00:00महाराश्ट्र की राजुनीती में एक ऐसा मोड आया है जुसने हर किसी को चोका कर रख दिया है
00:12अजीत पवार की अचानक प्लेन क्रैश में मृत्यू के बाद उनकी पतनी सुनेत्रा पवार को न सिर्फ फुट पर राजुनीती में लाया गया
00:21बलकि तेरवी से पहले ही उन्हें महाराश्ट्र की उपमुख्यमंत्री बना दिया गया
00:26जुसके बाद एक सवाल है जो सब के जहन में आ रहा है
00:29क्या तेरह दिन तक डिप्टिस येम का पदर खाली रखा नहीं जा सकता था
00:34अगर नहीं तो आखर किस बात का डर था
00:36नमस्कार मेरा नाम है रिच्चा और आप देख रहे हैं वार इंडिया हिंदी
00:39अजीत पवार का अचानक एक हादसे में जाना
00:42सिर्फ महाराश्ट्र नहीं बलकि पूरे देश को इसने जब जोर कर रख दिया
00:45परिवार पर क्या भीत रही होगी ये बताना दोफरों के लिए थोड़ा मुश्किल तो हो सकता है
00:49लेकिन उमीद लगाई जा सकती है
00:51लेकिन परापरागत तोर पर शोक की अवधी में बड़े राजनितिक फैसलों से बचा जाता है
00:56कि यहाँ ऐसा नहीं हुआ
00:58इसकी सबसे बड़ी वज़य है सत्ता का संतुलन
01:01अजीत पवार ना सिर्फ एक नेता थे बलकि सरकार के भीतर एक मजबूत पावर सेंटर भी थे
01:05उनके जाने से गट बंधन में शक्ती संतुलन बिगड़ने का खत्रा पैदा हो गया था
01:10अगर तेरा दिन तक पद खाली रहता तो सहयोगी दलों को भीतर खाने विरोधियों को अपनी चाल चलने का मौका मिल जाता
01:17असल डर सिर्फ प्रशासनिक नहीं बलकि राजनेतिक तूट फूट का भी था
01:21अब जीत पवार के समर्थक विधायकों को साथ में बांधे रखना जरूरी था
01:26सुनेत्रा पवार को मुख्यमंत्री बना कर ये संदेश दिया गया कि नेत्रुत्व के विरासत सुरप्शित है
01:32और पवार परिवार की राजनेतिक पकड़ अभी भी मजबूत है
01:35ये एक भावनात्मक के साथ साथ रणनेतिक फैसला भी था
01:39सुनेत्रा पवार कौन सा काम संभालेंगी ये एक बहुत जरूरी प्रश्न है जो सब के जहन में आ रहा है
01:45उप मुख्यमंत्री बनने के बाद सुनेत्रा पवार को कुछ एहम विभाग सोपे जा सकते हैं
01:51जैसे महिला एवं बाल विकास, समाजिक निया या फिर ग्रामिन विकास
01:54इसके इलावा वे काबिनेट कॉडिनेशन और पार्टी के भीतर अजीत पवार गुट को एक जुट रखने की भूमिका निभाएंगी
02:00उनका सबसे बड़ा काम होगा सरकार की स्थिर्ता बनाए रखना और ये दिखाना कि वे सिर्फ सहानबूती की नेता नहीं है
02:08राजुनीतिक चुनौतियां, अनुभाव की कमी और विपक्ष का दबाव
02:12सुनेत्रा पवार के सामने चुनौतियां कम नहीं है
02:15सबसे पहले चुनौति है सीधे जन राजुनीति का अनुभाव ना होना
02:20विपक्ष उन्हें बैक डोर एंट्रे का चहरा बता कर घेरने की कोशिस जरूर करेगा
02:25दूसरा बड़ा चैलेंज है प्रशासन पर पकड़
02:28जैसा कि अजीत पवार के पास था अजीत पवार को एक तुर्शासनिक मजबूतिक के रूप में देखा जाता था
02:33ब्यूरोक्रिसी को साथ लेना और फैसलों में आत्म विश्वास दिखाना उनके लिए आसान नहीं होगा
02:37ये बात सुनेतर पवार के लिए क्योंकि अजीत पवार इसमें माहिर थे
02:40पार्टी के अंदर भी राह आसान नहीं
02:43एंसेप्य और गडबंधन के भीतर कई वरिष्ट ऐसे नेता हैं जो खुद इस पद की उमीद कर रहे थे
02:48एसे में अंदरूनी असन तोष को संभालना सुनेतर पवार के लिए सबसे कटिन पर इच्छा होगी
02:52उन्हें ये साबित करना होगा कि विस सिर्फ अजीत पवार की पत्नी नहीं बलकि एक सक्षम में राजुनेतिक उत्रादिकारी भी है
02:59भविश्यकी राजुनीती संभेदना से शक्ति तक का सफर
03:03अजीत पवार की मृत्यू के बाद लिया गया ये फैसला साफ दिखाता है कि महराश्यकी राजुनीती में भावनाओं से ज्यादा स्थर्ता और गणित अहम है
03:12अब देखना ये होगा कि वे इस मौके को एक मजबूत राजुनीतिक पहचान में बदल पाती है या दबाव में बनकर रह जाती है
03:27उस ख़बर में इतना ही अपडेट्स के लिए देखते रहें One India Hindi
03:42झाल
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