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बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री तारिक रहमान के शपथ ग्रहण के बाद एक बड़े फैसले की चर्चा तेज हो गई है। कहा जा रहा है कि उनका यह कदम भारत-बांग्लादेश संबंधों पर सीधा असर डाल सकता है। क्या भारत इस फैसले पर कड़ी प्रतिक्रिया देगा? इस वीडियो में जानिए बांग्लादेश चुनाव परिणाम, तारिक रहमान की नई रणनीति, भारत की संभावित प्रतिक्रिया और दक्षिण एशिया की बदलती राजनीति का पूरा विश्लेषण। क्षेत्रीय कूटनीति, विदेश नीति और राजनीतिक समीकरणों पर विस्तृत चर्चा के लिए वीडियो अंत तक जरूर देखें।

After taking oath as Bangladesh’s Prime Minister, Tarique Rahman is reportedly preparing for a major decision that could impact India-Bangladesh relations. Political circles are buzzing over whether this move might trigger a strong reaction from India. In this video, we break down the latest Bangladesh election results, Tarique Rahman’s strategy, and the possible diplomatic consequences. How will this affect regional stability and bilateral ties? Get complete analysis, expert insights, and breaking updates on Bangladesh’s new government and its evolving foreign policy. Watch till the end to understand the full political impact of this developing story.

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00:00मेरे हिसाब से तो ये होना चाहिए क्योंकि हर देश की अपनी एक पहचान होती है आइडेंटिटी होती है और
00:07सांस्क्रितिक मूल ये होते हैं उनको नहीं दबाया जा सकता जो शेख हसीना के जाने के बाद कई सारे कल्चरल
00:13सेंटर्स को वहाँ पर जलाया गया था शेख मुझ
00:28जिबर रह्मान और खालिदाज जिया का परिवार जींकी भी दुश्मनी रही है असी के दशक के लास से ये शुरू
00:36होता है और फिर बढ़ता बढ़ता बढ़ता आज दिन तक चला आया है अब तारिक रह्मान के सामने ये बहुत
00:42ही जिम्मेदारी है चुनौती भी है कि उस
00:45लेगसी को ये कंटीनियू ना करें ये लेगसी ऐसी नहीं है जिसको कंटीनियू करके कुछ हासल होगा क्योंकि आप इसमें
00:51कि तुमने मेरी आख फोड़ी आज में तुमारी आख फोड़ूँगा इसमें किसी का भला नहीं होगा बंगला देश की करोड़ों
00:57करीब 12 करोड़
01:15इसको आगे नहीं आने देंगे, उसको दबा के रखेंगे, दस साल खत्म कर देंगे जुलाई चार्टर में से, या जुलाई
01:22चार्टर को हम लागू ही नहीं होने देंगे, तो फिर इस से वापस से अराजक माहौल हो जाएगा, और कोई
01:28नहीं टिक पाएगा, चाहे वो तारिक
01:29रह्मान हो चाये शेक हसीना हो
01:31शेक हसीना ने भी बहुत ही गलतीयां
01:33की तब जाकर लोगों का खून आपर
01:35उबल गया और उसका अंजाम हमने दोजार
01:37चॉबिस में देखा अगर आप बार बार
01:39ऐसी गलतीयां करते रहेंगे तो
01:40उसमें किसी का कोई नुकसान नहीं है जिस तरह के हाला अभी मियानमार में बने हुए हैं 2021 से ठीक
01:47वैसे ही बांगला देश में बने रहेंगे और अयस्थिर्ता की सबसे बुरी बात ये है कि इसके साथ में भुकमरी
01:53और गरीबी आती है बांगला देश की पर कैपिटा इंकम 2023 म
02:02गिरी है मतलब लोगों की जेब से पैसा गया है बहुत सारे उद्योगों में भी आग लगती हैं बहुत सारे
02:08आपके व्यापार ठंडे पढ़ जाते हैं साथ ही भारत अभी तक क्या करता है कि हमारी तिरुपूर सूरत दिल्ली इनॉड़ा
02:15इन्याओं पर दिल्ली इनॉड़
02:31को उतना ज्यादा बढ़ावा नहीं दिया ताकि इनका भी काम चलता रहें अगर कॉम्टीशन देने पर भारत आ जाता तो
02:38बांगलादेश फिर उतना मुकाबला नहीं कर पाता क्योंकि यह बहुत ही प्रैक्टिकल चीज़ है किसी को नीचा दिखाने वाली बात
