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  • 4 hours ago
क्या संभल में पुलिस पर FIR के आदेश के कारण CJM तबादले के आरोप सियासी हैं? साहिल के साथ देखें दंगल

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00:00नमस्कार मैं हूँ साहिल जोशी दंगल में आपका स्वागत है आज का दंगल संभल पर ही हम करेगे क्योंकि जब से संभल में दंगा हुआ है संभल के मुद्दे पर आए दिन सियासत की कभरी सज रही है आज भी संभल में एक्शन किया गया पुलीस ठोल मुनादी करते हुए
00:30क्यों किया गया वकीलों का आरोप था कि संभल पुलीस के खिलाफ मुकद्मा दर्च करने के आदेश देने के कारण सीजेम का तबादला कर दिया गया है
00:37समाजवारी पार्टी से लेकर कॉंग्रेस और AIMIM तक सभी लोग सवाल उठा रहे हैं कि न्याई पालिका पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है
00:46दरसल संभल के सीजेम ने 24 दिसंबर को 3 साल पुराने इंकाउंटर के मामले में पुलीस वालों पर केस दर्च करने का आदेश दिया था
00:55और उसके बाद 9 जनवरी को संभल हिंसा मामले में A.S.P. अनूच चौधरी और इंस्पेक्टर अनूच तोमर के समयथ 15 से 20 पुलीस वालों पर F.I.R. कराने के आदेश भी दिये थे
01:07तब A.S.P. ने कहा था कि चूकी जाज पूरी हो चुकी है इसलिए कोर्ट के इस आदेश को उपरी अदालत में चुनवरी जाएगी
01:15लियाजा पुलीस वालों पर कोई मुकदमा नहीं किया गया कोई F.I.R. नहीं किया गया
01:20C.J.M. के आदेश के बावजूद भी संभल पुलीस ने F.I.R. नहीं किया
01:25अब उसी जच का तबादला हो गया जिन्नों ने ये आदेश दिया था
01:29और अब उसी तबादले को लेकर सियासी सवाल खड़े किया जा रहे
01:33नंगल में हम इन्हीं तमाम उद्दों पर चर्चा करेंगे लेकिन पहले इस पूरे मामले पर ये रिपोर्ट देखेंगे
01:39सारी कुर्फ साथा अब रोकी चल अचल संपत्ति को मानिने न्याले सीजेम संबल इस्थीद चंदोजी के आदेश के अनुपालन में पुर्ग किया जाता है
01:53संबल की सुर्खिया कुछ ऐसी है कि एक तरफ दंदा मामले के फरार मुख्यारों की शारिक साथा के घर की कुर्की हो रही है
02:05तो संबल के जिलादालत परिसर में एक प्रशासनिक पैसले को लेकर नारेवाजी चलती है
02:23संबल के सीजियम कोर्ट परिसर में वकील नाराज नजर आते है
02:33इन वकीलों की नाराज गी ये क्या आखिर चीफ जुडिशन मेजिस्ट्रेट का तबादला इतनी जल्दी क्यूप किया गया
02:52वकीलों का यगुट सीजियम विभानशु सुधीर के तबादले की
03:22क्योंकि इलहाबाद हाई कोर्ट रजिस्ट्रार की तरफ से जारी चिथी के मताबिक संबल के सीजियम विभानशु सुधीर का तबादला सुल्टानपुर्ण
03:32सिविल जज सीनियर डिवीजन के पत पर कर दिया गया है और संबल के जिन सिविल सीनियर डिवीजन जज आदित्य सिंग ने जामा मस्जिद में सरवे का आदेश दिया था उन्हें संबल का
03:42सीजियम बना दिया गया है
03:56हलाक 11 जजों के तबादले वाला यादेश हाई कोर्ट से निकला है और इसमें दसन्हें जजों के भी तबादले किये गई
04:08लेकिन संभल पर सवाल सियासी है क्योंकि सीजेम विभांशु सुधीर ने संभल इंसा मामले में पुलिस वालों पर मुकद्मा दर्ज करने के दो-दो आदेश दिये थी
04:16क्योंकि 2024 में संभल इंसा मामले में यामीन नाम के याचिका करता ने आरूप लगाया था
04:22कि 24 नवंबर 2024 को रस्क बेच रहे उनके बेटे आलम को तीन गोलियां लगी थी
04:27आरूप है कि ये गोली पुलिस की तरफ से चलाई गई
04:30नखासा थाने के खगु सराय में अंजुवन निवासी यामीन ने 6 फरवरी 2025 को अदालत में याचिका दी थी
04:3611 माईने बाद 9 जनवरी 2026 को सीजेम कोर्ट ने मवजूदा एसपी और ततकालीन
04:42एसपी अनुच चौधरी और ततकालीन इस्पेक्टर अनुच तोमर समेत 15-20 पुलिस कर्मियों पर
04:47FIR दर्ज करने का आदेश दिया
04:49लेकिन तब संभल के एसपी ने कहा था कि चुकी मामले में जाज पूरी हो चुकी है
04:53इसलिए पुलिस वालों पर केस दर्ज नहीं होगा
04:56बलकि सीजेम कोर्ट के उपर ये अदालत में चुनावती दिया जाएगा
