00:00कृष्णाये वाशुदेवाये हरे परमात्मने प्रणताक्लेशना शाय गोविन दायनमोनमा
00:05प्यारे मिćरो जैशीयराम जैमाता दिमि接下來 आज आप से चरचा करते हैं
00:09होली का दहिन का पावन परब और उससे पूर्भ प्रारम्ब होते हैं होलास्टक
00:16तो कब से होलाष्टक प्रारंब हो रहे हैं और कब तक ये होलाष्टक रहेंगे आज इस विषय पे हम आप
00:24से चर्चा करते हैं
00:26होलिका दहिन के दिन होलाष्टक समाप तो हो जाते हैं और होलिका दहिन के आठ दिन पहले होलाष्टक प्रारंब होते
00:37हैं
00:37तो आपको हम बताएं कि हमारे हिंदू धर्म में होलाश्टक बहुत ही अच्छा समय नहीं माना जाता है इन समयों
00:48में हम बहुत से कार्यों को नहीं करते हैं इस दोरान मंगलिक कार्य पूरी तरह से बंद हो जाते हैं
00:57मंगलिक कार्य इस समय शंपन नहीं किये जाते हैं
01:02तो इस साल होलाश्टक की सुरुवात कप से हो रही है किस तिथी से किस तारिक से मांगलिक कार्यों को
01:11करने में रोक लगेगी इसी विशय पे आप से चर्चा करें तो हम आपको बताएं कि 2026 में होलाश्टक जो
01:22हैं फालगुन मास के शुकलपक्ष की अश्टमी तिथी को होला�
01:29तक आरंब हो रहे हैं और इस साल होलाश्टक जो प्रारंब हो रहे हैं अंग्रेजी तारिक आपको बताएं तो 24
01:37फरवरी से प्रारंब हो करके और 3 मार्च तक
01:42खोली का दहन जो ग्रहन का परब आ रहा है उस दिन तक पूरिमा के दिन तक होलाश्टक रहेंगे तीन
01:54मार्च तक
01:55तो हर साल होली के आठ दिन पहले होलाश्टक प्रारंब होते हैं और पूरे आठ दिनों तक कोई भी मांगलिक
02:04उश्व शंपन नहीं किये जाते हैं जैसे ग्रै प्रवेश हो गया, मुंदन शंशकार हो गया, ब्याह इत्यादी के कार्य हो
02:14गये, गोद भराई, बरिक्षा इत्य
02:17हो गया, ऐसे कार्योंको इन होलाश्टक के समयमे संपन नहीं किया जाता, तो हमने आपको बताया है, कि होलाश्टक कब
02:29प्रारंब हो रहे हैं और कब इनका बिसर्जन किया जाया, अरथाथ कब इन होलाश्टकों की समापती होगी,
02:37होलाश्टक का एक सीधा सा भाव हम आपको बताएं कि ऐसी माननेता भी बताए गई है कि होलाश्टक के आठ
02:45दिनों तक हिरना कश्यपू ने अपने बेटे भक्त प्रहलाद को भक्ती त्यागने से प्रतारित किया था
02:56लेकिन भक्त प्रहलाद निरंतर भगवान के बिश्टनू के भजन में आराधन में लीन थे अंत में प्रहलाद के प्राणों की
03:08रख्षा करने के लिए भगवान नर्शिंग ने सोयम ही और तारधारन किया और हिरना कश्यपू का संगार किया था
03:18तो होलाष्टक का पावन पर्व जो कि मैंने आपको बताया है कि चौविस फरवरी से प्रारंब हो करके और तीन
03:28मार्च तक होलाष्टक रहेंगे दो मार्च को होली का जो होली का दहिन है यह पावन पर्व मनाया जाएगा
03:37क्योंकि तीन मार्च को ग्रहन की स्थितियां शामने दिखाई दे रही है
03:43तो हम आप से पुना मिलेंगे तब तक के लिए दीजे इजाज़त
03:47जै माता दी जै मागंगे
Comments