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डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ग्रीनलैंड पर कब्जे का राग छेड़ दिया है। अमेरिका वहां अपना सैन्य विमान भेज चुका है। यूरोप के 7 देश अपने सैनिक उतार चुके हैं। NATO भी टूटता नजर आ रहा है।

डोनाल्ड ट्रंप ग्रीनलैंड को अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ज़रूरी बता रहे हैं, तो वहीं डेनमार्क, फ्रांस, जर्मनी और ब्रिटेन खुलकर अमेरिका के सामने खड़े हैं। ग्रीनलैंड इतना अहम क्यों है?
क्या दुर्लभ खनिज, आर्कटिक समुद्री रास्ते और रूस–चीन की एंट्री
दुनिया को तीसरे विश्व युद्ध की ओर ले जा रही है?


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~HT.178~ED.276~

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00:00ग्रीनलैंड दुनिया के नक्षे पर बर्फ से धकाएक इलाका जो आज अमेरिका यॉरप और रूस के बीच सबसे खतरनाक टकराव का केंद्र बन चुका है
00:16एक अमेरिकी सेन्य विमान रवाना हो चुका है यॉरप के साथ देश पहले ही अपने सेनिक भेच चुके हैं
00:24और नाटो दुनिया का सबसे ताकतवर सेन्य गट बंधन अंदर से तूटा नजर आ रहा है
00:29नमस्कार मेहूत कर्शा अमेरिका ने एक सेन्य विमान ग्रीनलैंड भेज दिया है
00:35ये विमान जल्द ही ग्रीनलैंड में अमेरिका के पिटू-फिक स्पेस बेस पर पहुंचेगा
00:47इसके पहले साथ यूरोपिय देश पहले से ही अपने सेनिक ग्रीनलैंड शेत्र में भेज चुके हैं
01:04जन्मात के करीब 200 सेनिक यहां पहले से ही तैनात थे
01:07इस बीच डॉनल्ड ट्रम्प ने नौर्वे के राष्ट्रपती जॉनस गहर स्टोर से शांती का नोबेल ना मिलने को लेकर शिकायत की है
01:15ट्रम्प ने स्टोर को चिट्थी लिखते हुए कहा
01:18आठ जंग रुकवाने के बाद भी मुझे शांती का नोबेल नहीं मिला
01:22इसलिए अब मैंने शांती के बारे में सोचना छोड़ दिया है
01:25शांती जरूरी है लेकिन अब यह भी देखा जाएगा कि अमेरिका के हित में क्या सही है
01:31विशलेशकों का मानना है कि ग्रीनलैंड को लेकर ट्रम्प की आकरामकता पर नोबेल शांती पुरुसकार ना मिलने की नाराज़की का भी असर दिख रहा है
01:41इससे पहले 14 जनवरी को वाइट हाउस की ओर से सोशल मीडिया पर एक तस्वीर साजह की गई थी
01:47जिसमें ग्रीनलैंड से सवाल किया गया था ग्रीनलैंड तुम किस तरफ जाओगे
01:51आक्टिक रीजन का बर्फ सिधका ग्रीनलैंड आज विश्व राजनीती का नया पावर सेंटर बन चुका है
01:57डॉनल्ड ट्रम्प और यूरोपिय यूनियन के बीच ग्रीनलैंड को लेकर गहरी खाई साफ नजर आने लगी है
02:04अनुमान है कि आने वाले समय में रूस और चीन भी इस्टाक्राव में खुलकर उतर सकते हैं
02:27डॉनल्ड ट्रम्प के इस बयान के बाद एक दूसरे की रक्षा के लिए बना संगठन नाटो आज अपने सबसे बड़े संकट से गुजर रहा है
02:39ट्रम्प को खुली चेतावनी देते हुए फ्रांस के राष्ट्रपती इम्मानुल मैक्रो ने कहा
02:44फ्रांस के सेनिकों की पहली टीम डेन्मार्क पहुँच चुकी है
02:48फ्रांस के अलावा जर्मनी, नौर्वे, नीदल्लांज, फिनलंड और ब्रिटेन ग्रीनलांड शेत्र में अपने सेनिक तैनात कर चुके हैं
