00:05रिखिस्तान की तबती रे तब केवल तेल नहीं बलकि दुनिया की सबसे बड़ी महाशक्ती के एहंकार और अर्बो डॉलर की
00:11पूंजी भी सोक रही है
00:13अमेरिका और इरान के बीट छिडिये जंग महस दो देशों का टकराफ बलकुल नहीं है
00:17बलकि डॉनाल्ड ट्रॉम के उन फैसलों का खौफनाक नतीजा है जिसने अमेरिका को एक ऐसे दलदल में धखेल दिया
00:24जहां से निकलने का हर रास्ता महंगा साबिक दू रहा है
00:27युद्र की शुरुवाती सौ घंटों ने की अमेरिकी अर्थववस्था की कमर तोड़ कर रखती
00:32Center for Strategic and International Studies की चौखाने वाले रिपोर्ट बताती है
00:37कि इन महस चार दिनों में अमेरिका ने 3.7 बिलियन डॉलर यानि की करीब 3.5 लाग करोड रुपए
00:44आग में छोंग दिये
00:45ये कोई सावान्य खर्च बिलकुल नहीं है बलकि ये वो पैसे हैं जिसे अमेरिकी बजट में कभी जगह दी ही
00:52नहीं गई
00:52टरंप प्रिशाशन की एक जिदने अमेरिका को हर दिन 891 मिलियन डॉलर के फारी भरकम नुकसान की गर्थ में धकेल
01:00दिया है
01:00युद्ध का मैदान केवल बारूत की धुए से नहीं बलकि विरुदाभासों से भर चुका है
01:05एक तरफ वाशंग्टन का आधिकारी कांखडा कहता है कि संघर्ष में केवल 6 अमेरिकी सैनिकों की जान गई और 18
01:12घायल हुए
01:13लेकिन दूसरी तरफ इरान के दावे वैश्वे गलियारों में संसनी फैला रही है
01:17तहरान का दावा है कि उसने संयों करब अमिराद यानिकी UAE में मौजूद अमेरिकी अड़ों को शम्शान बना दिया
01:24और वहां कम से कम 200 अमेरिकी सैनिक ठीर हो गए
01:28हलाकि पश्चिम मीडिया इन आखनों को दबाने की कोशिश कर रहा है
01:31लेकिन युद्ध की हकीकत अकसर बंद कमरों और आधिकारिक रिपूर्ट से कहीं ज्यादा भयानक होती है
01:38अमेरिकी वायू रक्षा प्रणालियों ने भले ही इराने मिसालों को आस्मान में ध्वस्त करने का दावा किया हो
01:44लेकिन जमीनी सच तो ये कि एरान के जवावी हमलों ने अमेरिकी मिलिटरी इंफ्रास्ट्रक्शर को अपूर्णियक शदी पहुँचाई है
01:51हतियारों का ये खेल इतना महंगा है कि इसका अंदाजा लगाना बेहद मुश्किल है
01:55शुरुआती सौ घंटों में अमेरिका ने दो हजार से ज्यादा भारी और घातक हतियारों का इस्तेमाल कर डाला
02:02इनमें वे स्टैल्थ बॉमबर्स भी शामिल हैं जिन्हें दुनिया का सबसे उन्नत और महंगा युद्धक विमान माना गया है
02:09इरान की भूमिगत मिसाइल फेसिलिटीज को तबह करने के चक्तर में अमेरिका ने अपने ही शर्ष्टागार को खाली करना शुरू
02:16कर दिया
02:17इन हतियारों को दुबारा भढ़ने के लिए 3.1 बिलियन डॉलर की अतिरिक्त जरूरत है अगर इसमें जरा भी देरी
02:24हुई
02:24तो हर बीत्ते दिन के साथ अमेरिका 758 मिलियन डॉलर का अतिरिक्त बूज जहेलेगा उनकी सत्ता पर कहलीजिए ट्रम्प पर
02:34कहलीजिए इस तरह का बूज बढ़ता जाएगा
02:38ये खर्च केवल हतिहारों का नहीं बलकि उन हजारों सैनिकों के रसेद ऑपरेशनल कॉस्ट स्वापोर्ट सिस्टम का है जो कि
02:44समय इस समय आप मान लीजिए मौत के साय में तैनात हैं और कितनी मौते हो गई इस पर तो
02:51ट्रम्प कभी स्वर्ष्ट जवाब देंगे नहीं
02:53ट्रम्प रशाशन के लिए सबसे बड़ी चुनौती अब युद्ध के मैदान से नहीं बलकि वाशंग्टन की संसर्द्यानी की कॉंग्रिस से
02:59आने वाली है जो कि 3.5 बिलियन डॉलर युद्ध की भेट में चड़ चुके हैं इस पर सवाल होंगे
03:04जवाब होंगे विपक्�
03:17ट्रम्प के सामने हाथ फालाकर अधिरिक्त फंड की भीक मांगनी होगी जो कि पहले से ही इस युद्ध को एक
03:22आत्मघाती कदम बदा कर इसका कड़ा विरूद करते रहे यह स्थिति ट्रम्प की राजज्यादिक साख के लिए किसी बड़े शटके
03:29से कम नहीं है एक तरफ ए
03:43युद्ध केवल सीमाओं के लड़ाई भी नहीं है बलकि अमेरिकी वर्चस्व की उस कीमत की कहानी है जहां पर आन
03:50टैक्स पेर चुका रहा जो पैसा वो सब युद्ध की भीर चट रहा है इरान ने जिस तरह से पलटवार
03:57किया उसने ये तो साफ कर दिया कि वो जुगने व
04:13बना देगा अगर ये संघर्ष इसी रफ्तार से आगे बढ़ा तो वो दिन बिल्कुर दूर नहीं है जब अमेरिका को
04:18अपनी सैनिक और सैनिश रिष्टता के दावों के साथ साथ अपनी आर्थिक स्थिर्था के ढहते स्थम्भों को भी संभालना मुश्किल
04:27लगेगा
04:28ये ट्रम्प की एक ऐसी गलती साबित हो रही है जिसका हरजाना आने वाले कई अमेरिकी पीडियों को चुकाना पड़ेगा
04:34अविनाश का यस चक्रा अभी शुरू ही हुआ है क्योंकि युद्ध अभी थमता को बिलकुल नजर नहीं आ रहा है
04:40और इसकी अंतिम कीमत क्या हो�
04:45युद्ध को आप कैसे देख रहे हैं कॉमेंट बॉक्स आपके लिए ही है अपनी टिप पनी और अपनी सवाल वहां
04:53जरूर छोड़िएगा मेरा नाम है मुकुन तमाम बड़ी अपडेट्स के लिए आप बने रहे वन इंडिया के साथ शुक्रिया आप
05:02शब्ड़ी है अपनी जरूर अपनी झाप्स आपनी बड़ी के चाहिए प्सके लिए झापनी बड़ी के लिए्यू
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