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बेबाक भाषा’ पर मिलिए दिल्ली विश्वविद्यालय में आइसा की छात्र नेता अंजलि से, जो यूजीसी गाइडलाइंस के पक्ष में किए जा रहे आंदोलन का एक प्रमुख चेहरा बन गई हैं। वह आंदोलन के दौरान पैदा किए गए विवाद और बाद में मौरिस नगर थाने पर हुए हंगामे की पीड़ित भी हैं और गवाह भी। पत्रकार मुकुल सरल ने उनसे ख़ास बातचीत की।
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00:02ये 45-55 लोगों की भीड है जिसके बीच में हम लोग घिरा जाते हैं मेरा स्वेटर पकड़ लेते हैं
00:09मेरे दोनों स्वेटर दो स्वेटर पहने हैं दोनों उतर जाते हैं और 17-18 लड़कों की एक तो पूरी पूरुशों
00:15की भीड है उन सब ने मेरा हाथ पकड़ लिया है लगा
00:50पूरिस नगर थाने में क्या हुआ उनसे ही सुनिए इस पूरे घटना करम का पूरा सच
00:59यूटूबर हैं उनके साथ जो कुछ हुआ और फिर मौरिस नगर थाने में जो कुछ हुआ आप उसकी एक तरसे
01:05गवा है विक्टिम भी है तो आप उस दिन की सच्चाई क्या है तो साथी उस दिन देश भर में
01:14वंचित अधिकार दिवस मनाया जा रहा था तेरा तारीक को और ह
01:29सिर्फान हवीब पर पानी फेका जाता है बौखलाहाट इन लोगों की उस दिन से शुरू होती है अगले दिन डेलिबरेट
01:35एटेंप्स होते हैं चार से पाच बार तीन चार लड़के जो बाद में इसी महिला के साथ दिखते हैं वो
01:40बार बार आते हैं प्रोटेस्ट में कभ
01:56करते हैं वास्ता नहीं रखते हैं तो साइड हो जाईए साइड हो जाईए और तब शांती हो गई उसके बाद
02:02मैं देखती हूं कि नवीन बामसेफ न्यूस के जो पत्रकार है दलित वेक्ती हैं उनको इस तरह से उनके हाथ
02:21का उनका फोन अपने हाथ में पकड़ा हुआ है द
02:24जोनों तरह से उनको इतने जोर से कसके पकड़ा हुआ है उस्माहिला ने शीस ट्राइंग टू स्ट्रैंगल हिम और वहां
02:29पर लगातार अपने मूँ से जाति सूशक शब्दों का इस्तेमाल कर रही है कि तुम हम मेट करवादियों को बता
02:35दूंगी तुमें बहुत दिक्कत
02:36ब्राम्मनों से छेड क्यों रहा है मतलब शीस दूइंग सम्थिंग जो उन पर असॉल्ट है और बोल उल्टी चीज रही
02:42है उनके साथ कि जो तीन चार गुंडे हैं वो हवा में हाथ चोड़ रहे हैं कभी महिलाओ को इनाप्रोप्रोप्रेटली
03:02टाच हो रहा है थपड लग
03:03बत्तमीजी कर रहे हैं लगाता चाती सुचक शब्दों का प्रियोग कर रहे हैं और उसके बाद यही होता है कि
03:08मैं अंदर घुस्ती हूं उस भीड में कि नवीन का फोन इनसे लेना है फोन लेने की कोशिश कश्मकश चलती
03:14है उसी के बीच में वो मेरा मुह पकड़के मुझ
03:19सेकंड्स मिनट्स तक आइव लॉस्त माइ ऐसे मैं अनकॉंशिस हूं क्योंकि सरके भार की और चोट आई उसके बाद मैं
03:27जब उठती हूं तो मैं देखती हूं कि यह लोग भागनी के कोशिश करते हैं भागना शुरू करते हैं और
03:32यह सब होता है हमारी उनिवरसिटी के गा
03:48वहरी वेक्ती आएगा जोहां पे अपनी नफ्रती प्रोपगांडा की राजनिती कर रहा है वो सामने मार के चला जाएगा और
03:54पुलिस मुखदर्शक बनके खड़ी है तो बेसिक कॉमन सेंसिकल पुलिस बाद में भी रवाई हमने देखा मौरिस नगर थाने पहुंची
04:00वहा
04:19अपने चार साथियों के साथ और वहां पे जो मैं पहुंची हूं तो मैं देखती हूं देर इस लिटरली एक्रेजी
04:24मॉब वेटिंग दैर और यह सब वहां पे हम पहुंचते हैं हमें जैसे ही सेंस होता है कि यह तो
04:30अलग तरह की भीड है और होता है कि आपको एक सेंस आया �
04:34आप पीछे कदम बढ़ाना शुरू करते हैं इतने में तो उन लोगों ने चिलाना शुरू कर दिया यह यही है
04:39यह अंजली ना में इसका पकड़ो यह इसा वाले है इनको पकड़ो इनको मारो और उसके बाद सर हम में
04:44से तीन यह 45-55 लोगों की भीड है जिसके बीच में हम �
04:48घिरा जाते हैं मेरा स्वेटर पकड़ लेते हैं मेरे दोनों स्वेटर दो स्वेटर पहने हैं दोनों उतर जाते हैं और
