00:02ये 45-55 लोगों की भीड है जिसके बीच में हम लोग घिरा जाते हैं मेरा स्वेटर पकड़ लेते हैं
00:09मेरे दोनों स्वेटर दो स्वेटर पहने हैं दोनों उतर जाते हैं और 17-18 लड़कों की एक तो पूरी पूरुशों
00:15की भीड है उन सब ने मेरा हाथ पकड़ लिया है लगा
00:50पूरिस नगर थाने में क्या हुआ उनसे ही सुनिए इस पूरे घटना करम का पूरा सच
00:59यूटूबर हैं उनके साथ जो कुछ हुआ और फिर मौरिस नगर थाने में जो कुछ हुआ आप उसकी एक तरसे
01:05गवा है विक्टिम भी है तो आप उस दिन की सच्चाई क्या है तो साथी उस दिन देश भर में
01:14वंचित अधिकार दिवस मनाया जा रहा था तेरा तारीक को और ह
01:29सिर्फान हवीब पर पानी फेका जाता है बौखलाहाट इन लोगों की उस दिन से शुरू होती है अगले दिन डेलिबरेट
01:35एटेंप्स होते हैं चार से पाच बार तीन चार लड़के जो बाद में इसी महिला के साथ दिखते हैं वो
01:40बार बार आते हैं प्रोटेस्ट में कभ
01:56करते हैं वास्ता नहीं रखते हैं तो साइड हो जाईए साइड हो जाईए और तब शांती हो गई उसके बाद
02:02मैं देखती हूं कि नवीन बामसेफ न्यूस के जो पत्रकार है दलित वेक्ती हैं उनको इस तरह से उनके हाथ
02:21का उनका फोन अपने हाथ में पकड़ा हुआ है द
02:24जोनों तरह से उनको इतने जोर से कसके पकड़ा हुआ है उस्माहिला ने शीस ट्राइंग टू स्ट्रैंगल हिम और वहां
02:29पर लगातार अपने मूँ से जाति सूशक शब्दों का इस्तेमाल कर रही है कि तुम हम मेट करवादियों को बता
02:35दूंगी तुमें बहुत दिक्कत
02:36ब्राम्मनों से छेड क्यों रहा है मतलब शीस दूइंग सम्थिंग जो उन पर असॉल्ट है और बोल उल्टी चीज रही
02:42है उनके साथ कि जो तीन चार गुंडे हैं वो हवा में हाथ चोड़ रहे हैं कभी महिलाओ को इनाप्रोप्रोप्रेटली
03:02टाच हो रहा है थपड लग
03:03बत्तमीजी कर रहे हैं लगाता चाती सुचक शब्दों का प्रियोग कर रहे हैं और उसके बाद यही होता है कि
03:08मैं अंदर घुस्ती हूं उस भीड में कि नवीन का फोन इनसे लेना है फोन लेने की कोशिश कश्मकश चलती
03:14है उसी के बीच में वो मेरा मुह पकड़के मुझ
03:19सेकंड्स मिनट्स तक आइव लॉस्त माइ ऐसे मैं अनकॉंशिस हूं क्योंकि सरके भार की और चोट आई उसके बाद मैं
03:27जब उठती हूं तो मैं देखती हूं कि यह लोग भागनी के कोशिश करते हैं भागना शुरू करते हैं और
03:32यह सब होता है हमारी उनिवरसिटी के गा
03:48वहरी वेक्ती आएगा जोहां पे अपनी नफ्रती प्रोपगांडा की राजनिती कर रहा है वो सामने मार के चला जाएगा और
03:54पुलिस मुखदर्शक बनके खड़ी है तो बेसिक कॉमन सेंसिकल पुलिस बाद में भी रवाई हमने देखा मौरिस नगर थाने पहुंची
04:00वहा
04:19अपने चार साथियों के साथ और वहां पे जो मैं पहुंची हूं तो मैं देखती हूं देर इस लिटरली एक्रेजी
04:24मॉब वेटिंग दैर और यह सब वहां पे हम पहुंचते हैं हमें जैसे ही सेंस होता है कि यह तो
04:30अलग तरह की भीड है और होता है कि आपको एक सेंस आया �
04:34आप पीछे कदम बढ़ाना शुरू करते हैं इतने में तो उन लोगों ने चिलाना शुरू कर दिया यह यही है
04:39यह अंजली ना में इसका पकड़ो यह इसा वाले है इनको पकड़ो इनको मारो और उसके बाद सर हम में
04:44से तीन यह 45-55 लोगों की भीड है जिसके बीच में हम �
04:48घिरा जाते हैं मेरा स्वेटर पकड़ लेते हैं मेरे दोनों स्वेटर दो स्वेटर पहने हैं दोनों उतर जाते हैं और
04:5517-18 लड़कों की एक तो पूरी पूरुशों की भीड है उन सब ने मेरा हाथ पकड़ लिया है लगातार
05:01मा बहन की गालिया चल रही है वहां पे विवि
05:17किया है, they are continuously banging on it, they are continuously making rape threats
