00:00झाल
00:05BBC के नीमों को लेकर गुश्य में भुश्य सरण सिंग अपनी ही पार्टी को दिखाया आई ना
00:10को वापस लेने की कहीं बार जिहां योजीजी के नए नीमों को लेकर सबस समाज का विरोध लगा
00:15सवाने वर्फ के छात्रों सविठल इस नीम के विरोध मुश्य सबस्क्राइब
00:20स्टीज, बीजीपी के कोरुट सांसत और पाहुबली वर्फ भुश्य सरण सिंग में
00:25इस वीडियो में ब्रेंग को लेकर जिए करते हुए अपनी बात रहा है
00:30पर जिए भुश्य सरण सिंग के बराबर में कई बच्चे भी खड़े
00:32दूर्यों में दिख्टर है इन बच्चों को आवगा
00:35को दहान देकर प्रेज भुश्य सरण सिंग में इन इसी के नए रिविट का ग्रोथ की उन्हें साफ कहा है
00:40अगर इन इमों को आपस नहीं दिया गया
00:42सरण स्वराब कर वे रोज बदरसन के बच्चे
00:45आपे देखिए उन्हें क्या क्या है
00:47आज कई दिनों से
00:50कि इसी पर एक बात
00:51और इसी पर एक बात
00:52और इसी पर एक बात
00:55पर इसी पर इसी पर इसी पर गार
01:00पढ़ने वाले बच्चों
01:02यह बीट में
01:05यू सापल बच्चों से दौरा
01:10कि अभी कोई खटना खट जाती है
01:12तो उसको लेकर के
01:15गलिट और ओभी सी
01:17बच्चों के सरथ्षण के लिए कानून लेकर है
01:20जिसके कारण बड़ी आमक ही हो गई है
01:25अवराज देश में बड़ी परिमानी पर दुरूत है
01:30यह मेरे सामने कुछ बच्चे हैं
01:33इसमें हमारे भी बच्चे
01:35है और दलिस समाज और पिछले समाज लगबग हर समाज के बच्चे है
01:40यह रोज साथ में खेलते हैं
01:45कितने जिन से तुम रोग साथ में खेलते हैं
01:47पांस साल से यह बच्चे
01:50बच्चे बच्चे बच्चे बच्चे बच्चे में खेलते हैं
01:53फिर इनको कोई नास्ता पानी
01:55हाँ
01:55पांस सचे बच्चे में खेलती नमें
01:59बच्चे बच्चे बच्चे आप 2030
02:00यानि जो घर पर रहता है तो यह लोग साथ में बेट तब के
02:05यह कोई कानून के दाहत नहीं कर रहे हैं
02:10यह कानून के बंदिश से नहीं खेल नहीं है यह हमारी सनातन है
02:15कि परंपरा में हमारे नस नस में है
02:20पंडित दीमद्याल जी ने कहा था कि जो नीचे हैं उनको उपर आखाए
02:25लाना है और यही हमारी सनातन परंपरा है यही हमारी सवन परंपरा है
02:30कि जो नीचे हैं उनके साथ धिल्भाव ना करना
02:35पर लेकर के आना इसका मिसाल यह किसी कानून के लिए
02:40के पहत नहीं हो रहा है और आज
02:45मैं सरकार से कहना चाह रहा हूँ कि
02:50समाज कैसे चलता है यह आफिस में बैट करके समाज को नहीं चला जाता
02:55करता है समाज को चलाना है तो गाओं आईए और गाओं में देखिए कि बिना
03:00भेदभाव के बिना किसी जाती रंग के एक साथ बच्चे खिलते हैं
03:05कोई बच्चा किसी की जात नहीं पूँचता है क्या आप चाहते हैं कि भाव
03:10इस घर के अंदर इंक्रीज दी जाए तो भी सी को न दी जाए तो दो
03:15क्या आप चाहते हैं इस घर में इंक्री दी जाए तो दलित को न दी जाए क्या आप चाहते हैं
