00:00गाउना गिली आजा गया अगया उस समय, मदद करो मेरी, मदद करो
00:25मुझे ऐसास होता है, मुझे ऐसास होता है
00:30मैं वापस दुमार की क्या हूँ
00:37अब मुझे कुल भी रोक नहीं सकता
00:40गलत गिर्मादा
00:44क्या मक्तम?
00:45इस बार भी तुम्हारे और तुम्हारे मंसूबों के वीच और चत्पत कराएगा
00:51भी
00:52भी
00:57उसको तुम्हें तुमार करते होगा
01:01मगर इस बार वो और अधिक शक्ति शाली होगा
01:06उसके साथ किसी देवी शक्ति का सहारा रहेगा
01:11क्रिश्न
01:15उसको तुम्हें असल के नातूगा
01:19भीम और क्रिश्न को मात दो
01:22फिर श्रिष्टी पर स्वामित्य तुम्हारा होगा
01:26तुम तुम पनान करो
01:29पनान करो मुझे अपार शक्तिया
01:33और पना दो अजे
01:37पनान करो
01:44शैतान की सारी ताकत अब तुम्हारी होगी
01:48मेरे सारे गुलाम
01:51अब से तुम्हारे सेवक
01:54दो दिन भाद
01:57पूरण मासी की रात को
02:00तुम्हें शैतानियत की
02:02अजीम शक्ती समा जाएगी
02:09और तब मुझे
02:11दीम तो क्या
02:13स्वेम भगवान भी नहीं रोख पाएगा
02:17तो काना ये है मानिक देश
02:35दो बातें बड़ी ही मशूर हैं
02:42कौनसी बाते काना
02:44यहां के तीर अंदास
02:46और यहां की जलेबिया
02:48जलेबिया
02:51तीर अंदास
02:53कहा जाता है कि मानिक देश में
03:00तुक्का चूप सकता है
03:03पर तीर नहीं
03:06वाँ
03:08आज तक ऐसा नजारा नहीं देखा
03:10देखना क्या
03:14अरे आज तक ऐसी खुश्पू नहीं सूंगी
03:18वैसे भूप तो मुझे भी लगी है
03:24जलेबिया चकले
03:26जी करता है रस में डुप की लगाने
03:34रस में डुप की लगाने के बजाए
03:38कीचर में डुप की लगा बैठे
03:42बेचारे
03:44बीम की प्यास को मैं कुछ अलग तरीके से बजाता हूँ
04:00क्या दीखरे हो काना
04:05सभी जन खबरदार
04:23सरोवर पितामबरी पर बने बांद पर अचानक दरार पड़ गई है
04:28बांद किसी भी वक्त तूट सकता है
04:31हाँ
04:32बांद तूटने पर ये पूरा इलाका पानी में डूप जाएगा
04:37इसलिए सभी अपना कीमती सावान बांद कर इलाके को खाली करो
04:43मेरे दुचार छोटे छोटे बच्चे
04:48हम जाएंगे तो का
04:52अरे हमारा तो सब उजर जाएगा
04:56कैसा अनर्थ हो रहा है इनकी साथ
05:01हमें दूसरे इलाके को भी सावधान करना है
05:04भीम हमें भी कुछ करना चाहिए ना हां मैं भी वही सोच रहा हूं
05:10चाचा जल्दी से बताईए कि बांद के सो रहे हैं उधार उस दरक्त के परे
05:17राजू चुटकी जगू भूलू ढूलू तुम सब इन गावानों की मदद करो
05:23मैं काना और काल्या बांद की तरफ जाते हैं काना भीम अपना खयाल रिखना पर हो राबांद
05:38कि दरार बढ़ती ही जा रही है
05:43कि अ
05:48नहीं इतने सारे लोग उनके घर मुझे कुछ करना ही होगा रूप जाओ भीम तुम कुछ नहीं कर सकते पानी को रोपना नामुम्किन है
06:03इसे प्रहत्न तो करने दो कालिया अगर लगन और साहस हो तो नामुम्किन को मुम्किन बनते देर नहीं लगती
06:12नहीं लगती हुआ है यह बच्चे तुम यहां क्या कर रहे हो चलो जाओ यहां खत्रा है
06:21कर दो दरार पूरी फटने वाली है कि कटे रहो अपनी जगे पे
06:32मुश्किल का सामना करने के लिए उसके सामने रहना ज़रूरी नहीं