04:59जब सीजेम दोरा इस तरह का आदेश जा कि उसके कुछ दिन बाद ही उनका ट्रांसफर हो जाना
05:06ये कहीं न कहीं इस और संकेत देता है कि भारती जनता पार्टी नियाईक प्रक्रिया में अस्चेप कर रही है
05:11नियाई पालका पे दबाव बनाना चाहती है
05:13कौन दोशी है कौन निर्दोश है ये नियाई पालका नहीं भारती जनता पार्टी तैय करना चाहती है
05:18और ये बिल्कुल भी अच्छे संकेत नहीं है न नियाईक प्रक्रिया के लिए न देश के सविधान और लोग तमस्क्रिया
05:24गौर करने की बात है कि संबल के पुलिस अफसरों के खिलाफ जिस चंदोसी सीजेम कोर्ट से मुकदमा दर्ज करने का आदेश पारित हुआ था
05:31उन्हीं सीजेम विवानशु सुधीर ने साल 2022 की मुटभेड के एक मामले में
05:3524 दिसंबर 2025 को भी ततकालीन इंस्पेक्टर पंकजलवानिया दो इंस्पेक्टर और चार दरोगा समेथ
05:42तेरा पुलिस वालों पर F.I.R. दर्ज करने के आदेश दिये थे और तीन दिन के भीतर बहजोई थाना पुलिस को रिपोर्ट देने के आदेश दिये थे
05:48अब भी पक्ष ये सवाल उठा रहा है कि अदालत के आदेश के बावजूद पुलिस वालों के खिलाफ F.I.R. दर्ज नहीं की गई और अब जज़ों के हिता बात दे कर दिये गए
05:57संभल के ज़जका ट्रांसफर करके भारती जनता पार्टी क्या नयाय पालिका को भी कंट्रोल करना चाहती है
06:03संभिधान बचाने वालों को सजा ट्रांसफर और संभिधान तोडने वालों को मजा प्रोननती
06:11अगर जज़ ने F.I.R करने का विधी सम्मत आदेश दिया है तो भारती जनता पार्टी उस जज़के ही खिलाप हो गई
06:19यही तो स्री राहूल गांधी जी कह रहे हैं यही तो कह रहे है कि संभिधान को तोड़ना चाहती है भारती जनता पार्टी
06:24खत्म करना चाहती है सम्मिधान को यह और बात है कि संभल में इस बार सीजेम के तबादले पर जितना शोर हो रहा है उतना शोर पहले कभी नहीं हुआ क्योंकि संभल जिले में पिछले 8 साल में 9 सीजेम बदले गए खुद विभांशु सुधीर के पिछले 12 साल में 15 तबा�
06:54बहुती सख्त मिजास जज़ हैं वो किसी के साथ भी नाइंसाफी नहीं होने देते हैं और इसके बाद भी अगर उनका ट्रांसफर हुआ है और जैसा कि मीडिया में खबरे चल नहीं है अगर ऐसा है तो मुझे लगता है कि इस पर गोर करने की बात है
07:12उधर संबल में जिस दूसरी खबर पर दिन भर चर्चा रही उसमें संबल दंगे के फरार मुख्या आरोपी शारिक साथा के घर कुर्की की कारवाई भी है जिसमें पुलिस प्रशासन ने धोल के साथ मुना दी करके शारिक साथा के घर से माल असबाब कुर्क करके ले लिय
07:42संभल पुलिस का कहना है कि संभल में हिंसा की साजिश रशने वाले शारिक साथा पर चार राजजियों में 79 मुकदमे दर्ज हैं
07:50जिनमें सोना से लेकर हत्यारों तक की तसकरी के गंभीर मामले भी है
07:54संभल पुलिस शारिक साथा के खिलाफ इंटरपोल से रेट कॉर्नर नोटिस निकलवाने की कोशिश कर रही है
08:00अभी नौमाथोर संभल आज तक
08:02वैसे तो यह पूरा मामला हाई कोट के संग्याद का लगता है
08:09क्योंकि इस पूरे मामले में अधिकार उस राज्य के हाई कोट को होता है
08:13चीफ जस्टिस उस हाई कोट के तै़ करते हैं कि कौनसा लोवर जुडिय का अधिकारी या जज्ज कहां पर ट्रान्सफर किया जा सकता है
08:20ट्रान्सफर्स पोस्टिंग उनकी अंडराते हैं
08:22लेकिन उसके साथ साथ कंसर्टेशन भी होती है राज्य सरकार के law and judiciary department के साथ हुए
08:27लेकिन इस बार इस पूरे मामले को लेकर साफ राजनीती हो रही है
08:30वहाँ पर वकील प्रदर्शन कर रहे हैं समाजवारी पार्टी AIM-AIM विपक्ष बयान दे रहा है
08:35आखिरकार इस पूरे मामले के पीछे की सियासत क्या है क्या जान बूझकर ये ट्रांसफर किया गया है
08:39जिस तरीके से विपक्ष आरोप लगा रहा है
08:41तमाम चर्चा हम करेंगे हमारे साथ में प्रेम शुक्ला चुड़ रहे हैं
08:44प्रवक्ता भारके जनता पार्टी के अडवोकेट महिमा सिंग
08:46कॉंग्रिस के तरफ से इस चर्चा में शामिल हो रहे हैं
08:52अनिल दूबे राश्ट्रिय लोगदल के प्रवक्ता भी शामिल होंगे
08:56वो इस सरकार में उनके समर्थक है
