00:04दोस्तो बेबाग भाशा पर आपका स्वागत है
00:11Decoding RSS की इस गड़ी में आज हम बात करेंगे मोहन भागवक के जो 100 RSS के 100 साल पूरे
00:20होने पर जो जगा जगा भाशन दे रहे हैं
00:23उस से शायद Antim Wahshand बंबई में था यहां उने दो दिन भाशन दिया मेरे खलत से साथ और आठवरी
00:32को
00:32और इन भाशनों में उन्होंने पहले दिन तो भाशन दिया दूसे दिन उनका session हुआ जो लोगों के सवालों का
00:41जवाब देने पहले दिन उनने को बात दो रहा है
00:45कि हिंदु मुस्लिम एकता का कोई अर्थ नहीं है
00:49क्योंकि हिंदु मुस्लिम यहां साथ साथ रहे हैं
00:52अब ये कितनी डखोसली बाजी है
00:54ये डखोसली बाजी इसलिए है
00:56कि एक तरफ वो कहते हैं कि हिंदु मुस्लिम साथ साथ रहे हैं
01:00और दूसी तरफ उनकी भषाओं, उनकी शाक्वाओं में जो प्रोपगेंड़ा किया जाता है, बच्चों को शिखाया जाता है वो ये
01:09है कि मुसलमान आकरांता है
01:11और इन आक्रानताओं ने हिंदु धर्म पर आक्मन किया, हिंदु धर्म का अपमान किया, हिंदुों के मंदिर तोड़े, जबरदस्ती इसलाम
01:19पर यहां लादा वगरे वगरे, यह सब चीज़ें उन्हें इस पकार से कही जो पूरी तोर से विश्वस्निय नहीं है,
01:29दूसरी औ
01:29से उन्होंने फिर से दोराया कि हिंदु पैचान जो है, यह सभी भारतियों की है, यह बात उन्होंने मानी कि
01:36हिंदु शब्द यह परसी, परशियन सब दूसरे लोगों दोरा दिया गया था, और इस भागौलिक अर्थ को वो दूसरे धर्म
01:44पर भी लादना चाहते हैं, भा�
01:59दूओं के लिए हैं, और उसको मुसलमानों पर, और क्रिश्टिन्स को नहिलादा जा सकता है, इनके जो किताबे हैं, इनके
02:07जो बड़े नेटा हैं, इनके किताबों में बार बार यह ज्ज़र आता है, कि मुसलमान विदेशी ہیں, उन्होंने भारत पर
02:15हकमान किया, क्रिश्टि
02:22बाजी के बाद फिर उन्होंने ये बात रखने की कोशिश की, बहुत सारे
02:26बुद्दो का सवाल का जवाब वो दे रहे थे, पर सबसे बड़ी बात ये है,
02:30कि जो उनकी हिंदू की परिभाशा है, वो एक धर्म की परिभाशा लहोकर,
02:35जो पुरानी भोगोलिक परिभाशा थी, शित्र की, उसी परिभाशा पर ये आना चाहते हैं,
02:43और जो उनका कहना है कि हम सब हिंदू हैं, ये गलत है, आज के संदर में ये बात बिल्कुल
02:51उचित नहीं है,
02:52क्योंकि हिंदू अभी निश्चित रूप से एक धर्म है, जिसके अंदर काफी परमपराएं हैं, पर रहमानवाद इसका सबसे असरदार, सबसे
03:02डॉमिनन्ट भाग है, इसमें कोई शक नहीं है,
03:15उन्होंने कहा था, मैं तो संग के रास्ते पर चलूँगा, और अभी वो मुझे कह रहे हैं कि तुम अपना
03:21काम करने दो, पर हाँ हो सकता है भाविश में, एक गैर ब्रहमन, शूद्र, बनिया, वैश्य, कोई भी RSS का
03:29सरसंग चलग बन सकता है, अब ये बात में तो बढ़ा
03:44RSS का सरसंग चलग नहीं बना, फिर जो आज प्रचलित धारणाय हैं, उसके मुसार सबसे पहले तो उन्होंने घुस पैठिये
03:51पर बात की, क्योंकि ये सरकार पहले NRC और फिर अभी SIR के माध्यम से बहुत लोगों को नागरिक्ता के
04:01दाहरे से बाहर निकाल गई है, तो उन्
04:13देखिये ये कितना एक मज़िदार कोइंसिडेंस है कि मोदी जी इनको कपड़ों से पहचानते हैं और ये सरसंग चालक महदय
04:21उनको उनकी भाषा से पहचानते हैं, अब आप मुझे बताईए, बंगाली वो बंगलादेश की हो या हमारे विस बंगाल की
04:29हो, उसमें कोई ज्
04:33तीन वील पर वगलती हैं और मोटे तोर से ये बंगाली वही है जो बंगाल में भी चलती है, विस
04:40बंगाल में भी चलती है, उसके आधार पर ये महदय कैसे गुस पैठी को पहचानेंगे, ये एक काफी चिंता का
04:48विशह है, दूसरा उन्होंने कहा कि अभी जो SIR हो रहा है,
04:52गुस पैठी को पहचाने के लिए वो अच्छा है, क्योंकि ये गुस पैठी के कारण और मुसल्मानों की परजेने के
04:59बारे मुसम्में इस बार बात नहीं की, उन्होंने का है गुस पैठी के कारण हिंदूओं का प्रतिशत यहां गिरते जा
05:06रहा है, अब ये बात तो आज �
05:08तक जितने बाते हुई NRC इन्होंने किया आसाम में ज्यादा विदेशी उसमें नहीं निकले, अभी इन्होंने बिहार में किया SIR,
