Skip to playerSkip to main content
इस वीडियो में हम आपको मिलवाने जा रहे हैं 'बनारस के गोल्डन बॉय' से। काशी के घाटों पर शाम होते ही एक चमकती हुई सुनहरी मूर्ति सबको अपनी ओर आकर्षित करती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस तपती धूप और भीड़ के बीच घंटों तक पत्थर की तरह स्थिर खड़े रहने के पीछे का असली मकसद क्या है?

यह सिर्फ एक कला प्रदर्शन (Street Art) नहीं है, बल्कि एक बहुत बड़ा संदेश है। यह 'लिविंग स्टैचू' बनारस आने वाले यात्रियों को 'स्वच्छ काशी, सुंदर काशी' का पाठ पढ़ा रहा है।

इस वीडियो में देखें:

कैसे बनता है यह लड़का 'गोल्डन बॉय'?

बिना हिले-डुले घंटों खड़े रहने का संघर्ष।

घाटों को साफ रखने के लिए इनकी अनोखी पहल।

अगर आपको इनकी मेहनत और बनारस के प्रति इनका प्यार पसंद आए, तो इस वीडियो को Share जरूर करें ताकि इनका संदेश पूरी दुनिया तक पहुँच सके।

वीडियो को Like करें और चैनल को Subscribe करना न भूलें! 🔔

#BanarasGoldenBoy #VaranasiDiaries #LivingStatue #SwachhBharat #KashiGhats #StreetArtist #IncredibleIndia #VaranasiTourism #GangaAarti #GoldenBoy #बनारस #काशी #गोल्डनबॉय #स्वच्छ_भारत #वाराणसी #घाट #प्रेरणादायक #बनारस_की_शान #उत्तरप्रदेश