08:58क्योंकि NDA की सरकार, भारती जनता पार्टी की सरकार और राजटे लोगदल उसमें शामिल है
09:03एके जैन, पूर्व डीजीपी उत्तर प्रदेश वो भी इस चर्चा में शामिल होंगे
09:06तीन सवाल मैं इस पैनल के सामने रखना चाहता हूँ
09:09पहला सवाल, क्या संभल में पुलीस पर F.I.R. के आदेश के कारण
09:13C.J.M. के तबाद लेके आरूप सियासी है
09:16क्योंकि इस पूरे मामले को लेकर, जैसे हमने दिखाया आपको
09:19कि C.J.M. ने आदेश दिया था कि वहां के जो A.S.P. है
09:25उन पर कारवाई की जाए, उन पर F.I.R. किया जाए
09:27लेकिन पुलीस दल ने आखिरकार तैय किया कि हम किसी भी तरीके से
09:31F.I.R. नहीं करेंगे, आलाकि इस पूरे आदेश को अब तक
09:33हाई कोट पे चैलिंज किया गया है, या नहीं
09:35ये बात साफ नहीं हो पाई है, दूसरा सवाल, क्या नाई पालिका में
09:38तबादले तैनाती हाई कोट के फैसले पर सवाल उठाना वाजब है, जैसे मैंने
09:42का हाई कोट का अधिकार होता है कि लोवर जूरी शरीके अपॉइंट्मेंट्स और
09:47ट्रासफर किस तरीके से किये जाएं, तो ये हजेंटी बड़ी घटा पर सियासी रोटी से की जा रही है, क्योंकि दूरों तरफ से
10:02बार बार इस सारे मुद्दे को लेकर सवाल उठाय जा रहे हैं, आज मैं शुरूआत अनूराक-बधौरिया से करना चाहता हूसा
10:08और उसी वो भी दूसरे सवाल को लेकर, क्योंकि साफ शब्दों में समाजवारी पार्टी इस मामले में कह रही है
10:15कि इस पूरे ट्रांसफर के पीछे किसी ना किसी तरीके से राजनिती है
10:19तो नियाई पाली का दरसल इस पूरे मामले में टै करती है, हाई कोट टै करता है
10:38देंकि सवाल तब उठता है बिल्कुल सही कह रहे हैं आप कि मानने उच्च नियाल है कि आदेश पे ट्रांसपर होते हैं बिल्कुल सच है उसमें हम कोई इंट्रेफेर भी नहीं करना चाहते लेकिन सवाल तब उठता है जब CGM आदेश देते हैं और कप्तान साब कहते हैं आ�
11:08प्रटेक्टिव हो जाते हैं फट से अरेश्ट करने के लिए पहुंच जाते हैं लेकिन जब कोई मामला सरकार सरकार से जुड़ा होता है या सरकार की मदद के लोग होते हैं तब उनका तब बानने को तयानी होते हैं नहीं को यह तो सही नहीं है ना उसके लिए फिर आप सर
11:38हो गई अधिकारी की नाकामी की बज़े से वहां पे डियम चार दिन बाद पहुंशती है ऐसे डियम को सस्पेंट नी होना चाहिए ऐसे डियम को बचाएंगे आप ऐसे अधिकारियों को बचाएंगे आप वहां पे तो समाल उड़ता है कि आप अधिकारियों को बचाने लगी
12:08तो ऐसे तो इसके मतलब समाज में तो आरच्षित है खत्म ने वोगी अगर अधिकारियों को इस तरह से बचाये जाएगा जबाल साब साब दिखाई पड़ता है
12:15जिस तरह से अधिकारी उत्तर प्रदेश के अंदर में सरकार अधिकारियों को तागत दे रही है पावर दे रही है यहाँ पे यहाँ पे नेताओं के पास उनके मंत्रियों के पास पावर नहीं है बड़ अधिकारियों को पावर दे रही है इसके मतलब आप समाज के अंदर मे
12:45प्रेम शुकला जी आपके आरोप का जवाब देंगे लेकिन उससे पहले किस तरह से किस तरह से एक सब्सक्राइब मार रहे हैं बताईए आप ठीक मुझे मुझे इस बात की क्लारिटी एक बार पिर चाहिए आप खुद मानते हैं कि जो एस जेम का तबादला किया गया है हिमा
13:15सीजेम जो है उनका तबादला जो किया गया है वो हाई कोट के आदेश के मताबिक किया गया है ठीक है लेगिन उसके बावजूद जब आप अपना ओपनिंग स्टेटमेंट डे रहे थे उसमें बार बार इस बात का जिक्र कर रहे थे कि सरकार इसमें कहीं न कहीं शाविल है
13:45कि तावादला का अधिकार मानिये सर उच ने आले को है इसमें तो हम कुछ नहीं कह सकते लेकिन हम इतना तो कह सकते हैं जब कोट ने आदिश दिया कि F.I.R. हो अधिकारी को उपर में तो F.I.R. करने से कप्टान साप क्यों मना कर रहे थे तो यह मंसा पे शंका होती है कि नही
14:15प्रेम जुकला जी तुल मिलाकर समाजवाजी पार्टी का आड़ोग यहां पर यह साफ रज़र आता है
14:28कि सीजेम जो एक जुडिशल अधिकारी है जो एक जज है वहां के
14:33एक पिरिट एक पिरिट
14:35प्रेम जुकला जी तुल मिलाकर समाजवाजी पार्टी का या विपक्ष का एक तरीके से आरोप यह है
