00:00Ahmed is a young man, but mobile is a life of his life.
00:05He is a screen, he is a screen, he is a screen, he is a screen.
00:09Namaz, I will read it. This is a story of his life.
00:14Instagram per thousands of followers were.
00:17Reels per likes came out of the way.
00:20People said that you were successful.
00:23But Ahmed's heart was a strange place.
00:26Ahmed's heart was a strange place.
00:56बस, सब खत्म.
00:58इसी लम्हें उसके जहन में एक सुवाल गुजा.
01:02अगर अभी मौत आ गई,
01:03तो अल्लाह को क्या जवाब दूंगा?
01:06कि मैं लाइफ था?
01:08या मैं आउनलाइन मशूर था?
01:10आखों से आसू बहने लगे.
01:12डॉक्टर ने कहा,
01:14ये वार्निंग थी,
01:26पर अजीब सा सुकून.
01:28एहमद ने पूछा,
01:29बाबा, इतना सुकून कैसे?
01:32बुढ़े ने मुस्कुरा कर कहा,
01:34बेटा, मैं आउनलाइन किसी को नजर नहीं आता,
01:38मगर अल्लाह मुझे हर वक्त देख रहा है.
01:41यही काफी है.
01:43ये जुमला,
01:43एहमद के दिल में तीर की तरहा लगा.
01:46घर आकर एहमद ने एक फैसला किया.
01:49फजर की अजान हुई,
01:51मुबाइल साइलेंट,
01:52और वो सजदे में गिर पड़ा.
01:55आँखों से आसू,
01:56जबान पर सिर्फ एक दुआ.
01:58या लल्ला,
01:59मैं सब के सामने था,
02:01मगर तेरे सामने नहीं,
02:03मुझे माफ कर दे.
02:04चन्द दिन बाद,
02:06एहमद ने एक नई वीडियो अपलोड की.
02:09उन्वान था,
02:10मैं मशूर था,
02:12मगर खाली था.
02:13उसने सच सच सब बता दिया.
02:16वीडियो वाइरल हुई,
02:17मगर इस बार लाइक से ज़्यादा दौाइं मिली.
02:20किसी ने कॉमेंट किया,
02:22भाई, आज मैंने फजर पढ़ी सिर्फ आप की वज़ा से.
02:27एहमद मुस्कुरा दिया.
02:29दिल मुतमें था.
02:31उसी रात,
02:32वो मस्जद में अकेला बैठा था.
02:34आजान के बाद भी वहीं रहा.
02:37खामोश, सर जुकाए.
02:39अचाना कि माम साहब उसके पास आकर बैठ गए.
02:42बेटा, मशूर होना मुश्किल नहीं.
02:46मशूर रहकर बच जाना मुश्किल है.
02:49ये सुनकर एहमद के हाथ काम कए.
02:51असल आजमाईश
02:53अगले दिन एक बड़ी ब्रैंड कमपनी ने एहमद को आफर दी.
02:58सिर्फ एक वीडियो में हमारी प्रॉड़क्ट प्रमोट करो.
03:01लाकमर उकाय मिलेंगे.
03:03शर्थ सिर्फ एक थी.
03:05वीडियो नमाज के वक्त लाइव करनी थी.
03:08क्योंकि उसी वक्त व्यूज ज्यादा आते थे.
03:10एहमद स्क्रीन देखता रहा.
03:13रकम बहुत बड़ी थी.
03:15मा की दवाईयां, घर के खर्चे, सब यादा गया.
03:19दिल ने कहा, एक दिन की बात है.
03:21उसी लम्हे आजान की आवाज आई.
03:24अल्लाहु अक्बर, अल्लाहु अक्बर.
03:27एहमद के हाथ में मुबाईल था और दिल में जंग.
03:30उसने मुबाईल मेस पर रखा और आहिस्ता से कहा,
03:34या अल्ला, अगर मैंने आज तुछे छोड़ा,
03:37तो ये पैसा मुझे कभी सुकून नहीं देगा.
03:41वो मस्चित की तरफ चल पड़ा.
03:43नमाज के बाद मुबाईल आउन किया,
03:45तो देखा, कमपनी ने ओफर वापिस ले ली थी.
03:49दिल में थोड़ा सा दुख आया,
03:51मगर अजीब सा सुकून भी था.
03:54वो रात, उसी रात,
03:56एहमद की माँ की तबियत अचानक खराब हो गई.
03:59हस्पताल ले जाना पड़ा.
04:00एहमद के पास ज्यादा पैसे नहीं थे.
04:03वो परिशान होकर कॉरिडोर में बैठ गया.
04:06आंखों से आंसू टपक रहे थे.
04:08इसी वक्त मोबाइल वाइबरेट हुआ.
04:11एक मेसिज था.
04:13भाई, आपकी विडियो ने मेरी जिन्दगी बदल दी.
04:16मैंने आपके नाम से अपनी जकात निकाली है.
04:19बराहे करम, ये कबूल कर ले.
04:21रकम?
04:22इतनी के माँ का पूरा इलाज हो गया.
04:25एहमद सच्दे में गिर पड़ा.
04:27वो रोते हुए बस इतना कह सका.
04:30या अल्ला, मैंने तुझे तरजीह दी और तूने मुझे तनहा नहीं छोड़ा.
04:36सबक.
04:37हलाल थोड़ा हो तो भी काफी है.
04:40हराम ज्यादा हो तो भी बे बरकत है.
04:44जो नमाज के वक्त दुनिया छोड़ दे.
04:47अल्ला उसके लिए दुनिया खुद संभाल लेता है.
04:50इमान लाइक से नहीं, कुर्बानी से मजबूत होता है.
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