00:00दॉर्ट पार सर मुगिंग करते है लो तो पास एक्जाम्स और मैंने भी थोड़ा यह किया था और इसकोड एटी
00:08परसें मार्क्स बट आ वस फिलिंग वेरी एम्टी फ्रम इंसाइड मुझे मतलब मुझे तॉपिक्स को अंडर्स्टांड करना था और वैसे
00:18एक्जाम्स देने
00:29कि और मार्क्स आजाएं कि जैसे गाड़ी सलीए नहीं होती है कि स्पीडो on meter पर पर कोई रीडिंग आ
00:36जाए
00:37जाए गाड़ी सलीए होती है ताकि आप जहां हो उसे एक बहतर जगह पहुच जाओ गाड़ी सलीह उती है
00:44यह गाड़ी इसलिए होती है कि डैशबोर्ड पर सब अच्छी अच्छी रीडिंग सिखाई दे रही है
00:49तो जो आपका रिपोर्ट का एडिया समिस्टर एंड पर जो भी आपको मिलता है
00:55वो तो बस गाड़ी के डैशबोर्ड की तरह होता है
00:58अब कुछ करके कुछ सही कुछ गलत कुछ एमर्जिंसी मिजर लगा करके आपने डैशबोर्ड पर किसी तरह एकसिप्टेबल रीडिंग ले
01:08आ लिए
01:08लेकिन गाड़ी अपनी मन्जिल तक पहुंची ही नहीं है
01:11तो कोई आपको उसमें संतुष्टी साटिस्वेक्शन मिलेगा क्या
01:15तो जो हम कुछ भी करके जैसे तैसे एक्जाम में नंबर ले आ लेते हैं
01:22इसलिए हमें उनसे साटिस्वेक्शन नहीं मिलता
01:24क्योंकि गाड़ी में रीडिंग तो ले आ ली पर मन्जिल नहीं आई है
01:28मन्जिल क्या होती है
01:29मन्जिल होती है कि उसको पढ़कर के
01:32अपने भीतर जो अंधेरा है उससे दूर करें
01:36पढ़ाई का उद्देश्य मार्क्स पाने नहीं होता
01:38पढ़ाई का उद्देश होता है कि अपने भीतर जो इधर उधर की बिलीफ बैटी है और ये बिलीफ बैटी है
01:48कि मैं तो कमजोर हूँ, मुझे कुछ आता नहीं, उनको दूर किया जाए
01:54कि पढ़ाई का जब राइट परपस होगा तो उससे फिर सटिस्ट्राच्शन दू के लएगा
01:59थैंक यू साथ, सर आ वस वेरी एक्साइटेट तो में तू थैंक यू सो मच
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