02:43नहीं है कि �
02:44दो अलग अलग दोनों देशों की सीमा हैं तो उसमें कौन कैसे कर सकता है जैसे हमारी कैपसिटी आज हम
02:51कहें कि भारत हमारा सोने की चड़िया है पर हमारी कैपसिटी और अमेरिका की कैपसिटी में अंतर है ठीक वैसे
02:59हमारी कैपसिटी और बंगलादेश की कैपसिटी में भ
03:14यह जानते हुए भी के इंफिल्टरेशन होता है बॉर्डर से भारतिय सरकार जो थी वो भी उतना ज्यादा समस्या उसको
03:25नहीं मानती थी बाद में जाकर
03:282014 के बाद यह हुआ कि इसको हम रेस्ट्रिक्ट करेंगे और फिर भी आप मेरे हिसाब से तो इसको मैंने
03:33बंगलादेश का बॉर्डर देखा है कई सारी जगों पर बॉर्डर गाओं से नहीं निकलता बलकि घरों के बीच में ऐसे
03:39निकलता है और कई सारे गाओं में ऐसा है कि घ
03:42अधर एक यह वाला भारत में यह वाला बंगलादेश में और कोई बॉर्डर नहीं है बीच में सुबह शाम हो
03:47रहा है अधर जी एक और बात इसमें आती है जब अगस्त तोजार चौबिस में हसीना जी को देशे भागना
03:55पड़ा था उनकी सरकार गई थी उस वक्त कहा गया �
03:57था कि उस आंदोलर में विदेशी ताकतों का भी बहुत बड़ा हाथ था उससे आप नजर अंदाज नहीं कर सकते
04:02वो विदेशी ताकतें अभी रहमान से क्या उम्मीद लगाए बैठी होंगी देखिए हर विदेशी ताकत जो भी कहीं पर सरकार
04:09अनेस्टेबल करती है उसकी
04:12एक ही उम्मीद रहती है कि हमारे कटपुतली बनके रहो या हमारे हिसाब से रहो यहाँ पर 2024 की थोड़ा
04:19सा पहले जाना चाहूंगा मैं आपको जो बाइडन एक डील चाहते थे बंगला देश के साथ में ओट पर शेख
04:26हसीना इसके लिए तैयार नहीं थी तो जो बाइडन �
04:29उनको यूएस के जो बोलते हैं न के इंटरनल पॉलिटिक्स डीप स्टेट उसकी तरफ से बयान आया कि अगर आपने
04:39ऐसा कुछ नहीं किया हमारी बात नहीं मानी तो आप बंगला देश से हाथ दो बैठेंगी हसीना की तरफ से
04:46जवाब गया कि आप करके देख लीजे उन्ह
04:59बात दूर की कौड़ी अब चली गई क्योंकि उसके बाद लगता था कि शायद स्टेबल हो जाएगा और यूएस के
05:06हिसाब से काम होना शुरू हो जाएगा वो यूएस के फायदे में तो नहीं गया बल्कि उल्टा उससे पाकिस्तान को
05:11मदद जरूर मिलती दिख रही हैं य
05:26मेशा एक सेकंड क्लास सिटीजन की तरह आपको ट्रीट करते थे जब शेक मुझीब रह्मान चुनाव जीत भी गए थे
05:31तो उन्हें प्राधान मंत्री बनने से रोक दिया था क्योंकि उन्हें लग रहा था यसा कि हम इनके अंडर में
05:37तो नहीं रह सकते बाद में उर्दू �
05:39भी थोपी दुनिया भर की चीज़ें हुई और फिर यहां पर आकर महिलाओं का उत्पीड़न और दुनिया भर की तम
05:44उसका इत्यास का कोई नहीं है तो बहुत सारी चीज़ें हुई इसलिए अगर आप भरोसा कर रहे हैं पाकिस्तान पर
05:50तो यह समझ लीजिए कि उस देश क
05:53की नियत 1947 से लेकर और आज हम 2026 में बैटे हैं वो जैसा 1947 में जिन्ना ने छोड़ा था
06:00वैसा ही आज है उतना ही कटर है उतना ही अनप्रोग्रेसिव है और उतना ही वो टेररिस से भर चुका
06:08है वहां पर आवाम बहुत अच्छी है पर सरकार की चलती नहीं है और आर्मी जो म
06:15मानी करती है वो सब देखते हैं सिदार जी अभी हम अमेरिका की बात कर रहे थे दोजार तेश के
06:21आखरी में जब हमारे यहां बैठक हुई थी जी टॉन्टी की जी उस तोरान एक तस्वीर वाइरल हुई थी बाइडन
06:28और शेक हसीना की सेलफी वाली फोटो और आप देखि�
06:43रेत तो यह कोई पहली बार नहीं है ओ एक वार देखने को मिलता है जब रूस बैंगला ऐसमें अफगानिस्तान
06:51में डबदबा बना रहा था तब ही अमैरिका कहा था कि नहीं तुम यहां से निकलो तुम यहां से निकलो
06:56और जब अमेरिका बनाने लगा तो रूस ने फिर व
07:13warrior funding की है किसी ने किसी को भी तो वह अमेरीकाने की है यह मैं इसलिए कह रहा हूं
