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ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य पर लगे यौन शोषण के गंभीर आरोपों से पूरा देश सन्न है, क्या यह सच है या कोई बहुत बड़ी राजनीतिक साजिश?


Jyotish Peeth Shankaracharya Swami Avimukteshwaranand Saraswati has been booked under the POCSO Act for alleged Sexual harassment of minors in Prayagraj. While the UP Police has formed a 5-member special team to investigate, the seer has denied all allegations, terming it a political conspiracy to suppress his 'cow protection' campaign. This video explains the entire controversy, police action, and potential legal consequences.


#SwamiAvimukteshwaranand #Shankaracharya #POCSOAct #OneindiaHindi

~PR.250~HT.408~ED.520~GR.122~

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Transcript
00:00यही योगी जिसको आप लोग सादू संद कहते हो, हम तो घुमाईउं का बेटा अकबर कहते हैं, हम तो अरंजेव
00:06कहते हैं, यह नहीं आई तो कहने के लाज़ाएं, यह मंदिर तोड़ने का सबर्थन करने वाला आजमी है
00:14कोई धर्म के खिलाब आचन करता है, क्योंकि ऐसे तमाम कालने में होंगे, जो धर्म की आड में सनातन धर्म
00:23को कमजोर करने की साची सरच रहे हैं, हमें उनसे साउधान होना होगा
00:28धर्म और आस्था के सबसे उंचे शिकरों में से एक पर बैठे व्यक्ति पर जब ऐसे गंभीर आरोप लगें, तो
00:34पूरे देश का सन रह जाना लाजमी है
00:37सनातन धर्म के प्रमुक्स तंभ माने जाने वाले जियोतिश पीठ के शंकर अचार्य, स्वामी अव्यमुक्तेश्वरानन सरस्वती पर योन शोषण और
00:46पॉक्सो एक के तहट एफायार दर्ज होने से पूरे संथ समाज और देश में हड़कंप मच गया है
00:52आस्था केस बड़े केंदर पर उठे सवालों ने एक गहरी बहस छेड़ दी है कि आखिर इस हाई प्रोफाइल विवाद
00:58का पूरा सच क्या है और आगे क्या होने वाला है
01:01पूरा मामला उत्तर प्रदेश के प्रयाग राज से जुड़ा है जहां वेद पाठी बटकों यानि वेद पढ़ने वाले छोटे बच्चों
01:08के यौन शोशन का आरोप सीधे तोर पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द पर लगा है
01:14इन गंभीर आरोपों के आधार पर पूलिस ने मामला दर्च कर लिया है और जाच को तेज कर दिया है
01:19इस केस की समवेदन शीलता को देखते हुए प्रयाग राज पूलिस ने DCP मनीश कुमार शांडिल्य के नेतरत्व में पांच
01:26सदस्य स्पेशल जाच टीम का गठन किया है
01:29फिलहाल पूलिस की प्रात्मिक्ता उन दोनों पीड़ित बच्चों की तलाश करना है जिन्होंने आरोप लगाए हैं ताकि उनका मेडिकल परिक्षन
01:36कराया जा सके और मजिस्ट्रेट के सामने उनके आधिकारिक बयान दर्च कर एहम साक्षी जुडाये जा सके
01:42इन संसनी खेज आरोपों के बाद शंकराचारे स्वामी अविमुक्तेश्वरानन सरस्वती ने खुद सामने आकर अपना पक्ष रखा है और इन
01:50आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है उन्होंने इसे एक बहुत बड़ी राजनीतिक साजश करार देते हुए सरकार पर
01:56ती�
02:11केंद्र और राज्य सरकार उन पर इस तरहां के जूटे आरोप लगवा रही है यूपी पुलिस की जाच पर अविश्वास
02:17जताते हुए उन्होंने यहां तक मांग कर डाली कि इस मामले की निश्पक्ष जाच किसी गैर भाजवा शासित राज्य के
02:24पुलिस से कराई जानी �
02:25अपनी बेगुनाही का सबूत देते हुए उन्होंने कहा कि मौनियम आवस्या की घटना के बाद से वे लगातार सीसी टीवी
02:32और मीडिया के कैमरों की निगरानी में रहे हैं
02:34उनका ये भी दावा है कि जिन बच्चों ने शिकायत की है वे न तो कभी उनके विद्यार्थी रहे हैं
02:39और नहीं कभी उनके आश्रम या शिविर का हिस्सा रहें
02:43उन्होंने राहू, रावण और कालनेमी जैसे पौरानिक चरित्रों का उधारन देते हुए कहा कि सनातन परंपरा में क्षद्म वेशी हमेशा
02:50से रहे हैं जिनका परदाफाश होकर रहेगा
02:53अब सबसे बड़ा सवाल ये उठ रहा है कि क्या शंकराचारे जेल जाएंगे
02:57फिलहाल उनकी तुरंद गिरफतारी जैसी कोई स्थिती नहीं है लेकिन कानूनी फंदा कस्ता देख उनकी लीगल टीम सक्रिये हो गई
03:04है
03:04उनके वकील अब अगरिम जमानत और अन्य कानूनी विकल्पों पर तेजी से विचार कर रहे हैं
03:09शंकराचारे ने खुद कहा है कि उनके मठ के दर्वाजे पुलिस के लिए हमेशा खुले हैं और वे जाच में
03:15पूरा सहयोग करेंगे
03:16लेकिन अगर गिरफतारी होती है तो ये संस्था को नीचा दिखाने की साजिश होगी
03:21अगर पुलिस की जाच में साक्ष मिलते हैं और अदालत में दोश सिध हो जाता है तो कानून के मुताबिक
03:27बेहत सख्त सजा का प्रावधान है
03:28पॉक्सो एक्ट के तहट 18 वर्ष से कम उमर के बच्चे के साथ यौन अपराद होने पर सजा अपराद की
03:34गंभीरता और प्रकृती पर निर्भर करती है
03:37यौन उत्पीडन के मामले में अधिक्तम 3 वर्ष और यौन हमले में 3-5 वर्ष तकी सजा हो सकती है
03:43अगर मामला पैट या पेनिट्रेटिव सेक्शल असॉल्ट का साबित होता है तो नियून तम 10 वर्ष से लेकर आजीवन कारवास
03:49तकी सजा मिल सकती है
03:51इसके अलावा यदी पीडित बच्चे की उम्र 12 वर्ष से कम है और अपराद बेहत गंभीर श्रेनी का है तो
03:5720 वर्ष से लेकर आजीवन कारवास या यहां तक की मृत्यू दंड तक का भी प्रावधान कानून में है
04:02इसके साथ ही इंडियन पीनिल कोड की धारा 354 और 376 आधी के तहट भी मामला चलने पर तीन वर्ष
04:09से लेकर आजीवन कारवास तक की सजा हो सकती है
04:12हाला कि भारत की न्याय प्रणाली के अनुसार ये सपश्ट है कि ये सारी सजाएं तभी लागू होंगी जब अदालत
04:18में पुलिस द्वारा पेश किये गए साक्षों के आधार पर आरोपुही तरह से सिध्ध हो जाएंगे
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