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Kishtwar Encounter में मारा गया आतंकी कौन? Pakistan और ISI का हुआ पर्दाफाश | Oneindia Hindi
किश्तवाड़ एनकाउंटर में मारे गए आतंकी सैफुल्लाह की असली पहचान ने पाकिस्तान के सबसे बड़े झूठ की पोल खोल दी है।
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में हुए हालिया एनकाउंटर ने पाकिस्तान और उसकी खुफिया एजेंसी ISI के एक बहुत बड़े और गंदे राज़ का पर्दाफाश कर दिया है। सुरक्षाबलों के हाथों मारा गया आतंकी, जिसे सैफुल्लाह के नाम से जाना जा रहा था, दरअसल पाकिस्तान के एबटाबाद का रहने वाला अतीक उर रहमान निकला है। इस खुलासे ने पाकिस्तान के उस प्रोपेगंडा को पूरी तरह से बेनकाब कर दिया है, जिसमें वह कश्मीर में आतंकवाद को स्थानीय बताने की कोशिश करता है।
जांच में यह भी सामने आया है कि रावलकोट का रहने वाला चौधरी मुताबिर हुसैन उर्फ फरमान भी जैश-ए-मोहम्मद (Jaish-e-Mohammed) के उसी ट्रेनिंग बैच का हिस्सा था। खैबर पख्तूनख्वाह और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) से आतंकियों की घुसपैठ कराने की एक बहुत बड़ी साजिश रची गई थी।
खुफिया एजेंसियों के मुताबिक, ISI और आतंकी आकाओं ने 47 आतंकियों के एक विशेष बैच को स्पेशल ट्रेनिंग देकर जम्मू-कश्मीर भेजने की योजना बनाई थी। लेकिन भारतीय सुरक्षाबलों की मुस्तैदी और सैफुल्लाह की पहचान सार्वजनिक होने से पाकिस्तान का पूरा टेरर नेटवर्क और उसकी साजिश दुनिया के सामने आ गई है।
About the Story:
In a major breakthrough, Indian security forces have exposed a massive terror plot orchestrated by Pakistan's ISI. The terrorist neutralized in the Kishtwar encounter, operating under the alias Saifullah, has been positively identified as Atiq-ur-Rehman from Abbottabad, Pakistan. This crucial identification dismantles Pakistan's terror propaganda and reveals a sinister plot to infiltrate a specially trained batch of 47 Jaish-e-Mohammed terrorists from PoK and Khyber Pakhtunkhwa into Jammu & Kashmir. Watch the full video to understand how the Indian Army foiled this massive conspiracy.

#KishtwarEncounter #PakistanExposed #JammuKashmirNews #OneindiaHindi

~HT.410~PR.514~ED.276~GR.538~

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Transcript
00:00फेबर बरी 22 को छात्रों में मारे गए तीन जैश के आतंकी, कोई मामुली आतंकी नहीं थे
00:07highly trained आतंक वादी थे जिन्होंने पाकिस्तान के कई शेहरों में ट्रेनिंग ली थी
00:13और जैश के साथ कई सालों से जोड़े थे
00:16ये जो तीन जैश के मारे गए आतंकी थे इनकी पहचान भी हो गई है
00:22सुरक्षा एजन्सियों द्वारा इनकी पहचान हो गई है
00:25हमें सूत्रों से जो इन आतंक वादियों की जहान पहचान की डीटिल्स में लिए
