00:00कर दो
00:05क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि मौत के उससे आखरी मूड पर
00:10पाइलेट को आहसास तक नहीं था कि वो रनवे से है कितनी दूर और जब उसने अपने
00:15अपनी गलती का एसास किया उसे अपनी गलती का पता चला तब विमान की रफ़तार नहीं
00:20बेकाबू हो गई बरमती विमान हासे की जाँचमी जो सबसे चांकाने वाला खुलासा हुआ
00:25कि जो स्लेंटिंग के लिए कम से कम पांच किलोमेटर की विजिबिलिटी अनिवार्य थी
00:30उसे महज तीन किलोमेटर की धुंद में अन्चाम देनी की खातक कूशिश की विए
00:35और इसी एक जिद ने पूरे हाथ से की पटकता लिग दी नमस्कार
00:40मेरा नाम है मुकुंदूर आप देखना शुरू कर चुके हैं
00:42वन इंडिया का स्पेशल न्यूज बुलिटेन देश्ट
00:45इंडिया का स्पेशल देखना इंडिया का स्पेशल
00:50कि बारमती क्रेश की पड़ते हैं अब धीरे धीरे खुलने लगी है
00:55और नागरिक उड़ेन महानिदेशालिया यानि की डीजिसीय की जांच का पूरा फुकस
01:00उस मानवी अभूल और विजूल मिस्चच्मेंट पर टिक गया जसने इस पूरी घटना को जाए
01:05पूर अंचान दिया जाँच के शुरुवाती नतीजे बताते हैं कि यहाथसा तक्नीकी खरावी से जाए
01:10पाइलट के गलत आकलन का परणाम था
01:12सूत्रों की माने तो जाँच दल दो मुठ्य बताते हैं
01:15विंदों पर काम कर रहा है
01:16पहला ये कि क्या वाकई विमान में कोई ऐसा तक्नीकी फॉर्ट
01:20था जुसमें पाइलट को मजबूर किया या फर रनवी को देखने और पहले
01:25परचानने में ही पाइलट से इतनी बड़ी चूप हो गई कि उसे सुधारने का मौकान है
01:30नहीं मिला डीजी सीए की अधिकारियों ने इस मामले में जो सबसे हैं जानकारी साजा की वो बाइट
01:35परमती एरफिल्ड की क्लास ची श्रिवनी के होनी से साफ तौर पर जुड़ी है
01:40दरसल बारमती जैसी एरस्टिप्स अनकंट्रोल एरफूर्ट श्रिवनी में आती है जहां के
01:45कोई फुल टाइम एर ट्राफिक कंट्रोलर माचूद नहीं होता
01:48ऐसी जगहों पर सारी जिम्मदार
01:50पाइलट के कंधों पर होती है पाइलट को खुद ही अपनी आखों से रनवी को देखना होता है और
01:55तूरी का अंदाजा लगाना होता है और आसपास के महल पर नजर भी रखनी होती है
02:00नियमों के मताबिक ऐसी जगहों पर विमान उतारने के लिए कम से कम पाँच किलोमेटर की स्पॉश्ट
02:05दृश्चता अनिवार्य मानी गई है यानि की विजिबिलिटी साफ हो
02:10भी पाँच किलोमेटर तक लेकिन हाथ से कि दिन वहाँ पर विजिबिलिटी केवल तीन से पाँच के लिए
02:15किलोमेटर के बीच जूलती नजर आई हाथ से के वक्त के घटना करम को अगर बारी किसे देखें
02:20तो रॉंक्ते खड़े हो जाते हैं जब विमान लेंटिंग के लिए एप्रोच कर रहा था तब ग्राउंड क्री
02:25और संबंधित तंत्र ने पाइलट से पूछा कि क्या उसे रनवे साफ नजर आ रहा है
02:30अब विड़न बना देखें उस वक्त महज़ विजिविलिटी तीन किलो मेटर आखी गए
02:35पहली बार जब इस सवाल पूछा गया तो विमान के क्लियू की तरफ से कोई जवाब नहीं आया
02:40पाइलट ने समझधारी दिखाते हुए विमान को वापस हवा में ले जाने की कोशिश की होगे