03:20हैं ऐसा आप महुल ख़ड़ा कर रहे हैं तो आप से हाथ जोड़कर के बिंती है इस वाँ
03:25कामले वापत लिए और मैं अपील करने हैं
03:30करना चाहता समर समास से अपील करना चाहता किसमें संपर करिये वो भी
03:35कि लोगों से लोबी सी समास के जो समझदार लोगों उनसे सब परकर निखिए जो दल्य समास
03:40समास के समझदार बच्चे हैं उनसे समपर करने दूरत है और उनसे इसका भी रोध कराना
03:45कि तो कि गाउं में हम एक साथ रहते हैं गाउं में कोई साधी हो रहते हैं
03:50होता द्या होता है हर आदमी का कोई ना कोई हक है कोई ना कोई नेग है हर तरीकी
03:55कि इसे भागेदारी होती है अभी मैंने सरातन कसा कराया एक जनौरी से लेकर
04:00के आठ जनौरी तक मैंने सनातन कथा कराया और जिसमें सद्धुरु रित्रेसर महाराजी
04:05जी ने कथा कहा मैंने बावन जाद समाद
04:10कि जो धर्म गुरु थे उनसे उद्धाटन कराया थे जो जो धर्म गुरु थे उनसे उद्धाटन कराया
04:15उनसे एक एक बिच्च लिया और मैं सब्साद
04:20जनातन बाटिका बनाने जा रहा हूं आपने तो कानून बना करके
04:25हमारे उस मिशन को सुहा कर दिया
04:27आ करके आईए हमारे जाए
04:30हम आपको दिखाते हैं कि कौन सा समाज ऐसा है जिसने उस कथा में भागीदारी नहीं किये
04:35सायोग नहीं किया तो ये ये कोई नई परंपरा नहीं है
04:40ये हमारी सनातन परंपरा है ये हमारी परंपरा रही है
04:45इसमें कानून की कोई जरुवत नहीं है हाँ कोई बच्चा गल्पी करता है
04:50जो छमा करने योग नहीं है तो उसको आशाजा दीजिए यदा कदा घटना है
04:55इघड जाती है सजा दीजिए उसमें कोई बिरोध नहीं है लेकिन
05:00ये जो कानून है कि समाज में टकराव पईदा करेगा
05:02और इसलिए आज कई
05:05कि दिन से मेरे उपर दबाव पढ़ रहा था बोलो बोलो बोलो हमने कहा हम गाउं में जाकर से बोलेगे
05:10ये बच्चों को मैंने जान बूल करें के कठा नहीं किया है इसमें हर जात समाज के बच्चे
05:15और एक रोज की बात ने रोज खेलते हैं और ऐसा क्योल यहीं नहीं है हर गाउं में है
05:20हर गाउं में कोई क्रिकेट खेल ला है कोई कबड़ी खेल ला है कोई खोको खेल ला है
05:25एक साथ पढ़ते हैं वैसे भी इसके पहले आपने कानून बनाए
05:30दलितों की उपर अत्याचार नहों इसके लिए कानून मनाए
05:35क्या दलितों की उपर अत्याचार रुप गया महिलाओं के साथ अत्याचार नहों
05:40उसके लिए कानून बनाए आप क्या वो रुप गया दहेज के नाम पर कानून बनाए
05:45क्या वो रुप गया रुका नहीं दूर्पियू अत्याचार नहीं दूर्पियू इसके लिए के लिए
05:50ज्यादा होता है जहां ऐसे कानूनों की समीच्छा की बात होनी चाहिए
05:55पता नहीं किस मनसा से अधिकारी बैट करके आप इसों में निर्ड़े ले लेते हैं
06:00अब हो चाहते हैं कि ये बच्चे अगर दोस्ती करें तो जाद देख करके
06:05करें वर्ग देख कर के करें तो मैं इस
06:10कानौन के पूर्टा विरुवद में हूँ अगर धिरुवत पड़ेगी तो आंदोलन हो
