00:00अज़ अज़ झाल
00:05झाल
00:10जब संत मौन तोड़ते हैं तो सिर्फ शब्द नहीं निकलते हैं
00:15बलकि इतिहास की गूंच सुनाई देती है
00:17और जब कोई शंकराचार्य गंगासनान किये बनाई
00:20बिना माग मेला छोड़ दे तो सवाल सिर्फ एक नहीं कई उठते हैं
00:25आज की ये खबर सिर्फ प्रयाग राज के माग मेले से जुड़िये घटना नहीं है
00:30आस्था, सम्मान, प्रशासन और सनातन धर्म के बीच खिची उस रेकाचार्य गंगासना
00:35की कहानी है जिसने पूरे देश के साधू संतों को सोचने पर मजबूर कर दिया है
00:40प्रयाग राज के माग मेले से जोतिश पीठ के शंकराचार्य स्वामी अवि मुक्तेश्वरानन्स
00:45सरस्वती भारी मन से काशी के लिए रवाना हो चुके है और जैसे ही शंकराचार्य
00:50माग मेला छोड़ कर गए उनके शिश्यों ने भी बुद्वार को शिवर खाली कर दिये शिवर में
00:55में लगे CCTV कैमरे उतारे गए सवा लाख शिवलिंग वापस समेटे गए और वो
01:00जो कुछ दिन पहले तक श्रद्धा का केंद्र था अब खाली हो गया है
01:05श्रक्राचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानन सरस्वती बिना गंगास्नान किये ही माग मेला छोड़ कर दिये शिवर में
01:10छोड़ कर चले गए उनके प्रमुक्षिश्य स्वामी मुकुंदा नंद की अनुसार ये फैसर
01:15उनका कहना है कि शंकराचार्य जी ने भारी मन से मेला छोड़ा
01:20लेकिन अपनी टेक नहीं छोड़ी स्वामी मुकुंदा नंद साफ कहते हैं गुरुजी की टेक अनुसार ये फैसर
01:25टेक महीनों या वर्षों के लिए नहीं बलकि सद्यों और पीडियों के लिए हैं उनका प्रमुक्त
01:30प्रण है कि जब तक मेला प्रशासन सरसम्मान गंगास्नान नहीं कराता तब तक ये टेक अपनी प्रणुक्त
01:35पेक जारी रहेगी। ये भी स्वष्ट किया गया कि अगले साल जब शंकराचार्य फिर माज़ा रहेगी।
01:40अग मेले में आएंगे तो वो शिवर के बाहर पालकी पर ही विराजमान रहेंगे।
01:45अग्राचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानन सरस्वती ने प्रयाग राज से काशी रवाना होते से चारी आएंगे।
01:50प्रिशासन पर गंभीर आरोप लगाए उनका कहना है कि सरकारी सुविधाओं और
01:55प्रलोभनों के जरीए उन्हें संतुष्ट करने की कोशिश की जा रही थी लेकिन मौनी अमावर्ण
02:00प्रिश्या को हुई मार पीट और विवाद पर कोई ठोस कारवाई नहीं हुई उन्होंने कहा
02:05हमारी अंतरात्मा को चोट पहुची है
02:10संगम की इन लाहरों में स्मान दर्मा के वले दार मित्रिया
02:15नहीं है बल्कि अंतरात्मा के संत्रित्ति का एक माश्ट पहुची है
02:20प्रांको आजमान इतना बेती तरह
02:25है कि हम गिनास नां किये इस संकल्प को
02:30यहां के वेत में अदूराज बोड़ता है
02:35यहां से विदा ले रहा है
02:37यह ब्रदे में फ्रोग और क्लाइली का जवार है
02:40यहां जया ले ड्या है
02:44यहां जया यहां यहां जया है
02:45हम प्रेश के अपने बंदों के माध्यम से
02:50सामाट विसे इसके हमारा संद तोनी समाट
02:55अंदरम के यह रही है और को मेला प्राइब
03:00अधिकरान और कुत्तर प्रदेश शाशन पकियाबात पहुंचाना चाहिए मैं
03:05कि नियाएटी प्रतिश्या कभी समानतों नहीं होगी आज हम यहां से जारे हैं
03:10से देकर अपके पीछे सत्यकी भी समानतों नहीं है
03:15और वन अनक पर प्रस्मा को छोड़ तर जा रहे हैं
03:20प्रयार की इस हवार में तो विद्यवान रहेंगे ही
03:25लेकिन पूरी विश्व में बायू अंडल में भी दिमान कहेंगे
03:30और उनके अनुसार पहले भी जिए अनुसार पहले भी जिए अनुसार पहले भी जिए
03:35जीवन में दुखाएं हैं लेकिन ये स्थिती इसलिए अधिक पीड़ा दायाक है क्योंकि ये सनातन दुखाएं
03:40धर्मियों के सम्मान और सुरक्षा से जुड़ी है उन्होंने ये भी कहा कि हार और जीत का
03:45फैसला समय करेगा और अंतिम निर्णे सनातन धर्म के अनुयाईयों और जनता को ही
03:50करना है शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानन सरस्वती का कहना है कि
03:55अब उनकी प्राथमिकता है सनातन धर्म की मर्यादा अनुयाईयों की सुरक्षा और सम्मान धर्मियुक्तेश्वरानना
04:00काशी के लिए ये प्रस्थान सिर्फ स्थान परिवर्तन नहीं बल्कि एक प्रस्थान धर्मियुक्तेश्वरानना
04:05एक संदेश है माग मेला खत्म नहीं हुआ है लेकिन सवाल अभी भी गंगा की
04:10अधार की तरह बह रहे हैं क्या ये सिर्फ एक संत का विरोध है या आने वाले समय में
04:15सनातन धर्म और प्रशासन के बीच ये विवाद गहराता जाएगा इन सवालों के जब
04:20सवाब आज नहीं लेकिन इतिहास जरूर देगा
04:25झाल
04:26झाल
04:27झाल
04:30झाल
04:31झाल
04:34झाल
04:35झाल
04:36झाल
04:37झाल
04:38झाल
04:39झाल
04:40झाल
04:41झाल
04:42झाल
04:43झाल
04:44झाल
04:45है
04:45झाल झाल को भाल झाल
Comments