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छत्तीसगढ़ से भारतीय राज्यसभा के सांसद राजीव शुक्ला ने हाल ही में बजट पर कड़ा हमला बोला है। उनका कहना है कि इस बार के बजट में जनता को कोई खास राहत या “मजा” नहीं मिला। उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार को अमेरिका-इंडिया डील के बाद रिवाइज बजट पेश करना चाहिए ताकि असली सरकारी खर्च और आमदनी के आंकड़े साफ-साफ सामने आ सकें। शुक्ला ने अमेरिका-इंडिया डील का जिक्र करते हुए ये भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी शायद ट्रंप के दबाव में हैं, और यह डील भारत के बजाय अमेरिका के फायदे में नजर आती है। उनका कहना है कि इससे पेट्रोल-डीजल समेत तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं। वहीं, उन्होंने बांग्लादेश मामले पर भी सरकार की नीति पर सवाल उठाया और कहा कि अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) जैसी संस्थाएं कई बार भारत सरकार से बेहतर काम कर रही हैं। शुक्ला की टिप्पणियां बजट और विदेश नीति दोनों पर गंभीर आलोचना के रूप में देखी जा रही हैं।

Chhattisgarh MP Rajeev Shukla recently launched a strong attack on the budget, saying it offers no significant relief or “benefit” to the public. He suggested that the government should present a revised budget following the US-India deal, to clearly reflect actual expenditure and revenue figures. Referring to the deal, Shukla claimed that Prime Minister Modi might be under pressure from Trump, and that the agreement seems more beneficial to the US than India. He warned that this could lead to higher fuel prices, including petrol and diesel. Shukla also questioned the government’s policy on the Bangladesh issue, noting that organizations like the International Cricket Council (ICC) have often performed better than the Indian government. His comments are being seen as a serious critique of both the budget and India’s foreign policy.

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00:00धन्यवाद उपसवापती जी, हमारी निर्मिला सीतरामन जी का नवा बजट है, मुराई देशाई से एक बजट कम है, पता नहीं
00:09कि इस बार के बजट में मज़ा नहीं है, कुछ ऐसा ही नहीं जिसकी पर संसा की जा सके, एक
00:15भी चीज नहीं है, capital expenditure का नाम है तो दूसरी तरह प
00:27की minister है, कि उन्हें अब एक या तो supplementary budget पेश करें हैं, revised budget पेश करें, क्योंकि budget
00:35पेश होने के बाद ये अमेरिका के साथ deal हुई है, जो कि बहुत बड़ा जिसमें खर्च है, 500 बिलियन
00:44डालर करी, 45 लाग करोड का 5 साल में, और 40 बिलियन डालर का हम import अभी उनके साथ करते
00:52हैं,
00:52तो हमें 60 बिलियन के डालर का import हर साल और करना पड़ेगा, तो ये जब लाखों करोड का 45
00:59लाग करोड का इतना बड़ा मसला है, तो एक revised budget आना चाहिए, या supplementary budget इसके साथ होना चाहिए,
01:05इस deal के बाद मिलाके हम किस जगह पहुचेंगे और budget का क्या प्रारूप होगा, हमारा
01:12जो खर्च, expenditure वो कहा जाएगा, किस हसाब से, और इस 500 बिलियन डालर में, defense की खरीदारी शामिल नहीं
01:20है, वो एक्स को ऊपर है, over and above है, तो इसलिए ये बहुती जो है, गंबीर बात है, इसलिए
