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Breaking News: Crude Oil में 24% की भयंकर तेजी, कच्चे तेल ने तोड़े सारे रिकॉर्ड। ग्लोबल मार्केट में मचे इस तहलके के बाद क्या भारत में रातों-रात पेट्रोल और डीजल की कीमतें आसमान छूने वाली हैं? जानिए इस वीडियो में पूरी सच्चाई।
ग्लोबल मार्केट (Global Market) से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल (Crude Oil Price) की कीमतों में अचानक भयानक उछाल आया है। कच्चे तेल के दाम में 24% की तगड़ी तेजी दर्ज की गई है, जिसके बाद इसकी कीमत 114 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है। कच्चे तेल में लगी इस आग ने दुनियाभर के शेयर बाजारों और अर्थव्यवस्थाओं में हड़कंप मचा दिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ग्लोबल सप्लाई चेन में आ रही दिक्कतों और भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical tensions) के कारण ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) और WTI क्रूड के दामों में यह ऐतिहासिक तेजी देखने को मिली है। कच्चे तेल की कीमतों का 114 डॉलर के पार जाना एक बड़े आर्थिक संकट का इशारा कर रहा है। निवेशकों के बीच घबराहट का माहौल है और इसका सीधा असर दुनियाभर के मार्केट्स पर पड़ रहा है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि भारत पर इसका क्या असर होगा? चूंकि भारत अपनी जरूरत का 80 प्रतिशत से ज्यादा कच्चा तेल आयात (Import) करता है, ऐसे में क्रूड ऑयल का महंगा होना आम आदमी की जेब पर सीधा डाका है। आशंका जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में भारत में पेट्रोल और डीजल (Petrol-Diesel Price) के दामों में भारी बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे ट्रांसपोर्टेशन महंगा होगा और देश में महंगाई (Inflation) का एक नया बम फूट सकता है। सरकार इस स्थिति से कैसे निपटेगी, यह देखना बेहद अहम होगा।
About the Story:
Crude oil prices have witnessed a massive surge globally, jumping by a staggering 24% and crossing the crucial $114 per barrel mark. This sudden and massive spike in the international market has raised serious concerns about impending hikes in retail petrol and diesel prices in India, which heavily relies on oil imports. Watch the full video to understand the real reasons behind this global market volatility, its impact on the Indian economy, and how it might trigger a new wave of inflation for the common man.

#CrudeOilPrice #PetrolDieselPrice #GlobalMarket #Inflation #OneindiaHindi

~PR.514~HT.408~ED.106~GR.538~

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Transcript
00:00शुक्त और पर महंगाई बढ़े दोष्मनी किसे करना है अमारी देश के हित के उपर होना चाहिए अंबानियत के आदानी
00:19के हित पर नहीं होना चाहिए
00:26अगर भारत सरकार इस बात को समस्ती की भारत की एक इज़त है और सरकार अमेरिका के समने गुटने नहीं
00:34टेकती
00:34भारत के दुनिया में एक बैरल तेल का रेट 14 डॉलर हो गया है यानि की लगबग 24 पिरसत ये
00:44दाम बढ़ गया है
00:45हम सब लोगों से जानना चाहते है कि इसका क्या परभाह होगा यह भारत में भी जो मिडल इसमें लाई