02:45यानि की गो एराउंड करने की कोशिश की लेकिन असली ड्रामा तब शुरू हुआ जब दूसरे बार लेंड़
02:50की कोशिश की गई और दूसरी कोशिश के दौरान ही पहले क्रिव ने कहा कि रनवे
02:55नजर नहीं आ रहा लेकिन फिर अचानक ही पलभर के भीतर उन्होंने पुष्टी कर दी कि रनवे
03:00दिख गया डीजिसीये के सूत्रों का मानना है कि यही वो पल था जहां सबसे बड़ी गई
03:05गलती हुई और इस पूरे हाथ से को न्योता दिया गया जाज अधिकारियों का कहना है कि जब
03:10पाइलट को आखिरकार रनवे दिखा तब वो रनवे की काफी करीब आ चुका था और उसे अब
03:15अपनी सिती का गलत अंदाजा हो गया इसे तखनी की भाशा में वीजूल मिस जज्जमेंट करेंगा
03:20कहा गया सिसी टीवी फुटेज के शुरुवाती विश्लेशन से पता चलता है कि जब पाइलट को अपनी गलत
03:25का एहसास हुआ तब उसने विमान को सही दिशा में लाने और सुरक्षक लेंडिंग कराने की
03:30लेकिन उस वक्त तक बहुत देर हो गई विमान की गती इतनी ज्यादा थी कि
03:35जो से नियोंत्रित करना ना मुम्किन हो गया बरमती का रनवे एक सेमी टेबल टॉप रनवे की तरह है
03:40जहां थोड़ी सी भी जूप विमान को खाई अधलान की और ले जाती है और सीमित द्रिश्यता में
03:45ये खत्रा कई गुणा बढ़ जाता है
03:50को पुले कर गंभी सवाल खड़े कर दिये
03:51जाश्पूरी होने के बार बीजी सीय अब क्लास ची एलस
03:55स्ट्रिप्स के लिए नई ऑपरिशनल गाइडलाइन्स और एडवाईजरी जारी करने की पूरी तैयारी में है
04:00ये जाश के वल इस हाथ से के वज़ा नहीं बताएगी बलके भविश्य में होने वाली या सिगलाई
04:05को रोपने के लिए एक बड़ा सबक भी थी और सबक बनेगी अखिर क्यों या
04:10को ताक पर रखकर काम विजिबिटी में लैंडिंग की कोशिश की गई
04:13ये सवाल आज भी चार्च के केदर
04:15में हैं कि क्या कोई दबाफ था या सिर्फ एक गलत आत्मविश्वास
04:20खुलासी की रिस्त प्रिपूर्ट आने के बाद ये सारी तस्वीर साफ होगी सारे जो सब्सक्राइब
04:25जांश है उस पर से परदा उठेगा लेकिन अब तक की जांश नहीं तो साफ कर दिया कि चंद सेकंड की दूर्ट
04:30दूर्ट देखने की चूपने इस दुखद हासे को जर्म दिया और अजीद परदा
04:35आज हमारे बीज नहीं रहे क्या हम आजादी के नाम पर आजादी के
04:4075 साल बाद भी एक जाती विहीं समाज बनाने की वजह है भेद भाव को लगाता है
04:45भेद भाव की उस अंधी खाई में गिनने जा रहे हैं जहां से हम निकलने की
04:50पूशिश कर रहे थे सुप्रीम कोर्ट में यूजिसी के नए नियमों पर रूख लगाते हुए
04:55जेंद सरकार से ये चुपता हुआ सवाल किया वोट में साफ कर दिया कि 19 मार्च को होने वाली
05:00अगली सुनवाई तक 2012 की पुराने नियम लागू रहेंगे
05:05तल खट पढ़ें करते हुए कहा कि जाते विहीं समाज की और बढ़ना चाहिए लेकिन ऐसे फैस्ट
05:10से हमें पीछे ले जाते हैं
05:11कोट ने चेतावनी दिती हुए कहा कि जोजिसी की ये नियम बेहत
05:15स्पश्ट हैं और इनका भविश्य में बड़े पैमाने पर दुरूपयोग हो सकता है
05:20अब इसी मामले पर सुप्रीम कोट के टिपपणी पायर हमने देश की नबस्त टोलने की कोशिश की राध