01:27मेरा इमानना है कि इस budget को revised budget देना चाहिए, उनको, एक आदत बन गही है, कि ग
01:42लोग सही मानने लगें, लेकिन असलियत तो नहीं है, असलियत ये नहीं है, आप असली आप असली बात को दबा
01:52देते हो, तो असली बात ये है, कि मनमोहन सिंग जी के जमाने में, जो है, तीन प्रिस्तत से नीचे
02:00था, 2.92, टैरिफ, बीच में डिस्टर्ब मत करो, क्या ची�
02:13और अटल जी के जमाने में, सवापती महदे, अटल जी के जमाने में तीन प्रश्चत था, उनको भी इसका स्रे
02:23जाता है, मुझे पता इनके एक वक्ता, कभी अटल जी का नाम तक नहीं लेते, कभी उनकी प्रसंसा नहीं करते,
02:30मैंने सारे भाशन सुने और नोट कि एक बार �
02:34अटल भारी बाचपई की प्रसंसा नहीं, क्या डर है ने अटल जी की तारीफ करने में, अटल जी की क्यों
02:40तो करते हैं, नरसमर होगी तारीफ करते हैं, तो अटल जी के बारे में बोलने में लोगों को बहुत डर
02:49लगता है, चलो ठीक है, आपको यह है कि अटल जी के बारे म
02:53नहीं बोलेंगा उनको श्रे मिल जाएगा लेकिन यह एक अजीब बात है सरकार का जो मैंने तर की पूछा तो
03:00मुझे तर की देया गया कि साब बदली हुए जो ट्रम्प है ट्रम्प वन के जो ट्रम्प थे वो ठीकते
03:06पहले वाले अभी जो बदले हुए जिसमें पचीस परसे
03:19इस से 18 कर दिया क्योंकि ट्रम्प बदल गए अरे बढ़ी ट्रम्प बदल गए तो आपने पहले ट्रम्प की इतनी
03:25जो है ट्रम्प की साथ इतनी मित्रता इतना दोस्काना उनके लिए उनके लिए रादामों जी शांत पाप पीचे सांत मैठिये
03:35आप बोलिया तो रोकी सर इ
03:49वहां पे बदले ट्रम्प को कि बदले वे ट्रम्प ट्रम्प टू के ट्रम्प जो है उनका एट्वीट बदल गया चाना
03:56कचा इसलिए अमाइठारा परसंट पर बड़ी खुशी है एक तरफ 18 परसंट दूसरी 0 परसंट तो 18 जीरो में कोई
04:03फरक नहीं अमेरका 0% है भारत को
04:06जीरो परसंट पर और अमेरका को 18 परसंट और उस पे भी धंकी है कि अगर आपने रूसी तेल खरीदा
04:14में रोज देख रहा हूं जरा भी तुमने गड़बड की तुम्हें फिर पेनल्टी लगा दूगा तो यह 18 परसंट भी
04:21कैम नहीं है जितने दूसरे नेशन से डेवले�
04:27पर 15 परसंट मैं तरक मान सकता हूं कि वो जो है डेवलर्प नेशन का उनका क्राइटेरिया अलग है और
04:32जो है जो सेक्षन जो है 192 के उसमें कुछ एक्जम्शन से लेकिन उन चीज़ों के एक्जम्शन से जो उनको
04:40जरूरत है काफी टी पे पहले इस एक्जम्शन से उन्हो
04:54को ने भी लिखा है कि यह डील जो है इस इस टिल्टेट टूर्ड्स अमेरिका अमेरिका के पक्ष में है
05:01तो इस पर मुझे लगता कि सरकार अपनी बात सफाई देगी और बताएगी कि यहासा क्यों मुझे याद युनाइटे नेशन
05:07में डेलिगेशन गया था हमारी भाजप
05:22पागया वारी जजयकार हमारा बड़ा मजद होगा बहुत अच्छा रहेगा और आज उसने ऐसा केक खिलाया कि
05:30कि इस बात का ख्याल रखना चाहिए कि किसी से भी किसी से भी गल्वाइया करो तो जो कहते ना
05:42उनका वो कहते हैं अरे भई उनका सुने
05:48अरे उनका सर एक्स्ट्रा टाइम में लूँगा अगर ऐसे बोले हैं तो इसलिए जो है उस पे भी तुर रही
06:05है कि रूस के तेल वाली और दूसरी जो इंपॉर्टेंट बात है कि
06:12अमेरिकन क्रिश्मंत्री खुद ट्रम्ब साब का जो ट्वीट है वाइट हॉस की प्रवकता उसने खुद का कि अमेरिका के बहुत
06:20बड़े फायदे में हैं करशुत बाद वो इसने बताए हैं और यह बोला है कि तमाम चीजों में हमें बहुत
06:26रहात मिली है एक चीज कलोनों न
06:28जहरा हमनों ठाई थी टेक्स्टैल वाली पांच परसेंट पे कपास पांच परसेंट सिर्फ डूटी पे कपास मंगला देश को मिली
