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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बरेली के जिला व पुलिस अधिकारियों को अवमानना नोटिस जारी किया है क्योंकि उन्होंने एक निजी आवास में नमाज़ पढ़ रहे लोगों को हिरासत में लिया था, जबकि कोर्ट कह चुकी थी कि निजी परिसर में धार्मिक प्रार्थना पर कोई रोक नहीं होनी चाहिए.
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00:00नफरती ब्रिगेट के लिए एक बुरी खबर आई है और यह खबर आई है इलहाबाद हाई कोट से उसने साफ
00:06साफ शब्दों में कहा है कि अपने घर में अगर आप सामोहिक नमाज पढ़वाते हैं या लोग पढ़ते हैं तो
00:13यह जुर्म नहीं है यह अपराद नहीं है और ऐ
00:17ऐसा करने करवाने वालों के खिलाफ कोई कारवाई नहीं हो सकती है यह कहते हुए इलहाबाद हाई कोट ने बरेली
00:25के जिलादिकारी और वहां के एसेसपी अनराग आरे के खिलाफ कंटेम्ट ऑफ कोट यानि अवमानना की नोटिस दे दी है
00:33बाग 11-12 तारी को इस पर सुनव
00:36करवाई है कि आगे की कारवाई क्या होगी लेकिन फिलाल बरेली के महम्मद गंज की रेश्मा खान को राहत मिली
00:43है क्योंकि 16 जनवरी को उनके घर में ही जो वीडियो वाइरल हुआ था कि किस तरह से 12-13
00:50लोग मिलकर नमाज अदा कर रहे हैं और इस पर जिस तरह से हिंदुत
00:55वो ब्रिगेड और लफंगों ने बवाल मचाने की कोशिश की थी मीडिया ने रिपोर्ट किया था कि मास कनवर्जन हो
01:02रहा है इलाके को मज़द में तबदील किया जा रहा है आदित्यादी इन सारे नफरती ब्रिगेड के मूँ पर यह
01:09जो कंटेंट की नोटिस है यह एक त
01:25मामले की तरह उनका भी तो ट्रांसफर नहीं हो जाएगा याद है ना संभल का मामला संभल शाही जामा मजजद
01:32उसे लेकर जो हंगामा था उसमें वहां के एसपी की भूमी का गोली चलाने पर जब एक जजज ने कहा
01:39कि इसके खिलाफ एफ आयार होनी चाहिए एफ आयार तो
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