02:55ये सभी देश नाटो के सदस्य हैं, लेकिन ग्रीनलांड के मुद्दे पर अब ये देश अमेरिका के सामने खड़े दिखाई दे रहे हैं
03:03यही वज़ा है कि तीसरे विश्वियुध की चर्चा तेज हो गई है
03:07क्योंकि नाटो के नियमों के मुताबिक एक सदस्य पर हमला सभी पर हमला माना जाता है
03:12अगर अमेरिका ग्रीनलांड पर सहने कारवाई करता है
03:16तो नाटो के करीब 30 देश तकनीकी रूप से अमेरिका के खिलाफ खड़े हो सकते हैं
03:22यूरोपिय देशों के डेन्मार्क के समर्थन में उतरने के बाद डॉनल्ड ट्रम्प ने यूके, डेन्मार्क, स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी, नीदलैंड और फिनलेंड पर एक फरवरी से 10% टैरिफ लगाने का एलान किया
03:35साथ ही एक जून से 25% टैरिफ तब तक लगाया जाएगा जब तक ग्रीनलांड खरीदने की डील पूरी नहीं होती
03:42इधर ग्रीनलांड की सडकों पर नारे लग रहे हैं
03:45हम विकाउन नहीं हैं
03:54ग्रीनलांड के प्रीमियर फ्रेडरिक नील्सन साफ कह चुके हैं
03:58कि ग्रीनलांड अमेरिका का हिस्ता नहीं बनेगा
04:00वो डेन्मार्क और नाटो के साथ रहना चाहते हैं
04:03सवाल ये है कि आखिर ग्रीनलांड इतना एहम क्यों है
04:14दरसल ग्लोबल वामिंग के चलते आक्तिक रीजन की बरफ पिखल रही है
04:19इससे ना सिर्फ नए समुदरी रास्ते खुल रहे हैं
04:23बलकि दरलब खनिज संसाधनों तक भी पहुँच आसान हो रही है
04:26यहां नियोडाइमियम, प्रासियोडाइमियम, डिस्प्रोजियम, टर्बियम और यूरेनियम जैसे खनिज पाय जाते हैं
04:35जिनका इस्तेमाल इलेक्ट्रिक वहानों और आधूनिक हत्यारों में होता है
04:39दगारजियन की रिपोर्ट के मुताबिक यहां करीब 15 लाख टन खनिज भंडार हो सकता है
04:45यानि जो इलाका कभी सिर्फ बर्फ के लिए जाना जाता था आज वो वर्ल्ड मैप पर उभर चुका है
04:51ग्रीनलैंग की भोगॉलिक स्थिती भी बेहत एहम है
04:54यह नॉर्थ अमेरिका और यूरोप के बीच अटलांटिक महासागर के केंदर में है
04:58बर्फ पिघलने से नए समुद्री रूट्स खुल रहे हैं
05:02इन रास्तों में सबसे एहम है नॉर्थन सी रूट
05:05जो रूस के आक्टिक तट के साथ चलता हुआ यूरोप को एशिया से जोड़ता है
05:10रूस के लिए ये रास्ता सिर्फ व्यापार नहीं बलकि उसकी दीर्ग कालिक सेन्य रन्नीती का हिस्सा है
05:16इसी वजह से रूस ने पिछले 10 सालों में इस इलाके में कई नए सेन्य अड्डे बनाए
05:21अमेरिका के लिए भी ग्रीन लैंड रन्नीतिक रूप से बेहत एहम है
05:26यहां मौजूद पिटूफिक स्पेस बेस रूसी और चीनी गतिविधियों पर नजर रखता है
05:31और मिसाइल चेतावनी प्रणाली का हिस्सा है
05:34इतिहास बताता है कि ग्रीन लैंड लंबे समय से ताकतवर देशों की नजर में रहा है
05:391721 में डेनमार्क ने कबजा किया
05:421946 में अमेरिका ने इसे खरीदने की कोशिश की
05:45और 2020 के बाद से डॉनल्ड ट्रम्प इसे खुले आम अमेरिका में मिलाने की बात कर रहे है
05:51ग्रीन लैंड अब सिर्फ बर्फ का टुकडा नहीं है
05:54यह संसादनों रन्नीती और भविश्य की जंग का मैदान है
05:59और दुनिया की निगाहें अब इसी ठंडे मोर्चे पर टिकी हुई है
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