00:00एक online seller के लिए इससे ज्यादा frustrating कुछ नहीं होता जब कोई marketplace किसी claim को सीधे सीधे reject कर दे। ये एक आम परेशानी है लेकिन इसका हल है। तो चलिए इसी में थोड़ा और गहराई से उतरते हैं और देखते हैं कि ऐसी situation में क्या strategy होनी चाहिए।
00:29आपको थोड़ा surprise कर दे। जवाब है बेलकुल नहीं। एक claim का खारज हो जाना कोई end नहीं है। ये बस एक रुकावट है और हाँ इसे पार करने के तरीके हैं। ये जानना ही सबसे पहला और सबसे जरूरी कदम है। तो ठीक है अगर खेल खत्म नहीं हुआ है तो फिर विकल
00:59हैं। शुरुआत होती है marketplace की अपनी internal appeal process से। और अगर वहाँ बात नहीं बनती तो दूसरा step आता है एक legal notice भेजने का। और अगर मामला और भी गंभीर है तो फिर consumer या civil court जाने का रास्ता है या फिर arbitration का अगर agreement में इसका जिक्र है। अच्छा, अब theory से हट कर जरा असल द
01:29जो बात है न वो ये है कि फर्क कितना साफ है। देखिए अगर गलती seller की तरफ से हुई है, मान लीजे गलत SKU लिस्ट कर दिया या claim deadline के बाद फाइल किया तो case अपने आप कमजोर हो जाता है। लेकिन अगर seller के पास shipment से लेकर delivery तक का हर proof है और फिर भी platform बिना किसी ठोस व�
01:59लेकिन ये अकेली situation नहीं है। कुछ और भी खास उधारण है जहां जीतने के chance काफी अच्छे होते हैं। चलिए उन्हें भी देखते हैं। ये दोनों बहतरीन उधारण हैं। मान लीजे marketplace के logistics partner ने ही product को damage कर दिया और सबूत के तोर पर packaging का एक unedited video मौजूद है तो ये सी�
02:29पूरी तरह आपके पक्ष में होते हैं। ठीक है अब जब हम अलग-अलग situations को समझ गए हैं तो उस strategy पर आते हैं जो अपनानी चाहिए। ये वो नियम और कानूनी बाते हैं जिन्हें जानना बहुत ही जरूरी है। तो यहां सबसे जरूरी बात क्या है। हमेशा पहले company के �
02:59कि अगर किसी ने खुद ही उस policy को तोड़ा है जिसे उसने accept किया था तो फिर case करना लग-भग नामुम्किन हो जाता है। एक smart seller ये भी जानता है कि कब लड़ना है और कब नहीं। कुछ situations ऐसी होती हैं जहां case करने से सिर्फ समय और पैसा ही बरबाद होता है। ये बिलकुल
03:29जहां आप वाकई सही हैं और इसे साबित भी कर सकते हैं। तो इतना सब कुछ जानने के बाद एक सफल case बनाने का सबसे सबसे जरूरी पहलू क्या है? चलिए इस पूरे analysis के सबसे एहम हिस्से पर चलते हैं। बस ये ही है वो golden rule. Emotions या राय माइने नहीं रखती, जो माइन
03:59बात को एक बार में ही समझा देती है। कमजोर case, seller की गलती और अधूरे सबूतों पर टिका होता है। वहीं एक मजबूत case, platform की गलती और पूरे साफ सुतरे records पर टिका होता है। नतीजा भी उतना ही साफ है। तो आखिर में सारी बात इस एक सवाल पर आके टिक जाती है।
04:29डरीगा
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