14:52कि दो दो आदेश सीजेम के तरफ से दिये गए जो वहां के लोयर जुडिशरी के प्रमुख है
14:58वहां के जज है दो आदेश उन्होंने दिये दोनों बार
15:01वहां की पिलीस के खिलाफ इफाई आर दर्ष करने के आदेश दिये गये
15:05अदालती आदेश दिये गये
15:06चौबिस दिसंबर को पहला आदेश
15:07दूसरा आदेश पारा जनवरी को
15:10आदेश तो नहीं माना, F.I.R. दर्ज करने का, हाई कोर्ट भी नहीं गए, ये कैसे हो सकता है, क्यों आपकी सरकार अदालत पे दिये हुए आदेश को मानने को तयार नहीं है, प्रेम शुक्ला जाए।
15:40सम्विधान का आर्टिकल 50, बाकाइदा एक्सक्यूटी और जुडिश्री के पावस को किस तरह से उसमें दोनों में अंतर है, अलग अलग हैं इस पस्ट करता है, और आर्टिकल 235 पस्ट करता है, कि हाई कोर्ट जो है, वो जो लोवर जुडिश्री है, उसमें नियुक्तियों
16:10सीजेम के आदेश में भी यह लीगल ओपिनियन है कि ओम प्रकास आमबेटकर वर्सेस स्टेट आफ महारास्टर के मामले में सुप्रीम कोट ने बाकाइदा आदेश दिया हुआ है कि जब तक आप नेचुरल जस्टिस के तहट अधिकारी को सुनते नहीं है जिस अधिकारी पर
16:40इस बात को मैं मैं सिर्फ इंटर्वेंशन इसलिये कर रहा हूं कि इस बात को मैं मानता हूं तो प्रकाश आमबेटकर का फैसला मैंने भी देखा हुआ है
16:50मैं सिर्फ इतना पूछना चाहता हूं ठीक अगर उनकी बात नहीं माले गए थी एक स्पार्टी आदेश दिया गया था बारा जनवरी को साथ दिनका समय दिया गया था इसके बावजुद आफ आफ आई कोट नहीं गए जी आफ आफ हाई कोट नहीं गया है वाई दिसम्ब
17:20करता है उसी दिन जो वारदात होती है उस मामले में और जिसके वज़े से सीजेम कहते हैं कि भाई इस पर फायार होना चाहिए तो फेक एंकाउंटर है कम से कम कुछ तो लिहाज रखना चाहिए नहीं तो जाकर यह तो कह सकते हैं ना आपके पास तो मशीनरी है इस बात की हा
17:50उस मजिस्ट्रेट एंक्वारी में सामने आ जाता है कि एंकाउंटर फरजी है कि असली है अब उसके लिए सीजेम को जो है और इस्तितियों के आदार पर किसी तरह से इस मामले पर निर्ने देने का अधिकारक्ष्यतर ही नहीं है जब हर एंकाउंटर के लिए मजिस्ट्रे�
18:20पूरी तरह से मामला चूंकि देखिए ऐसा है अनू चोधरी जो आरोपी जेल के भीतर बंद है उसका इंकाउंटर दिखाए गया है प्रेम जुकला जी आपको पता है कि कई सारे इंकाउंटर के मामले जो मैजिस्टेट इंक्वाइरी के बाद भी जब तत्थे अलग-अलग �
18:50जाएबी कोट को जाना ता आदेश तो सी जेम ने पहले ही देना था मैजिस्टेट के पास उसका अधिकार है तर पर पहले डिस्ट्रिक कोट जाएंगे
19:05मुझे नहीं लगता है कि इस पर किसी प्रकार का जो है कोई विधिक कोता ही कहीं से भी की जा रही है कोई विधिक कोता ही नहीं है
19:22कि अनुच चोधरी जो है उनके बारे में समाजवादी पार्टी के बकरी चोर ने ता आजम खाक है चुके कि आपको अकले स्यादों ने पॉइंट किया था आप उपकार भूल गए क्या और जब संभल के समाजवादी पार्टी के सांसत के खिलाब भी चुकि अनुच चोधरी
19:52पॉलिस प्रशासन इनका है अरे सुनिया जवाब सुन लिजे जवाब सुन लिजे तोड़ा पानी पीजे सवाल एंसरकार इनकी है पुलिस परशासन इनका
20:22है फसा हम रहे हैं कमाल है कोट से सीजेम साब और करते हैं तत्त के अधार पर और करते होंगे नियाय पालका को तो आप मानते हो जब और करते हैं तो उसके बाद सजा को उसके फाइयार के और करते हैं आप उस फाइयार को मानने को तयान नहीं होते हो आपके कफ्कान साब कहते
20:52कोड़ सपर्म कोड पर हर चीज पर इनिया अनियां चाहते और असको मानना नहीं चाहते
21:10और ट्रांसफर भी हो जाता है बहुत किसपा से है।
21:36करते रहे ना फिर जब बढ़ जाएंगे पर आप जंता का ख्याल किजिए अगर तबादला हो गया तो उसमें हमारी सरकार की कोई भूमिका उसमें नहीं है एक जैंजी हमारे साथ में पूर्वर डीजी पे रह चुके उत्तरपदेश के
21:59किसी भी मामले में जब CJM इस तरीके के आदेश देंगे कि भाई वहां के जो ASP है उनके खिलाफ में मामला दर्ज किया जाए
