00:00फेबर बरी 22 को छात्रों में मारे गए तीन जैश के आतंकी, कोई मामुली आतंकी नहीं थे
00:07highly trained आतंक वादी थे जिन्होंने पाकिस्तान के कई शेहरों में ट्रेनिंग ली थी
00:13और जैश के साथ कई सालों से जोड़े थे
00:16ये जो तीन जैश के मारे गए आतंकी थे इनकी पहचान भी हो गई है
00:22सुरक्षा एजन्सियों द्वारा इनकी पहचान हो गई है
00:25हमें सूत्रों से जो इन आतंक वादियों की जहान पहचान की डीटिल्स में लिए
00:31उनके मताबिक इन तीनों का नाम था सैफला, फर्मान और हुरेरा
00:37सैफला जो इस ग्रूप का लीड कर रहा था कई तकरीम एक साल से ज्यादा वक्त से
00:48इस चात्रू, किष्टिवार, डोड़ा बेल्ट में ये इस जैश के टीम को लीड कर रहा था
00:55और इसका सैफला का असली नाम जो हमें सूत्रों द्वारा पता चला है वो है अदीकुर रह्मान
01:02और ये नथा गली जो अबोड़ाबाद में है, खाइबर पक्तून वाला शेतर में वहां का रहने वाला था
01:11सैफला की भी काफी दिल्चपस कहानी है, ये 2018 में इसने जैश मुहम्मद टेरर आउटफिट जॉइन किया, फिर कई सालों
01:24तक इसके साथ जुड़ा रहा
01:25तो ये जो सैफला है या अतिकुर रह्मान कहिए, इसने बाला कोट में धीनी तालीम ली, वहां से हिवजिक कुरान
01:37भी किया और वहां पर उसके बाद जो छोटे छोटे चोटे बच्चे हैं, उनको मतरसों में तालीम भी देना शुरू
01:44कर दिया और उनने इजहाद के बारे म
01:55ये मौडूल था जैश का ये जो पॉलिसी थी, वो ऐसी थी कि जहाद से एक प्रवचन शुरू किया जाता
02:06था, ट्रेनिंग से पहले एक ब्रेन वॉशिंग की जाती थी, चोटे चोटे बच्चों के जिनको जहाद के लिए रिकूरूट किया
02:14जाता था, तो तार लुलुम ब
02:25वापिस अबॉट अबाद आ गया और वहाँ पर इसने जैश की ही जो एक बाबल इसलाम मस्जिद थी, काला बाग
02:38बागान रोड पर वहाँ पर ये दर्स देने लगा, दीन के जहाद के बारे में, इसलाम के बारे में, तो
02:47जो भी वहाँ पर मदरसे में बच्चे आते थे, य
02:50युआ आते थे, ये उनको दीनी तालिम देता था, कुरान पड़ाता था, और साथ ही साथ जहाद की एहमेत पर
02:57भी बात करता था, और तक्रीरे करता था, जिससे ये जैश की पॉलिसी रहती थे, कि जो भी मदरसे में
03:07आएं, बच्चे या युआ आएं, उनको जहाद की तर�
03:11करना और यही काम सैफला या अतीकुर्रह्मान ने 2018 में किया, तो हिजसे उरान करने के बाद तक्रीबन इसका तीन
03:23साल तके जैश के साथ जुड़ा रहा, हलांकि इसका प्राइमरी जो काम था वो विद्यारतियों को जहाद की ट्रेनिंग देना
03:34था, लेकिन 2021 में जैश ने ए
03:41जमू कश्मीर विजा चाहे, तो जमू कश्मीर भेजने से पहले सैफला या अतीकुर्रह्मान को जैश ने एक ट्रेनिंग कैम बेजा
03:51हंगू इलाके में जो खाइबर पक्तून वाला इलाका में ही बढ़ता है, वहां पर सैफला या अतीकुर्रह्मान को ट्रेनिंग के
04:01लिए
04:02भी जाग्या, आम्स ट्रिनिंग के लिए, जहां पर इसको एकवोटीसान राइफल या
04:06AK47-7 series की ट्रेइनिंग दी गई कैसे राइफल चलाते हैं कैसे बंदूग चलाते हैं कैसे ग्रिनेड अटाक्स करते हैं
04:15कैसे अमबुश करते हैं
04:17एक ट्रेइनिंग रही अच्छे खासी ट्रेइनिंग जिसमें ना सिर्फला बलकि 47 और युवा थे जो विबन जिलों से थे विबन
