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  • 6 months ago
राजस्थान के बारां जिले के एक सुदूर पहाड़ी इलाके में देश की आजादी के 78 साल बाद पहली बार बिजली का कनेक्शन पहुंचा है. जिला मुख्यालय से 175 किलोमीटर दूर संवारा गांव के पास स्थित बस्ती में रहने वाले सहरिया जनजाति समुदाय के 40 परिवार को बिजली मिली है. ये पीएम-जनमन या प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान के तहत सहरिया परिवारों को हासिल हुई है. पीएम-जनमन विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार लाने के लिए एक पहल है. बिजली पहुंचने से पूरे गांव के लोग अब बहुत खुश और उत्साहित हैं. उनका कहना है कि जिला अधिकारियो द्वारा जन सुनवाई के दौरान उनकी शिकायत मिलने के बाद ये काम शुरू किया गया. आदिवासी बस्ती में 25 केवी ट्रांसफार्मर और 38 नए बिजली के खंभे लगाए गए. यह पूरा काम पथरीले और पहाड़ी इलाकों में किया गया है. पीएम-जनमन के तहत सहरिया आदिवासी परिवारों को भी स्थायी मकान के लिए सरकारी मंजूरी मिल गई है. 

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00:00राजस्तान के बारा जिले के एक सुदुर पहाड़े इलाके में देश की आजादी के 78 साल बाद पहली बार बिजली का कनेक्शन पहुँचा है।
00:30पहली के तहद सहर या परिवार को हासिल होई है।
00:34पीएम जन्मन विशेश रूप से कमजोर जनजातिय समुहों की सामाजिक आर्थिक स्थिती में सुधार लाने के लिए एक पहल है।
01:00पार करके जाना पड़ता है। तो इसलिए वहाँ पर अभी तक कोई लाइन बिचनी पाई थी।
01:04परंतु क्योंकि इसमें RDSS के सरवे में उसको ग्लूड कराया गया था।
01:08और इसकी पर्मीशन लेकर के ततकाल इसकी लाइन डाली गई थी।
01:13बिचली पहुचने से पूरे गाउं के लोग अब बहुत खुश और उतसाहित है।
01:26उनका कहना है कि जिला अधिकारियों द्वारा जन सुनवाई के दौरान उनकी शिकायत मिलने के बाद ये काम शुरू किया गया।
01:56बहुत बढ़ी आए मोवाल भुवाल साथ हो जाते हैं खूलर पंका सब आते हैं किसा लग रहा है बापकों अब बहुत बढ़ी है।
02:06अधिवासी बस्ती में 25 के भी ट्रांसफार्मर और 38 नए बिजली के खंबे लगाए गए हैं।
02:32ये पूरा काम पत्रीले और पहाडी इलागों में किया गया है।
02:36पीएम जन्मन के तहट सहर्या आधिवासी परिवारों को भी स्थाई मकान के लिए सरकारी मंज़ुरू
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