~H.410~

~HT.410~

Category

🗞
News
Transcript
00:00झाल
00:05कर दो
00:10कर दो
00:15झाल
00:20झाल
00:25रात हो, बनारस का घाठ हो, और गंगा का पानी हो.
00:30इससे खूब सुरत द्रिश्य आपको शायद दुनिया में बहुत कम देखने को मिलेगा.
00:35और उस खूब सूरती में चार चांद लगाने के लिए एक एस्टेअचूर दुनिया में बहुत करें.
00:40आपकी नुमा सुनहले पोशाक में खड़ा, इनसानों की आकिरती जैसा कुछ.
00:45यह कॉंसेप्ट आप हमेशा देखते होंगी अगर आप विदेश यात्रा करते हैं.
00:50खासकर यूरोपिये देशों की यात्रा में जाते हैं तो ऐसी कलाकिरती ऐसे जाते हैं.
00:55यह स्टेचू नुमा लोग आपको उहाँ पर मिल जाता हैं दरसले कलाकार होते हैं.
00:59इस वक्त.
01:00वन इंडिया का काफिला है बनारस सहर में और बनारस के वारा ही.
01:05गाट पर यहां हमें मिले हैं गोल्डेन बॉय ओफ वारा नसीब अपने स्क्रीन पर देखिए.
01:10नैना फिराम दृष्ष है पीछे गंगा का पानी कल-कल बहता है.
01:15नाओं का काफिला आपको दिखेगा और बनारस जिसे कहा जाता है कि
01:20दुनिया के सबसे पुराने जीवित शहरों में से एक है.
01:24सबसे पुराने जीवित शहरों में से एक है.
01:25पुरानी सभ्यता का गवा, पुरानी संस्कृति का गवा, और उहां पर.
01:30यह जब गॉल्डन वॉय मिलते हैं, तो लोग यहां पर रुके तस्वीरे उतरवाते हैं.
01:35सेल्फी लेते हैं, और एक ही पूज में यह व्यक्ति
01:40STHU की तरह सबको दिखता रहता है, हम इनसे बात करेंगे.
01:45पहले हमने रिक्वेस्ट किया है, गोल्डन भाईया, आप अपना
01:50नाम बताएंगे, बनार्सी गोल्डन भाईया, बनार्सी गोल्डन भाईया लेकि नाम भी बता दीजिए.
01:55रियल नाम राजेस है, नाम है राजेश और यह बनार्स के गोल्डन भाईया है.
02:00इसी नाम से जाने जाते हैं. राजेश जी कहां से यह ख्याल आया?
02:05कि बनार्स के घाट पे आप यह सुनहली पोशाक पहन के स्टेचु की तरह खरे रहें.
02:10कि पहले में फुने से सुरुआत किया था मुंबई में गोल्डन उनिक बॉया है.
02:15सबसे पहले चालो गया था. तो उसी को देखे मैंने चाला था. आप पुने से हैं?
02:20नहीं मैं सोनवद्र जीला से हूँ. अच्छा आप सोनवद्र के हैं और आप पुने गये थे.
02:25वहां पर आपने पहले यह प्रयास किया, सबसे पहले पुने में प्रयास किया.
02:30पुने से बनारस कैसे आए थे? यहां रहते हैं रिलेटिव रिस्ते थे.
02:35कब से बनारस में हैं? यहां 2023 से हैं.
02:40यहां 2023 से हर दिन इसी घाट पे आता है या अलग अलग घाटों पे? अलग अलग घाट पे आता हैं, जाज देते हैं रही दरीड़े.
02:45जाद अतरी युवाराही घाट के असपास रहते हैं, दशाशु में दवाराही के असपास रहते हैं.
02:50यह जो आपका अटायर है, आप मैं अपने कैबरामेंन से बहुत हैं.
02:55बोलूँगा अपने दिखाएं, अपाद मस्तक दिखाएं, जूते से बहुत हैं.
03:00इसे लेके सर की टोपी तक सब कुछ गोल्डेन है, सब कुछ सुनहला, सोने की जैसा.
03:05हाथ में गलबस भी सुनहले रंका, यहाँ पक की इन्होंने डोनेशन के लिए दिखाएं.
03:10अपना जो बॉक्स नीचे रख रखा, वो भी सुनहला.
03:15कलाकार हैं, और अपने कला का प्रदर्शन करते हैं, तो राज एस जी, अपनी कलाका, प्रदर्शन करते हैं, तो राज एस जी,
03:20आप हर शाम बनारस के किसी ने किसी घाट पर तयार हो कर इसी मुद्रा में गाराइए.
03:25गंटों घंटे खरे रहते हैं इसके लिए प्रैक्टिस करनी पड़ती है शुरू में प्रैक्टिस करना पड़ाइए.
03:30अच्छा कितना मुश्किल होता है राजस जी मुश्किल
03:35मुश्किल तो है शरीर में दर्द हो गयरा होता है एक पुजी से में खड़े होने से शरीर में दर्द हो गयरा है.
03:40होता है कहीं प्रश्रिक्शन भी लिया आपने इसका नहीं नहीं कुछ से
03:45किया हुए है कहीं पर पहले किसी को देखा था इसा करते हुए हाँ
03:50हम मुबए में गोल्डेन यूनिक वाय के नाम से सबसे पहले उससे ही चालू किया था तो उसी को देखे काफी
03:55लोग किया और उसके देखे हम भी हम भी उसी को देखे लिए यह कपड़े कहां
04:00से बनवाते हैं अपने हां से बनाएं सब पूरे कपड़े आपने जो पहन रखा है
04:05कि साड़ा अपने हाथों से बना हुआ है हाँ नॉर्मल का प्राइस पर कलर किया हुआ है गोल्डेन
04:10इसके लिए जो आप तयार होते हैं हर दिन तयार होना परता हो क्योंकि आप
04:15अगर इनके फेस को देखेंगे यहां पर भी आपको सोने की चमक दिखेगी
