00:06राज्यसभा में भिडे सभापती और खरगे, खरगे और स्पीकर के बीच क्यूं हो गई नोग जोंक? देखें बहस का पूरा
00:14वीडियो.
00:38मैंने अपनी तरफ से आरब में ही इस बात को स्पस्ट रूप से कहा था कि राज्पती का अभिभाशन राष्ट्री
00:52अमहत्यों के मुद्दों को उठाने का एक बेहत्रीन अवसर था,
00:56पर वे बाते अभिभाशन में परलिकिज नहीं होती, इसी भाव के साथ मैंने सामाजिक नयाई से लेकर संसदील तंत्र पर
01:09तत्यों पर मैं अपने बाते रखी थी.
01:13लेकिन राजिसभा की वेबसाइट पर अपलोड किये गए भाशन को शब्दशा पाट की समिक्षा करने पर मैंने पाया कि मेरे
01:26भाशन का एक बड़ा हिस्सा बिना किसी उचित अउचित के या तो एक्सपंशन दिया है,
01:35या बिना किसी उचित जस्टिफिकेशन से हटाया गया है, मैंने जो समिक्षा की है, उसमें पाया है कि मेरे भाशन
01:45के अन्रेकॉर्डेट पोर्शन्स वे हैं, जिसमें मैंने वर्तमान सरकार के कारिकाल में संसदी कामकाज पर तत्यों के साथ टिपनिया की
01:57है,
01:57और प्रदान मंत्री जी की चंद नीतियों की आलोचना की है, जो की नेता प्रतिफिक्ष होने के कारण मेरा ये
02:07दायत भी है, क्योंकि मुझे लगता है कि वे नीतिया भारती जन्मानस पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रही है,
02:17मेरा संसदी जीवन पांच दसक से अधिक का है, लंबे समय तक विधायक और सांसद के रूप में मैंने काम
02:28किया है,
02:28और हमेशा मैंने सदन की गरिमा, नियम, परंपराओं और पिठासिन अधिकारी के करतेवी की जानकारी के साथ,
02:39हमेशा भाशा की मर्यादा के प्रति सजग और सचेत रहा हूं, कहा किन बातों को निकाला जा सकता है,
02:49इसमें पूरी तरह मैं वाकिप हूँ और कुछ जानता हूँ, सभापती जी, आप जानते हैं कि
02:59Rules of Procedure and Conduct of Business Rule, Council of States, नियम, 261 केवल विशिष्ट और सीमित परिस्तितियों में ही
03:12लागू होता है,
03:13इसे लिए मैं आपसे विनंती करना चाहता हूँ, कि मेरी जो टिपनिया हटाई गई है, उनमें कुछ भी असनसदी या
03:25डिपेमेटरी वर्ड्स नहीं है, और नहीं इसमें नियम 261 का कहीं उलंगन भी मैंने नहीं किया है,
03:40मेरी कहीं गई बाते सपस्ट रूप से चर्चा के आधीन विशेज से संबंदित थी, वे पूरी तरह से धन्यवाद प्रस्ताओं
03:50के दाइरे में आते थे, और इसलिए मुझे लगता है,
03:54कि मेरे भाशन का इतना बड़ा हिस्सा काटना, हटाना ये डेमाकरसी के खिलाफ है, और फ्रीडम अब स्पीच के खिलाफ
04:04है,
04:04समीदान के अनुच्छे 151 के तहट सांसदों को मिले अभिवेक्ति की स्वतंत्र के अधिकार को लेकर भी चिंता प्रकट करता
04:18है,
04:18इसलिए मैं आप से निवेदन करता हूँ कि हटाए गए उसों पर उनर विचार करते हुए बाल किया जाए, आप
04:28से मुझे नहीं नहीं मिला, तो मैं आप जनता के बीच अन्रेकॉर्डेट वर्षन को साजा करने को बात होगा,
04:44उस वक्त मुझे आप यह नहीं कहिना, आपने रूल सब प्रसीजर का उलंगन किया।
05:15और सफरैन के ंप जस वक्त मिला
05:23प्रस्टमा तो मिला देख यह एूह भरिटरिन को एकि नहीं एक बीच का ल savoir्ट खरेखही है
05:32हिए भी है। और गृप्नेती शुट्राइब आप लेकर फिर जापका लिए Ale एकर आपका मैं जट है।
05:52झाल, झाल, झाल, झाल
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