05:25अज़ानी दिली की जनता क्या कुछ बता रही है सुप्रीम कोट के इस फैसले पर जर सुने
05:30इसले पर दोलने की जनता की जनता की जनता रही है
05:35यह जनल के साथ बहुत दुखद एक घटना हुई है
05:40मैं भी आता हूँ जनल के पास कुछ है ही नहीं फैसले से जब भारतिय जनता पार्टी
05:45के लोग नहीं सहमत है आरशास के लोग नहीं सहमत है तो जनता कैसे सहमत हुए
05:50कि अधिकेशन पर इतना भी फोकस नहीं है काईड़ रूल तो मेरे अगेंस महीं है
05:54स्टी स्टी वालों के पास
05:55स्टोड़ी दो पावर आ चुकिए हम जनल कोटा वालों कहीं ना कहीं इसको हम एक तर्स डिस्रीमिनेशन
06:00हम ऐसी कोई प्रोब्लम क्रीट नहीं कर रहें सजा हमें मिल दिया
06:05जर्स आयूल रखी पास
06:07जर्स जर्स कोईपनेशन
06:10यूजी सी के मुद्धे बे देश करम हो चुका है यूजी सी के जो नई अमेडमेंट्स है इसने एसी
06:15के साथ अब OBC को भी जोड़ दिया है ताकि जातिकर डिस्क्रिमिनेशन से जातिकर भेद
06:20सब्सक्राइब से लोगों को बचाया जा सके चात्रों को बचाया जा सके पर वहीं क्या जेनरल का
06:25काटिगरी वालों के खिलाफ बेदवाव है क्या जेनरल काटिगरी वाले चात्रों अब डर डर करें
06:30कि जिएंगे ऐसे कई सारे सवाल हैं जो अब देश में घुम रहे हैं लोगों को जाती में बाट
06:35तुम OBC हो तुम SST हो आगे जागे में जनरल भी अपना डमान करें कि हम
06:40कहां जाएं अगले को इतनी पावर दे तो कि मुझे बे मतलब की फसाद है जिस देश का आठी फेल परदाश
06:45मंत्री होगा पड़ा लिखा क्लर बनेगा उस देश का यही हाल होगा बेटर रूट
06:50मुले कि तुम सब के लिए रेजर्वेशन अठागे क्या यह सिरफ OBC इसको अपनी तरफ खीचने का वह
06:55बैंक बनाने का एक नया तरीका था या अच्छल में कास्ट बेस्ट डिस्क्रिमिनेशन हो
07:00होती है यहां के कॉलेज्जों में तो आई यह जरा लोगों से जानते हैं कि उनका इस बारे में क्या मांगा
07:05झाल
07:06झाल
07:07झाल
07:08झाल
07:09झाल
07:10सबसे पहले तो मताइए यूजी सी का यह जो नया फैसला आया है ओभी सी को भी अब सी एस्टी के साथ जोड़े
07:15दिया गया है उनको जातिकत भेद बाफ से बचाया जाएगा आप इस फैसले से संतुष्ट है खुश है
07:20देखिए मुझे ऐसा लगता है कि यह जो फैसला आया है कही ना कही यह जनरल के साथ
07:25बहुत दुखद एक घटना हुई है उनके साथ एक छेड़ चाड़ हुई है कि
07:30भई यह जो तीन चार कम्यूनिटी हमारी है तो यह मिलके अब इनका घेरा
07:35करेंगे लोगों का बेसिकली और उसमें कहीं ना कहीं और मैं भी आता हूं
07:40लेकिन मैंने कभी ऐसे कोई फाइदा उठाए नहीं कि मैं एक जाती का इस्तमाल करके अपनी यह जाती का इस्तमाल करके कोई
07:45कोई ऐसी सुईधा सरकार से लू या कोई ऐसे गवर्मेंट जोप में कोई ऐसा मैं कोई
07:50कोटा लू कभी ऐसा हुआ नहीं है लेकिन कहीं न कहीं जनर्रल के साथ यह बहुत बुरा हुआ है
07:55आज हम 21 सदी में जी रहे हैं कहीं न कहीं यह सब आज नर्मल हो जाना चाहिए
08:00मेरे नुसार क्योंकि कहीं न कहीं आगर आप देखेंगे तो आज का समय ऐसा है आज का दोर है