22:07पुलीस में कमा कह सकता है कि यह जो आदेश दिया गया हो गलत तरीके से आदेश दिया गया हम नहीं मानते कि इस तरीके से होना चाहिए
22:14उनके पास अधिकार है कि वो डिस्ट्रिक जच के पास चले जाए या हाई कोर्ट में चले जाए इस पूरे आदेश को चैलेंज करने के लिए
22:21लेकिन पुलीस प्रशासन के तरफ से यह सरकार के तरफ से यह तै करना कि 24 दिसेंबर का दो-दो फैसलों के मामले में कि हम एफाई आरी नहीं करेंगे
22:29यह क्या दिखाता है जैन साब क्या यह ऐसा हो सकता है क्या इससे पहले इस तरीके की घटाएं कभी हुई है
22:35पहले बाले इंसिडेंट का मुझे संग्यान नहीं है दूसरा जो इंसिडेंट जिसके उपर की अनुछ चौधरी अनुछ तोमर वह अन्ने पे मुकदमा दर्च करने के आदेश किये गए हैं
22:47वह आदेश मैंने भी पढ़ा है पुलिस वेरी मच विदिन इस राइट कि वो उसको चैलेंज करे अगर पुलिस वस आदेश से सहमत नहीं है यह पावर बी एन एसस के तहत हमको है कोई भी कोई भी जो दोशी ठराय जाता है सजाएं होती है उपरी अदालत में उसको चैलें
23:17हायर कोट में इसमें कोई आपती जनक बात नहीं है यह बहुत बार हुआ है कई बार पुलिस कर्मियों के उपर मुकदमे दर्च करने के आदेश जुडिशल आफसर्स के द्वारा दिये गए हैं हर गौर्मेंट में ऐसा हुआ है और उनको अगर यह माना गया है कि यह गलत �
23:47यहां पर टाइम फ्रेम एक दूसरा टाइम फ्रेम यहां पर दिख रहा है आपने कहा कि पहले मामले का संग्यान आपको नहीं है चौबीस दिसंबर को एक फैसला दिया गया था जिसमें जिस व्यक्ति का इंकाउंटर किया गया जिस आरोपी का इंकाउंटर किया गया वो उ
24:17उसके बाद उसके जो रिष्टदार है वो अदालत में गए और उसके बाद CGM वहाँ पर फैसला देते हैं कि नहीं भाई यह तो गलत है इस पर FIR करिए जाज की जाए उसके बाद 12 जनवरी को दूसरा फैसला दिया जाता है
24:28साथ दिन हो जाते हैं हाई कोट में कोई दर्वाजा खट-कटा नहीं जाता आप सही कह रहें कि उनके पास अधिकार होता है लेकिन कोई हाई कोट नहीं जाये जाता और उसके बाद वहाँ के जो CGM है हिमानचु सुदीर उनका तबादला हो जाता है हाई कोट के आदेश के बा
24:58जा गया है रेजिस्टार जनरल ही उसका जवाब दे पाएंगे ये उस पर मेरा बोलना कताई भी शोगनिये नहीं है रही बात इसकी जो आपने कहा पुलिस को पावर है बहुत से मुकदमे पुलिस के उपर मेरी 36 साल की सर्विस में दर्च हुए हैं बहुत से मुकदमों में
25:28गवाई नोट करेगा और जो उसका फैस्कला होगा वो मानने होगा दस सेकंड अदूराक बजोरिया सुना आपने दस सेकंड दस सेकंड जल्दी से जवाब क्योंकि बाहिमा सिंग पास जाना है डिजी पी साफ से इतना ही पूछना चाहता हूँ कि आप से आप से उन्होंने
25:58पे definite लाव मैंने कहा
26:05मुझे नहीं पता कौन अपरादी जैल में था किस नाम से जेल में बन था वो बन था बिन धा मैं उसको मैं उसको कैसे ठिपण्य करtermin Economic जबकि मुझे उसकी जानकारी नहीं अगर इस ईसцमसे पहले मुझे नीजन खases हो और नेगमिए
26:27प्लीज प्लीज प्लीज बेने आपको मोका दिया आपने सवाल पूछ लिया आपके जो पूछा उसका उन्होंने जवाब दे दिया उन्हें उस स्पेसिफिक केस की जानकारी नहीं है वो कहने की कोशिश कर रहे लेकिन अड़ोकेट महीमा सिंग्ग क्या ये टेकनिकल मुद्�
26:57और उसके साथ-साथ होली के त्योहार के दिन भी जिस तरीके से पूरा एक जबावडा निकला था उस वक्त उनका बयान की खीर खाएगे तो गुजिया भी खानी पड़ेगी उस पूरे मामले को लेकर कई सारी राजनीती पहले भी हो चुकी है तो ये मामला टेकनिकल मुद
27:27जिसने कतल कराया उसका हाखिम से याराना है मैं कॉंग्रस पार्टी की प्रवक्ता होने के साथ वकील भी हूँ इसलिए आपको राजनीतिक और टेकनिकल दोनों पहलो बता देती हूँ और पिछले 11 साल से जो जुडिशरी की यात्रा हमने इस देश के अंदर देखी है वो �
27:57बलके जो वहां की एस्पी हैं संभल के वो कंटेंप्ट ओफ कोर्ट उनके होना चाहिए क्यों क्योंकि उन्होंने फैसला आने के बाद ये कहा हम एफायर नहीं कराएंगे
