00:06बांगलादीश में 20 साल बाद तारिक रह्मान निरचाई तिहास जमाद की उमीदों को जटका देने वाले तारिक रह्मान कितनी दौलत
00:14के हैं मालिक
00:15जिहां बांगलादीश में 2024 के बड़े आंदोलन के बाद पहली बार 12 फरवरी को राष्टे चुनाओ हुई
00:21इसे मुल्क की सियासत के लिए एक बड़ा पल माना जा रहा है यह चुनाओं अंतरिम सरकार के प्रमुक्सलाकार मुहमद
00:28यूनुस की देखरेक में कराए गए
00:30लोगों ने दो एंगल से वोट डाला एक नई संसद चुनने के लिए और दूसरा संविधार में प्रस्तावित बदलाओं पर
00:36अपनी राय देने के लिए जिसमें बंगलादेश नेसल पार्टी यानि BNP ने बंपर जीत दर्ज की है
00:41पूर प्रधार मंत्री और BNP चेयर परसन बेगम खालदा जीया के बीटे तारिक रहमान ने नौजर्वरी को उनके निधन के
00:48कुछ समय बाद पार्टी के चेयर मैं कपद और चारिक उप से संभाला
00:51तारिक रहमान को बंगलादेश की राजनिती का क्राउन प्रिंस कहा जा रहा है वैसे तो उनकी वापसी फरवरी दोहाट चब़ीस
00:57में संसदी चुनौक के दोरान होने वाली थी
00:59लेकिन बदली परसितियों के बीच वाद दिसंबर दोहजर पचीस को ही बिटन से वापस आगे
01:04बंगलादेश वापसी करने से पहले तारिक रहमान सतरा साल का निर्वासन जहिल चुकी है
01:08लेकिन इस बीच खास बात ये रही कि तारिक रहमान बंगलादेश के तीसरे सबसे अमीर आदमी भी है
01:13बंगलादेशी मीडिया के रिपोर्ट के अनुसार तारिक रहमान के पास कई हजार करोण टका दौलत है
01:18रहमान का जर्म उन्नी सु सरस्ट में करांची पाकिस्तान में हुआ था
01:21उन्होंने धाका यूनिसिटी और लंदन स्कूल आफ एकोनामिक्स से सिख्षा प्राप्त की
01:27अगर बात रहमान के कुल संपत्ति की करें तो कई हजार करोण टका दौलत के मालिक है
01:33बांगलादेशी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार तारिक बांगलादेश के तीसरे सबसे अमीर कारोबारी है
01:40उनकी नेट वर्थ लगभग 1.7 अरब डौलर होने का अनुमान है
01:44अगर इसे बांगलादेशी के टका करेंसी में कर्वट करें तो करीब 21,000 करोण टका बन रहा है
01:50जो काफी जादा है
01:55मज़ुदा समय में डौलर के मुकाबले एक टका की वैलू 122.2 टका है
02:04अगर इसके भारतीय रुपए में कर्वट करें तो इस तारिक के पास करीब 15,000 करोण रुपए से ज़्यादा की
02:10दौलत है
02:16वह साल 2007 में जब सैने समर्थी सरकार सत्ता में आई तो तारिक रहमान को गिरफतार कर लिया गया था
02:21उन्हें BNP सरकार के दौरान प्रशाचार और प्रवाव का स्तमाल करने के लिए कई मावलों में दोशी ठारा गया और
02:28बांगला दरीस की अदालत ने उन्हें लंबी जेल की सिरा सुनाई
02:30बाद मुने मेडिकल इलाज के लिए पैरोल पर रिहा कर दिया गया जिसके बाद वस साल 2008 में बांगला देश
02:37छोड़कर चले गए तब सिवा लंदन में रहे थे और अब 17 साल बाद ऐसी वापसी की है जिसे देखकर
02:44हर कोई हैरान है
02:45फिल्हार लिए बस इतना ही बागे बड़ी बने रहे हैं वन भी आ हिंदी के साथ
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