00:51हो रही है उसकी वह से हो रहा है किस तरह का आप इस पर पर पर देखते हैं भारत
00:55का इस तरह पर महंगाई बढ़ी और आमाद्वियों की जिद्धी में दुश्वारिया
01:01है बड़ी क्यों नहीं बड़ी आप समझ यह कि हाला कि दुर्भाग्या है मौझूदा सरकार इस तरी की निटिया लेकर
01:10आई है कि उसमें जब सकतर रुपे सकतर डॉलर का बैरल था तब भी को बहुत बड़ा फायदा इस देश
01:15की जंबता जा रहा रहा बात युद की नहीं
01:33लेकिन जब आपकी प्रकर्टिक गैस सस्ती हो रही थी जब आपका पत्रोल पदार सस्ता हो रहा था तो क्या आपने
01:38इस देश के आम आद्वी को सुविदा दी नहीं आपका कहना जो मैं समझ पा रहा हूं आप यह कह
01:43रहे हैं यगर सरकार चाहे तो इस बढ़े हुए रेट स
01:45सब्सक्राइब यहां कंडोल कर सकती है बिसकूल कर सकती है सरकार की मनशाम मत-पर करो अगर सकार लोगों के
01:55बारे में सोछ चांद है उनमें जो बड़ा तेल है इस आह टम है जले है
02:13लेकिन जो परिष्टिती दिख रही है यह तो मांग है आपकी राय है निश्चत तौर पे लेकिन ऐसा लग रहा
02:18है कि इन हालातों में तेल दस रुपए भी बढ़ता है तो कितना बड़ा फरक टेबल तेल बाइक चलाने पर
02:23नहीं बल्कि पूरे के पूरे ब्यापा पर एक अ�
02:36आपको अंदाजा हो जो खतरनाक होने वाला है सिंग साब जिस तरीके से मैं भी कई लोगों से पूछा है
02:42कि तेल के दाम अंतराश्चे इस तरफ बढ़ें 14 डॉलर बेरल हो गया है 24 परसेंट बढ़ गया है तो
02:49ऐसे में अब पूरा समय माना जा रहा है कि भारत पे तेल के द
03:04कारेंगे या सही है और अगर सही है तो क्या भारत सरकार चाहे तो इसे रोग सकती है आपका सोचना
03:12सही है प्रिंद लेकिन बहुत चाहे चाहे चंटरॉब कर सकते हैं
03:29कैसे जिय कमा ने रहें निदे आंटराश्ची इस तरह बढ़ रहा हैं
03:33अंतराष्टी इसथर नहीं कोई रास्ता नहीं जब सिलकाम बड़ेगा वiceps कम चाहिए अभी ल tipकर नहीं कर साहिए
04:02पर टेक्सिस के वज़े से अगर टेक्सिस खतम हो जाए अभी भी 25 लिटर हो सकता है कम-से-कम
04:10बढ़ना अब तो नहीं हो उम्मेद यह नहीं है कि यह तो सरकार जो है यह तो एक तरह से
04:27इनुक्त मेनईजर के मादम करते हैं और अधिक्ता मुनाफा चाहिए और सुन और मुनाफा हो तो मुनाफा कम कौन करना
04:40चाह को इसकते में नहीं चाहिए
04:48कि मुनापे की वज़े से जन्ता पर बोज पढ़े इसको टैक्सिस में छूट दे करके जन्ता को रहत देने चाहिए
04:56देखिए एक तो बात है कि जो कल को महिला दिवस्में मोधी जी ने महिलाओं को तौफा दे दिया कि
05:03वो ग्यास का 60 रुपया बढ़ा दिया तो यह तो यह है
05:07और दूसरा है कि अंदर राश्ट्रिय तेल के कीमत से इंडिया का जो है हमारे इधर का पेट्रॉल का या
05:13जैसो� ग्यास का पैसा बढ़ाने का जो हमारे सरकार का नीथी का कोई तालूक आतनी है
05:31अबीड़ी नहीं आप समयाना पैसा और भृट सिर्फ को सर्क नहां को जो शो मने इस्तेमाल होता है
05:40ये तो ये भी नहीं अभी जो है अभी ये विश्य युथ जो हो रहा है जो अमरीका के नेतरुत
05:46में जो मादी जी का यार है और वो उधर में जाके उनसे जाके मिलके आ गया है दूसरे दिन
05:52युथी शुरू हो गया है इसरायल में और अभी है वहां पर उनके उपर में दमन है
05:57हमारी सरकार को वह ठमकाया जा रहा है कि हम रिश्या से तेल नहीं ले और तब भी इसने चुप
06:03था और अभी हमें बोल रहे है कि वह तेल तो महंगा होना है तो आचली ये यूधी उसी के
06:08लिए है
06:09पकार एक महिने के लिए अमेर का है लिलो बगसारा हैं?
