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khatu shyam lakhi mela 2026: राजस्‍थान के सीकर जिले में स्थित खाटू श्‍याम मंदिर में इस समय भक्‍तों की भारी भीड़ है. यहां फाल्‍गुन महीने में लगने वाला प्रसिद्ध लक्‍खी मेला चल रहा है और निशान यात्रा निकाली जा रही है. खाटू श्‍याम बाबा को चढ़ाए जाने वाले इस निशान का बड़ा महत्‍व है. जिसे हाथ में लेकर भक्‍त कई किलोमीटर तक पैदल चलते हैं चलिए बताते हैं कि निशान यात्रा क्या होती है, लक्‍खी मेला कब से कब तक चलेगी.

khatu shyam lakhi mela 2026: The Khatu Shyam Temple in the Sikar district of Rajasthan is currently witnessing a large crowd of devotees. The famous Lakkhi Mela, held in the month of Phalgun, is underway, and the Nishan Yatra is being organized. This Nishan, offered to Khatu Shyam Baba, holds great significance. Devotees walk for kilometers carrying it. Let's explain what the Nishan Yatra is and when the Lakkhi Mela will begin and end.

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Transcript
00:05राजस्तान के सीकर जिले में इस्थित खाटुशाम मंदिर में इस समय भक्तों की भारी भीड है
00:11यहां फालगुन महीने में लगने वाला प्रसिद लखी मेला चल रहा है और निशान यात्रा निकाली जा रही है
00:18खाटुशाम बाबा को चड़ाय जाने वाले इस निशान का बड़ा महत्व है जिसे हाथ में लेकर भक्त कई किलोमेटर तक
00:26पैदल जलते हैं
00:28यह निशान यात्रा राजस्तान के रिंगत से शुरू होकर बाबा खाटुशाम के धाम तक जाती है जिसकी दूरी करीब 17
00:35से 18 किलोमेटर है
00:36यह पैदल यात्रा होती है और फालगुन मास में लखी मेले के दौरान निकाली जाती है
00:42साल 2026 में लखी मेला 21 फरवरी से 28 फरवरी 2026 तक है
00:48चलिए बताते हैं आपको इस वीडियो में कि किस चीश का प्रतीक है वो निशान जिसे हाथ में लेकर खाटुशाम
00:54के भक्त कई किलोमेटर तक पैदल जलते हैं
00:56आखिर इसका क्या महत्व है और ये यात्रह क्यों की जाती है
01:00दर्सल्ट खाटुशाम बाबा को जो ये निशान चड़ाय जाता है
01:04ये जंडा होता है ये जंडा ये निशान बाबा खाटुशाम दोर दिये गए बलिदान का प्रतीक है
01:10जो नोने महाभारत के समय भगवान श्री कृष्ण को अपना शीष काट कर दान कर दिया था
01:15धन की जीत के लिए बाबा खाटू शाम ने ये बलीदान दिया था
01:20जिससे प्रसन होकर भगवान कृष्ण ने उन्हें कल्यूग में पूजा जाने वाला वर्दान दिया था
01:26अक्तूस बलीदान की याद में ही केसरिया, नारंगी और लाल रंका ध्वज लेकर पैदल यात्रा करते हैं
01:32इस ध्वज में भगवान कृष्ण और श्याम बाबा के चित्र और मंत्र अंकित होते हैं
01:37साथी नारियल और मोरपंग भी बने होते हैं
01:40मानता है कि बाबा खाटो शाम के दरबार से कोई खाली हाथ नहीं जाता
01:44इसलिए पूरे साल बाबा के दरबार में भगतों की लाइन लगी रहती है
01:49जो मनते मांगने के लिए खाटो शाम जी के सामने हाजरी लगाते हैं
01:53और फिर मनत पूरी होने पर दर्बार में निशान चढ़ाने आते हैं इन में से कई भक्त निशान लेकर पैदल
02:00यात्रा में चलते हैं
02:01माना जाता है कि खाटो शाम बाबा को निशान चढ़ाने की परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है
02:06पूरी पैदल यात्रा के दोरान भक्त इस निशान को हाथ में ही पकड़े रहते हैं निशान को नीचे नहीं रखा
02:14जाता नाहीं इस यात्रा में शामिल होने वाले भक्त जूते चपल पहनते हैं ये यात्रा नंगे पाउं की चाती है
02:21अब लोग कपड़े के ध्वज के अलाव
02:34सब्सक्राइब लोग करदो में रखाएब में हुटी
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