00:00बाज़त दोहजारचबश के बाद रेलवेस का रिपोर्ट कार्ड सामने आ चुका है
00:04नंबर सीधा एक बात कह रहे हैं कि गेम बदल रहा है
00:08और रेलवे मिनिस्टर अश्वनी वैशनफ जी के मुताबित रेलवेस का जो रिवेन्यू है
00:12अब वो सिरफ टिकेट तर लिमिट नहीं रहा है
00:15अब काफी सारे बतलाव हो चुके हैं
00:17एक लॉस मेकिंग सिस्टम से अब डेटा ड्रिवन नेटवर्क तक का सफर तैक कर रही है भारतिये रेलवेस
00:23ऐसे में उनका क्या कहना है आई ये सुनते हैं
00:26पैसेंजर रेवन्यू येर टू येर कंपेरिजन करते थे ना सुना अभी आपकी क्या हुमर है अभी आपकी क्या हुमर है
00:31ability Facebook
00:45कि ए साल उन पचाश साल के अ पिछले साल ड़ेगेट था पाशन्जर का 75 000 करोड़ इस साल ड्यविन्य रेवनियु
00:56है पच्चिस चब्बिस का असी एजार क्रोड तो बढ़ा है कम हो
00:59है
01:01दादा मैं भई कह रहा हूं 45 अजार से 80 अजार क्रोर बढ़ा है थी के बिल्कों दादा
01:09पिछले साल से इस साल का आरी कंपेर किया जाता है
01:17आप गलत लिख रहे हो
01:20मैं आपको एक्जांपल दिया ना भई
01:24पिछले साल मान लो
01:261617 1617
01:30मिलियन मेट्रिक टन किया
01:33इस साल कर रहे है
01:341650-1652
01:38तो पिछले साल से कंपेर केरेंगे ना
01:56आप तो बाहत समझदार आप लिए
02:00ना आप इस साल के एक्शोर से
02:06इस साल के आरी को कंपेर करते हैं, हमेशा
02:09तो मैं कह रहा हूँ, 24,25 में 75,368 करोड रुपीज का पैसेंजर रेविन्यू था
02:2125,26 में 80,000 करोड रुपे का रेविन्यू है
02:26अब मैं फ्रेट का बोलता हूँ, 24,25 में 1,21,000 करोड रुपे का रेविन्यू था
02:32फ्रेट का, 24,25 में, 25,26 में 1,78,000 करोड रुपे का रेविन्यू था
02:38तो दोनों बड़े हैं न, कम कम हूँ, कहां कम हूँ
02:43टोटल रेविन्यू देखो, तो 2,65,000 करोड था, वो बढ़के 2,68,000 करोड हो गया
02:562,65,000 करोड से, बढ़के 2,78,000 करोड हो गया
03:01और लगातार 3 साल हो गए, ब्रेक इवन हो रहा है
03:04लगातार 3 साल हो गए, ब्रेक इवन हो रहा है
03:08और इस साल भी होफ़ली ब्रेक इवन होगा, रेलवे के अकाउंट्स का
03:12अब आपके, देखो, बुलेट ट्रेन में, जैसा मैंने आपको बताया
03:18बहुत ही complex technology बहुत complex है अगर आप कोई जैसे गाड़ी चलाते हो तो जब आप गाड़ी 40-50 की speed पे चलाते हो तो उसका vibration का level एक होता है
03:32200 की speed पे चलाते हो उसका vibration, control, wind के साथ उसका interaction वो अलग होता है
03:38200 की speed पे चलाते हो बंदेबारत की 180 की जो speed है उसका अलग है और जब 350 के लिए design करते हैं
03:46350 km per hour के लिए design करते हैं उसका totally अलग होता है जो train और wheel का interaction होता है
03:53ट्रेन, मलब ट्रैक और वील का जो इंट्राक्शन होता है
03:56वो डैनमिकी एकदम अलग होता है
03:59जो इलेक्रिकल, ओवरेड, वायर और पैंटोग्राफ के बीच में इंट्राक्शन होता है
04:03350 की स्पीट पे जब गाड़ी चल रही है
04:06तो कैसे इलेक्रिकल वायर में से करेंट ड्राव करनी है
04:11बहुत ही कॉंपलेक्स है
04:13और जो गाड़ी जब 350 की स्पीट के लिए डिजाइन है
04:16चल रही है जब
04:17तो उसके चारों तरफ एक वैक्यूम क्रियेट हो जाता है
04:20और उसके आगे एक साउंड का वैक्यूम वाला कॉलम चलता है
04:25वल near इस से वेरी-वेरी कॉंपलेक्स टेखनिकल थी
04:27इसलिए पहले फेज में एक प्रोजेक्ट लिया गया
04:31जिससे की उस फेज में एक प्रोजेक्ट से देश में शमता बने
04:36Technical Capability बने
04:38और आपने देखा जो बड़ी-बड़ी मशीने इसमें लगी हुई न
04:40उन मशीनों का
04:42निर्मान, उन मशीनों का
04:44डिजाइन भारत में हुआ
04:45जो की बहुत बड़ी केपैसिटी है
04:48और उसमें जो जुड़े लोग
04:50वो आज एक्सपोर्ट करने लगें उन मशीनों को
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