00:03दूस्तो कल से होलाश्टक लगने जा रहा है।
00:30विवा ग्रह प्रवेश्ट ऐसे मांगले कार्य करने से परहेस किया जाता है क्योंकि इसे उग्री या आशुभ समय माना गया
00:36है इसी कारण जब किसी बच्ची का जन्म होलाश्टक के दौरान होता है तो परिवार के कुछ लोग चिंतित हो
00:42जाते हैं उन्हें लगता है कि कहीं �
00:44ये समय बच्चे के स्वभाव या भाग्य पर नकरात्मक प्रभाव तो नहीं डालेगा लेकिन शास्त्रों और जोतिश की गहराई से
00:51बात करें तो किवल होलाश्टक में जन्म लेना अपने आप में शुभिया अशुभ नहीं होता किसी भी व्यक्ति का स्वभाव
00:58जीवन के द
01:12जाती है इसलिए इस दौरान किये गए नए कार्यों में बाधाएं आ सकती है लेकिन जन्म तो इश्वर की इच्छा
01:18और प्रकृति की प्रक्रिया है इसे शुभ अशुभ की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता कई जोतिश चारे मानते हैं
01:25कि हुलाश्टक में जन्में बच्�
01:39काम ना करना जल्दी सीख जाते हैं महीं कुछ पारंपरिक मानेताओं में ये भी कहा जाता है कि यदि हुलाश्टक
01:45में जन्म हो तो शांती पाठ या विशेश पूजा कराई जाती है ताकि परिवार की मान सिक्षंका दूर हो सके
01:51ये उपाय अधिक्तरमन की संतुष्टी और
01:53सकरादमक उर्जा के लिए किये जाते हैं ऐसे वास्ताव में बच्चे का स्वभाव उसके पालन पोशन, शिक्षा, परिवार के संस्कार
02:00और वातावरंट से अधिक प्रभावित होता है वहीं इतिहास और वर्तमान समय में ऐसे अनेक लोग हैं जिनका जन्म विभेनित
02:08थिय
02:08और विशेश कालखंडों में हुआ लेकिन उन्होंने अपने महनत और प्रतिफास से बड़ी उपलब्धियां हासिल की अंतमी यही कहा जा
02:15सकता है कि होलाश्टक को लेकर जो धारणा है बेमुखे रूप से मांगले कार्यों से जुड़ी है ना कि जन्म
02:20जैसे पवित्र और �
02:23इसलिए यदे किसे बच्चे का जन्म हुलाश्टक में हुआ है तो घबराने के आविशकता नहीं है उसे प्यार, अच्छे संसकार
02:29और सकरात्म का वाता वरन दें वही उसके उजवल भविश्य की सबसे बड़ी खूजी है फिलहार आज के लिए इस
02:35वीडियो में इतना ही औ
02:38आप जुड़े रहे हमारे साथ तब तके लिए नमस्कार
Comments