04:5517-18 लड़कों की एक तो पूरी पूरुशों की भीड है उन सब ने मेरा हाथ पकड़ लिया है लगातार
05:01मा बहन की गालिया चल रही है वहां पे विवि
05:17किया है, they are continuously banging on it, they are continuously making rape threats
05:22in the presence of police, है ना, मा बहन की गालिया दी जाती है,
05:25पुलिस के होने के बावजू इतनी हिम्मत है, कि तीन लोग अंदर घुशते हैं,
05:30मेरे मुझ के सामने लाइफ टेलिखास्त करते हैं, बड़ा नेता बनने का शॉक था,
05:33कपड़े उतारो इसके, and this is all happening and no action is taken,
05:37इसके बाद, पचास से साथ होते हैं, साट से सो होते हैं, दोसो होते हैं,
05:41तीन सो होते हैं, पुलिस टेशन के बाहर, देश के गदारों को,
05:44गोली मारों सालों को के नारे लगते हैं,
05:53ब्राह्मनवाद जिन्दाबाद के नारे लगते हैं,
06:02इस सब होता है, क्या पुलिस हम लोग पीसफ़र प्रोटेस्ट करते हैं,
06:07तो डिटेंशन वैन तयार हो जाती है, लाठियां तयार हो जाती हैं,
06:11इतनी 6 घंटे तक ये वारदार चलती है, क्या पुलिस इनको डिटेंट नहीं कर सकती थी,
06:16इन पर तुरंत F.I.R. होना चाहिए था, महिला की मॉडेस्टी, महिला की सेफटी और हमारे लाइफ पे थ्रेट
06:21थे ये लोग।
06:21तो पस आखरी में एक सवाल कि ये जो ब्राहमन और ब्राहमनवाद का विवाद बनाया जा रहा है, क्योंकि आजकल
06:26अब ये बताना बड़ा जरूरी होग है दोस्तों,
06:29तमाम लोग जो अँजली है, वो भी एक प्रिव्लेजश उससे आती है, काश से आती है, ब्राहमन ही है, ये
06:35जो पता जाल, आप उसे कैसे का अंतर होने संजहे हैंगी कि बहुत लोग की गुमराह होते हैं, जब से
06:43UGC के दर्ज पे लड़ाई शुरू हुई है, तब से एक �
06:47तरफा देश में विभाजन करने का काम जो गोदी मीडिया करती है उसने तो यह प्रॉपगयांड़ा फिला रखा है कि
06:53ठाकुरों के खिलाफ ब्राम्मनों को खिलाफ गुवियारों की खिलाफ जो भी अपरकास जाती है उनके खिलाफ आज देश में लिफटेस्ट
06:58और अमबे�
07:12होना है यह इस तरह कि जहां पे हेजीमनी बरकरार करके एक समय में आपने ही तैकिया कि वेद पढ़ेंगे
07:19भी आप पढ़ाएंगे भी आप वेद को सुन ले मार्जिनलाइस कास तो कान में शीशा पिखला कर डालेंगे महिलाओं की
07:25पोजिशन सुसाइटी में आपने तैकिया क
07:27कभी बाप, कभी भाई, कभी पती, कभी बेटा उनके संरक्षन में रहे, कभी इंडिपेंडेंटन डिसीजन में किन ना ले
07:33यही तो एक होता है कि महिलाएं इसके पक्षनगर नारे लगाते तो और भी हैरत होती
07:37पंडे पे चड़ के कह रही हैं ब्रामबनबाद जिन्दा बाद, उन्हें पता नहीं, बेल्कूल, उन्हें यह नहीं पता कि बाबा
07:44साहिव अंबेटकर, सावित्री बाई फूले, फातिमा शेक की विरासत है कि वो और हम जैसी हजारों लागों कडोडों महिलाएं, आज
08:01सिक
08:07जिसमें लगता है लोगों को कि हमारा वर्चस वो बना रहे और हम किसी से बहतर है, हम किसी से
08:12उपर है, जो पूरा टाउम भी है सवर्ण, कौन है भईया, सवर्ण हो गया, सवर्ण हो गया, एक्साटली तो ब्रामबनों
08:20के खिलाफ नहीं है, किसी पर्टिकुलर कम्यूनिटी
08:22के खिलाफ नहीं है, मन सिक्ता के खिलाफ है, और ये लड़ाई तो चलेगी, पुर्जोर तरीके से चलेगी, ये जो
08:28बॉखलाहाट ये दिखाती है, कि देश में अलहाबाद से लेके पटना दिल्ली विश्विद्याले में, आज जो वंचे सोशितों की लड़ाई
08:34चल रही ह
08:35तो इस सारे प्रकड़ने धक्का पहुँचा है आपको अंदुलन को या और मजबूत कर दिया है?
09:04ठेतों को इन्होंने निर्देश दे दिया है उपर से, कि जाओ जाकर मारो, तो ये बॉखलाहाट इनकी इसलिए है, क्योंकि
09:10हमारी लड़ाई, रोहित आक्ट की लड़ाई, UGC Regulation की लड़ाई, इनको डरा दाई है
09:35टाई की लड़ाई है इनकी लाफे घसे, क्योंकि लड़ाई है, �ょ देलाई है
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