00:00अचारी जी आजी मेरा देना लिए शेज भात प्रक्रदेटटे आप से ब्रहांड़ी गद्रेड आप से बीने के वार
00:06कि आज थे ब्रहूरी सांदें करें – कि आम नाम सत्य है
00:09वार सेणम दिन हो गया, मुभारग
00:11ये सब्कूल्यों 18 talk
00:14चल्व में पूच पर प्रश्न के संजीवन समाधी जोली ही संतज्मियनिशर जी देगा, तो उसका आपके इससे क्या है, क्या है, क्या है?
00:27समाध्य का एक ही अर्फ होता है, जलके हमारा एक ही दुख होता है, उसी दुख का मिट जाना समाध्य है, और दुख जितनी गहराई से मिटा दिया और समाध्य उतनी गहरी है, अब बस इस ही पैमाने पर समाध्य को लेकर आपके पास जितनी बाते आती हों, आप उनको तोलने
00:57कुल सिध्धान्त है वेदान्त है उसी पर आप तोल भीचे है एक ही दुखी उसका नाम हंकार है और समाधियों के भी तलोते है चितनी गहराई से आपने समाधी अदुख का निदान करा है उतनी गहरी आपकी समाधी है
01:27कर दो भी आपकी समाधी है
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