00:00झाल
00:05कर दो
00:10कर दो
00:15झाल
00:20झाल
00:25रात हो, बनारस का घाठ हो, और गंगा का पानी हो.
00:30इससे खूब सुरत द्रिश्य आपको शायद दुनिया में बहुत कम देखने को मिलेगा.
00:35और उस खूब सूरती में चार चांद लगाने के लिए एक एस्टेअचूर दुनिया में बहुत करें.
00:40आपकी नुमा सुनहले पोशाक में खड़ा, इनसानों की आकिरती जैसा कुछ.
00:45यह कॉंसेप्ट आप हमेशा देखते होंगी अगर आप विदेश यात्रा करते हैं.
00:50खासकर यूरोपिये देशों की यात्रा में जाते हैं तो ऐसी कलाकिरती ऐसे जाते हैं.
00:55यह स्टेचू नुमा लोग आपको उहाँ पर मिल जाता हैं दरसले कलाकार होते हैं.
00:59इस वक्त.
01:00वन इंडिया का काफिला है बनारस सहर में और बनारस के वारा ही.
01:05गाट पर यहां हमें मिले हैं गोल्डेन बॉय ओफ वारा नसीब अपने स्क्रीन पर देखिए.
01:10नैना फिराम दृष्ष है पीछे गंगा का पानी कल-कल बहता है.
01:15नाओं का काफिला आपको दिखेगा और बनारस जिसे कहा जाता है कि
01:20दुनिया के सबसे पुराने जीवित शहरों में से एक है.
01:24सबसे पुराने जीवित शहरों में से एक है.
01:25पुरानी सभ्यता का गवा, पुरानी संस्कृति का गवा, और उहां पर.
01:30यह जब गॉल्डन वॉय मिलते हैं, तो लोग यहां पर रुके तस्वीरे उतरवाते हैं.
01:35सेल्फी लेते हैं, और एक ही पूज में यह व्यक्ति
01:40STHU की तरह सबको दिखता रहता है, हम इनसे बात करेंगे.
01:45पहले हमने रिक्वेस्ट किया है, गोल्डन भाईया, आप अपना
01:50नाम बताएंगे, बनार्सी गोल्डन भाईया, बनार्सी गोल्डन भाईया लेकि नाम भी बता दीजिए.
01:55रियल नाम राजेस है, नाम है राजेश और यह बनार्स के गोल्डन भाईया है.
02:00इसी नाम से जाने जाते हैं. राजेश जी कहां से यह ख्याल आया?
02:05कि बनार्स के घाट पे आप यह सुनहली पोशाक पहन के स्टेचु की तरह खरे रहें.
02:10कि पहले में फुने से सुरुआत किया था मुंबई में गोल्डन उनिक बॉया है.
02:15सबसे पहले चालो गया था. तो उसी को देखे मैंने चाला था. आप पुने से हैं?
02:20नहीं मैं सोनवद्र जीला से हूँ. अच्छा आप सोनवद्र के हैं और आप पुने गये थे.
02:25वहां पर आपने पहले यह प्रयास किया, सबसे पहले पुने में प्रयास किया.
02:30पुने से बनारस कैसे आए थे? यहां रहते हैं रिलेटिव रिस्ते थे.
02:35कब से बनारस में हैं? यहां 2023 से हैं.
02:40यहां 2023 से हर दिन इसी घाट पे आता है या अलग अलग घाटों पे? अलग अलग घाट पे आता हैं, जाज देते हैं रही दरीड़े.
02:45जाद अतरी युवाराही घाट के असपास रहते हैं, दशाशु में दवाराही के असपास रहते हैं.
02:50यह जो आपका अटायर है, आप मैं अपने कैबरामेंन से बहुत हैं.
02:55बोलूँगा अपने दिखाएं, अपाद मस्तक दिखाएं, जूते से बहुत हैं.
03:00इसे लेके सर की टोपी तक सब कुछ गोल्डेन है, सब कुछ सुनहला, सोने की जैसा.