06:47मगर नदी के पहाँ में तुम ढूप जाओगे
06:55किसी तरह पाने के बाहाव की दिशा बदल नहीं होगी
07:25तुम बच गए उस बच्चे ने नदी का रुख बदल दिया भीम ने नदी का रुख बदल दिया
07:45यह बाजी तो तुमने मारी बगर केल भी खत्म नहीं हुआ है
07:55भीम जी महराज तुम बड़े ही अनोखे बच्चे हो अवश्य ही तुम्हारे राजा को तुम पर बड़ा घर्व होगा
08:11हम सबको भीम पर गर्व है डोलकपूर से पड़े अर्से के बाद को हुमारे राज्य आया है बीती बातें याद आ गई
08:23तुम्हारे दोस्त बोल रहे थे कि तुम सब पोर सिंगा और जामनगरी के राज्यों में भी जाओगे
08:31मैत्री के संबंद तो कमी हैं उनके साथ मगर दुश्मनी भी नहीं है इसलिए ये लो पहचान पत्र तुम्हारे मकसद में शायद ये कुछ मदद कर पाएं
08:45धन्यवाद महाराज धन्यवाद तुम्हारा और तुम्हारे दोस्तों का भी और हां अहार उत्सव की तुम्हारी युजना हमें पसंद आई हम सब उत्सव के लिए जरूर आएंगे
09:00आप के लिए राजमहल से संदेश है
09:30बड़े अश्चरी की बात है सुबह के उनके कठोर बर्ताव के बात वो हमें राजमहल आने का निमंतरन भला क्यों बेज रहे हैं
09:48ये तो राजमहल जाकर ही पता चलेगा और ये उनके बाबा से मिलने का भी एक अच्छा मौका है
09:56जैसा कि लोगों ने बताया वो राजा रानी के गायब होने से पहले से इस राजमहल में है
10:02शायद वो हमें उसके बारे में और इस यग्य के बारे में और बता सके
10:09हाँ हमें तुरंथी राजमहल के लिए निकलना चाहिए
10:12मुझे लगता है हम सबका वहाँ जाना ठीक नहीं होगा
10:18क्यों न पहले हम में से कुछ लोग ही वहाँ चले जाए और बागे बाहर ही रुक जाए
10:23चुटकी ठीक कह रही है वहाँ जाने में खत्रा तो बहुत है हम तो बाहर ही ठीक है
10:32ठीक है ठीक है मैं और ढोलू-भोलू बाहर ही खड़े रहेंगे
10:37वैसे राज महल के पकवान तो तुम्हे ही चकने को मिलेंगे
10:43पर कोई बात नहीं, दोस्तों के लिए कोई बलिदान बड़ा नहीं
10:48तो ठीक है, जग्गु तो महल में अलग से जाना और सब पर नजर रखना
10:55हम आपके निमंतरन के लिए आभारी है
11:07इस में अभार कैसा, आखिर आप भी पाटली पुत्रकी भलाई ही चाते हैं
11:13और हम भी, सो हमने सोचा आपसे विस्तार से बाद की जाए
11:18हमने आपके बाबा के बारे में भी पहुच सुना है
11:22क्या वी भी यहीं है, क्या हम उनसे भी मिल सकते हैं?
11:27नहीं, बाबा किसी से मिलते जुलते नहीं
11:30काना तुम ठीक तो हो ना
11:39हमें खेद है, शायद दीबधर पुराना होकर जंग खा गया होगा
11:50आप सब भी जरा सावधान ही रहे है राजकुमार
11:54राज महल में तो बहुत से दीबधर है
11:57कोई भी कभी भी किसी पर भी गिर सकता है
12:00हमारे साथ कुछ भोजन कीजिए
12:27तो इसमें विश मिलाया है
12:29पीं, तुम्हारे पास तुम्हारे लड्डू है
12:40हाँ हाँ है, मुझे दोना, अभी
12:43हम्हारे पता नहीं ये कैसे हो गया पर उन्तो मुझे बिल्कुल भूप नहीं है
12:46हाँ पता नहीं ये कैसे हो गया पर उन्तो मुझे बिल्कुल भूप नहीं है
13:11हमें भी
13:13थोड़ी सी खीर तो खाने ही पड़ेगी
13:41इससे मुझे याद आया, मधुरा में एक बार एक बड़ी चमतकारी बिल्ली रहती थी
13:48तुम क्या वहां मधुरा में रहते थे?
