली को भगा दिया
05:21और तेह खाने का दर्वाजा बंद कर दिया
05:23ये जाने बगेर
05:25कि उसने अनजाने में
05:26अपने शोहर को हमेशा के लिए कैद कर दिया है
05:29और यहां से पाल की जिंदगी का आखरी और सबसे मुश्किल बाप शुरू होता है। तनहा, लवारस और एक ऐसी
05:37दुनिया में फसा हुआ जो उसके लिए नहीं बनी थी। अब उसके पास दो ही रास्ते थे। अपनी नई हकीकत
05:44को अपनाना या उसमें खतम हो जाना। लेकिन
05:57दानी से मिला पनीर का टुकडा कई दिनों का खाना था और एक बोतल का ढखकन पानी का जखीरा। उसने
06:04रोज मर्रा की चीजों को जिंदगी के औजारों में बदल डाला। मगर तेहाने में वो अकेला नहीं था। यहां नए
06:12मॉन्स्टर्स थे। चुहे जो अब रीचो जि
06:26और फिर महीनों की कैद के बाद वो लमहा आया जब सब कुछ बदल गया। उसका सुकरना जो अब तक
06:35एक लानत थी अचानक एक उमीद की किरन बन गई। वो इतना चोटा हो चुका था कि तेहाने की खड़की
06:42की चाली अब उसके लिए जेल की सलाखे नहीं बलके आजादी क
06:46दर्वाजा थी। बाहर निकल कर वो एक नई अन देखी दुनिया में दाखिल हुआ। घास के पत्ते अब बुलंदो बाला
06:54दरख थे और बारिश की बुंदें समंदर की लहरें। अब वो सुकरता हुआ आदमी नहीं था। वो एक नया वजूद
07:02था जो इस नई काइनात के
07:03लिए बिलकुल मौजू था। तो पॉल की कहानी हमें अपनी जगा और पैमाने पर तुबारा सोचने पर मजबूर करती है।
07:11एक ऐसी काइनात में जो देवों के लिए बनी हैं एक छोटी सी जिन्दगी की क्या एहमियत है। शायद एहमियत
07:19कत्मे नहीं बलके जिन्दा रहन
07:23में माना तलाश करने में हैं।
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