07:18कि पाक्स्तान में कभी टेर्रिस्ट नहीं
07:20पनपते अगर अमेरियका चाह लेता आपके यहां ट्वी सीनप ऑफर हुआ अटेक हुआ अपके दुनिया भर क्या अटेक हुआ और
07:27के
07:27के-स-अ-यंड जो पकड़ा गया वो अमेरिका में पक्ड़ा, पकड़ा गया और जो बिल-लादिन
07:33पकड़ा गया वोभी अमेरिका के अवटाबाद से पकड़ा गया बावजूद इसके आप इनका
08:26वर्ल्ड बेंट से
08:27देशों में तमाम तरह की बाते होती है
08:29ब्रिटेन वाले आरोप लगाते हैं कि आपके
08:31यहां के लोग आते हैं यहां पे छोटी बच्चे के साथ
08:33वो बलत काम करते हैं
08:35साथी अरब कहता है कि आपके हमाले आते हैं बिखारी बनके
08:37हमारे यहां परिशान करते हैं देश में
08:39हर साल पांच-पांच लाग विकारी लोटाए जा रहे हैं
08:41और अमेरिका तो खैर एरपोर्ट पर ही ऐसी जांश परक करता है
08:45कि खुदी यह लोग शर्मिंदगी का सामना कर लेते हैं
08:47आए दिन की एक्ट्रेस के खबड़ उतरवाय जाते हैं ताकि जाश की जा सके
08:51तो यह ख्यूमिलेशन है अब बंगलादेश को तैय करना है कि
08:55देखे वैबब ऐसा होता है कि अगर आप चोड़ के साथ घूमेंगे
08:59तो आप भी शक्की निगाह से देखे जाएंगे बिल्कुल और यही पाकिस्तान की अभी मौजूदा
09:05इमेज है पूरी दुनिया में कोई जो इनके आसपास है एक दो मुलक अगर छोड़ दें तुर्की एजरबेजान
09:11तो इनको अगर छोड़ दो तो बाहर जो जाते हैं इतनी इज़त है इतनी इज़त है इनकी कि अभी एक
09:17इन्फ्लेंसर ने वीडियो डाला था ट्विटर पर
09:21कि मतलब ये कंट्री पता नहीं क्यों एक्जिस्ट करती है मैं तो कह रहा हूँ कि इन्हें आजाद ही नहीं
09:25होना चाहिए था अलग नहीं होना चाहिए था इंडिया से
09:28इनकी कोई इज़त नहीं है और वो कह रही थी कि वो खुद पाकिस्तानी है और इतनी शर्मिंद्गी इस वज़ए
09:34से जहलनी पड़ती है दूसरे देशों में लोग इन्हें अपना घर के रायपे नहीं देते लोग इनका भरोसा नहीं करते
09:40लोग इनको अपने टैक्सीस में
09:43नहीं बठाना चाएं तो यह सारी चीज़ा इनके साथ हैं और यहोग बारती बता देशों कि बारती बता कर काम
09:51चलाना पड़ता है अब ऐसे में क्या है कि यह कोई इस वजह से नहीं है कि एक मुस्लिम देश
09:59है बौट सारी मुस्लिम देश है अगर यूए आ की नागरे केrec �
10:03बड़ी इज़त मिलती है, उनको साओधी के कहीं जाते हैं, उनको बड़ी इज़त मिलती है, और भी जॉर्डन के लोग
10:08हैं, वो कहीं जाते हैं, उनको बड़ी इज़त मिलती है, मलेशिया के लोग जाते हैं, उनको लोग अच्छी नजर से
10:12देखते हैं, और इनसे गरीब बत्
10:32पिश्र भी मुबारक कि तुम भी उसी गर्थ का हिस्सा बनोगे पर जितना मुझे लग रहा है कि 17 साल
10:38से लंदन में रहरा आदमी लोटा है कि वो उस रस्ते पर चलना चाहेगा या नहीं यह थोड़ा सा इसमें
10:46मुझे अभी भी संकोश लगता है कि शायद वो पाकिस्तान के स
11:02करती है आर्मी जो आर्मी चाहती है वह वहां पर होने लगता है पर बंगला देश में ऐसा नहीं है
11:06वहां पर डिमोक्रेसी है जमूरियत है और एक
11:09सिस्टम काम करता है उसके हिसाब से वो फैसले लेते हैं जिसको सेना मानती है पहले आप रहमान के भाशड
11:15का जिकर कर रहे थे जिसमें उन्होंने कहा था दिल्ली और पिंडी तो यह गए है असिफ मुनिर अरे कौन
11:35से देशका आर्मी चीफ जाता है
11:37ऐसे bilateral dialogues के लिए trade summits में और उसमें भी उनकी तलाश होई हाला कि तो ये इनकी इज़त
11:44है जो मैं इज़त के भी थोड़ी देर पहले बात करता है तो इनकी इज़त है बिलकुल तो ये मैं
11:51बताना चाहूंगा कि इनके साथ समस्या है बांगला देश इसमें पाकिस्तान में जो है
12:09भबने इसमें ड्रों ये बांगला। और तो ये का लिए
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