00:12दो हजार चब्वीस के चुनाव बांगलादेशी हिंदू समुदाय के लिए सामान्य चुनाव नहीं थे
00:18बलकी डर, असुरक्षा और लगातार सामने आ रही हिंसा की खबरों की चाया में हुआ एक कठिन फैसला थे
00:26हाल के वर्षों में हिंदूों की हत्याओं, मंदिरों पर हमलों, घरों और दुकानों को निशाना बनाय जाने की घटनाओं ने
00:33समुदाय के भीतर गहरा भाय पैदा किया था
00:36ऐसे माहौल में हिंदू मद्दाताओं के सामने सबसे बड़ा सवाल ये नहीं था कि कौन सी पार्टी आदर्श है बलकि
00:43ये था कि किसे वोट देने से उनकी जानमाल की सुरक्षा अपेक्षा कृत ज्यादा हो सकती है
00:49इसी सोच ने 2026 के चुनाव में हिंदू वोटिंग के रुझान को आकार दिया
00:55इस चुनाव में हिंदू मद्दाताओं का बड़ा हिस्सा किसी भावनात्मक या वैचारिक जुडाव के बजाए रणनीतिक सोच के साथ मद्दान
01:03करता दिखा
01:03लंबे समय तक हिंदू समुदाय का जुकाव आवामी लीग की ओर माना जाता रहा
01:08क्योंकि उसे अपेक्षा कृत धर्म निर्पेक्ष और अल्प संख्यकों के लिए सुरक्षित विकल्प के रूप में देखा जाता था
01:15लेकिन 2026 के चुनावी हालात अलग थे
01:18कई इलाकों में आवामी लीग कमजोर स्थिती में थी या चुनावी मुकाबले में निर्नायक भूमिका में नहीं दिख रही थी
01:25ऐसे में हिंदू मद्दाताओं ने ये आंकलन किया कि अगर उनका वोट बिखर गया तो कटरपंथी ताकतों को फायदा हो
01:32सकता है
01:33जो उनके लिए और जादा खत्रे का संकेत था
01:35इसी कारण कई क्षेत्रों में हिंदू मद्दाताओं ने बांगलादेश नैशनलिस्ट पार्टी की और रुक किया
01:42ये फैसला समर्थन से जादा मजबूरी का था
01:45हिंदू मद्दाताओं के लिए BNP कोई आदर्श पार्टी नहीं थी
01:48लेकिन उन्हें लगा कि इस चुनावी समीकरण में वही ऐसी बड़ी ताकत है
01:53जो उन समूहों को रोक सकती है जिनसे उन्हें सबसे जादा डर है
01:57खास कर उन सीटों पर जहां मुकाबला सीधा था
02:00हिंदू वोटरों ने रणनीतिक रूप से BNP उमीदवार को वोट दिया
02:04ताकि धार में कटरता से जुड़ी राजनीती को पीछे रखा जा सके
02:08हाला कि ये भी सच है कि सभी हिंदू मद्दाताओं ने एक साथ एक ही पार्टी को वोट नहीं दिया
02:14कुछ खेत्रों में उन्होंने स्थानिय उमीदवार को प्रात्मिक्ता दी
02:17चाहे वो किसी भी पार्टी से हो
02:19बशर्ते वो व्यक्ती उनके बीच भरोसे मंद माना जाता हो और हिंसा के समय साथ खड़ा दिखा हो
02:25लेकिन समग्र रूप से देखा जाए तो दो हजार चब़ीस के चुनाओं में हिंदू वोट एक संदेश के साथ डला
02:31कि अब प्रात्मिक्ता पहचान या नारे नहीं बलकि सुरक्षा है
02:35इतनी हत्याओं और हमलों के बाद हिंदू मद्दाताओं ने उस विकल्प को चुना
02:40जिसे उन्होंने उस समय कम से कम नुकसान दे और अपेक्षा कृत सुरक्षित समझा
02:45इस तरहां 2026 के चुनाव में बांगलादेशी हिंदूओं का वोट किसी एक पार्टी के प्रेम में नहीं
02:52बलकि भय, अनुभव और मजबूरी से निकले फैसले के रूप में सामने आया
02:56उनका मद्दान ये दिखाता है कि जब अल्प संख्यक समुदाय लगातार हिंसा का सामना करता है
03:02तो उसका वोट आदर्शवाद से हट कर अस्तित्व की लडाई का औजार बन जाता है
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