00:02रंग भरी एकादिशी फालगुन महा के शुक्रपक्ष के एकादिशी तिथी को मनाई जाती है।
00:55रंग भरी एकादिशी को मनाई जाती है।
01:04अध्यान जाती है।
01:16इस दिन भगवान शिम माता पारवाती को पहली बार लेकर काशी आये थे जिसे गौना की परमपरा के रूप में
01:23देखा जाता है इस अफसर पर काशी नगरी में अद्बुद उल्लास और भक्ती का संगम देखने को मिला था
01:29ये पर्व काशी की जिवन्त परमपरा और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखने में भी महत्वण भूमी का निभाता है बताते
01:38रंगभरी काशी के वल एक धार्मिक पर्व नहीं बलकि काशी की आत्मा का उत्सव है जो आस्था प्रेम और समाजिक
01:46एकता के रंगों से समा
01:59पार्वती ने भगवान शिव को पाने के लिए कठोड तपस्या की थी अंततहा उनकी तपस्या सफल हुई और विवा संपन
02:06हुआ विवा की बाद जब भगवान शिव माता पार्वती को लेकर काशी आये तब काशी वासियों ने उनका भव्य स्वागत
02:13किया और गुलाल अ�
02:14पीर उड़ा कर खुश्या मनाई यही परंपरा आगे चलकर रंग भरी एक आदशी के रूप में प्रसिद्ध हो गई उमीद
02:21करती हूँ आपको जानकारी पसंद आई होगी फिलाल अमारे इस वीडियो में तना ही वीडियो को लाइक शेर एंड चैनल
02:26को सब्सक्राइब करना
02:32भूले
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