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बेबाक भाषा के ख़ास प्रोग्राम Decoding RSS में प्रसिद्ध लेखक और मानवाधिकार कार्यकर्ता राम पुनियानी ने RSS के शताब्दी वर्ष के तहत मुंबई में हुए कार्यक्रम में RSS प्रमुख मोहन भागवत के भाषण और बयानों की समीक्षा की और इसे आरएसएस का विभाजनकारी एजेंडा बताया।
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00:04दोस्तो बेबाग भाशा पर आपका स्वागत है
00:11Decoding RSS की इस गड़ी में आज हम बात करेंगे मोहन भागवक के जो 100 RSS के 100 साल पूरे
00:20होने पर जो जगा जगा भाशन दे रहे हैं
00:23उस से शायद Antim Wahshand बंबई में था यहां उने दो दिन भाशन दिया मेरे खलत से साथ और आठवरी
00:32को
00:32और इन भाशनों में उन्होंने पहले दिन तो भाशन दिया दूसे दिन उनका session हुआ जो लोगों के सवालों का
00:41जवाब देने पहले दिन उनने को बात दो रहा है
00:45कि हिंदु मुस्लिम एकता का कोई अर्थ नहीं है
00:49क्योंकि हिंदु मुस्लिम यहां साथ साथ रहे हैं
00:52अब ये कितनी डखोसली बाजी है
00:54ये डखोसली बाजी इसलिए है
00:56कि एक तरफ वो कहते हैं कि हिंदु मुस्लिम साथ साथ रहे हैं
01:00और दूसी तरफ उनकी भषाओं, उनकी शाक्वाओं में जो प्रोपगेंड़ा किया जाता है, बच्चों को शिखाया जाता है वो ये
01:09है कि मुसलमान आकरांता है
01:11और इन आक्रानताओं ने हिंदु धर्म पर आक्मन किया, हिंदु धर्म का अपमान किया, हिंदुों के मंदिर तोड़े, जबरदस्ती इसलाम
01:19पर यहां लादा वगरे वगरे, यह सब चीज़ें उन्हें इस पकार से कही जो पूरी तोर से विश्वस्निय नहीं है,
01:29दूसरी औ
01:29से उन्होंने फिर से दोराया कि हिंदु पैचान जो है, यह सभी भारतियों की है, यह बात उन्होंने मानी कि
01:36हिंदु शब्द यह परसी, परशियन सब दूसरे लोगों दोरा दिया गया था, और इस भागौलिक अर्थ को वो दूसरे धर्म
01:44पर भी लादना चाहते हैं, भा�
01:59दूओं के लिए हैं, और उसको मुसलमानों पर, और क्रिश्टिन्स को नहिलादा जा सकता है, इनके जो किताबे हैं, इनके
02:07जो बड़े नेटा हैं, इनके किताबों में बार बार यह ज्ज़र आता है, कि मुसलमान विदेशी ہیں, उन्होंने भारत पर
02:15हकमान किया, क्रिश्टि
02:22बाजी के बाद फिर उन्होंने ये बात रखने की कोशिश की, बहुत सारे
02:26बुद्दो का सवाल का जवाब वो दे रहे थे, पर सबसे बड़ी बात ये है,
02:30कि जो उनकी हिंदू की परिभाशा है, वो एक धर्म की परिभाशा लहोकर,
02:35जो पुरानी भोगोलिक परिभाशा थी, शित्र की, उसी परिभाशा पर ये आना चाहते हैं,
02:43और जो उनका कहना है कि हम सब हिंदू हैं, ये गलत है, आज के संदर में ये बात बिल्कुल
02:51उचित नहीं है,
02:52क्योंकि हिंदू अभी निश्चित रूप से एक धर्म है, जिसके अंदर काफी परमपराएं हैं, पर रहमानवाद इसका सबसे असरदार, सबसे
03:02डॉमिनन्ट भाग है, इसमें कोई शक नहीं है,