05:18तो उसमें भी बहुत ज्यादा घुसपैठिये उनके पकड़ में नहीं आए, अब इनके सरकार 12 साल से है, घुसपैठिये को
05:25जो उनके पास प
05:37करूरता का काम है, जो कई शासक इसरकार की करूरता के आधार पे अपने ही नागरिकों को परिशान करते हैं,
05:45हमारे नागरिक जो मुसल्मान हैं, गरीब हैं, बंगाली भाशा बोलते हैं, उनका विस बंगाल, आसाम उसमें आना जाना काफी लगा
05:54रहता है, और ये भी आपक
06:07कि आप आसाम में आके रहो तो आपको सुविधाय दी जाएंगी तो खेर वो एरिया है वो क्षित्र है जिसमें
06:15मुसलमान बंगाली बोलने वाले असमीज बोलने वाले बहुत बड़ी संख्या में हैं उनके खाना पीना मेज जोल काफी बिलका जुलता
06:24है उनकी भाषा के अधा
06:36कि नाम से उन्होंने बार-बार चुनाओ जीते हैं फिन उन्होंने लोगों को सला भी दी कि उन्होंने तीन बच्चे
06:44पैदा करना चाहिए कई भी जो सला की शुरुआत खुद के घर से ही होती है तो शुरुआत तो उन्होंने
06:50अपने घर से ही करना चाहिए अब ये तीन ब�
07:04प्रजिन अंदर गिरते जा रहा है और यह प्रजिन अंदर अभी राष्ट्री स्थार्पर 2.1 है जो आवरेज 2.2
07:13जो चाहिए उससे कम है और फिर भी इसमें मुसल्मानों का जो प्रजिन अंदर है उसे थोड़ा जादा है और
07:23जैसे ट्रेंड है वो बताता है बताते हैं कि म�
07:27प्रेजिडंदर लगातार घटते जा रहा है और उसके घटाओ का जो रेट है वो काफी हाए है तो इसमें हमारे
07:37पूर इलेक्शन कमिशनर चीफ इलेक्शन कमिशनर डॉक्टर एस वाई कुरेशी अपने किताब में बताते हैं कि मुसल्मानों की पॉपुलिश जनसंख्या
07:46भी
07:57फिर वो क्रिस्टन्स पर भी उन्होंने निश्यानसाधा कि जोते हैं तो हमने घरवाफसी अब घर kingdom करते हैं तो हमने
08:06घरवुापसी, अगल्रवापसी किया है यजिए आदिवाशियों के बीश में बीशियों के बीश के बीश जाकर उनको कुछ संसकार प्दती के
08:16माद्यम स
08:16हिंदू डिकलेयर कर देना आपको आगरा की घटना याद होगी जहां उन्होंने सडक पर रहने वाले कुछ
08:23मुसलमानों को जाकर कहा कि आप रविवार को आईए इतवार को आईए तो आपके जो आपको रहिशन कार्ड मिलेगा बीपियल
08:32कार्ड मिलेगा इसके आदार पे बुलाया वहां जाके उन्होंने यग्य वगरे किया और लोगों को हिंदू बनने का काम किया
08:41तो इनकी घरवाप
08:53से की प्रक्रिया को तेज करना चाहिए अब यह सब जो चीजें उन्होंने कही यही आरएसस के नीती निर्देश में
09:00बाद में जाकर बदलती हैं और यही वो चीजें हैं जिन से समाज में एक प्रकार की नफरत पहलती है
09:06बरे वो कहें कि हिंदू-मस्लिम यह एकता की बात कर
09:22और फिर आगे की आने की बारे में जो उन्होंने बहुत सारी चीजें कही यह लोगों को डिटेक्ट करना और
09:29उनको बाहर भेजना यह एक बहुत खतरनाक बात उन्होंने कही क्योंकि जो बिली-जुली पॉपुलेशन है उसमें जिसके पास नागरिक्ता
09:39का प्रमान नहीं है
09:40उसको जरूर आप यह कर सकते हैं पर कि अलभाशा के आधार पे उनको आइसलेट करना यह एक काफी खतरनाक
09:48चीज़ है तो मुख्य रूप से यह कहा जा सकता है कि मौन भागवत और से और चालाक तरीके से
09:55उसी RSS के एजंडा की बार बार बात कर रहे हैं जिस RSS के एजंडा
10:10कि जो अच्छे दिन आए हैं वो BJP की वज़ा से नहीं है, वो RSS की वज़ा से हैं तो
10:15भागवत जी यह बात पर हम समझानते हैं कि RSS तो पित्र संगठन है, BJP उसका एक बच्चा मात्र है
10:23तो RSS हमेशा कोशिश करता है कि BJP जीतता रहे तो आपस में बाप बेटे में किसको �
10:30ज्यादा क्रेडिट चाहिए, वो फैसला आप कर लीजिए, उसे आम जनता को उससे कोई लेना देना नहीं है, क्योंकि अच्छे
10:38दिन जहां तक आप कह रहे हैं, कोई अच्छे दिन नहीं आये हैं, समाज में धर्म के आदार पर ग्रणा
10:44बढ़ रही है, समाज में गरीबी ब
11:00पर अच्छे दिन कहां हैं, अच्छे दिन तो देखने को भी नहीं मिल रहे हैं, तो आपका जो दावा है
11:06कि अच्छे दिन आ गए हैं, RSS के करण तो पूरा-पूरा खोखला है, इसमें किसी प्रकार की सच्चा ही
11:12नहीं है, आपको बहुत धन्यवाद, अगर आपको ये वी�
11:18पूर्ट जिए और हमारे चैनल को जरूर सब्सक्राइब कीजिए, थैंक यू वेरी मैच.
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