00:00मेरा नाम लगुम्मद दीपगे मैं
00:01नलगुंडा की जमीन और असद उद्दीन ओवैसी का ओवियान जिसने देश की सियासत में एक नई बहस छेड़ दी है
00:16ओवैसी ने एक नया नाम लिया है मुहम्मद दीपग
00:20सुनने में जीव लग सकता है लेकिन इस नाम के पीछे ओवैसी ने बीजेपी और आरेसेस की विचारधारा पर करारा प्रहार किया है
00:27ओवैसी ने बताया कि उनकी नजर में असली भारती ये कौन है
00:30ओवैसी ने मुहमद दीपग के नाम के एक हिंदू युवक की बहादुरी को सच्चे भारत की तस्वीर बताती हुए कहा कि
00:35अगर देश की युवा इसी तरह नफरत की राजनीती का मुकाबला करेंगे तो बीजेपी आरेसेस का शासन खतम हो जाएगा
00:42अपने संबोधन में ओवैसी भावुक हो गए और उन्होंने 26 जनवरी को गरतन दिवस के दिन उत्राखंड में हुई घटना का जिक्र किया
00:49उन्होंने बताया कि कैसे एक सक्तर वर्षिये बुजर्ग वकीर एहमद की दुकान को निशाना बनाया गया
00:54वैसी ने कहा तब वहां दीपक कुमार नाम का एक स्थानी युवक धाल बनकर खड़ा हो गया
00:59एक हमारा हिंदू भाई जिसका नाम दीपक कुमार है जिम चलाता है वो आवाजे सुनकर आया
01:09और उसने कहा कि तुम होते कौन हो कि तुम वकील एहमद से कहो जो दुकान 30 साल से कोटवार में है नाम बदल दो
01:19उसने बजरंग डल के उन तमाम लोगों के साम में जालिमों के साम में खड़े होकर उन से बाचीद की
01:27वसे से पहले इस मामले को लेकर राहूल गाधी ने भी दीपक की तारिफ की थी
01:33उन्होंने एक्सपर ट्वीट कर मुहमद दीपक को हीरो बताया उन्होंने लिखा कि उत्तरा खंड के दीपक भारत के हीरो है
01:40दीपक समविधान और इंसानियत के लिए लड़ रहे हैं और वो एक बबर शेर हैं
01:45दरसल गर्तन दिवस के दिन कोड़द्वार के पटेल मार्गिस्थित बाबा ड्रिस्ट की दुकान पर विवाद हुआ
01:50इस पर बजरंग दल और अन्य हिंदू संग्ठन से जुड़े लोगों ने आपत्ति जलाते हुए दुकानदार को नाम बदलने के लिए कहा
01:56जब बात नहीं बनी तो देहरादून और शिक्केश के बजरंग दल के कारकरताओं को बुलाया गया
02:01बीते शनिवार को मवला कायू बढ़ा हिंदू संग्ठनों का रोप है कि कोड़द्वार में बावा सिर्फ सिद्बली हनुमान जी को ही कहा जाता है
02:08दूसरे संग्ठन के बिक्ति का यह नाम रखना आपत्ति जनक है
02:11इस पर अस्थानिय जिम ट्रेनर्ग दीपक कुमार ने दुकानदार का समर्थन किया और बजरंग दल के कारकरताओं को वहां से भगा दिया
02:35वहीज घटना के बाद दीपक सोचल मीडिया पर च्छाय हुए और उनकी खूप तारीफ हो रही है
02:40फिर हाले बस इतना ही बाकी अप्रेटल बने रहे हैं वनिडिया हंदी किसा अधे
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