03:15उन्होंने कहा था, मैं तो संग के रास्ते पर चलूँगा, और अभी वो मुझे कह रहे हैं कि तुम अपना
03:21काम करने दो, पर हाँ हो सकता है भाविश में, एक गैर ब्रहमन, शूद्र, बनिया, वैश्य, कोई भी RSS का
03:29सरसंग चलग बन सकता है, अब ये बात में तो बढ़ा
03:44RSS का सरसंग चलग नहीं बना, फिर जो आज प्रचलित धारणाय हैं, उसके मुसार सबसे पहले तो उन्होंने घुस पैठिये
03:51पर बात की, क्योंकि ये सरकार पहले NRC और फिर अभी SIR के माध्यम से बहुत लोगों को नागरिक्ता के
04:01दाहरे से बाहर निकाल गई है, तो उन्
04:13देखिये ये कितना एक मज़िदार कोइंसिडेंस है कि मोदी जी इनको कपड़ों से पहचानते हैं और ये सरसंग चालक महदय
04:21उनको उनकी भाषा से पहचानते हैं, अब आप मुझे बताईए, बंगाली वो बंगलादेश की हो या हमारे विस बंगाल की
04:29हो, उसमें कोई ज्
04:33तीन वील पर वगलती हैं और मोटे तोर से ये बंगाली वही है जो बंगाल में भी चलती है, विस
04:40बंगाल में भी चलती है, उसके आधार पर ये महदय कैसे गुस पैठी को पहचानेंगे, ये एक काफी चिंता का
04:48विशह है, दूसरा उन्होंने कहा कि अभी जो SIR हो रहा है,
04:52गुस पैठी को पहचाने के लिए वो अच्छा है, क्योंकि ये गुस पैठी के कारण और मुसल्मानों की परजेने के
04:59बारे मुसम्में इस बार बात नहीं की, उन्होंने का है गुस पैठी के कारण हिंदूओं का प्रतिशत यहां गिरते जा
05:06रहा है, अब ये बात तो आज �
05:08तक जितने बाते हुई NRC इन्होंने किया आसाम में ज्यादा विदेशी उसमें नहीं निकले, अभी इन्होंने बिहार में किया SIR,
05:18तो उसमें भी बहुत ज्यादा घुसपैठिये उनके पकड़ में नहीं आए, अब इनके सरकार 12 साल से है, घुसपैठिये को
05:25जो उनके पास प
05:37करूरता का काम है, जो कई शासक इसरकार की करूरता के आधार पे अपने ही नागरिकों को परिशान करते हैं,
05:45हमारे नागरिक जो मुसल्मान हैं, गरीब हैं, बंगाली भाशा बोलते हैं, उनका विस बंगाल, आसाम उसमें आना जाना काफी लगा
05:54रहता है, और ये भी आपक
06:07कि आप आसाम में आके रहो तो आपको सुविधाय दी जाएंगी तो खेर वो एरिया है वो क्षित्र है जिसमें
06:15मुसलमान बंगाली बोलने वाले असमीज बोलने वाले बहुत बड़ी संख्या में हैं उनके खाना पीना मेज जोल काफी बिलका जुलता
06:24है उनकी भाषा के अधा
06:36कि नाम से उन्होंने बार-बार चुनाओ जीते हैं फिन उन्होंने लोगों को सला भी दी कि उन्होंने तीन बच्चे
06:44पैदा करना चाहिए कई भी जो सला की शुरुआत खुद के घर से ही होती है तो शुरुआत तो उन्होंने
06:50अपने घर से ही करना चाहिए अब ये तीन ब�
07:04प्रजिन अंदर गिरते जा रहा है और यह प्रजिन अंदर अभी राष्ट्री स्थार्पर 2.1 है जो आवरेज 2.2
07:13जो चाहिए उससे कम है और फिर भी इसमें मुसल्मानों का जो प्रजिन अंदर है उसे थोड़ा जादा है और
07:23जैसे ट्रेंड है वो बताता है बताते हैं कि म�
07:27प्रेजिडंदर लगातार घटते जा रहा है और उसके घटाओ का जो रेट है वो काफी हाए है तो इसमें हमारे
07:37पूर इलेक्शन कमिशनर चीफ इलेक्शन कमिशनर डॉक्टर एस वाई कुरेशी अपने किताब में बताते हैं कि मुसल्मानों की पॉपुलिश जनसंख्या
07:46भी
07:57फिर वो क्रिस्टन्स पर भी उन्होंने निश्यानसाधा कि जोते हैं तो हमने घरवाफसी अब घर kingdom करते हैं तो हमने
08:06घरवुापसी, अगल्रवापसी किया है यजिए आदिवाशियों के बीश में बीशियों के बीश के बीश जाकर उनको कुछ संसकार प्दती के
08:16माद्यम स
08:16हिंदू डिकलेयर कर देना आपको आगरा की घटना याद होगी जहां उन्होंने सडक पर रहने वाले कुछ
08:23मुसलमानों को जाकर कहा कि आप रविवार को आईए इतवार को आईए तो आपके जो आपको रहिशन कार्ड मिलेगा बीपियल
08:32कार्ड मिलेगा इसके आदार पे बुलाया वहां जाके उन्होंने यग्य वगरे किया और लोगों को हिंदू बनने का काम किया
08:41तो इनकी घरवाप
08:53से की प्रक्रिया को तेज करना चाहिए अब यह सब जो चीजें उन्होंने कही यही आरएसस के नीती निर्देश में
09:00बाद में जाकर बदलती हैं और यही वो चीजें हैं जिन से समाज में एक प्रकार की नफरत पहलती है
09:06बरे वो कहें कि हिंदू-मस्लिम यह एकता की बात कर
09:22और फिर आगे की आने की बारे में जो उन्होंने बहुत सारी चीजें कही यह लोगों को डिटेक्ट करना और
09:29उनको बाहर भेजना यह एक बहुत खतरनाक बात उन्होंने कही क्योंकि जो बिली-जुली पॉपुलेशन है उसमें जिसके पास नागरिक्ता
09:39का प्रमान नहीं है
09:40उसको जरूर आप यह कर सकते हैं पर कि अलभाशा के आधार पे उनको आइसलेट करना यह एक काफी खतरनाक
09:48चीज़ है तो मुख्य रूप से यह कहा जा सकता है कि मौन भागवत और से और चालाक तरीके से
09:55उसी RSS के एजंडा की बार बार बात कर रहे हैं जिस RSS के एजंडा
10:10कि जो अच्छे दिन आए हैं वो BJP की वज़ा से नहीं है, वो RSS की वज़ा से हैं तो
10:15भागवत जी यह बात पर हम समझानते हैं कि RSS तो पित्र संगठन है, BJP उसका एक बच्चा मात्र है
10:23तो RSS हमेशा कोशिश करता है कि BJP जीतता रहे तो आपस में बाप बेटे में किसको �
10:30ज्यादा क्रेडिट चाहिए, वो फैसला आप कर लीजिए, उसे आम जनता को उससे कोई लेना देना नहीं है, क्योंकि अच्छे
10:38दिन जहां तक आप कह रहे हैं, कोई अच्छे दिन नहीं आये हैं, समाज में धर्म के आदार पर ग्रणा
10:44बढ़ रही है, समाज में गरीबी ब
11:00पर अच्छे दिन कहां हैं, अच्छे दिन तो देखने को भी नहीं मिल रहे हैं, तो आपका जो दावा है
11:06कि अच्छे दिन आ गए हैं, RSS के करण तो पूरा-पूरा खोखला है, इसमें किसी प्रकार की सच्चा ही
11:12नहीं है, आपको बहुत धन्यवाद, अगर आपको ये वी�
11:18पूर्ट जिए और हमारे चैनल को जरूर सब्सक्राइब कीजिए, थैंक यू वेरी मैच.
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