06:15में केवन छत्रिय नहीं होगी तो आंदोलन में केवन सट्रिय नहीं होगी
06:20सनातन धर्म के मानने वाले सब होंगे दलित भी होंगी पिछड़े भी होंगी ऐसे एक
06:25ऐसे कानून की जरुरत नहीं है जो कानून हमको बाटता होगी ऐसे कानून की जरुरत नहीं है
06:30तो द्रपया हाथ जोड़तिं की बिंती है मैं बहुत छोटा आदमी है मैं जानता हो कि इसका असर
06:35पता नहीं आप पर पड़ाए की न पड़े लेकिन यह गाउं ऐसे नहीं चलता है अगर अगर
06:40इस लोग कन्त को जिन्दा रहना है तो गाउं में क्या हो रहा है इसको देखना पड़ेगा आफिस में बैट रहा है
06:45करके आप गाउं को नहीं दे सकते हैं तो किरपया अबंद करिए सबनों सबनों के भी
06:50बीच में जगला होता है प्रामरोड ठाकुरों के बीच में जगला होता है
06:55दलतों दलतों के बीच में जगला होता है कहां तक आप कानून बनाएंगे तो भाई चारा स्थापिते हैं
07:00करीए और यह जो कानून है यह समाज को फार फार कर देगा अधा आप
07:05से आने वाले समय में देश का बहुत नुक्सान होगा राष्ट का बहुत नुक्सान होगा समाज बढ़ जाएगा
07:10तिरपया हाद जोड़ करके बिंती है इसे कानों न लावाएगा
07:15कहने को तो बहुत कुछ इच्छा है बोला जा सकता है
07:17लेकिन बोल ले कि कोई आउस्चा लेगा
07:20इस कानों से यह बक्चे बढ़ जाएगी
07:25यह जाएग से एक कर्शी दूसरी करेंगी
07:27कितने साल से आपने दूरो
07:30पान साल से आती हो और कुछ नाफ्ता प्राइब
07:35पानी बिलता है यह बिलते हो पानी बिलते हो पानी बिलते हो
07:40तो मैं जो लोग भी ले करके आए हैं उनके पहना जाएगा
07:45चाहता हो कि यह कानून आपका समाद में भेदभाव पैदा करेगा
07:50और यह बच्चे बढ़ जाएगे और यह देश के लिए
07:55अच्छा नहीं हो और मैं इस कानून में अच्छा नहीं हो और मैं इसकानून में
08:00वैसे मैं एबी पी का वयान देख रहा था संतुलन की बात की लिए इस कानून में संतुलन
08:05नहीं है आपने एक अपराधी एक पक्ष को अपराधी बना करके खड़ा चल दिया
08:10और वकील का भी मौका नहीं दिया कि इनका वकील कौन होगा
08:15तो जो गलत करता है उसको सजा मिलनी चाहिए
08:17चाहे शत्रिय समाज का हो चाहे ब्रामर समाज का हो
08:20चाहे किसी समाज का हो वो सजा का हगदार है उसका कोई समाज
08:25मर्थन नहीं करेगा हमारा कोई समाज मर्थन नहीं करेगा लेकिन आप यह भच्चों में भ्यद्वाव मत पर चाहे
08:30स्कूलों में भ्यद्वाव मत पर चाहे और मैं फिर अपील करना चाहता हूँ
08:35दलिस समाज के बच्चों को जो पढ़े लिके बच्चे उनको अपील करना चाहता
08:40यह देश हम सबका है
08:45और इस देश में सभार्द बनाए रखना हम सबकी जिम्मे दारी है
08:50विर पया, आई से कानूं का समाजा
08:51रहां के बच्चे बासे पनाही, बाके बितो बन्यू बन्यू पर चाहे
08:55झाले हम सबका है
09:00झाल झाल
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