08:05है कि अगर आपके पास काबिलियत है तो आप अपनी काबिलियत से आगया यह ना कि आपके
08:10किसी पर्टिकुलर कोटे को लेकर आप आगे निकले अगर आप में काबिलियत
08:15तो आप जरूर आपका स्वागत है वरना कोई उसका मतलब नहीं रह जाता है बिलकुल यह यह आपने बहुत अच्छी
08:20बात की कि आपने खुद ओवी सी होने के बाद कभी भी उसका फायदा नहीं उठाया है वह नहीं किया है
08:25लेकिन एक सवाल यहीं मैं आपसे पूछना चाहूंगा कि लेकिन क्या आपने कभी फायदा नहीं उठाये वह बात अलग है
08:30लेकिन क्या आपने कभी खुद जाती गड़ डिस्क्रिमिनेशन फेस किया उसकी वज़े से खुद आपने कभी उस दौर से
08:35से गुजरे नहीं बेसिकली क्या होता है आपके साथ बेदबावा साफ तौर पर मेरा यह सवाल है साफ
08:40पर जो लोग मतलब जो थोड़ा उची जो क्लास के जो लोग रहे हैं वो करने कोशिश करते हैं
08:45लेकिन आज का जो समय है ना वो इसकी अनुसार मतलब इजाजत देता नहीं
08:50हालांकि लोग करना चाहते हैं देखिए मैंने एक बुक्स पड़ादा
08:55जोन कोई एक वो थे तो उन्होंने अपनी बुक में यह बताया था
09:00कि हम जानवर की तरह हैं तो कहीं न कहीं हमारे अंदर किसी को नीचा
09:05दिखाने की बहुत से लोगों को नीचा दिखाने के परवर्ति है तो कहीं न कहीं यह जो आज हो रहा
09:10है यह हमारी ऐसी परवर्ति ऐसी है कि हम नीचा दिखाना चार हैं लेकिन जब सब्सक्राइब
09:15समाज को देखते हैं जैसा समाज एक जो आज इतनी ज्यादा हमने उन्नती कि
09:20की है उस हिसाब से चीज करना थोड़ा मुश्किल हो रहा है वरना आज भी ऐसे लोग है समाज
09:25में जो जातियों को इस तरीके से दबाने का काम कर रहे हैं ठीक है और
09:30कुछ जो जाती थी उनको विचारे का एक आज तो बहुत उपर जो है समान हो गया लेकिन
09:35आज कुछ लोगों को फिर भी दबाया जा रहा है जैसे अभी जन्रल का भी जो आया है उनको दबाने का पूरा
09:40प्रयास हो रहा है तो वह भी गलत ही है मेरे साब से आपको क्या लगता है जन्रल को दबाया जाए रहे दबाने का
09:45प्रयास है लगता है कि आरक्षन यह तो पूरा हटा देना चाहिए यह सब के लिए बड़ाबर करना चाहिए
09:50ताकि यह यह मतलब इना भेदबाव जो है वह खतम करना चाहिए वह ज्यादा बेटर रहे है
09:55यह किसी पर्टिकुलर कास्ट को कवर कर दिया किसी को अलग कर दिया तो यह बेदबाव जाए
10:00पर्टिकुलर कास्ट में भी ओबी सी में तो बड़ा अलग रहता है कि कहीं हर्याना कि हर्याना के
10:05जाट गुजरों को नहीं है इस मामले में भी कुछ नहीं है दो जार सोला का मैं बेसिकली हर्याना
10:10से हूं तो हर्याना में 2016 में अरक्षन हुआ था इसी बात को लेके कि भई हमें भी कोटा दो
10:15क्योंकि मैं ओबी सी हूं और कहीं न कहीं जब जाट आरक्षन 2016 का हुआ था
10:20तो बहुत जादा हमारे स्टेट को नुकसान उठाना पड़ा था करीब करीब आप यकीन लगाईए
10:25कि कोई 40-50,000 करोड का सरकारी संपत्ति का नुकसान हुआ था
10:30समझ रहे हो तो उस समय इतना जादा जो है इतना जादा बुरा हाल हो गया था
10:34कि आप अगर