13:51हाँ, ये कहानी नहीं है जो मैं सुना रहा हूं, बल्कि सच्ची गटना है
13:58एक दिन बिल्ली राजा के महल में घुज गई और उसने
14:05ये तस्वीर जरूर महराज की ही होगी
14:20आगे देखते हैं
14:25ब घरूरूरूरूरूरूरूं
14:34को लेवा
14:35राजकुमार यह सब वहां बाबा के कक्ष के बहार थे
15:05तो तुम्हें मारने के लिए बहाने की भी कोई ज़रूरत नहीं
15:09भीव
15:10क्रिष्णा तुम राजू और जुटकी को लेकर बहार निकलो मैं तुम्हारे बीछे आता हूं
15:28हुआ।
15:30ग
15:44झाल गुझ झाल
16:14बीम, इस तर अपसे कुदो, बीम, इस तर अपसे कुदो
16:32खचाई जपसे कुदो
16:35तर अपसे indeed
17:02भीम
17:16राजा की मौत और पाटले पुत्र की मुश्किलों के रहस से जानता हूँ
17:23तुम्हें बताना चाहता हूँ
17:25मुझसे पहाडी की सूखी नदी के किनारे मिलो
17:28पर अकेले आना
17:30चिठ्टी किसे लिखी है अपने नाम नहीं लिखा
17:34नहीं बस लिखा है राज महल का एक पुराना सेवक
17:41पर तुम्हारा अकेले जाना क्या ठीक रहेगा
17:44और कोई रास्ता भी तो नहीं है और कोई साथ जाएगा
17:48तो वो जान ही जाएगा
17:50और फिर शायद मिलने ही ना आए
17:52भीम की चिंता मत करो
18:02उसे कुछ नहीं होगा
18:18कितना सुंदर मोर का पंक है
18:25काना को बहुत पसंद है
18:27उसके लिए ले लेता हूँ
18:48कि ऌफ देल राई
19:09कल आ
19:11कर ले लेगे
19:13हुआ हुआ हुआ हुआ है
19:43दो दिन द्वारका में क्या रहे रगता है उस्ताद खुद को काना मानने लगे है
19:53ठोलू ठोलू इधर आओ
19:58बताओ मैं कैसा दिख रहा हूँ हाँ
20:05अब जरामो मासुरी मुझे लगा कर तो खड़े रही है
20:10अपलो लग रहा हूँ ना काना काना का तुम पता नहीं कार्टून जरूर लग रहे हो
20:21तुम दोनों को तुम मेप
20:30अरे कालिया काना का बेस पेंदे कंज जैसा क्यों परताव कर रहे हो
20:37किसने कहां मैं काना बनना चाहता हूँ
20:43यह सब नौटक की ऐसे ना समझो के लिए है
20:47क्योंकि मेरे ख्याल से तो तुम काभी अच्छे लग रहे थे
20:57को लग पूर हो या तुआर का अपना कार्या कभी नहीं बदलेगा
21:08हाँ तो है
21:10हाँ�
21:32बड़ पट पले ही तुम्हारी दू आरका में दुझ not
21:35सकती का ना बठर भी तो मेरी नज्रों से बच नहीं σकते
21:39अब असकाना को मेरी सेवर मेश्ट प्रयास रखा लाएंगे
22:00वो आवाज पेची है
22:09सूचने की बात है कि मेश्ट की बिचो बीच अचानक चीदे कहां से अधम के
22:22सही कहां भी ये सूचने की बात है
22:25वगर अनले कि हमें उसके लिए वक्त मिलेगा
22:28शुटा भी और प्रिष्णा चुटा भी
22:36शुटा भी और प्रिष्णा चुटा भी
22:40पीम
22:42पीम
22:45काना संभाल के मुझे कुछ नहीं होगा
23:00चुकी राजू जगू तुम सब तो ठीक हो ना
23:13आओ भीम मेरे महल चलते हैं तुम्हे थोड़ा आराम करना चाहिए
23:19तुमने बहुत बहुत बहुत रिश्ते उन्चीतों का सामना किया भीम
23:29तुम कहते हो काना इसलिए मान लेता हूँ परना कौन विश्वास करेगा कि दिन दहारे चौक के वीच और बीच शेर आधम के
23:40शेर नहीं चीते चीते और वो भी तीन वैसे भी बाते बनाने की आदत तो तुम्हारी है कालिया भीम की नहीं तो बंती नहीं इसलिए बाते बनाते हैं
23:54मगर सजबे काना ये बात तो वाकरी अजीब है हां और वो चीती साधारण नहीं लग रहे थे लेकिन काना तुमने उन्हें रोका कैसे क्योंकि द्वार का मेरी नगरी है और इसके अंदर मुझे कोई भी बाहरी ताकत नुकसान नहीं पहुचा सकती बस रही बात इसकी जान
