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  • 2 hours ago
एक दुकान और 100 से ज्यादा अलग-अलग स्वाद. राजस्थान के जयपुर की अचार वाली गली में आप आएंगे तो यहां सदियों पुरानी खुशबू तैरती मिलेगी. इस दुकान ने करीब 200 साल पुरानी विरासत को संभालकर रखा है. वो विरासत है स्वाद की... वो विरासत है सुगंध की... यहां आपको 100 से ज्यादा किस्म के अचार और मुरब्बे मिल जाएंगे.  साल-दर-साल गुजरता रहा... अचार वाली गली में सब कुछ बदल गया.. लेकिन नहीं बदला है तो यहां मिलने वाले अचार का स्वाद.भला स्वाद बदले तो बदले कैसे? रेसिपी जो सदियों पुरानी है. आज भी यहां सरसों तेल और देसी मसाले डालकर हाथों से अचार बनाए जाते हैं. अचार बनाने के लिए ना तो किसी तरह की मशीन का इस्तेमाल होता है... ना ही महीनों चलने के लिए सिरका या स्वाद बढ़ाने के लिए किसी तरह के केमिकल का इस्तेमाल होता है. चीनी मिट्टी और कांच की बर्नी में डालकर इसे पारंपरिक तरीके से धूप में सुखाया जाता है. इस तरह से जब अचार बनकर तैयार होता है तो इसकी सुगंध दूर-दूर तक फैल जाती है और लोग खींचे-खींचे इस दुकान की ओर चले आते हैं.

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Transcript
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00:30So, here is my dad and my dad came to us, and now we have a famous Achar.
00:40In Japan, I've seen a big Achar.
00:43I've seen a collection of all kinds of Achar.
00:46The recipe is also made by the way.
00:48The recipe is also made by the way.
00:50Today, this is also made by the Achar.
00:55foreign
01:23foreign
01:24It's different. You can see it's different. You can see it's different.
01:27This is a shop.
01:54You
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