04:28शेतरों से थे पाकिस्तान के पाकिस्तान के रिमोट एरिया से या पाकिस्तान के खाइबर पक्तून वाला इलाके से या इस
04:38मामले में आकिपा
04:462 खूलिस आतंकवादियों के साथ इस आतंकवादि शिवर में ट्रेवर ट्रेईनिंग ले रहे थे थे सहफुला के साथ मारे गए
04:54जो तिन आतंकवादि है जो फर्मान हो या हरैरा हो यह भी के साथ Unreal है चार एिप, अधुन
05:13पूर में अधंपूर में तो सुरक्षा बलू ने आपरेशन किया का नाम दिया था
05:18और दो आतंकवादियों को मार गिराया था जो एक गुफा में शरन लिया हुए थे
05:23और उन दो आतंकवादियों के साथ साथ चाहतरों में भी एक आतंकवादी जिसका नाम आदिल खान था और सहिफला का
05:32का काफी करीबी माना जाता था उसको भी मार गिराया था
05:35ये तीनो आतंकवादी चाहे आदिल खान हो चाहे चोधिरी उस्मान या उर्फ निकू हो या लुक्मान बशीर या उर्फ अबु
05:45माविया जिनको उधंपूर में ऑपरेशन किया के दोरा मार गिराया गया था ये भी उन 47 आतंकवादियों में से थे
05:53जिन्हों ने उस आतंकवा
06:05हत्यारों का प्रिशीक्षन साथ साथ किया था और कहीं न कहीं एक दूसरे के साथ जुड़े थे दो हजार अठारा
06:13के बाद कुछ दो हजार उनीस के बाद लेकिन एक कॉडिनेशन थी इन आतंकवादियों के बीच क्योंकि ये उसी शिवर
06:23आतंकवादी शिवर से ट्रेन होकर �
06:25आए थे जहां पर जैश ने इनको बारत के खिलाफ लड़ने के लिए आम्स ट्रेनिंग दे थी हत्यारों की ट्रेनिंग
06:32दे थी गुला बारूत की ट्रेनिंग दे थी आईडी की ट्रेनिंग दे थी और उस कारण चाहे एक महीने चाहे
06:39तीन महीने चाहे चाहे च्छे महीने य
06:43इनके एक अच्छी खासी केमिस्टरी बन गई थी चाहे आदिल खान हो चाहे सैफला हो या चाहे फर्मान हो जो
06:50जो सैफला के साथ जो आतंक वादी मारा गया च्छात्रों के इलागे में तो उसका नाम भी हमें सूत्रों के
07:02उनसार पता चला है जिसका नाम है चोधरी मुदबि
07:05हुसेन उर्फ फर्वान ये सैफ ला के साथ उस छात्रों के जंगल में मारा गया जहां पर सुरक्षा बल तकरीबन
07:14एक साल से इस जैश के उन साथ आतंक वादियों पाकिस्तान से आई हुए उन साथ आतंक वादियों को डूड
07:21रही थी जिनूंने कई बार सुरक्षा बलों पर
07:31बच्टे रहे थे या तो इन मैसे जो ये फरमान है फरमान ने भी हांगू में ही फरमान रावल कोट
07:40का रहने वाला है पाकिस्तान ऑक्किपाइड कश्मीर का और इसने भी हांगू कैम से हथ्यारों की ट्रेनिंग ली थी और
07:48सैफ अला के साथ काफी करीब था तीन बाईयों में
07:52से इसके परिवार के बारे में अगर बात करें तो तीन बाईयों में से सबसे बड़ा बाई था ये मुदब्बिर
07:58हुसाइन या फरमान और इसने जैश मुहमद दो हजार उनीस में जॉइन की थी और इसको जॉइन कराने वाला जैश
08:07का ही एक नामी ग्रामी कमांडर था मसू
08:10इल्यास कश्मीरी और अगर इस मुदब्बिर हुसाइन या फरमान के पिता जी के बारे में बात की जाए इसका पिता
08:20का नाम था चोदरी साबिर और ये एक हरकतल मुझाहिदीन का एक आतंकवादी रह चुका था और इसने हरकतल मुझाहिदीन
08:32के बिहापर अफगानिस्तान
08:34में भी सोवियत यूनियन से सोवियत यूनियन की फोर्से से लाड़ा था और काफी जंगे लड़ी थी वहाँ अफगानिस्तान की
