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Bangladesh New Prime Minister 2026: तारिक अब सिर्फ बांग्लादेश में लंबे समय तक शासन करने वाले परिवार के उत्तराधिकारी भर नहीं हैं, उन्होंने खुद को मौजूदा वक्त में यहां का सबसे शक्तिशाली नेता भी साबित कर दिया है. वहीं बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के चेयरमैन तारिक रहमान मंगलवार को चुने हुए MPs के साथ बांग्लादेश के प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ लेंगे, यह शपथ आम चुनावों में BNP की बड़ी जीत के बाद ली गई है। चलिए बताते हैं कि तारिक रहमान कौन है.

Bangladesh New Prime Minister 2026: Tariq is no longer just the heir to Bangladesh's long-ruling family; he has also proven himself to be the country's most powerful leader today. Bangladesh Nationalist Party (BNP) Chairman Tariq Rahman will be sworn in as Bangladesh's Prime Minister on Tuesday along with elected MPs, following the BNP's landslide victory in the general elections. Let's explain who Tariq Rahman is.

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00:04तारिक रहमान बांगलादेश के नए पीम बनने के लिए पूरी तरह से तयार हैं।
00:30से शक्तिशाली नेता भी साबित कर दिया है। जिस बांगलादेश से उन्हें 17 साल तक निर्वासित रहना पड़ा। अब वहां
00:36का शाशन उनके हाथों में होगा।
01:00उनका जनम 1967 में उस समय हुआ था जब बांगलादेश पूरवी पाकिस्तान कहलाता था। यानि तब वह मौजूदा पाकिस्तान का
01:06ही हिस्सा था।
01:071971 के मुक्त संग्राम यानि कि बांगलादेश के आजादी के जंग के दोरान तारिक महस चार साल के थे। और
01:14उन्हें कुछ समय के लिए रिहासत में भी रखा गया था।
01:17इसी वज़े से उनकी पार्टी BNP उन्हें युद के सबसे कम उम्र के बंदियों में शामिल बताकर सम्मानित करती है।
01:25उनके पिता जियाओर रह्मान सेना में कमांडर थे।
01:281975 में तक्ता पलट के बाद उन्होंने धीरे धीरे सत्ता में अपनी पकड मजबूत की। उसी साल बंगलादेश के संस्थापक
01:36नेता और शेक हसीना के पिता शेक मुझूर रह्मान की हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद जिया
01:42और हसीना परिवारों के बीच गहरा और
01:45स्थाई राजनितिक टकराव पैदा हो गया जिसे आम तोर पर बेगमों की लड़ाई कहा जाता है।
02:15मान ने धाका युनिवर्सिटी में अंतर रास्टे संबंधों की पढ़ाई कुछ समय तक की थी। इसके बाद उन्होंने सैने शासक
02:22हुसैन मुहमद इर्शाथ के खिलाफ आंदोलन के दौरान बीन पी का दामन थामा दोहजर साथ में उन्हें ब्रस्टचार के आरोपों
02:29में
02:29गिरफतार किया गया। उस दरान उन्होंने जेल में शारिरिक और मानसिक उत्पीडन का आरूप लगाया था। रिपोर्ट्स के माने तो
02:35उनकी रिहाई राजनीती से दूर रहने की शर्ट पर हुई थी। उसी साल रिहा होने के बाद वो इलाज के
02:41लिए 2008 में लंदन चले ग
02:59तारिक रह्मान को उनकी अनुपस्थिती में अजीवन कारवास की सजा सुनाई गई। बिएनपी का कहना था कि ये सब जिया
03:06परिवार को इस्थाई रूप से राजनीती से बाहर करने की कोशिश थी। ब्रिटेन में रहते हुए तारिक रह्मान अपनी पतनी
03:13जो पेशे से �
03:14इर्दे रोग विश्यशग्य हैं और उनकी बेटी के साथ जीवन बिता रहे थे। लेकिन शेख हसीना के सत्ता से हटने
03:20और मा की तबयत खराब होने के बाद उन्होंने एक बार फिर बंगलादेश की राजनीती में सक्रिय भूमिका निभानी शुरू
03:26कर दी। मा खालिदा क
03:27की मौत के बाद उन्हें BNP चीफ बनाये गया और इस भूमिका में उन्होंने अपने पहले ही चुनाव में प्रचंड
03:34जीत हासिल कर ली। यह जीत उनके अकेले की नहीं उस परिवारिक विरासत की है जिसे वो अपने कंधे पर
03:41लेकर खूमते हैं।
03:42उमीद करती हूँ आपको जानकरी पसंद आई होगी। फिलाल अमारे इस वीडियो में इतना ही वीडियो को लाइक, शेर और
03:47चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूले।
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