00:00शुक्त और पर महंगाई बढ़े दोष्मनी किसे करना है अमारी देश के हित के उपर होना चाहिए अंबानियत के आदानी
00:19के हित पर नहीं होना चाहिए
00:26अगर भारत सरकार इस बात को समस्ती की भारत की एक इज़त है और सरकार अमेरिका के समने गुटने नहीं
00:34टेकती
00:34भारत के दुनिया में एक बैरल तेल का रेट 14 डॉलर हो गया है यानि की लगबग 24 पिरसत ये
00:44दाम बढ़ गया है
00:45हम सब लोगों से जानना चाहते है कि इसका क्या परभाह होगा यह भारत में भी जो मिडल इसमें लाई
00:51हो रही है उसकी वह से हो रहा है किस तरह का आप इस पर पर पर देखते हैं भारत
00:55का इस तरह पर महंगाई बढ़ी और आमाद्वियों की जिद्धी में दुश्वारिया
01:01है बड़ी क्यों नहीं बड़ी आप समझ यह कि हाला कि दुर्भाग्या है मौझूदा सरकार इस तरी की निटिया लेकर
01:10आई है कि उसमें जब सकतर रुपे सकतर डॉलर का बैरल था तब भी को बहुत बड़ा फायदा इस देश
01:15की जंबता जा रहा रहा बात युद की नहीं
01:33लेकिन जब आपकी प्रकर्टिक गैस सस्ती हो रही थी जब आपका पत्रोल पदार सस्ता हो रहा था तो क्या आपने
01:38इस देश के आम आद्वी को सुविदा दी नहीं आपका कहना जो मैं समझ पा रहा हूं आप यह कह
01:43रहे हैं यगर सरकार चाहे तो इस बढ़े हुए रेट स
01:45सब्सक्राइब यहां कंडोल कर सकती है बिसकूल कर सकती है सरकार की मनशाम मत-पर करो अगर सकार लोगों के
01:55बारे में सोछ चांद है उनमें जो बड़ा तेल है इस आह टम है जले है
02:13लेकिन जो परिष्टिती दिख रही है यह तो मांग है आपकी राय है निश्चत तौर पे लेकिन ऐसा लग रहा
02:18है कि इन हालातों में तेल दस रुपए भी बढ़ता है तो कितना बड़ा फरक टेबल तेल बाइक चलाने पर
02:23नहीं बल्कि पूरे के पूरे ब्यापा पर एक अ�
02:36आपको अंदाजा हो जो खतरनाक होने वाला है सिंग साब जिस तरीके से मैं भी कई लोगों से पूछा है
02:42कि तेल के दाम अंतराश्चे इस तरफ बढ़ें 14 डॉलर बेरल हो गया है 24 परसेंट बढ़ गया है तो
02:49ऐसे में अब पूरा समय माना जा रहा है कि भारत पे तेल के द
03:04कारेंगे या सही है और अगर सही है तो क्या भारत सरकार चाहे तो इसे रोग सकती है आपका सोचना
03:12सही है प्रिंद लेकिन बहुत चाहे चाहे चंटरॉब कर सकते हैं
03:29कैसे जिय कमा ने रहें निदे आंटराश्ची इस तरह बढ़ रहा हैं
03:33अंतराष्टी इसथर नहीं कोई रास्ता नहीं जब सिलकाम बड़ेगा वiceps कम चाहिए अभी ल tipकर नहीं कर साहिए
04:02पर टेक्सिस के वज़े से अगर टेक्सिस खतम हो जाए अभी भी 25 लिटर हो सकता है कम-से-कम
04:10बढ़ना अब तो नहीं हो उम्मेद यह नहीं है कि यह तो सरकार जो है यह तो एक तरह से
04:27इनुक्त मेनईजर के मादम करते हैं और अधिक्ता मुनाफा चाहिए और सुन और मुनाफा हो तो मुनाफा कम कौन करना
04:40चाह को इसकते में नहीं चाहिए
04:48कि मुनापे की वज़े से जन्ता पर बोज पढ़े इसको टैक्सिस में छूट दे करके जन्ता को रहत देने चाहिए
04:56देखिए एक तो बात है कि जो कल को महिला दिवस्में मोधी जी ने महिलाओं को तौफा दे दिया कि
05:03वो ग्यास का 60 रुपया बढ़ा दिया तो यह तो यह है
05:07और दूसरा है कि अंदर राश्ट्रिय तेल के कीमत से इंडिया का जो है हमारे इधर का पेट्रॉल का या
05:13जैसो� ग्यास का पैसा बढ़ाने का जो हमारे सरकार का नीथी का कोई तालूक आतनी है
05:31अबीड़ी नहीं आप समयाना पैसा और भृट सिर्फ को सर्क नहां को जो शो मने इस्तेमाल होता है
05:40ये तो ये भी नहीं अभी जो है अभी ये विश्य युथ जो हो रहा है जो अमरीका के नेतरुत
05:46में जो मादी जी का यार है और वो उधर में जाके उनसे जाके मिलके आ गया है दूसरे दिन
05:52युथी शुरू हो गया है इसरायल में और अभी है वहां पर उनके उपर में दमन है
05:57हमारी सरकार को वह ठमकाया जा रहा है कि हम रिश्या से तेल नहीं ले और तब भी इसने चुप
06:03था और अभी हमें बोल रहे है कि वह तेल तो महंगा होना है तो आचली ये यूधी उसी के
06:08लिए है
06:09पकार एक महिने के लिए अमेर का है लिलो बगसारा हैं?
