00:00तीन दशकों से भारतिय रेलवे सुधार पर लगातार विचार कर रहा है।
00:30इसमें देरी हुई है।
01:00अधिक स्वयक्तिता से काम करने की अनुमती मिलती है।
01:02समय के साथ हालांकी ये व्यवस्थाएं अस्थाई न रहकर स्थाई संरचनाएं बन गई।
01:08जबकि सरकार की व्यापक आर्थिक नीती ने प्रतिसपर्धी वानिजिक प्षेत्रों में राज्य की भूमिका कम करने पर जोर दिया है।
01:16रेल मंत्राले ने स्वामित्व बरकरार रखते हुए आंतरिक प्रणालियों और निगरानी को मजबूत करने का अधिक क्रमिक द्रिष्टिकोन अपनाया है।
01:24इस से स्थिर्ता सुनिष्चित हुई है पर कुछ संस्थाएं अधिकतर संरक्षित तंत्रों में काम करती रहती है।
01:32अधिकांश रेलवे CPSU आज भी अधिकतर सरकारी स्वामित्व में हैं। उन्हें रेलवे व्यवसाय तक सुनिष्चित पहुँच मिलती है और प्रतिसपर्धी दबाव कम होता है।
01:42इसने स्थिर प्रदर्शन दिया है परक्सर परिणाम वृद्धिशील ही रहे हैं।
01:46जहां स्वामित्व, विन्यमन और प्रमुख ग्राहक एक ही संस्थागत धांचे में मिलते हैं, वहां कड़ी जवाब देही और तेज नवाचार लाना अधिक जटिल हो जाता है।
02:15इसकी परिचालन शक्ति ने वैश्विक लॉजिस्टिक्स खिलाडियों और निवेश को दोनों को आकर्शित किया है।
02:45एक साथ बुनियादी धांचे के मालिक, नियामक, सेवा प्रदाता और शेयर धारक के रूप में कई भूमी काएने भाता है।
02:52भूमी लाइसेंसिंग शुल्क जैसे मुद्दे, 2023 के संशोधित दिशा निर्देशों के बाद भी एक ही धांचे में इन जिम्मेदारियों को संतुलित करने की कठिनाई दर्शाते हैं।
03:02ये इरादे की विफलताएं नहीं बलकि डिजाइन की चुनौतियां हैं और इसलिए रणनीतिक विनिवेश को वापसी नहीं बलकि एक प्रवर्तक के रूप में देखा जाना चाहिए।
03:32वन इंडिया से चुड़ें और अपडेट न चूटें वन इंडिया आई पले
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