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Rangbhari Ekadashi Kyu Manate Hai 2026:फाल्गुन महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को रंगभरी एकादशी के नाम से जाना जाता है. इसे आमलकी एकादशी और आंवला एकादशी भी कहा जाता है.यह पर्व महाशिवरात्रि के कुछ दिन बाद आता है और होली से ठीक पहले मनाया जाता है। ऐसे में चलिए बताते हैं कि रंगभरी एकादशी क्यों मनाई जाती है.
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~HT.504~PR.114~ED.120~

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00:02रंग भरी एकादिशी फालगुन महा के शुक्रपक्ष के एकादिशी तिथी को मनाई जाती है।
00:55रंग भरी एकादिशी को मनाई जाती है।
01:04अध्यान जाती है।
01:16इस दिन भगवान शिम माता पारवाती को पहली बार लेकर काशी आये थे जिसे गौना की परमपरा के रूप में
01:23देखा जाता है इस अफसर पर काशी नगरी में अद्बुद उल्लास और भक्ती का संगम देखने को मिला था
01:29ये पर्व काशी की जिवन्त परमपरा और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखने में भी महत्वण भूमी का निभाता है बताते
01:38रंगभरी काशी के वल एक धार्मिक पर्व नहीं बलकि काशी की आत्मा का उत्सव है जो आस्था प्रेम और समाजिक
01:46एकता के रंगों से समा
01:59पार्वती ने भगवान शिव को पाने के लिए कठोड तपस्या की थी अंततहा उनकी तपस्या सफल हुई और विवा संपन
02:06हुआ विवा की बाद जब भगवान शिव माता पार्वती को लेकर काशी आये तब काशी वासियों ने उनका भव्य स्वागत
02:13किया और गुलाल अ�
02:14पीर उड़ा कर खुश्या मनाई यही परंपरा आगे चलकर रंग भरी एक आदशी के रूप में प्रसिद्ध हो गई उमीद
02:21करती हूँ आपको जानकारी पसंद आई होगी फिलाल अमारे इस वीडियो में तना ही वीडियो को लाइक शेर एंड चैनल
02:26को सब्सक्राइब करना
02:32भूले
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