08:43धरती पर और इसी का बेटा था ये फरमान जो सैफला के साथ चातरों के एंकाउंटर 22 वेबरवरी को चातरों
08:52के एंकाउंटर में मारा गया �
08:53तो कुल मिलाकर अगर देखा जाए सुरक्षा बलू ने जो साथ आतंक वादियों का एक लिस्ट बनाया था
09:01या साथ आतंक वादिये जो पाकिस्तान से आया थे जो सक्रिया थे
09:06इन साथ आतंक वादियों को सुरक्षा बलू ने जमू कश्मीर में मार गिराया
09:12दो को आपरेशन किया के अंडर चार फैबर वरी को अधंपूर जिले में मार गिराया था
09:19और उसी दिन आदिल खान को भी चात्रू अलाके में मार गिराया था सुरक्षा बलो ने
09:25उसके बाद बाइस फेबरवरी को चातरों में ही सहिफला और सहिफला के दो सहियोगी जिन में फरमान भी है उनको
09:35भी सुरक्षापलों ने मार गिराया
09:36कहीं ने कहीं आर्मी का आर्मी ने अपने एक डेडिकेशन दिक ऐचा है एक हार्ड वर्क और ॉर्ड उर्फर्टलेस सिंक्रोनाइज्ड
09:47ओपरेशन चलाया है आर्मी आर्मी के स्पेशल फोर्स जिर दो पैरा भी कहा जाता है
09:55दोपेरा के special commandos थे या पुलीस की special operation group थी निरंतर दो सालों एक साल से तकरीबन 326
10:05दिनों से ये इस जैश के आतंकियों का पीछा करती आ रही थी किष्टवार के जिलु में कुठवा के जिलु
10:11में उदंपूर के जिलु में कही न कही इनको ये सुनिश्चित करना था कि ये आत
10:26सुरक्षा वेवस्था में कोई प्राब्लम हो या कोई अमनामान में कोई प्राब्लम हो तो इसलिए जैसा कि वाइट नाइट कॉप
10:34से आर्मी के उन्होंने कल ही स्पश कर दिया था कि ये जो operation तराशी था या operation तराशी से
10:42पहली भी जो 326 दिनों से ये operation चलता आ रहा है इस �
10:46चिनाब एरिया के बेल्ट में जाहे किश्वार हो जाहे डोडा हो जाहे बदरवा डिस्टिक्स हो जो जितने भी चिनाब वैली
10:53के डिस्टिक्स है या जो मुशेतर के डिस्टिक्स हो जहां भी ये operation सुरक्षा बलों ने लौंच किया था आतंकवादियों
11:00के खिलाफ ये इसक
11:16रिलीज किया है जिसमें इन सातों आतंकवादियों के पिक्चर्ज हैं उन पे क्रॉस मारा गया है और ये इस पश्ट
11:22किया गिए कि इन सात के सातों को इलिमनेट किया गया है और किश्टवार शेतर में ही सुरक्षा बलों दौरा
11:29जहां पर कल सवेरी ही तकरीबन बाईस फे�
11:36के बीच में ये मुडबेट शुरू ही और दो से तीन बचते बचते सुरक्षा बलू ने इन तीनों आतंक वादियों
11:44को चाहे सैफ लाहो चाहे फरमान हो इनका खात्मया कर दिया इनको उसी हाइड आउट में मार गिराया जहां पर
11:53आर्मी के स्निफर डॉग टाइसन ने इन आ
12:06वजह से टाइसन जो ये दो पैरा का एक स्निफर डॉग है जिसने इन आतंक वादियों की पहचान कर दी
12:13और ये सुरक्षा बलू तक ये कन्फरमिशन देज दी कि नहीं या आतंक वादी इसी चाहत्रों में इसी हाइड आउट
12:21में चुपे हैं जिसके बाद ही सुरक्षा बल
12:36ऐक साल की आर्मी का पुलीस का और सियार पिए और अनी दिगर सिक्योरिटि एजन्सी का ये जिस लक्ष ता
12:46इन सातों आतंक वादियों को मारकर आर्मी ने अपनी जीत का ऐलान किया कि हम किसी बी हाल में आतंक
12:59उजमू कश्मीर में पनपने नहीं देंगे
13:03श्री निगर से One India के लिए मैं इजहार अली है
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