28:09अरे बही जहां जिस देश में जंता का सबसे बड़ा सहारा ये था कि तुम्हें कोर्ट में देख लूँगा जिस किसी के साथ अन्याय होता था वो ये धडलने से बोलता था कोर्ट में देख लूँगा
28:20आज उस जनता के सामने एक कुलिस के अधिकारी बैठ करके बोलते हैं नहीं कराते F.I.R. मतलब सीधे सीधे C.J.M. के ओर्डर को चुनौती
28:29दूसरी एहम बात जो इस पूरी कड़ी का आज मैं समझती हूँ गायब रही या नहीं कही गई वो ये है कि उनका तबादला हुआ सो हुआ
28:42उनका डिमोशन हुआ उनको C.J.M. से Senior Division का सिविल जज बनाया गया और उनकी जगा प्रमोशन और वो वाला स्थान किसको दिया गया उनकी जगा C.J.M. बनाया गया उस जज को जिन्होंने जामा मस्जिद के सर्वे का ओर्डर दिया था और ये पहली बार हुआ भारत के ति
29:12जज हैं पूरी बार खड़ी हो गई है उनके संरक्षन में ये विभांशो सुधीर का टर्म पूरा नहीं हुआ तेक्निकल आपने आस्पेक्ट पूछा तेक्निकल आस्पेक्ट होता है आम तौर पे मैं कहूंगे पिचानले केसिस में जब रोस्टर चेंज होता है जब किसी
29:42केस में तीन महीने पहले मैं चोटा सा चोटा सा बिंदू इसमें एड करू महीमा जी एक चोटा सा बिंदू इसमें एड करू आप जिनका जिक्र कर रहे हैं मैंने अभी पता किया है कि 12 साल में 15 बार उनका ट्रांसफर किया गया है सरकार किसी की भी हो 12 साल में 15 बार ट्रांस
30:12से किया गया था आपको याद होगा रातो रात उनको पंजाब हर्याना हाई कोट भेज दिया गया था तब आर का वहाँ प्रजर्शन होगा तो सीधे-सीधे शब्दों में मुझे पूछना है महिमा जी क्या आपका यह आरोप है कि हाई कोट का आदेश जो आया और जिसके चल
30:42इस मामले पर बात करेंगे इस मामले पर बात करेंगे इसी बिल्कुल बिल्कुल आप सरकार के भूमिका पूछ रहे हैं ना सरकार की भूमिका एक मामले से क्यों समझना चाहते हैं मैं तो पूरा कॉंडक्ट बता रही हूं सरकार का यह सरकार जो जैपूर के एक जज बिने�
31:12और जहां पर जब भी भाजबा सरकार के खिलाफ कोई फैसला आता है तो इन जजों की उठा पटक कर दी जाती है ये संतों को जटाओं से पकड़ के खींचते हैं इस सरकार की भूमिका तो इस लोग तंत्र के हर पहलू का मदन करने के प्रेम शुकला जी पार्टी सीधे आरो�
31:42कुल मिला कर उनके बोलने से तो कम से कम यही लगता है आपने क्या मतलब निकाला है मुझे पता ने
31:47करां नीचित कर रही थन्याद महिला है बत्तमीज महिला
31:53पत्तमीजी कर रही थी नयुका महिला है तयागा है थी सब्सक्रणा मीलão के सब्सक्राइब
32:04जानते हैं उनकी अम्मादी वास का नाम ले लिया इसने चिला रही है एक दूसरे पर
32:33एक दूसरे पर व्यक्तिकट टिपनी करने के बजाए जो वाइडर बुद्धा जो मैंने पेश किया उस पर हम बात करेंगे
32:46और शब्दों की मर्यादा सभी को रखनी चाहिए और मैं किसी को रोक नहीं रहा हूं इसमें
32:51मैं सभी को कहना की कोशिश कर रहा हूं इस बात को प्रेम शुकला जी आपकी बात करेंगे
33:06जिस तरह से जो है एक गैर विधी सनातक को चीफ जस्टिस बनाने का दुशकर्म भी कांग्रेस के कारेकाल में हुआ है
33:20कांग्रेस के कारेकाल में पहले कांग्रेस के सांसत को कैसे सीधे जो है सुप्रीम कोट में जट बनाया जाता था यह अभी इस देश ने बहरूल इसलाम के मामले में देखा हुआ है फिर बीच बोल नहीं बाई
33:33प्रवाइब करता है यह पूरा देश भली भाथ जानता है उनको आज भी लगता है जब कि नियाए पालिका पूरी तरह से सुतंत रहे नियाए पालिका को कॉलिजियम यह तेयं करता है
34:00किस जज की कहां तैनाती करनी है किस जज की नियुकती करनी है किस जज का ट्रांसफर करना है यह पूरी तरह से कोलिजियम का अधिकार क्षित्र है अगर किसी को लगता है कि संबल के सीजियम की जो का तबादला गलत है तो उसके लिए फोरम क्या है उसके लिए फोरम है हाई को
34:30सेखने का यह जो काम चल रहा है यह साफ तोर पर यह चाहते हैं कि जिन अधिकारियों ने दंगाईयों के खिलाव कड़ी
34:39मैंने अभी अभी आपको उधारण दिया बारा साल में पंडरा क्रांच पर दंगाईयों के विरोधियों को विवांची सुधिर यह पहली वार नहीं जेल रहे हैं इससे पहले भी वो जेल चुके हैं सरकार किसी की भी हो इसलिए मैंने पहले भी आपको कहा उस वक्त भी होता �
35:09फिर मामला फिर भटक जाएगा फिर वो कुछ बोलेंगे आप कुछ बोलेंगे उसी में चले जाएगे हम तूसरी बात ये आप तो अधिने बांची सुधिर की बात कर रहे हैं मैंने तो आपको जस्टेस मुर्ली धरन जस्टेस श्रीश धरन जिनोंने अमित शा को जेल पह�
35:39अधिश्वन के नकल को बैठ जाएगे वो याद कर लीजिए अखेले विभाण्शो सुधिर का आज मामला नहीं है और आज ये भी याद रखी आरती साथे भाजपा की प्रवक्ता होती हैं फिर जाकर के जज़ बन जाती हैं अविजीद गंगोपाद्याए एक हाई कोट के
36:09सुना देता हूं मैं विप सुना देता हूं मैं उनको सांसत बना जेती हैं
36:33कांग्रेस के एक नहीं ऐसे मैं पचासों उधारण दे सकता हूँ जगमवालाल सिन्हा को क्यों जो है इन्होंने एलिवेट होने सो रोग दिया यह सब जानते हैं किस तरह से कड़ी की थी हर हर कोई जानता है एंड जस्टिस कैसे बनेते यह हर कोई जानता है उनका प्रोमोशन
37:03सब्सक्राइब
37:21नहीं थीक है लेकिन व्यक्तिकर टिपडी मत हैं तो व्यक्तिकर टिपडी की बताई यह थो
37:42उनका नाम है आप नाम से बुलाईए और फिर वो भी आपको कुछ बुलाएंगी फिर उस पर मामला बढ़क जाएगा
37:52मैं तो यहाँ पर जैस के तोर पर नहीं बैठा हूँ आप सब लोग सालों से प्रवक्ता हैं आपको भी पता है कि आप लोग किस तरीके से बात कर रहा है
37:59मुझे इस पे कोई गैस्मेंट नहीं देनी है
38:02मैं सिर्फ आपको बताने की कोशिश कर रहा हूँ कि मामला नहीं बढ़काएंगे हम लोग
38:06प्रेम शुकला जी मैं आपको सवाल कुछ पूछना चाहता हूं देखिए खुल मिलाकर यहां पर विपक्षी आरोप लगाने की कोशिश कर रहा है
38:26कि आप जब कहते हैं कि जुड़ी शेरी को आपने फ्री और फैर कर दिया है पूरी तरीके से जुड़ी शेरी के अपॉंट्मेंट्स में ट्रांसपर्स में आपका कोई किसी भी तरीके से हस्तक शेप नहीं है
38:37इस सिटी में जब सीजीम कोई आदेश दे रहे हैं
38:41तो अड्मिनिस्टेशन आकर वहाँ पर अगर ये कहने की कोशिश करें
38:45कि भाई हम तो नहीं मानेंगे इस बात को
38:46ये भी तो कही न कही गलत मेसेज देता है न लोगों के वीज़ेश
38:50आपको जो करना था आपके पास भी तो आपके पास भी तो हाई कोट जाने का अधिकार था आपके पास भी हायर जूशरी के पास जाने का अधिकार था लेकिन उसके बावजूद
39:00कि हम तो नहीं मानेंगे इस बात को इसका भी कही ना कहीं गलत में से जाता है या नहीं जाता है आज तक तो मैंने का मतलब है कि हम चुनोती देंगे अभी आप ही के सामने पूर डी जी ने कहा कि उन्हों
39:19अपने 37 वर्षों के कारेकाल में एक नहीं सैक्ड़ों ऐसे मामले देखे हैं कि सीजेम की अदालत ने कोई आदेश दिया उस आदेश को अगर पाया पुलिस दिभी भागने यह आदेश नयाज सम्मत नहीं है विदी सम्मत नहीं है तो उसने अपिल में जाते हैं तो अपिल मे
39:49करने का इन से यह भी पूचह जाना चाहिए आज तो किसी नहाय माया की कि सी में अधीश की हिमत नहीं की प्रधान मंतरी का नाम तक ले दे उन पर मुखद्मा चलाना तो दूर की बात वह दौर था जब प्रधान
40:12परिचाए आपके शोगर बैट रहे जो इलेक्टरल फ्रॉड करता था यह के जैन जी के नाम से अधुराइब बदूरिया ते लिए यह तो में चलती रहे गए अधुराइब बदूरिया आपकुछ कहना चाहरे है उसके बार अनिल दूबे जी बात करेंगे चलिए अनुराइ
40:42इस ले जब से भारतिनिता पार्टी की सरकार आई है आप देखे कभी देश के त्यास में नयाइपालका का सम्मान हमेशा रहा है कभी यहां पर चीप जेश्टिस की उपर जूता नहीं फैका गया है और सन्नाटा भी देखने को मिला है कभी सुप्रीम कोड जज के उपर में
41:12सुप्रीम कोड के तीसरी बात अभी तो आप कह रहेते यह सब दंगाईयों पे पुलिस वाले दंगाईयों पे कारवाई करते हैं तो बता दीजे जो हमारे स्वामी जी हैं संक्राचार जी अभी मुत्रसा नंद सर्शुती जी दंगाई है क्या उनको आपने सनान करने से रो
41:42आपने बिगाड़ दी है कि आप संसमाच को पीड़ देंगे संसमाच तो दंगाई नहीं है आप आप संक्राचार जी वाँ एक धरना दे रहे हैं लेकिन आपको कोई चिंता नहीं है कि तोड़ा माफी मांग ली जे बहुत अनिल दूबे जी कुछ बोलना चारह है जरा अनि