03:05हाथ में गलबस भी सुनहले रंका, यहाँ पक की इन्होंने डोनेशन के लिए दिखाएं.
03:10अपना जो बॉक्स नीचे रख रखा, वो भी सुनहला.
03:15कलाकार हैं, और अपने कला का प्रदर्शन करते हैं, तो राज एस जी, अपनी कलाका, प्रदर्शन करते हैं, तो राज एस जी,
03:20आप हर शाम बनारस के किसी ने किसी घाट पर तयार हो कर इसी मुद्रा में गाराइए.
03:25गंटों घंटे खरे रहते हैं इसके लिए प्रैक्टिस करनी पड़ती है शुरू में प्रैक्टिस करना पड़ाइए.
03:30अच्छा कितना मुश्किल होता है राजस जी मुश्किल
03:35मुश्किल तो है शरीर में दर्द हो गयरा होता है एक पुजी से में खड़े होने से शरीर में दर्द हो गयरा है.
03:40होता है कहीं प्रश्रिक्शन भी लिया आपने इसका नहीं नहीं कुछ से
03:45किया हुए है कहीं पर पहले किसी को देखा था इसा करते हुए हाँ
03:50हम मुबए में गोल्डेन यूनिक वाय के नाम से सबसे पहले उससे ही चालू किया था तो उसी को देखे काफी
03:55लोग किया और उसके देखे हम भी हम भी उसी को देखे लिए यह कपड़े कहां
04:00से बनवाते हैं अपने हां से बनाएं सब पूरे कपड़े आपने जो पहन रखा है
04:05कि साड़ा अपने हाथों से बना हुआ है हाँ नॉर्मल का प्राइस पर कलर किया हुआ है गोल्डेन
04:10इसके लिए जो आप तयार होते हैं हर दिन तयार होना परता हो क्योंकि आप
04:15अगर इनके फेस को देखेंगे यहां पर भी आपको सोने की चमक दिखेगी
04:20चौवीस करेट सोने की चमक तयार होने में कितना वक्त
04:25लग जाता है लग भाग हरती कि एक घंटे जैसा लग जाता है एक घंटे जैसा लग जाता है एक गाट
04:30लग तयार होने में लगते हैं किस वक्त में आप आ जाते हैं समको चार सड़
04:35चार वजे साथ हैं साड़े तीन साड़े चार एसे ही और कब तक रहते हैं
04:40साड़े दस से ग्यारो बजे तक साड़े ग्यार तक घर में कौन-कौन लोग हैं आप
04:45सभी है ममी पापा है बेन है पढ़ाई लिखाई की है हाँ कम बर खाई
04:50है काम भर का कितनी पढ़ाई की है जादे नहीं किया बार में तब
04:55बार में तक पढ़ाई की है आपकी आजीविका इसी से चलती है आजीविका का साधनी
05:00ही है या कोई और काम भी करते हैं कि फिलाल तो ही है और कुछ इस
05:05देख रहे हैं क्या क्या सीख रहे हैं वह बताना क्या है अच्छा आप
05:10जो सीख रहे हैं वह बताना नहीं चाहते यह कलाकारी है दरसल आपके शब्दों में और
05:15और बास्तम में यह कलाकारी है अगर आप इनको देखें इनकी जो बॉड़ी लेंगवेज है
05:20जो पोशाग है सब कुछ एक कहानी कहता है
05:25इसका अपना एक स्टाइल है हर दिन देखने में बड़ा आसान लगता होगा कि आप
05:30आपके खड़े रहते हैं लेकिन एक ही मुद्रा में घंटों घंटे खड़ा रहना होथी
05:35कस्ट भरा होता है बहुत ही इसके लिए मेहनत करनी परती है
05:40काफी तयारी करनी परती है भविशी में और क्या करना चाहते हैं राजेश जी
05:45करना चाहते हैं कुछ बड़ा खरना चाहते हैं यहां लोगा