06:39बनाना है, दुश्मनी किस से करना है, हमारी देश के खितके उपर होना चाइए, अंबानियत के आधानी के खितके नहीं
06:46होना चाइए, यह तेलका और पौर्ट के लिए भी यूत का जो है, ड्रॉन समेध चीशों के लिए उनके लिए
06:52यूत किया जा रहा है, और इसी के लिए �
06:54यारी दोस्ती है और ये तेल का भी पैसा बढ़ेगा और हमारे जो है करशकों का उबेज का गाम खटेगा
07:02और आने वाले दिनों में यही नीती अगर चलो होगे तो देश की जनता और बरबाद हो जाएगा इसी के
07:09लिए हमने इधर चैतावनी देने के लिए सांसत किया है
07:11देखिए ये भारत पे भी और पूरी दुनिया पे भी बहुत भयानक प्रभाव डालने वाला है ये जो जंग छिड
07:20रही है ये कोई साधारन जंग नहीं है ये अमरीकी सामराजवाद के डूबने का एक अलार्म है और समराजी जब
07:31डूबते हैं सामराजवादियों के तो बह�
07:41चल रही थी इरान के साथ और इरान अपने सिध्धानतों को और खीचते हुए इनको एकॉमोडेट करते हुए राजी हो
07:49रहा था हर बात के लिए और उसके बाद भी उसके हमला किया यह बहुत भयानक हमला है और उसकी
07:57कमाम चीजें उसको चर्चा हम लोग करते हैं अब सवाल �
08:00चीज अपने उपर आ जाती है निकी भारत के उपर हम आम लोग हम जैसे आप जैसे आम लोग उपर
08:05तो अब इसमें दो चीज हम मुवीद करते हैं क्या अंतरराश्ची इस तर पर जो चीजे हो रही है इसका
08:11हम पर प्रवाव पड़ेगा सरकार कितना कंटों सरकार के हाथ में
08:30जब कोई भी देश इसराइल के साथ खड़ा होने को तया नहीं है क्या यह कुछ पेल में अपने जैसे
08:35लोग अभी जोगा ने कई सर्बॉस से बात कही यह पहले कम दाम थे तेल के तब भी हमारा हमारे
08:41तेम उससाब से ज्यादत है तो अकर सरकार चाहे तो कंट्रोल कर सकती ह
08:50तो रूस सवाल गलत नहीं है आपका लेकिन आप क्या जबाब चाहरे हैं मुझे नहीं मखलू में सीज़ा रहा हूं
08:59कि क्या आप समझना चाहरा हूं आप क्यों काफी तक इसमें रिसर्च करते हैं बात कर रख कि जब पहले
09:05दाम लोग मुझसे यह अभी कई लोगों ने मु�
09:19द्लों अब पहले हैं आपका चटीजिवाज कम करते हैं तो रूस से लया है वाजह द्लाम प्लाइंगा पुलारस सरकार आपना
09:39खरीदी करती और अपने
09:41में कटवती करती और वहां जो तेल कम क्रूड कम दाम पे मिला है रूस ने जो बेचा है उसके
09:47हिसाब से आधा दाम किया जा सकता था रूस से बहुत ज्यादा तेल नहीं मिल पाएगा जो ट्रॉम्प का प्रेसर
09:54है जो उसकी जो टैरिफ तरीके से टरर है ट्रॉम्प के आगे �
09:59अगर इन्हें नाचना है फिर तो यह हर काम में नाचेंगे रूस से लोगे हम टरिफ लगा देंगा तुमारी एक्सपोर्ड
10:06बंदो जाए तो बोलना चाहिए तो कौन होता है बोलने वाला तो अपना देख तेरे अपनी हालत क्या है यह
10:12तो देखो पहले वह कॉंग्रेस के स
10:27इसमें फसे हुए हैं तो यह सरकार चाहे तो कर सकती है लेकिन यह सरकार नहीं चाहती आप बिल्कुल रहात
10:35दे सकती है क्योंकि परुआव क्या पढ़ने वाला सबसे पहले प्रुआव तो यह पढ़ेगा कि यह लोग इस मौके का
10:41इस्तेमाल करके जो हमारे गदी नशीन लो
10:57तो अगर यह लोग चाहें अभी तो उसको बैलेंस कर सकते हैं संतुलित रख सकते हैं उस टेक्सिस को कुछ
11:03कम करें आपकी बाहर को आम जनता के लिए सब्दों में कहूं आप यह कहना चाहरा हो सरकार चाहे तो
11:08अंतर राज से इस तरव दाम बढ़ा है इसका भारत प्रभा�
11:16काफी महगाई नहीं बढ़ पाई यह आप बोल रहा है बिल्कुल और सरकार को इसी दिश्टी कोड से ही काम
11:21करना चाहिए क्योंकि पैट्रोल डीजल गैस यह ऐसी चीजें हैं जिसके अंदर अगर थोड़ी सी भी बढ़तरी होती है तो
11:28बाकी सारी चीजें सारी जो फूड आ
11:46सरकार से हमारी मांग है कि इसको ना बढ़ाए इसको ना बढ़ने दे कंट्रोल में रखे जरौत पढ़ती है तो
11:52कुछ टैक्सिस को कम करें इस तरह से इसको कंट्रोल लखा जा सकता है आप काफी मुझसे बात चीत के
11:58लगए लगा आप काफी जियो पॉलिटिकल को समझ के ब
12:17सरकार अब क्या लगता है कि आप सरकार अगर कोई ऐसी नीती थी मोधी सरकार की चाहती तो वह सस्ता
12:24से खरीदना जाई रख सकती थी और लंबे समय तक या फिर मजबूरी ट्रम के टैरिप के आगे अपने एक्सपोर्ट
12:30को बचाना है हम एक सोतंत्र देश है और हमारा इतिह
12:35पास है कि हम इंपरियोज्म के खिलाफ लड़े हैं संबराजवाद के लड़े अगर भारत सरकार इस बात को समस्ती की
12:42भारत की एकिज़त है भारत की एक मर्यादा है और सरकार अमेरिका के समने घुटने नहीं टेकती तो हम रूस
12:49से तेल खरीदना जारी रख सकते हैं ट्रम क
13:05तो हुई स्ट्रम्प महेंगा बढ़ेगी इस से और गया सब कुछ महेंगा प्रांस्पोर्टेशन महेंगा हो जाएगा सब कुछ आठ चीजे
13:11और रोज मन्रा की चीजे भी महेंगी पड़े ओंगी
13:14जैसा भी कल अभी कली की बाद है जो मैं जैसा हमारी उसके लिए प्लास्टिक खरीगते थे जो आपका यह
13:22अपना समान करने के लिए वन फॉर्टी रुबिस के जी था आज से कोई फांस दिन पहले कल खरीदा तो
13:27दो सो रुपे किलो दिया कि साट रुपए का पैकिंग में आ�
13:45लोगों से पूछ रहा हूं कि क्या सरकार के पास को आपको इसका सरकार को सुचना है कैसे उसको पब्लिक
13:59को रोक सकती इसे अपने देस में कोई छूट दे के कुछ करके कि अगर सरकार के हाथ में दो
14:05है सब्सक्राइब कर सकती है
14:10और बागी चीजों में वह करेंगे तो कुछ ना कुछ होगा और भारत रूस से सस्ता तेल ले रहा था
14:20लेकिन ट्रम्प ने इसा चांगडाई कि अब उसमें प्राब्लम में लगी तो क्या लगता है सरकार रूस से तेल लेना
14:26जारी रखे या तरम से बहुत बहुत तरीके से
14:41इसाल कार पर डोड़ के जा तो अमें प्राइब करेंदें वह घीएजिए वह समय प्राइब तो पहले लेग तो पहले
14:56परखना पड़ा तो आप तो उनको भी बोल सकते हैं अपनी मजबूरी है
14:59कि हमें तो आप से महेंगा लेने में क्या फैदा है तो युद्ध की बज़ास्टे उनमें समस्य आ गई है
15:11वहां से जहाज मिया पर इस बहुत पादन कम हुआ यह भी बज़ा है तो इसके बाब जो सरकार सही
15:17कर सकती है
15:17देखो सरकार को देखना है कि कैसे इसको अपने जो भी मित्र देश हैं जो हमारे मिटल इस में जैसा
15:23भी होगा उनको उनसे बात कर रहा जाए कैसे इनको तील ज्वाह है सप्लाई जारी रहे जैसा भी हो कैसे
15:28अब यह देखना पड़ेगा जी आप गाना ब्यापार पर फरक प�
15:46तो हर चीजों के दाम बढ़ेंगे ब्यापार में फरक पड़ेगा ब्यापारियों का यह होगा कि अगर वो उनकी जीजों के
15:53दाम बढ़ेंगे लेकिन आमदनी उतनी रहें उनको भी कुछी पर खरीद नहीं है तो निश्चित तो पर यह हो सकता
15:58है कि कही ना कहीं आजमी की �
16:07दाम जुझे पसे फठीन में लेकिन राही यह हुथ पर ख़ुल श्कूंप और लेकिन दूम्हार � Sind stand to Zit
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