00:00जरा सोचिये, सुभा ओफिस के लिए निकलना है, फोन उठाया, उबर खोला, सामने लिखा आया, no cabs available, फिर ओला ट्राइ किया, लिखा आया, no rides, चलो कम से कम रापिडो तो मिल जाएगी, पर यहां भी कोई ड्राइवर नहीं, अगर ऐसा हुआ, तो हैरान मत हो ये, क्योंकि स
00:30प्राइवरों ने शनिवार 7 फरवरी 2026 को एक राष्ट्रव्यापी हर्ताल का एलान किया है, इस हर्ताल को नाम दिया गया है All India Breakdown, मतलब साफ है, ड्राइवर एक साथ अपने अपने अप बंद करेंगे, और क्याब और बाइक टैक्सी सेवाईं बुरी तरह प्रभावित हो
01:00इक संगठनों का, यूनियन ने सोशल मीडिया प्लाटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर साफ कहा है, नन्यूंतम किराया, ननियम कानून, सिर्फ अंतहीन शोशन, 7 फरवरी 2026 को देश भर के आप आधारित परिवहन कर्मी All India Breakdown करेंगे, अब सवाल ये है कि आखिर ड्राइवर �
01:30कि उबर, ओला, रैपिडो और पोर्टर जैसी एग्रिगेटर कमपनियों के लिए अब तक कोई न्यूंतम किराया तै नहीं किया गया है, इसका नतीजा क्या हुआ? कमपनियां अपनी मर्जी से किराया तै कर रही है, ड्राइवरों की कमाई लगातार घट रही है और लाखो
02:00ड्राइवर यूनियन ने मोटर वहिकल एग्रिगेटर गाइडलाइन्स 2025 का हवाला देते हुए सरकार से ततकाल हस्तक्षेप की मांग की है, उनकी प्रमुख मांगे कुछ इस तरह हैं, न्यूंतम बेस फेर तै किया जाए, जिसे केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर लागू
02:30उसे कमर्शिल श्रेणी में बदला जाए, ड्राइवरों की आजेविका की सुरक्षा के लिए मजबूत नियम और प्रभावी निगरानी व्यवस्था लागू की जाए, अब बात करते हैं आप और हम जैसे आम यात्रियों की, अगर हरताल व्यापक रही तो शनिवार को क्य
03:00जैसे वेकल्पिक परिवहन की पहले से योजना बना लें। ये हरताल ऐसे समय हो रही है, जब पूरे देश में गिग वरकर्स के अधिकारों को लेकर बहस तेज हो चुकी है। अगर All India breakdown सफल होता है, तो इससे सरकार और aggregator कमपनियों दोनों पर ड्राइवरों की मांगे मान
03:30असी बड़े बदलाव की शुरुवात बनेगा। साथ फरवरी बताएगा कि ये सिर्फ एक हरताल है या देश की गिग एकॉनमी के लिए एक टरनिंग पॉइंट।
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