10:35आज भी वीडियो निकाल के देखेंगे यूट्यूब से तो आपको दिखेगा कि हर तरफ मार पिश्ट
10:40पिट आई इस तरीके दंगे यह सब होना शुरू हो गया था लेकिन कहीं न कहीं वो लोग
10:45अपने हिस्से का जो है वो अपना हिस्सा मांग रहे थे क्योंकि आज आपको पता है कि जन्रल के बाद
10:50जन्रल के पास कुछ है ही नहीं अगर देखा जाए लेकिन जो दूसरी जो जाती है अपनी ओभी
10:55सी है या फिर बी सी है या फिर एस्टी है तो उनकी तुलना में उनको सब
11:00किया जा रहा है तो कहीना कहीं इसको हम एक तरसर डिस्क्रिमिनेशन ही बोलेंगे डिस्क्रिमिनेशन
11:05लेकिन हां जी देखिया मुझे ऐसा लगता है या आरॉक्षन है न जो पूरा हटा देना चाहिए क्योंकि
11:10कि इससे लोग काबिलियत काबिल बनेगे यह ज़्यादा जरूरी है लेकिन वापस वापस
11:15हाँगा उस वाली बात पर आपकी जवाब कह रहे थे लेकिन क्या ही है फिर हिंदूओं को बाटने वाली बात ही हो गई
11:20अब एक तरफ तो कहती है कि भाई बटोगे तो कटोगे और वहीं एक तरफ ओबी सी अलग बाट देती है
11:25जेनरल को इतना पीचे छोड़ीती कि भाई चलो जेनरल तो अपना वोर्ड बैंक ही देखो
11:30मैं सिर्फ इसमें एक ही बात कहूंगा समाज में हर तबके के लोग हैं
11:35कि ठीक है समाज में रहे हैं और रहेंगे हमेशा के लिए जो एक दूसरे
11:40को दबाने का काम करेंगे समझ रहे हो लेकिन यह भी डिस्क्रिमिनेशन ही हो रहा है अगर जैनरल
11:45को दबाया जा रहा है उन्हों उन्हें बेशक बहुत सी सुविधान को मिल रही हो जाती के तोर
11:50पर अपनी जो है क्लास के तोर पर मिल रही हो सब मिल रहा हो लेकिन जब
11:55तो ऐसा बोलते हैं वह से लोग की पुराने समय में इनको बहुत दबाया गया है हमारे स्टी जो लोग हैं
12:00कि आज भी दूसरी कास्ट को आप दबाएंगे हैं कि आज भी दूसरी कास्ट को आप दबाएंगे हैं
12:05आपने दबाया ही है आपने उस समय दबाया आज आप दूसरी कास्ट को दबा रहे हो यानि कि
12:10यह चीज रुकने का थमने का नाम नहीं ले रही है तो आपको यह करना चीज बाई की बासे में
12:15हो सहमा तुझ अभी जोने कहा है कि इसको खतमी कर देना चाहिए और काबिलियत को देखकर काब
12:20पीलत के अनुसार हर व्यक्ति को आगे आना चाहिए तब जाके समाज में स्थिर्टा
12:25आज मौजूद होगी आएगी मुझे इतना बता है कि जो जनरेल क्याटिक
12:30अगरी है उनके साथ पहले डिस्क्रिमिनेशन ने कहूंगा बडिक वाइड डिस्क्रिमिनेशन होता था
12:35जो जो सामने लिया के कड़ा कर दिया अब भई एक ही टेक इस नोट दाट क्लियर बट कैन डिस्क्रिमिनेशन होता है
12:40जनरेल काटिगरी के अगेंस्ट ही है इस बात पर कोई दोहरा ही नहीं है
12:45अब ही आपको लगता है कि स्कूल कॉलेजिस में डिस्क्रिमिनेशन होती है
12:50के दू थिंक जेंडर बेस्ट से जादा कास्ट बेस्ट इस्क्रिमिनेशन हो भी होती है
12:55इग्जिस्ट करती है पार्टस ओफ इंडिया में बट परसनली फॉर दमोस्ट पार्ट आइडों थिंग सो
13:00इस पेशले एडलीस पीपल माई ये जो हमारे जिनके अगेंसी रूल है वो तो नहीं करते हैं
13:03जो लुक करते हैं
13:05उनके अगेंस वो रूल फिर वो एफेक्ट नहीं होता जो लिग विलेजेज और आक्टॉल में जहां वो प्रॉब्लम है