24:24जाना के साथ एक महीनत कैसे बीट गया पता ही नहीं चला मुझे भी तुम सब के साथ बहुत मज़ा आया और अफसोस यही है कि आज ही तुम सब धोलगफुर वापस चले जाओगे हां जाना तो पड़ेगाई पन्ना हमारे परिवार वाले परिशान होंगे बस जाने के पह
24:54और सब से पहले कालिया तुम्हारे लिए ये नन्ना जोला जोला हां इसमें एक ऐसा चूरण है जो अगर किसी पर भी फूको तो उसके मन में चल रही बात सुनाई पड़ती है अब तुम दोनों के लिए ये अनोखा बक्सा
25:24इससे भी चूरण है नहीं नहीं इस बक्से को हाथ में लेकर तुम छो खाने की चीज़ मांगोगे वो बक्से के अंदर पाओगे
25:34खाने की चीज़ अरे वारा सोलू बोलू की तो निकल पड़ी कुछ मांग कर देखो तो बोलू लट्टू
25:45मस्त है ला उस्तार क्या उस्तार अपने तोफे को इस्तिमाल करके नहीं देखोगे नहीं करना तुम्हें क्या अरे कालिया तुम जरा भी उच्चिक नहीं
26:06मेटो हूँ
26:08क्या उस्तार
26:10वापस करो
26:12बोलू पक्रो
26:18भी वा उस्तार
26:26भी ओड़ी
26:30तर रगे लाव
26:36बोलू
26:48एक शेर तो दूसरा सवाशेर ना समझ कहीं के
26:54शिक्रमानो दीज दीज क्विंटल के साथ ये शेर और सवाशेर अभी तक दिके है
27:00क्विंटल किसने कहा?
27:03किसने? मैंने कुछ नहीं कहा
27:06जूट मत बोल ढोलो, ज्यादा जुबान चलाया ही तो पच्टाएगा
27:11पच्टा तो वे से भी रहे हैं, आपके चेले बनकर
27:14अच्छा, उस दाथ ने दाथ कसे, तो समझो अपने दाथ करे
27:22अरे, ये कैसे? दूलो डूलो के बिना बात की ये ही उनकी आवाज सुनाई दे रही है
27:28मुझे लगता है ये उनकी मन की बात है, जो हम सुन पा रहे है
27:41में हमेशा ऐसी बाते चलती रहती है, हूँ? वहाल तो हमारे दिमाग में एक ही बात आ रही है
27:49क्या? कि आप इसको पकड़ो, हम रास्ता पकड़ते हैं
27:57मैं अब जानने के लिए बहुत उत्सुक हूँ, कि मुझे क्या मिलेगा? तुम्हारे लिए ये अंगूठी
28:07अगर तुम कभी खत्रे में फास गई, तो इस पर जड़े नगीने का रंग बदल जाएगा
28:14और तुरंट ही मैं तुम्हारी मदद करने पहुँच जाऊँगा
28:17तुम्हे मेरा कितना ख्याल है काना?
28:25और मेरे जिगरी दोस्त धीम के लिए ये लौक है
28:30काना, धन्यवाद, इसकी विशेश था, तुम्हारी दीवी कुई भी भे, मेरे लिए विशेश है काना
28:37ऐसा लग रहा है कि बहुत जोर की बारे होगी
28:48अच्छा होगा अगर तुम धोलकपुर के लिए रवाना हो जाओ
28:53ताकि रात बिताने के लिए तुम्हे एक अच्छा पड़ाव मिल जाए
28:56हाँ, चलो, राजू, जगू, चुटकी, चलो
28:59चोटा भीम और कृष्णा चोटा भीम
29:07संतत के जब बादल छाए, चोटा भीम धबराए
29:16पूरी करने को द्रिश्णा आजाते है क्रिश्णा
29:20चोटा भीम और कृष्णा चोटा भीम
29:24छोटा भीम और कृष्णा छोटा भी
29:28धोलत पूर में खतरा छाया किरमाडा सिर्फे मंडराया
29:37चिंता में छोटा भीम आया भैसे सब का मन गुबराया
29:43पूरी करने को तृष्णा आ जाते है कृष्णा
29:47छोटा भीम और कृष्णा छोटा भीम
29:54खुश है मन ही मन के अंदर छुटकी राज्यू जग्गू बंदर
30:03छोटा भीम का साथ निभाए रूप बदल कर काना आए
30:09पूरी करने को तृष्णा आ जाते है कृष्णा
30:13छोटा भीम और कृष्णा छोटा भीम
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