Skip to playerSkip to main content
Bangladesh Election 2026: 18 साल के निर्वासन के बाद लौटे Tarique Rahman क्या बनेंगे अगले PM? जानिए कैसे शेख हसीना के जाने के बाद ढाका की सड़कों पर 'सियासी भूचाल' आ गया है।

Tarique Rahman, the son of late President Ziaur Rahman and former PM Khaleda Zia, has returned to Bangladesh after nearly two decades in exile. As Bangladesh heads to the polls on February 12, 2026, the BNP leader faces a massive challenge to restore democracy and navigate complex relations with India and local youth movements.

#BangladeshElection #TariqueRahman #Bangladesh #BreakingNews #OneindiaHindi

~HT.410~PR.250~

Category

🗞
News
Transcript
00:14कल्पना कीजिए एक ऐसा देश जहां डेड़ दशक तक एक ही चेहरे का राज रहा
00:19लेकिन आज वो चेहरा न केवल सत्ता से बाहर है बलकि देश की सीमाओं से भी दूर है
00:24बांगलादेश की इधिहास में 12 फरवारी 2026 की तारीख एक ऐसे सियासी भूचाल की गवाबन रही है
00:31जिसने पूरे दक्षन एशिया की नजरें अपनी और खींच ली है
00:34ये आम जुनाव महज वोट डालने की एक प्रक्रिया नहीं है
00:37बलकि उस शक्स की किसमत का सबसे बड़ा इम्तिहान है
00:40जो करीब दो दशकों तक अपनी ही देश की मिट्टी से दूर लंदन में निर्वासन की जिंदगी काट रहा था
00:46हम बात कर रहे हैं तारिक रहमान की जो 17-18 साल बाद ढाका लोटे हैं
00:51और अब उनके कंधों पर बांगलादेश की सबसे पुरानी पार्टी BNP को फिर से सत्ता की शिकर तक पहुचाने की
00:57भारी जिम्मेदारी है
00:58अवामी लीग की गैर मौझूदगी में ये चुनाव तारिक रहमान के लिए एक ऐसी अगनी परिक्षा है
01:03जो तै करेगी कि क्या वे अपनी माँ खालिदा जिया की विरास्त को बचा पाएंगे
01:08तारिक रहमान का व्यक्तित्व और उनकी वापसी किसी फिल्मी पठकता से कम नहीं है
01:12पूर्व राश्ट्रपती जिया और रहमान और पूर्व प्रधान मंत्री खालिदा जिया के बेटे होने के नाते सियासत उनके खून में
01:19है
01:19लेकिन शेख हसीना के दौर में उन्हें जो जिल्लत और दूरी न जहिलनी पड़ी उसने उन्हें एक परिपक्व राजनेता बना
01:26दिया है
01:265 अगस्त 2024 को जब बांगलादेश में तख्ता पलट हुआ और शेख हसीना को देश छोड़ना पड़ा
01:32तब तारिक रह्मान के लिए वतन वापसी के रास्ते खुले
01:35वे ऐसे समय में धाका पहुँचे जब उनकी माँ खालिदा जिया अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रही
01:40थी
01:41चुनाव प्रचार के दौरान ही अपनी मा को खोने का गम तारिक के लिए निजी तोर पर जितना बड़ा था
01:46सियासी तोर पर उतना ही महत्वपूर सहनुभूती फैक्टर भी लेकर आया
01:50आज वे बांगलादेश की 300 में से 292 सीटों पर अपनी पार्टी के उमीदवार उतार कर प्रधान मंत्री पद की
01:56दावेतारी ठोक रहे हैं
01:58तारिक रहमान के सामने सबसे बड़ी चुनावती ये है कि करीब दो दशक तक देश से दूर रहने के कारण
02:03वे उस नई पीढ़ी और युवाओं से कितने जुड़ पाएंगे जिन्होंने सड़क पर उतर कर सकता परिवर्तन किया है
02:09इसे भापते हुए उन्होंने बांगलादेश बिफोर ओल का नारा दिया और अपने घोशना पत्र में प्रांतिकारी बदलावों का वाधा किया
02:33कारियों का दिल जीतने की कोशिश की है जो आज बांगलादेश की नई ताकत बनकर उभ्रे हैं
02:38सियासी विसात पर तारिक रह्मान को सबसे बड़ा फाइदा अवामी लीग के उस कैडर और समर्थक वर्ग से मिल सकता
02:44है
02:44जो कटर पंथी जमात इसलामी को कभी स्वीकार नहीं कर सकते
02:481971 के मुक्ती आंदोलन का विरोध करने वाली जमात के खिलाफ खड़ा होने के लिए
02:54अवामी लीग के समर्थकों के पास तारिक रह्मान की BNP ही एक मात्र सुरक्षित विकल्प नजर आ रही है
03:00वहीं भारत के साथ संबंधों को लेकर भी तारिक ने बेहत कूटनीटिक रुख अपनाया है
03:04खालिदा जिया के निधन पर प्रधान मंत्री नरेंदर मोदी की शोकसम वेदना
03:09और विदेश मंत्री S. जैशंकर का ढाका दौरा ये साफ संकेत देता है कि भारत भी
03:14बांगलादेश में एक स्थिर और लोकतंत्रिक सरकार के साथ हाथ मिलाने को तयार है
03:19आज जब मतदान की प्रक्रिया चल रही है तो दुनिया ये देख रही है कि क्या निर्वासन से लोटा ये
03:24जामबाज नेता
03:25बांगलादेश को कटनपंथ की राह पर ले जाएगा या लोकतंत्र को नई मजबूती देगा
03:30तारिक रह्मान के लिए ये सिर्फ एक चुनाव नहीं बलकि अपनी पहचान और अपने परिवार के सियासी अस्तित्व को दोबारा
03:37स्थापित करने की निर्नायक चंग है
Comments

Recommended