42:12देखे साहिर जी बड़ी देर से मैं समी को सुन रहा हूं और उस मुद्धे पर महस हो रही है जो राइनेतिक दनों से जिस इसू का कोई मत्रब ही नहीं है यह फाई आप सीजेम की कोर्ट में किसी सरकारी अधिकारी का मुकदमा होता है 156 में वो जाते हैं तो सीजेम कोर्ट
42:42जात सकते हैं तो और दूसरी तरफ ढ़्या जजों का टांसफ़र करता है आप कह रही है कि सबील सेडियों डिवीजन बना तीया गिया वो पद जो है चोटा है तो सीनियर साइड वी बड़ है सीजेम के हस्तर का ये भी पद होता है और यह अगर टांसफर हुए यह टांसफ
43:12पारिका का अप्मान तो जायर लोगों ने वे फ्रेम जुकला जी ने उन्टी का जिकर किया मैं गुछ कहता हूं कि इमर्जन्टी लगी तो अनिल दूबे जी जरा एक पिनिट जरा एक पिनिट जरा एक पिनिट ठीक है तो यह जो वकील यहां पर दिख रहे हैं
43:42तस्विर यहां पर चला रहे हैं वकील जो यहां पर प्रदर्शन कर रहे हैं वो जब कि वो कह रहे हैं कि गल्क तरुके से तबादला किया गया है यह
43:58कोहीं कुछ कहें दे अरी ये वकील हैं कि नहीं ये बता दो पहले अच्छा आप संत को संत नहीं मानते वकील को वकील नहीं मानते जंता को जंता नहीं मानते तो फिर किसको मानते बता दिए वकील नहीं समझ में आते अभी मुट्वामी स्वामी समझ में नहीं आते आपको क्य
44:28कैसे बाते कर रहे हैं उस सनातर समाज में संत की संत हमिसा सच बोते हैं।
44:58जो वहाँ पर वकील प्रदर्शन कर रहे हैं, क्या वो राजनीती कर रहे हैं, क्योंकि आप कह रहे हैं कि इस पर राजनीती नहीं होनी चाहिए, लेकिन वकील भी तो वहाँ पर प्रदर्शन कर रहे हैं, वो भी तो कही न कहीं सवाल खड़े कर रहे हैं, उसका भी तो जवाब
45:28यहां तक कि ठाना आज़्े चाटाए जाता है और वहां की जनता जो है अंदोर्वन करती है कि इनको ना हचाए जाए कहीं पर कोई लोग प्री अगर हो गया इसका मतलब कि हाई कोड हमारे आप चे पूछ करके वो निरुमे करने लगे हाई कोड़ में कोई निरुमे करने लग
45:58तो ख्याल रखिए मैं बारबाद सवाल आपको उठा रहा हूं कि
46:07सब्सक्राइब भाजी सही है गलत है बताई जिस तरह से आपने लाटी के सिर्टों पे आपने चलाई
46:21उनको घसीडा चोटी पकड़के घसीडा जोगी की सब्सक्राइब तो
46:28अब संभल के भीतर नए सीजेम आ चुके हैं आडित के सिंग जिनों ने ये फैसला दिया था
46:36कि संभल में जो मस्जिद है उसकी कम से कम जाच होनी चाहिए और ये टैख होना चाहिए कि आखिरकार वहाँ पर पहले क्या था
46:45और उसके बाद वहाँ पर सर्वे वगरा किया गया था और उसके बाद वहाँ पर दंगे हुए और दंगो में जो एक लड़की की मौत हो गई उसके बाद ही वहाँ पर उनके जो परिवार वाले हैं
46:55वो अदालत में गए थे, CGM के सामने गए थे
46:57और उसके बाद CGM ने फैसला दिया था
46:59कि FIR किया जाए, अनुछ चोधरी के खिलाब
47:01लेकिन उसके बाद FIR के जगे पर अब यह नई
47:03राजडिती शुरू हो गई है, तो कुल मिलाकर
47:05संबल के भीतर होने वाली हर
47:07छोटी बड़ी घटा को लेकर
47:09सियासत सामने आती हुई
47:11साफ नजर आ दिया, लेकिन उसके बावजूद भी
47:13संबल पर चर्चा होना जरूरी है
47:15क्योंकि एक तरफ संबल को एक तरीके से
47:17उधारन बनाने की कोशिश की जा रही है
47:19लेकि कानून विवस्था को लेकर
47:21संबल में जो फॉलो किया जा रहा है
47:22वही मॉडल पूरे उत्तर परदेश में होगा
47:24लेकि दूसरी तरह
47:25सीजेम के आदेश के बावजूद वहाँ पर
47:28इफायार नहीं होना और उसके बाद
47:29सीजेम का ट्रांसफर होना
47:31उस बाद को लेकर भी विपक्ष कई सबाल
47:33यहां पर उठा रहा है
47:34तो खुल मिलाकर संबल को लेकर हमारी चर्चा
47:37इसी तरीके से जारी रही आप देखना है कि
47:39इसके बाद इस फैसले को लेकर
47:41इस तबादले को लेकर
47:43क्या आगे कोई अदाल्ती कारवाई होती है या नहीं होती है
47:45आज तार देश का सर्वश्रेश्ट न्यूस चानल
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