06:39बनाना है, दुश्मनी किस से करना है, हमारी देश के खितके उपर होना चाइए, अंबानियत के आधानी के खितके नहीं
06:46होना चाइए, यह तेलका और पौर्ट के लिए भी यूत का जो है, ड्रॉन समेध चीशों के लिए उनके लिए
06:52यूत किया जा रहा है, और इसी के लिए �
06:54यारी दोस्ती है और ये तेल का भी पैसा बढ़ेगा और हमारे जो है करशकों का उबेज का गाम खटेगा
07:02और आने वाले दिनों में यही नीती अगर चलो होगे तो देश की जनता और बरबाद हो जाएगा इसी के
07:09लिए हमने इधर चैतावनी देने के लिए सांसत किया है
07:11देखिए ये भारत पे भी और पूरी दुनिया पे भी बहुत भयानक प्रभाव डालने वाला है ये जो जंग छिड
07:20रही है ये कोई साधारन जंग नहीं है ये अमरीकी सामराजवाद के डूबने का एक अलार्म है और समराजी जब
07:31डूबते हैं सामराजवादियों के तो बह�
07:41चल रही थी इरान के साथ और इरान अपने सिध्धानतों को और खीचते हुए इनको एकॉमोडेट करते हुए राजी हो
07:49रहा था हर बात के लिए और उसके बाद भी उसके हमला किया यह बहुत भयानक हमला है और उसकी
07:57कमाम चीजें उसको चर्चा हम लोग करते हैं अब सवाल �
08:00चीज अपने उपर आ जाती है निकी भारत के उपर हम आम लोग हम जैसे आप जैसे आम लोग उपर
08:05तो अब इसमें दो चीज हम मुवीद करते हैं क्या अंतरराश्ची इस तर पर जो चीजे हो रही है इसका
08:11हम पर प्रवाव पड़ेगा सरकार कितना कंटों सरकार के हाथ में
08:30जब कोई भी देश इसराइल के साथ खड़ा होने को तया नहीं है क्या यह कुछ पेल में अपने जैसे
08:35लोग अभी जोगा ने कई सर्बॉस से बात कही यह पहले कम दाम थे तेल के तब भी हमारा हमारे
08:41तेम उससाब से ज्यादत है तो अकर सरकार चाहे तो कंट्रोल कर सकती ह
08:50तो रूस सवाल गलत नहीं है आपका लेकिन आप क्या जबाब चाहरे हैं मुझे नहीं मखलू में सीज़ा रहा हूं
08:59कि क्या आप समझना चाहरा हूं आप क्यों काफी तक इसमें रिसर्च करते हैं बात कर रख कि जब पहले
09:05दाम लोग मुझसे यह अभी कई लोगों ने मु�
09:19द्लों अब पहले हैं आपका चटीजिवाज कम करते हैं तो रूस से लया है वाजह द्लाम प्लाइंगा पुलारस सरकार आपना
09:39खरीदी करती और अपने
09:41में कटवती करती और वहां जो तेल कम क्रूड कम दाम पे मिला है रूस ने जो बेचा है उसके
09:47हिसाब से आधा दाम किया जा सकता था रूस से बहुत ज्यादा तेल नहीं मिल पाएगा जो ट्रॉम्प का प्रेसर
09:54है जो उसकी जो टैरिफ तरीके से टरर है ट्रॉम्प के आगे �
09:59अगर इन्हें नाचना है फिर तो यह हर काम में नाचेंगे रूस से लोगे हम टरिफ लगा देंगा तुमारी एक्सपोर्ड
10:06बंदो जाए तो बोलना चाहिए तो कौन होता है बोलने वाला तो अपना देख तेरे अपनी हालत क्या है यह
10:12तो देखो पहले वह कॉंग्रेस के स
10:27इसमें फसे हुए हैं तो यह सरकार चाहे तो कर सकती है लेकिन यह सरकार नहीं चाहती आप बिल्कुल रहात
10:35दे सकती है क्योंकि परुआव क्या पढ़ने वाला सबसे पहले प्रुआव तो यह पढ़ेगा कि यह लोग इस मौके का
10:41इस्तेमाल करके जो हमारे गदी नशीन लो
10:57तो अगर यह लोग चाहें अभी तो उसको बैलेंस कर सकते हैं संतुलित रख सकते हैं उस टेक्सिस को कुछ
11:03कम करें आपकी बाहर को आम जनता के लिए सब्दों में कहूं आप यह कहना चाहरा हो सरकार चाहे तो
11:08अंतर राज से इस तरव दाम बढ़ा है इसका भारत प्रभा�
11:16काफी महगाई नहीं बढ़ पाई यह आप बोल रहा है बिल्कुल और सरकार को इसी दिश्टी कोड से ही काम