06:36गए अमेरिकन का पास और तो वो टेक्स्टैल इंडस्ट्री में जब उसका जो कपड़ा है वो कितना फायदा करेगा देश
06:43को उनके उनको
06:58प्रूटेंट बात यह है कि जो कमपलसरी बाइंगे पांसो बिल्योंड डालर की है अब अगर हम रूस से तेल खरीदेंगे
07:08को मजबूर है कल अबने पूछा था हमारी मीटिंग थी तो नहीं बताया कि बहुत जादा रूस से तेल नहीं
07:12खरीदेंगे 2 बिलियन डालर का खरी
07:27और चाचा ने खुद बताया है ना वेनुजुला से आपको लेना होगा तो आप बताओ वेनुजुला से
07:34ट्रांस्पोर्टेशन कास्ट क्या होगी उत्ती दूर से लागत क्या आएगी एक इरान रशिया उनसे तो बहुत ज़्यादा लागत होगी दूसरा
07:43उनका
07:43प्रुड इल थिए क्रुड है हमारी कौन सी रेफाइनरी उसको प्रोसेस कर पाएगि ए इंडियन एल
07:49वाज ये तो करनी पाएगे प्राइवेट कोई रेफाइनरी प्रोसेस कर से समझ भाट है तो यह सारे आस्पेट तो तेल
07:56महंगा
07:56होगा पेट्रॉल डीजल और महंगा होगा आप जान लीजिए इससे मुझे ये बिल्कुल साफ साफ पता चलता है दूसरे जानवरों
08:04का चारा उसमें सामिल है अब जानुरें वहां का कहते हैं जीम क्राप वाला चार आएगा जो फॉर्डर जिसको बोलते
08:12हैं तो हमारी गाहे भैसों का क्या लोगा अगर जो है जनेटिकली बनाया ग़ा चारा मिले तो क्या हालोगा उससे
08:20निकला उदूद क्या होगा वियत नाम क
08:24इनके बाद पॉइंट और वियत नाम वियत नाम का क्रेसी उत्पादों पर पांच परसेंट टैरिफ है तो जो भाडर भारत
08:35को आडर मिलने थे तो हम 18 परसें दें वियत नाम पांच परसेंट पर तो बोलो क्या हाल होगा है
08:40सर यह मैं आप से पूछना चाहता हूं कि क्या हमार
08:54तो वह जो एक ऐसी समस्या है कि देखना पड़ेगा कि उनका क्या निक्सान हो आप कह रहें कि ट्रम्प
09:01जो है
09:03कि हम क्या कर रहे हैं हम क्या नहीं जानते अब यह मैंने पढ़ा किसी अखवारे में कि विदेश मंत्री
09:08से पूछो तो कहते हैं कामर्स मिनिस्टर से पूछो कामर्स मिनिस्टर से पूछो तो कहते हैं विदेश मंत्री से पूछो
09:13पूछें तो पूछें किस से यही नहीं सम�
09:33तो हमारा यह कहना है कि हमें खरीद तेल खरीज की आजयादी होनी चाहिए कंपनियां जो हमारी है उनको स्वत्तंत्र
09:42निर्णाय लेनी की छूट होनी चाहिए और तेल मैंगा नहों इसकी गारंटी करनी चाहिए यह देखिए पहां पर जैसेंकर बेटे
09:50विदेश नीत का वेस्
09:57मुश्किल समय हम कहते हैं कि आज आज हम विश्व गुरु है गुरु होता जिसके शिस होते हैं यहां आश्रम
10:05कोलके बैठेए एक भी शिस नहीं है अब यह जो यहार नीरत प्लीच सुपोरो नहीं करेंगे तुबढारा शिस सांत्रों है
10:17तो यह जो है आप बताओ जिवी त
10:20हुआ किसी एक देश ने छोटे मुटे देश नहीं हमारे सपोर्ट में ब्यान दिया पाकिस्ताइंग सपोर्ट में चीन खड़ा है
10:27अमेरिका उसके जनरल को बुला के लंच करा रहा है और टर्की जो है ड्रोन दे रही है सौधी अरभिया
10:34डिफेंस डील कर रहा है अजरबैजा
10:36उनके साथ हमारे साथ कौन एक अदमी ना पडोसी न पॉइन कोई तो यह कौन से गुरु की बात हो
10:44रही है जो एस जो शिश्वीन गुरु कौन है ऐसा जिसका सिस्टीनी चेले नी गुरु खाली है तो यह कौन
10:51सा आपने भारत बना दिया है यह सबसे बड़ी हमारी समस्चा
10:54कि जो है इसको देखे और उसी के साथ साथ मैं यह बात भी जोड़ता हूं कि यहां पर बैठे
11:00हैं माननी विदेश मंदी कि बंगलादेश के मामले में भी हमें कहीं ने कहीं असारुक लेना पड़ेगा कि बंगलादेश हमारी
11:08खत्तर की उपलब्धी है एक बहुत बड़े संग
11:23खराब हो जाएगा हमारे लिए पाकिस्तान तो चाहता है कि बंगलादेश साथ आजाए पर उसका इसके माल करें वहां से
