00:00ये चो इन दिनों आदिवासी बाजार से गुलचार है जहां परदेश के अलग-अलग आदिवासियों से जड़े उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई गई है
00:07तमाम طریقے की अलग-अलग उत्पाद यहां है लेकिन इनमें सबसे ज़्यादा जो पसंद किया जा रहा है
00:12वो उत्रखन के स्मूँच क्राफ्ट को पसंद किया जा रहा है पतादे की उत्रखन का हैंडिक्राफ्ट है जिसे महिलाएं तयार करती है
00:20Bڑی بات یہ ہے کہ उतराखंड में इस से लग भग 500 से 700 महिलाएं जुड़ी होई है
00:25जो इसके जर्यात मिर्वर हो रही है
00:27यहां काम करने वाली महिलाओं की माने तो उनका कहना है
00:31कि यह कलाब बिल्कुल विलुक्त हो चुकी थी
00:33लेकिन 2014 के बाद इसकी तस्वीर बदली
00:35और बड़ी संख्या में महिलाएं अब इस उत्पाथ से जुड़ी होई है
00:39इसे बनाने में खासा महनत लगती है
00:41कुश के जरिये यह अलग-अलग उत्पाथ तयार किये जाते है
00:44बड़ी बात यह है कि पहले जहां इसे इस्थानी लोगों के जरिये ही पसंद किया जाता था
00:49तो वहीं अब इसका जो डंका है वो विदेशों में भी बज़ रहा है
00:52और महिलाएं इससे आप निर्वर हो रही हैं
00:55जिसकी एक तस्वीर उत्तराखं से बनारे साई रीता की रूप में भी नज़र आता है
00:59रीता ने 2002 में इस उत्पाथ को बनाने की शुरुआत की थी
01:03लेकिन तब इस कला को बहुत कम लोग जानते थे
01:06ये वलुप्तिका के कगार पर थी
01:07लेकिन 2014 के बाद तश्वीर बढ़ ली
01:09और इसका परड़ाम ये रहा
01:11कि अकेले शुरू किया हुआ रीता का
01:13ये जो कारवा है वो 500 महिलाओं तक पहुँच गया
01:16और ये महिलाओं को रोजगार दे रही है
01:18हर महिलाओं लगभग 15 से 20,000 रुपे महीना कमाती है
01:22उनका कहना है कि ये जो कला थी
01:23वो कहीं गायब हो गई थी
01:25लेकिन अब इसके जर्ये हम आत्म निर्भर बन रहे हैं
01:28प्रधारमंचर नेरेंद्र मोदी से भी उन्होंने मुलाकात की है
01:30उनके लेको पहार भी तयार किया है
01:32प्रधारमंचर प्रधारमंचर नेरेंद्र मोदी से लेकिन हम लोग इसे दुबारा से उजागर कर रहे हैं
01:48लेकिन इसमें हमारा गवर्मेंट भी हमारा बहुत सायोग कर देंगे
01:51उनके तुरू भूम तरह जगा एजिविशन लगाते है
01:54और हमको गवर्मेंट के फुरू भी मिलता है मैडम और हमको ये अन्नी भी भागोशे भी मिलता है
02:00ज़्ये सरकारी वेजना है और ये अधन्य सकाओं द्वारा प्राइवट संचिता हैं उनसे भी हमको काम मिलता है
02:06कितने महला इस क्राप से जुड़ी हुए है
02:12हमारा सुरी मेरा समूर मेरा समूर का नाम पहली के रहा है
02:18हमारे समूर की महला है अच्छा लगा कि हमारे आप इसकी फीप हो रही है
02:28इसे जड़ी हुए दूसरे महलाओं का कहना है कि यह महलाओं को संबल बनाने में
02:42सबसे ज़्यादा अपनी बड़ी भूमिका निभा रहा है
02:44हम मतराखन के जो महलाओं पुरुषों पर निर्फर हुआ करते थे
02:47हमने अपने बड़ों को देखा है नानी दादी को जबसे हमने भी सीख लिया उनसे
02:56मैं तो अपनी बहन के साथ आई हूँ आप लोग इस काम को करते हैं
03:05महलाओं को रोजगार देने में कितना अच्छा काम कर रहा है यह काम हमें तो बहुत अच्छा लगता है
03:13महलाों को अपसे से जोड़ रहे हैं कि हमारी महला आगे चलें आगे बड़ें नदी नालो में से ढूनना पड़ता है उनको बहुत महनत लगती है
03:39We have to make things so that we don't harm ourselves.
03:50We have to make it 1 year.
04:04What is the most important thing to do in our childhood?
04:08I was watching the wooden things here.
04:11For me, there are very new things.
04:14But I don't know about seeing it.
04:17I don't know about it because I am watching it first time.
04:20But it's good to be eco-friendly.
04:23And the good thing is that women can work better.
04:29According to another work.
04:33I want to hear this.
04:38I want to hear it.
04:40It's a good thing.
04:46I want to hear it.
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