00:00कहा जाता है कि आधिकारियों के वीच उनकी कितनी जवर्दस पकड़ थी बेशार्शनिक अमले में
00:05और ब्यूरो के सी में खाली पन महसूस होगा अभी महराश्टी में क्योंकि अधिकारी
00:10से वो उनका बात करने का तरीका ऐसा होता था कि मैं जो आधिस दे रहा हूं वो करो
00:15वो आज के दोर में जानते हैं कि अधिकारी कितने भी किसी भी सरकार में कितने ताकर
00:20हो जाते हैं और कई बार नेताओं की बात मानने से भी अगर कोई बड़ा नेता ना हो
00:25तो मना ही कर देते हैं मुख्यमंत्री से सीधे आधिश लेना पसंद करते हैं लेकिन दादा का ऐसा रुत्बा था
00:30जो कह देते थे वो करवा के ही रहते थे वो देखेंगे एक लगा ना कहीं अन्याएं
00:35हो रहा है या जान के काम रोकावट डाली जा रही है तो दादा ऐसे बोलते थे
00:40एक मिनिट एक मिनिट यह जो दादा का स्टाइल का ना यह तो बिल्कुल
00:45सिगनिचर बन गया था एक मिनिट बोल के वो रोक ही देते थे पूरी अर्गिमेंट और वहां से शुरू करते थे
00:50मुंबई के जब मैं एक मराधी चनल में काम कर रहा था उस वक्त कर यह किस्सा है कि मुंबई में
00:55भारी बारिश हुई थी और उस भारी बारिश के चलते पूरी मुंबई जान थी
01:00उस सुबवक्त अजित पवार ने एक ऐसी मीटिंग लीती जो रात के तीन बज़ेंग लीती
01:05अच्छे तक चलिए सारे में नेता सारे वहां के आप
01:10अधिकारी वहां पर मौजूद है और फिर सिर्फ तीन घंटे बाद सुबज छे बज़ें
01:15अजित पवार फिर से वहां पर मौजूद थे तो यह किस्सा एक सीने जर्रलिस ने बताया था कि उनको पूछा
01:20गया किर दादा आप तो अभी गये थे अभी आप वापस भी आ गये तो उन्होंने यही बुला
01:25ठीक है मैं जाके घर पर रहा कैसे सकता हूँ कि बारिश तो रुकी नहीं है
01:30वार्रूम में मौजूद रहने वाला नेता लोगों को पूविड के समय में जहां
01:35पर लोगों को ऑक्सिजन की कमिया हो रही है उनका एक कुछ दो तीन नंबर्स ऐसे थे
01:40कि उनके OSD के नंबर उनकी PS के नंबर वो पूरे महराश्य में फैल चुके थे
01:45वो हमेशा बचते रहते थे और उनको उठाया जाता था जितना हो सकता है उतनी मदद
01:50जित पवार नहीं वहाँ पर की थी और अभी आप जो दर्श देख रहे हैं उस दुरुशों में आप
01:55यह बात मैं आपको बता दू यह जो लोग लकडियों को रचाने का काम कर रहे हैं यह कोई
02:00कि वहाँ के नॉर्मल कोई कार्यगता नहीं इन में से कई लोग वहाँ के हमेलेज हैं कई लोग हैं
02:05के बड़े बड़े नेता है तो कहीं न कहीं वह सम्मान भी बताता है कि
02:10हम आखरी वक्त तक अजित दादा के साथ है और एक सम्मान की भावज़ा है
02:15से एक एक लड़ी के लकड़ी वहाँ पर रखी जा रही है
02:20कर दो के सम्मान भी वहाँ लड़ा है
02:33आए जो का है गवाँ वहाँ दो को वहाँ पर एक लुदक दो करे भावज़ा यहाँ
02:43कर दो को हमें वहाँ जा आए यहाँ
02:45कर दो कर दो कर दो को
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