11:29आतंकवाद बढ़ाने के लिए यह बहुत बड़ी अपलब थी अंद्रागान्दी के जमानें होई थी आप सब ने साथ दिया था
11:35और तब उसके बा�
11:48हो गया थो क्रिकेट मैच को लेकर तो आई सीसी ने बादशीत करके पाकिस्तान बंगलादेश सब को बिठाके मामला सुल
11:54जा लिया तो विदेश आपके सरकार से ज्यादा अच्छा काम तो आई सीसी कर रही है तो कुछ ऐसा ही
12:00सुखो ना कुछ इस तरह का काम हमें करना चाह
12:18गया रहे हैं इन बेरोजगारों के लिए हम जो है क्या कर रहे हैं क्यूंकि उनकी स्थिती बहुती खराव है
12:24नोकरियां हैं नहीं सरकार में खाली पतबरे नहीं जा रहे हैं । और Am�rikans
12:29डील के बाद मेकिन इंडिया क्या हो गए बगवानी जाने क्योंकि सब इतना देना पड़ेगा तो यहां लोग बना के
12:34क्या करेंगे समझ मनी आ रहा है छोटे लग बंद हो रहे हैं सरकारी अपसरों ने छोटे-छोटे व्यापयारियों की
12:41जान आफत में की हुए GST से लगा के
12:44हर तरह से इतना तंग किया जारा कि मुझे लगता है एक लाग के दस लाग लोग दस लाग वयापारी
12:49एक लाग वयापारी तो नागरिकता छोड़के चले गए तो अगर प्राइवेट सेक्टर के इंटरपेनोर एक वैसे आदमी जाए फरक नी
12:55पड़ता अगर उद्यमी जा
13:14दर से हर साल नया यूथ आरा नोकरी लेने के लिए तुमने उसके लिए कुछ सोचा तुम लोगों ने योजनायोग
13:19में मैं ऐसे तो कोई बात हुई नहीं नहीं देंगे तो यह अराज इकतत हो जाए तो कुछ सोचना चाहिए
13:28तो तब उन्हों का स्किल डेवलमेंट पर जो
13:50बढ़ाया जाए ताकि लोगों को उद्यमियों को उससे मौका मिले और थोड़ा डंडा मारने का काम व्याफारी में वगरें पर
13:58कम कराई अब से दिन्दबर डंडा मारते हैं और इसकी वज़ए से उनका जो होसला है वो बहुत कम होता
14:04चला जा रहा है मैं इस बजट में ग्
14:11हमानी नरसिमा रौजी पहले आदमी थे जोनोंने ग्रामीड मंत्राले में पांस सेक्रेट्री रखे थे बहुत विक्राल रूप दिया था ग्रामीड
14:20विकास मंत्राले को और महत्तोपूर्ण था लेकिन यहां हम देख रहे हैं कि साड़े 6,000 करोड का बजट कम
14:26कर दिया गया
14:27तो ग्रामीड विकास तो सबसे इंपोर्टेंट शेहरों में तो कुछ हो नहीं रहा ग्रामीड में नहीं हो रहा तो यह
14:32आपके लिए बहुत ही जो है मेरे ख्याल से बहुत गलत बात होगी आप कहते है यूद पावर यंग इंडिया
14:3860% हमरें कितने भाशन थे कि देश-दे�
14:54से छोड़के अपने गाउंगे परिशान होके दुखी होके उनको 24-47 गंड़े मिलता तो वह इतना दुखी हो गए क्यों
15:02वहां से अभी आप तो पहले ही मेरा कर दें नहीं तो दोस्तिक कि आप से आप कभी मौकर नहीं
15:07तो यह जो है ना बस खतम कर देंगे क्योंकि वह जो ह
15:22है आप भुजूर के उनको राशन दीजिए यूद को मोटिवेट करिए को कामों में वापस जाए बड़े-बड़े सहरों में
15:29जो कि नहीं जा रहा है यो आ डिग्री लेकर सड़क पर प्रदर्शन करना किसानों के मैंस्टी जा रहें कि
15:34लिए एक खिर नद्धा जी के लिए
15:36हेल्थ बज़ट बहुत कम है नद्याग यह एधी बज़ट बहुत कम है यह दो ढई परसेंट से कुछ नहीं को
15:41आझा बहुत दिक्कत है प्राइवेट थास्पेटर लूंट रहें आइश्मान कार्ड एक स्केंडल बन गया है यह प्राइवेट इस्पताल वाले आईस्मान
15:48
15:48वे लेई दिन इसका पासा खर जाए इसलिये मैं अच्छा लो क्या आखरी सिनु हादी अखरी सेंटेंज सुलो ना कि
15:56हम इस जाओ दे रहे हैं कोई दुष्मन के नाथी नहीं मेल रहे हैं विपक्ष को दुष्मन मझ समझो
16:01वो हुझ खाण गए नहीं एपने एंड ना
16:07तुम नी थक जाओं गा εκ दो मित आगे आगा घ्र संझिल
16:18थाय।
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