11:21करना चाहिए क्योंकि पैट्रोल डीजल गैस यह ऐसी चीजें हैं जिसके अंदर अगर थोड़ी सी भी बढ़तरी होती है तो
11:28बाकी सारी चीजें सारी जो फूड आ
11:46सरकार से हमारी मांग है कि इसको ना बढ़ाए इसको ना बढ़ने दे कंट्रोल में रखे जरौत पढ़ती है तो
11:52कुछ टैक्सिस को कम करें इस तरह से इसको कंट्रोल लखा जा सकता है आप काफी मुझसे बात चीत के
11:58लगए लगा आप काफी जियो पॉलिटिकल को समझ के ब
12:17सरकार अब क्या लगता है कि आप सरकार अगर कोई ऐसी नीती थी मोधी सरकार की चाहती तो वह सस्ता
12:24से खरीदना जाई रख सकती थी और लंबे समय तक या फिर मजबूरी ट्रम के टैरिप के आगे अपने एक्सपोर्ट
12:30को बचाना है हम एक सोतंत्र देश है और हमारा इतिह
12:35पास है कि हम इंपरियोज्म के खिलाफ लड़े हैं संबराजवाद के लड़े अगर भारत सरकार इस बात को समस्ती की
12:42भारत की एकिज़त है भारत की एक मर्यादा है और सरकार अमेरिका के समने घुटने नहीं टेकती तो हम रूस
12:49से तेल खरीदना जारी रख सकते हैं ट्रम क
13:05तो हुई स्ट्रम्प महेंगा बढ़ेगी इस से और गया सब कुछ महेंगा प्रांस्पोर्टेशन महेंगा हो जाएगा सब कुछ आठ चीजे
13:11और रोज मन्रा की चीजे भी महेंगी पड़े ओंगी
13:14जैसा भी कल अभी कली की बाद है जो मैं जैसा हमारी उसके लिए प्लास्टिक खरीगते थे जो आपका यह
13:22अपना समान करने के लिए वन फॉर्टी रुबिस के जी था आज से कोई फांस दिन पहले कल खरीदा तो
13:27दो सो रुपे किलो दिया कि साट रुपए का पैकिंग में आ�
13:45लोगों से पूछ रहा हूं कि क्या सरकार के पास को आपको इसका सरकार को सुचना है कैसे उसको पब्लिक
13:59को रोक सकती इसे अपने देस में कोई छूट दे के कुछ करके कि अगर सरकार के हाथ में दो
14:05है सब्सक्राइब कर सकती है
14:10और बागी चीजों में वह करेंगे तो कुछ ना कुछ होगा और भारत रूस से सस्ता तेल ले रहा था
14:20लेकिन ट्रम्प ने इसा चांगडाई कि अब उसमें प्राब्लम में लगी तो क्या लगता है सरकार रूस से तेल लेना
14:26जारी रखे या तरम से बहुत बहुत तरीके से
14:41इसाल कार पर डोड़ के जा तो अमें प्राइब करेंदें वह घीएजिए वह समय प्राइब तो पहले लेग तो पहले
14:56परखना पड़ा तो आप तो उनको भी बोल सकते हैं अपनी मजबूरी है
14:59कि हमें तो आप से महेंगा लेने में क्या फैदा है तो युद्ध की बज़ास्टे उनमें समस्य आ गई है
15:11वहां से जहाज मिया पर इस बहुत पादन कम हुआ यह भी बज़ा है तो इसके बाब जो सरकार सही
15:17कर सकती है
15:17देखो सरकार को देखना है कि कैसे इसको अपने जो भी मित्र देश हैं जो हमारे मिटल इस में जैसा
15:23भी होगा उनको उनसे बात कर रहा जाए कैसे इनको तील ज्वाह है सप्लाई जारी रहे जैसा भी हो कैसे
15:28अब यह देखना पड़ेगा जी आप गाना ब्यापार पर फरक प�
15:46तो हर चीजों के दाम बढ़ेंगे ब्यापार में फरक पड़ेगा ब्यापारियों का यह होगा कि अगर वो उनकी जीजों के
15:53दाम बढ़ेंगे लेकिन आमदनी उतनी रहें उनको भी कुछी पर खरीद नहीं है तो निश्चित तो पर यह हो सकता
15:58है कि कही ना कहीं आजमी की �
16:07दाम जुझे पसे फठीन में लेकिन राही यह हुथ पर ख़ुल श्कूंप और लेकिन दूम्हार � Sind stand to Zit
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16:32अच्पोलाई लड्स अपनलोग धनलोग यूनीज अब कर व्मार लूटी कि अबसे एपनलोग देटने लड़ाई वीय।
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