05:22in the presence of police, है ना, मा बहन की गालिया दी जाती है,
05:25पुलिस के होने के बावजू इतनी हिम्मत है, कि तीन लोग अंदर घुशते हैं,
05:30मेरे मुझ के सामने लाइफ टेलिखास्त करते हैं, बड़ा नेता बनने का शॉक था,
05:33कपड़े उतारो इसके, and this is all happening and no action is taken,
05:37इसके बाद, पचास से साथ होते हैं, साट से सो होते हैं, दोसो होते हैं,
05:41तीन सो होते हैं, पुलिस टेशन के बाहर, देश के गदारों को,
05:44गोली मारों सालों को के नारे लगते हैं,
05:53ब्राह्मनवाद जिन्दाबाद के नारे लगते हैं,
06:02इस सब होता है, क्या पुलिस हम लोग पीसफ़र प्रोटेस्ट करते हैं,
06:07तो डिटेंशन वैन तयार हो जाती है, लाठियां तयार हो जाती हैं,
06:11इतनी 6 घंटे तक ये वारदार चलती है, क्या पुलिस इनको डिटेंट नहीं कर सकती थी,
06:16इन पर तुरंत F.I.R. होना चाहिए था, महिला की मॉडेस्टी, महिला की सेफटी और हमारे लाइफ पे थ्रेट
06:21थे ये लोग।
06:21तो पस आखरी में एक सवाल कि ये जो ब्राहमन और ब्राहमनवाद का विवाद बनाया जा रहा है, क्योंकि आजकल
06:26अब ये बताना बड़ा जरूरी होग है दोस्तों,
06:29तमाम लोग जो अँजली है, वो भी एक प्रिव्लेजश उससे आती है, काश से आती है, ब्राहमन ही है, ये
06:35जो पता जाल, आप उसे कैसे का अंतर होने संजहे हैंगी कि बहुत लोग की गुमराह होते हैं, जब से
06:43UGC के दर्ज पे लड़ाई शुरू हुई है, तब से एक �
06:47तरफा देश में विभाजन करने का काम जो गोदी मीडिया करती है उसने तो यह प्रॉपगयांड़ा फिला रखा है कि
06:53ठाकुरों के खिलाफ ब्राम्मनों को खिलाफ गुवियारों की खिलाफ जो भी अपरकास जाती है उनके खिलाफ आज देश में लिफटेस्ट
06:58और अमबे�
07:12होना है यह इस तरह कि जहां पे हेजीमनी बरकरार करके एक समय में आपने ही तैकिया कि वेद पढ़ेंगे
07:19भी आप पढ़ाएंगे भी आप वेद को सुन ले मार्जिनलाइस कास तो कान में शीशा पिखला कर डालेंगे महिलाओं की
07:25पोजिशन सुसाइटी में आपने तैकिया क
07:27कभी बाप, कभी भाई, कभी पती, कभी बेटा उनके संरक्षन में रहे, कभी इंडिपेंडेंटन डिसीजन में किन ना ले
07:33यही तो एक होता है कि महिलाएं इसके पक्षनगर नारे लगाते तो और भी हैरत होती
07:37पंडे पे चड़ के कह रही हैं ब्रामबनबाद जिन्दा बाद, उन्हें पता नहीं, बेल्कूल, उन्हें यह नहीं पता कि बाबा
07:44साहिव अंबेटकर, सावित्री बाई फूले, फातिमा शेक की विरासत है कि वो और हम जैसी हजारों लागों कडोडों महिलाएं, आज
08:01सिक
08:07जिसमें लगता है लोगों को कि हमारा वर्चस वो बना रहे और हम किसी से बहतर है, हम किसी से
08:12उपर है, जो पूरा टाउम भी है सवर्ण, कौन है भईया, सवर्ण हो गया, सवर्ण हो गया, एक्साटली तो ब्रामबनों
08:20के खिलाफ नहीं है, किसी पर्टिकुलर कम्यूनिटी
08:22के खिलाफ नहीं है, मन सिक्ता के खिलाफ है, और ये लड़ाई तो चलेगी, पुर्जोर तरीके से चलेगी, ये जो
08:28बॉखलाहाट ये दिखाती है, कि देश में अलहाबाद से लेके पटना दिल्ली विश्विद्याले में, आज जो वंचे सोशितों की लड़ाई
08:34चल रही ह
08:35तो इस सारे प्रकड़ने धक्का पहुँचा है आपको अंदुलन को या और मजबूत कर दिया है?
09:04ठेतों को इन्होंने निर्देश दे दिया है उपर से, कि जाओ जाकर मारो, तो ये बॉखलाहाट इनकी इसलिए है, क्योंकि
09:10हमारी लड़ाई, रोहित आक्ट की लड़ाई, UGC Regulation की लड़ाई, इनको डरा दाई है
09:35टाई की लड़ाई है इनकी लाफे घसे, क्योंकि लड़ाई है, �ょ देलाई है
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