13:10हम ऐसी कोई प्रॉब्लम क्रीट नहीं कर रहें सजा में मिल रही है तो अब आपको क्या लगते हैं शुरूल को रोल बैक
13:15कर लेना चाहिए क्या यह जो रिवोर्ज डिस्क्रिमिनेशन हैं जेनरल काटिग्रीज हैं उन लोगों
13:20के बहुत ज्यादा खिलाफ है स्पेशली ब्राह्मोंज राजपूत बैनियाज इन यह सारी जो कासे
13:25कि इनके खिलाफ जारा है वोटेज उरूपीलिया अधिन की रूल्स जैसे लिग रिलिजिन इंड कास्ट
13:30अगर उसे गवर्मेंट आगे और पुष्ट करने लगी कि तो फिर उसका मत्राइब
13:35गवर्मेंट को तो इसके अगेंज और पीपल आर पीपल करना सी है ना यह क्या ब्रामड बनिया क्या होता है यार तुम
13:40दोजार सब्समें और फिर गवर्मेंट यूस पर वो करें कि सेक्स में डिवाइड कर रहे हैं यह
13:45बेटर रूल है कि तुम सब के लिए रेजर्वेशन अटातो किसी को कुछ निवे लगा सब बराबरे पढ़ो नंबर लग
13:50पास करें पड़ो नंबर लाओ पास करो लेकिन इसमें अब चलो जो पॉलिटिकल आंगल है तो एक सबसे पहले में
13:55सब्सक्राइब होगा यूँ फील कि आपकी जेनरेशन वजेंजी ये डेस्क्रिमिनेशन में काश में
14:00में बिलकुल नहीं मानती है और एस्पेशली इन अरुबन शिटीज जा जा
14:05एजुकेशन पहुच गई है जो कॉलेज में वहाँ पर तो यह मानती ही नहीं आपका ऐसा मानना है तुरू यस अई भी
14:10कि यंगर पीपल मतब हम लोग वी लोकाट पीपलास पीपल जेंडर कास्ट
14:15कभी नहीं आता दिवाग में एक इंसाने वो ऐसे इंसानी दिखता है इंसानी दिखता है तो यह
14:20जो है यह इस्पेशली जनरल कैटेकरिक स्टुडेंट के खिलाफ ही हो गया है तो बे मतलब का हमारे अगें श्लाफ
14:25के खड़ा कर दिया मैंने लग क्या किया है क्यों मुझे ऐसे रूल आउट कर रहे हो कि अगर कोई मतलब अगी
14:30कि अगले को इतनी पावर देदो कि मुझे बे मतलब की फसाद है बिरह हो उसके यह नो तो बिलकल बिलकल नौट
14:35कि आप लोगों को लगता है कि आपके कॉलेजिस में जातिकर डिस्क्रिमिनेशन होती है डिस्क आपके
14:40जो कास्ट बेस्ट डिस्क्रिमिनेशन आपके कॉलेजिस के अंतर आपको लगता है ऐसा होता है होता है कहीं जगा होता है
14:45होता है अपने ऐसा महसूस किया है आपको क्या लगता है क्योंकि जर्नल गोटा वालों को ना मिलता नहीं
14:50है ऑप्शन ज्यादा जितना एस्टी एस्टी वालों को मिलता है तो यहां तो कहानी दूसरी है
14:55है रिवर्ज डिस्क्रिमिनेशन की कहनी है एडिमिशन के वक्ती नहीं मिलता मोटा जर्नल वालों को
15:00एडिमिशन के वक्ती नहीं मिलता क्या एडिमिशन के वक्त क्या दिक्कते आती है एक जेनरल काटिग्रीश हमारे स्वीट इग्जाम होता है उसमें
15:05अभी जेनरल के लिए बहुत कम बहुत होती है सीट है और परसेंटेज बहुत ज्यादा रहते हैं सी यूटी में
15:10सीट की परसेंटेज बहुत कम रहती है सारे गवर्मेंट इग्जाम पर रहता है इसमें भी कॉलेज में भी वैसा ही गड़ता है
15:15जर्नल वालों को मौकाई नहीं देते हैं जर्नल वालों को मौकाई नहीं बिलता और उसके उपर से जब ऐसे रूल आते हैं
15:20तो कि आपको लगता है कि you also being a girl being a guy कि कभी कोई कोई गलत आरूप लगा दे