00:31उनके मताबिक इन तीनों का नाम था सैफला, फर्मान और हुरेरा
00:37सैफला जो इस ग्रूप का लीड कर रहा था कई तकरीम एक साल से ज्यादा वक्त से
00:48इस चात्रू, किष्टिवार, डोड़ा बेल्ट में ये इस जैश के टीम को लीड कर रहा था
00:55और इसका सैफला का असली नाम जो हमें सूत्रों द्वारा पता चला है वो है अदीकुर रह्मान
01:02और ये नथा गली जो अबोड़ाबाद में है, खाइबर पक्तून वाला शेतर में वहां का रहने वाला था
01:11सैफला की भी काफी दिल्चपस कहानी है, ये 2018 में इसने जैश मुहम्मद टेरर आउटफिट जॉइन किया, फिर कई सालों
01:24तक इसके साथ जुड़ा रहा
01:25तो ये जो सैफला है या अतिकुर रह्मान कहिए, इसने बाला कोट में धीनी तालीम ली, वहां से हिवजिक कुरान
01:37भी किया और वहां पर उसके बाद जो छोटे छोटे चोटे बच्चे हैं, उनको मतरसों में तालीम भी देना शुरू
01:44कर दिया और उनने इजहाद के बारे म
01:55ये मौडूल था जैश का ये जो पॉलिसी थी, वो ऐसी थी कि जहाद से एक प्रवचन शुरू किया जाता
02:06था, ट्रेनिंग से पहले एक ब्रेन वॉशिंग की जाती थी, चोटे चोटे बच्चों के जिनको जहाद के लिए रिकूरूट किया
02:14जाता था, तो तार लुलुम ब
02:25वापिस अबॉट अबाद आ गया और वहाँ पर इसने जैश की ही जो एक बाबल इसलाम मस्जिद थी, काला बाग
02:38बागान रोड पर वहाँ पर ये दर्स देने लगा, दीन के जहाद के बारे में, इसलाम के बारे में, तो
02:47जो भी वहाँ पर मदरसे में बच्चे आते थे, य
02:50युआ आते थे, ये उनको दीनी तालिम देता था, कुरान पड़ाता था, और साथ ही साथ जहाद की एहमेत पर
02:57भी बात करता था, और तक्रीरे करता था, जिससे ये जैश की पॉलिसी रहती थे, कि जो भी मदरसे में
03:07आएं, बच्चे या युआ आएं, उनको जहाद की तर�
03:11करना और यही काम सैफला या अतीकुर्रह्मान ने 2018 में किया, तो हिजसे उरान करने के बाद तक्रीबन इसका तीन
03:23साल तके जैश के साथ जुड़ा रहा, हलांकि इसका प्राइमरी जो काम था वो विद्यारतियों को जहाद की ट्रेनिंग देना
03:34था, लेकिन 2021 में जैश ने ए
03:41जमू कश्मीर विजा चाहे, तो जमू कश्मीर भेजने से पहले सैफला या अतीकुर्रह्मान को जैश ने एक ट्रेनिंग कैम बेजा
03:51हंगू इलाके में जो खाइबर पक्तून वाला इलाका में ही बढ़ता है, वहां पर सैफला या अतीकुर्रह्मान को ट्रेनिंग के
04:01लिए
04:02भी जाग्या, आम्स ट्रिनिंग के लिए, जहां पर इसको एकवोटीसान राइफल या
04:06AK47-7 series की ट्रेइनिंग दी गई कैसे राइफल चलाते हैं कैसे बंदूग चलाते हैं कैसे ग्रिनेड अटाक्स करते हैं
04:15कैसे अमबुश करते हैं
04:17एक ट्रेइनिंग रही अच्छे खासी ट्रेइनिंग जिसमें ना सिर्फला बलकि 47 और युवा थे जो विबन जिलों से थे विबन
04:28शेतरों से थे पाकिस्तान के पाकिस्तान के रिमोट एरिया से या पाकिस्तान के खाइबर पक्तून वाला इलाके से या इस
04:38मामले में आकिपा
04:462 खूलिस आतंकवादियों के साथ इस आतंकवादि शिवर में ट्रेवर ट्रेईनिंग ले रहे थे थे सहफुला के साथ मारे गए
04:54जो तिन आतंकवादि है जो फर्मान हो या हरैरा हो यह भी के साथ Unreal है चार एिप, अधुन