04:20चौवीस करेट सोने की चमक तयार होने में कितना वक्त
04:25लग जाता है लग भाग हरती कि एक घंटे जैसा लग जाता है एक घंटे जैसा लग जाता है एक गाट
04:30लग तयार होने में लगते हैं किस वक्त में आप आ जाते हैं समको चार सड़
04:35चार वजे साथ हैं साड़े तीन साड़े चार एसे ही और कब तक रहते हैं
04:40साड़े दस से ग्यारो बजे तक साड़े ग्यार तक घर में कौन-कौन लोग हैं आप
04:45सभी है ममी पापा है बेन है पढ़ाई लिखाई की है हाँ कम बर खाई
04:50है काम भर का कितनी पढ़ाई की है जादे नहीं किया बार में तब
04:55बार में तक पढ़ाई की है आपकी आजीविका इसी से चलती है आजीविका का साधनी
05:00ही है या कोई और काम भी करते हैं कि फिलाल तो ही है और कुछ इस
05:05देख रहे हैं क्या क्या सीख रहे हैं वह बताना क्या है अच्छा आप
05:10जो सीख रहे हैं वह बताना नहीं चाहते यह कलाकारी है दरसल आपके शब्दों में और
05:15और बास्तम में यह कलाकारी है अगर आप इनको देखें इनकी जो बॉड़ी लेंगवेज है
05:20जो पोशाग है सब कुछ एक कहानी कहता है
05:25इसका अपना एक स्टाइल है हर दिन देखने में बड़ा आसान लगता होगा कि आप
05:30आपके खड़े रहते हैं लेकिन एक ही मुद्रा में घंटों घंटे खड़ा रहना होथी
05:35कस्ट भरा होता है बहुत ही इसके लिए मेहनत करनी परती है
05:40काफी तयारी करनी परती है भविशी में और क्या करना चाहते हैं राजेश जी
05:45करना चाहते हैं कुछ बड़ा खरना चाहते हैं यहां लोगा
05:50आते हैं कभी आपको परिशान भी करते हैं किस तरह से परिशान करते हैं
05:55करते हैं कि कोई सब्दस परसान करता है कोई छेड़ के परसान करता है लेकिन अभी अधिशान करते हैं
06:00उसको इगनोर करते हैं उसका आदत पढ़ गया भी तो आपको उसकी आदत पढ़ गई है कुछ बोड़ा
06:05परिशान करते हैं कोई आपको टच करने कोशिश करते हैं कोई तुम जाग में करते हैं तो उनको
06:10ठीक है वो करते हैं अची बात है उनका गुद्गुदी हो गया लगा देते हैं क्या करते हैं नहीं नहीं हो कुछ
06:15लोग एकसाइटमेंट में करते हैं तो उनका तो ठीक है लेकिन कुछ लोग जन बुच के परसंद करते हैं तो
06:20वो वेकार लगता है अच्छा नहीं लगता है वास्तम में अच्छा नहीं लगए किसी को भी अच्छा नहीं लगएगा
06:25बनारस जो लोग आते हैं
06:30आप उनके लिए क्या कहना चाहेंगे बनारस जो आते हैं
06:35बनारस से क्या लेकर जाएं बनारस से क्या सीख कर जाएं दरसल और बनारस में
06:40बनारस में ऐसा क्या करशन है बनारस में बहुत कुछा है
06:45कुछ सिखने के लिए बनारस में आप एक बार अगर ओपन माइड के हैं बनारस में पुरा घूम लिए
06:50समझे आप भगत गीता पौड़ी हैं और मेरे तरफ से थोड़ा चोड़ा जाएं
06:55बनारस सजेशन रहेगा जैसे कोई भी आते हैं घाट पे तो इधर उधर कचड़े पिकते हूं उसको अ
07:04कर दो
07:06कर दो
07:13कर दो
07:19कर दो
07:21कर दो
07:00कि थोड़ा डश्टी भी नोगेरा में ही डाल अगरे तो अच्छा रहे हैं में उसके लिए लिक के रखाऊं नीच
07:05कि खूड़े उगरा प्रेश्टी भी नोगे डालें बनारस के गोल्डन बॉय राजेश कुमार
07:10हर शाम आपको बनारस के किसी ने किसी घाट पे ये आपको इसी भाव भंगिमा के साथ लिए
07:15जाएंगे डी गोल्डन बॉय रानसी हर शाम त्यार होते हैं बनारस के किसी घाट
07:20पर आते हैं और अपनी भाव भंगिमा से लोगों को आकर्शित करते हैं नीचे से उपर तक ही
07:25इनका पूरा पोशाक इनके चेहरे का मेकप सब कुछ गोल्डन है और राजन
07:30जी खलाकारे में भी 24 करेट सोना है अदाकारी के भी बादशाह हैं
07:35राजेस जी का एक संदेश है बनारस घुमने अने वाले लोगों से बनारस के लिए अधार
07:40लोगों से भी कि बनारस आते हैं बनारस को समझे बनारस को जी लिए अधार
07:45कीजिए लेकिन बनारस में इधर उधर कच्रा कुड़ा ना फैलाएं डस्ट बीन का इस्तमाल करें
07:50इन्हों ने अपने सामने जो बोड लगाया हुआ है वहाँ पर भी ये लिखकर संदेश
07:55देने की कोशिश की है तो जरूर आई है बनारस बनारस के घाटों का मजा लिए
08:00बनारस की संस्कृति का आनन्द उठाइए और बनारस के गोल्डन बॉइसे भी मिलिए
08:05फिल्हाल में दीजिये इजाज़त केमरामैन बंटी आर्या के साथ केशवकर्ण तिरपूर भैरवी
08:10घाट वारानसी से
08:15प्राइए भिए प्राइए और भारा वारा उन्द ठीenne
08:20झाल, झाल, झाल, झाल
Comments

Recommended