15:25जातिकर डिस्क्रिमिनेशन करने का जातिकर भेदबाव करने का
15:28आप ऐसा महौल बन रहा है
15:30आपके कॉलिज में मन रहे क्योंकि अब इन्होंने जब से
15:35रूल लागू कर दिया है तो एस्टी एस्टी वालों के पास तोड़ी वी पावर आ चुकिया है
15:40अब कुछ भी करेंगे तो हम पर डारेक्ट एक्शन ले सकते हैं
15:45और ना यूजी यूजी सी वालों के ना हमारा जन्रल कोटे का कोई मेंबार है उसमें
15:50जो हमें प्रूफ कर सकते हैं बिल्कुल बिल्कुल तो बहुत रॉम चीज है बल्कि इसकी जगह अगर ये
15:55लोग ऐसा काम करें कि गौवर्मेंट जॉप में जन्रल कोटा वालों के ले भी जादा परसंटेज रहे हैं
16:00रखे तो बहुत जादा बेटर है जादा जादा नहीं एक लीज इक्वल तो रखे हैं कमसे करदा एक लोग तो रखे हैं
16:05मैं यह बोलना चाओगे यह बोलना चाओगे अब इसको एक एक ना पॉलिटिकल एंगल भी है कि जो यंग
16:10OBC स्टूडेंट्स हैं यांग SCSQ स्टूडेंट्स हैं उनका वोट क्याप्टर करना चाहरे हैं इस वर्ण
16:15जैसे जो कारेंट गावर्मेंट है बीजेपी गावर्मेंट है वो इससे चाहरी है पर आपको कहीं ऐसा लगता है कि
16:20दूसरों को खुश करते करते जो अल्रेडी उनका वोल्ड बैंक था जो अल्रेडी स्टूड्स उनके साथ थे उनका
16:25कोटके उनसे चिनना जाए हां लग रहा है बहुत जगा होता है सबसे कम्भी टिपन्ट
16:30अमेरिका के उधारन को लेकर रही जहांपर पूर्ट ने कहा कि हम उसे स्थिति में कताई नहीं जाना चाहते हैं
16:35जहां कभी अमेरिका में गोरे और अश्वेद बच्चों के लिए अलग लग स्कून हुआ करते थे
16:40कोड के नुसार भारत की एकता हमारे शिक्षण संस्थानों में जलकनी चाहिए
16:45पर अगर केंपस के भीतर ही अलगाव या भेन भाव का महौद होगा तो युवा बहार निकल कर दीश कुएगा
16:50जुट कैसे करेगा कोटी ये भी मैसूस किया कि अविधाईका को भी ये समझा गया है
16:55कि आरक्षत समुदाय के भीतर भी अमीर और गरीब के बीचे पड़ी खाई बन चुकी है
17:00और समुदाय को कई समुहों में बांट दिया गया
17:03इस मामले में या अच्छी का करता विधाई
17:05विश्णू संकरजैन ने तर्क दिया कि नियम किधारा तीजी केवल
17:08स्थी एस्थी और विधाई
17:10और OBC के प्रतीब भेदभाव की बात करती है
17:12और इसमें सामानिय वर्ग के सदस्यों को सुरक्षा सब्सक्राइब
17:15के पूरी तरह बाहर रखा गया
17:17इस सम्विधान के नुच्छेट चौधाय यानि कि समानता के
17:20अधिकार के खिलाफ है क्योंकि भेदभाव किसी के साथ हो सकता है
17:23किसी के भी साथ हो
17:25सकता है
17:26सुप्रेम कोट ने इन दलीरों को गंभीटा से लेते हुए कहा
17:28कि नियमों की भाशा को सब्सक्राइब
17:30करने के लिए शक्षाविदों न्याइविदों और सोशल इंजिनियर्स की एक कमेंटी की जरुरत है
17:35की समाज में विमनस्यक को बढ़ावा ना दे सके
17:40सुप्रेम कोट के स्टप परने को आप कैसे देखते हैं कमेंट बॉक्स आपके लिए है अपनी राय वहाँ पर
17:45जरूर दीचेएगा
17:50झालोग लाविदों ना आपनाफट है
17:55झाल
17:56झाल
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