05:13पूर में अधंपूर में तो सुरक्षा बलू ने आपरेशन किया का नाम दिया था
05:18और दो आतंकवादियों को मार गिराया था जो एक गुफा में शरन लिया हुए थे
05:23और उन दो आतंकवादियों के साथ साथ चाहतरों में भी एक आतंकवादी जिसका नाम आदिल खान था और सहिफला का
05:32का काफी करीबी माना जाता था उसको भी मार गिराया था
05:35ये तीनो आतंकवादी चाहे आदिल खान हो चाहे चोधिरी उस्मान या उर्फ निकू हो या लुक्मान बशीर या उर्फ अबु
05:45माविया जिनको उधंपूर में ऑपरेशन किया के दोरा मार गिराया गया था ये भी उन 47 आतंकवादियों में से थे
05:53जिन्हों ने उस आतंकवा
06:05हत्यारों का प्रिशीक्षन साथ साथ किया था और कहीं न कहीं एक दूसरे के साथ जुड़े थे दो हजार अठारा
06:13के बाद कुछ दो हजार उनीस के बाद लेकिन एक कॉडिनेशन थी इन आतंकवादियों के बीच क्योंकि ये उसी शिवर
06:23आतंकवादी शिवर से ट्रेन होकर �
06:25आए थे जहां पर जैश ने इनको बारत के खिलाफ लड़ने के लिए आम्स ट्रेनिंग दे थी हत्यारों की ट्रेनिंग
06:32दे थी गुला बारूत की ट्रेनिंग दे थी आईडी की ट्रेनिंग दे थी और उस कारण चाहे एक महीने चाहे
06:39तीन महीने चाहे चाहे च्छे महीने य
06:43इनके एक अच्छी खासी केमिस्टरी बन गई थी चाहे आदिल खान हो चाहे सैफला हो या चाहे फर्मान हो जो
06:50जो सैफला के साथ जो आतंक वादी मारा गया च्छात्रों के इलागे में तो उसका नाम भी हमें सूत्रों के
07:02उनसार पता चला है जिसका नाम है चोधरी मुदबि
07:05हुसेन उर्फ फर्वान ये सैफ ला के साथ उस छात्रों के जंगल में मारा गया जहां पर सुरक्षा बल तकरीबन
07:14एक साल से इस जैश के उन साथ आतंक वादियों पाकिस्तान से आई हुए उन साथ आतंक वादियों को डूड
07:21रही थी जिनूंने कई बार सुरक्षा बलों पर
07:31बच्टे रहे थे या तो इन मैसे जो ये फरमान है फरमान ने भी हांगू में ही फरमान रावल कोट
07:40का रहने वाला है पाकिस्तान ऑक्किपाइड कश्मीर का और इसने भी हांगू कैम से हथ्यारों की ट्रेनिंग ली थी और
07:48सैफ अला के साथ काफी करीब था तीन बाईयों में
07:52से इसके परिवार के बारे में अगर बात करें तो तीन बाईयों में से सबसे बड़ा बाई था ये मुदब्बिर
07:58हुसाइन या फरमान और इसने जैश मुहमद दो हजार उनीस में जॉइन की थी और इसको जॉइन कराने वाला जैश
08:07का ही एक नामी ग्रामी कमांडर था मसू
08:10इल्यास कश्मीरी और अगर इस मुदब्बिर हुसाइन या फरमान के पिता जी के बारे में बात की जाए इसका पिता
08:20का नाम था चोदरी साबिर और ये एक हरकतल मुझाहिदीन का एक आतंकवादी रह चुका था और इसने हरकतल मुझाहिदीन
08:32के बिहापर अफगानिस्तान
08:34में भी सोवियत यूनियन से सोवियत यूनियन की फोर्से से लाड़ा था और काफी जंगे लड़ी थी वहाँ अफगानिस्तान की
08:43धरती पर और इसी का बेटा था ये फरमान जो सैफला के साथ चातरों के एंकाउंटर 22 वेबरवरी को चातरों
08:52के एंकाउंटर में मारा गया �
08:53तो कुल मिलाकर अगर देखा जाए सुरक्षा बलू ने जो साथ आतंक वादियों का एक लिस्ट बनाया था
09:01या साथ आतंक वादिये जो पाकिस्तान से आया थे जो सक्रिया थे
09:06इन साथ आतंक वादियों को सुरक्षा बलू ने जमू कश्मीर में मार गिराया
09:12दो को आपरेशन किया के अंडर चार फैबर वरी को अधंपूर जिले में मार गिराया था
09:19और उसी दिन आदिल खान को भी चात्रू अलाके में मार गिराया था सुरक्षा बलो ने
09:25उसके बाद बाइस फेबरवरी को चातरों में ही सहिफला और सहिफला के दो सहियोगी जिन में फरमान भी है उनको
09:35भी सुरक्षापलों ने मार गिराया
09:36कहीं ने कहीं आर्मी का आर्मी ने अपने एक डेडिकेशन दिक ऐचा है एक हार्ड वर्क और ॉर्ड उर्फर्टलेस सिंक्रोनाइज्ड
09:47ओपरेशन चलाया है आर्मी आर्मी के स्पेशल फोर्स जिर दो पैरा भी कहा जाता है
09:55दोपेरा के special commandos थे या पुलीस की special operation group थी निरंतर दो सालों एक साल से तकरीबन 326
10:05दिनों से ये इस जैश के आतंकियों का पीछा करती आ रही थी किष्टवार के जिलु में कुठवा के जिलु
10:11में उदंपूर के जिलु में कही न कही इनको ये सुनिश्चित करना था कि ये आत
10:26सुरक्षा वेवस्था में कोई प्राब्लम हो या कोई अमनामान में कोई प्राब्लम हो तो इसलिए जैसा कि वाइट नाइट कॉप
10:34से आर्मी के उन्होंने कल ही स्पश कर दिया था कि ये जो operation तराशी था या operation तराशी से
10:42पहली भी जो 326 दिनों से ये operation चलता आ रहा है इस �
10:46चिनाब एरिया के बेल्ट में जाहे किश्वार हो जाहे डोडा हो जाहे बदरवा डिस्टिक्स हो जो जितने भी चिनाब वैली
10:53के डिस्टिक्स है या जो मुशेतर के डिस्टिक्स हो जहां भी ये operation सुरक्षा बलों ने लौंच किया था आतंकवादियों
11:00के खिलाफ ये इसक
11:16रिलीज किया है जिसमें इन सातों आतंकवादियों के पिक्चर्ज हैं उन पे क्रॉस मारा गया है और ये इस पश्ट
11:22किया गिए कि इन सात के सातों को इलिमनेट किया गया है और किश्टवार शेतर में ही सुरक्षा बलों दौरा
11:29जहां पर कल सवेरी ही तकरीबन बाईस फे�
11:36के बीच में ये मुडबेट शुरू ही और दो से तीन बचते बचते सुरक्षा बलू ने इन तीनों आतंक वादियों
11:44को चाहे सैफ लाहो चाहे फरमान हो इनका खात्मया कर दिया इनको उसी हाइड आउट में मार गिराया जहां पर
11:53आर्मी के स्निफर डॉग टाइसन ने इन आ
12:06वजह से टाइसन जो ये दो पैरा का एक स्निफर डॉग है जिसने इन आतंक वादियों की पहचान कर दी
12:13और ये सुरक्षा बलू तक ये कन्फरमिशन देज दी कि नहीं या आतंक वादी इसी चाहत्रों में इसी हाइड आउट
12:21में चुपे हैं जिसके बाद ही सुरक्षा बल
12:36ऐक साल की आर्मी का पुलीस का और सियार पिए और अनी दिगर सिक्योरिटि एजन्सी का ये जिस लक्ष ता
12:46इन सातों आतंक वादियों को मारकर आर्मी ने अपनी जीत का ऐलान किया कि हम किसी बी हाल में आतंक
12:59उजमू कश्मीर में पनपने नहीं देंगे
13:03श्री निगर से One India के लिए मैं इजहार अली है
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