05:50आते हैं कभी आपको परिशान भी करते हैं किस तरह से परिशान करते हैं
05:55करते हैं कि कोई सब्दस परसान करता है कोई छेड़ के परसान करता है लेकिन अभी अधिशान करते हैं
06:00उसको इगनोर करते हैं उसका आदत पढ़ गया भी तो आपको उसकी आदत पढ़ गई है कुछ बोड़ा
06:05परिशान करते हैं कोई आपको टच करने कोशिश करते हैं कोई तुम जाग में करते हैं तो उनको
06:10ठीक है वो करते हैं अची बात है उनका गुद्गुदी हो गया लगा देते हैं क्या करते हैं नहीं नहीं हो कुछ
06:15लोग एकसाइटमेंट में करते हैं तो उनका तो ठीक है लेकिन कुछ लोग जन बुच के परसंद करते हैं तो
06:20वो वेकार लगता है अच्छा नहीं लगता है वास्तम में अच्छा नहीं लगए किसी को भी अच्छा नहीं लगएगा
06:25बनारस जो लोग आते हैं
06:30आप उनके लिए क्या कहना चाहेंगे बनारस जो आते हैं
06:35बनारस से क्या लेकर जाएं बनारस से क्या सीख कर जाएं दरसल और बनारस में
06:40बनारस में ऐसा क्या करशन है बनारस में बहुत कुछा है
06:45कुछ सिखने के लिए बनारस में आप एक बार अगर ओपन माइड के हैं बनारस में पुरा घूम लिए
06:50समझे आप भगत गीता पौड़ी हैं और मेरे तरफ से थोड़ा चोड़ा जाएं
06:55बनारस सजेशन रहेगा जैसे कोई भी आते हैं घाट पे तो इधर उधर कचड़े पिकते हूं उसको अ
07:04कर दो
07:06कर दो
07:13कर दो
07:19कर दो
07:21कर दो
07:00कि थोड़ा डश्टी भी नोगेरा में ही डाल अगरे तो अच्छा रहे हैं में उसके लिए लिक के रखाऊं नीच
07:05कि खूड़े उगरा प्रेश्टी भी नोगे डालें बनारस के गोल्डन बॉय राजेश कुमार
07:10हर शाम आपको बनारस के किसी ने किसी घाट पे ये आपको इसी भाव भंगिमा के साथ लिए
07:15जाएंगे डी गोल्डन बॉय रानसी हर शाम त्यार होते हैं बनारस के किसी घाट
07:20पर आते हैं और अपनी भाव भंगिमा से लोगों को आकर्शित करते हैं नीचे से उपर तक ही
07:25इनका पूरा पोशाक इनके चेहरे का मेकप सब कुछ गोल्डन है और राजन
07:30जी खलाकारे में भी 24 करेट सोना है अदाकारी के भी बादशाह हैं
07:35राजेस जी का एक संदेश है बनारस घुमने अने वाले लोगों से बनारस के लिए अधार
07:40लोगों से भी कि बनारस आते हैं बनारस को समझे बनारस को जी लिए अधार
07:45कीजिए लेकिन बनारस में इधर उधर कच्रा कुड़ा ना फैलाएं डस्ट बीन का इस्तमाल करें
07:50इन्हों ने अपने सामने जो बोड लगाया हुआ है वहाँ पर भी ये लिखकर संदेश
07:55देने की कोशिश की है तो जरूर आई है बनारस बनारस के घाटों का मजा लिए
08:00बनारस की संस्कृति का आनन्द उठाइए और बनारस के गोल्डन बॉइसे भी मिलिए
08:05फिल्हाल में दीजिये इजाज़त केमरामैन बंटी आर्या के साथ केशवकर्ण तिरपूर भैरवी
08:10घाट वारानसी से
08:15प्राइए भिए प्राइए और भारा वारा उन्द ठीenne
08:20झाल, झाल, झाल, झाल
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