00:00I am bringing with me my items I am half in my country
00:29I am bringing a jacket, a shawl and also ceramic items
00:54Tajakistan से आई इस सिल्पकार ने पहली बार गीता महत्सों में अपना स्टॉल लगाया है
01:00इनके घर के सजावट के सामानों में इनकी देश की संस्कृती जहलकती है
01:06यूगांडा के सिल्पकार लकडी से बनिये मुर्तियां लेकर पहुचे हैं
01:34तो सिर्या के सिल्पकारों के उट की खाल से बने हुए बैग लोगों को खूब भार रहे हैं
01:41परंपरागत हैंडमेड पेंटिंग भी आकरसन का केंद्र है
01:45तो कह सकते हैं कि गीता महत्साव विदेशी सिल्पकारों को भी मंच दे रहा है
02:09जो अपने अपने देश की संस्क्रिती को अपनी कला के जरिये प्रदर्सित कर रहे हैं
02:15गीता महत्साव पर इस बार जो रुषेतर विकास बोडर ने विदेशों से सिल्पकार बुलाए हैं
02:20काफी अच्छा उनको यहां पर रुजान मिल रहा है
02:23और कहीं न कहीं अंतराश्टे गीता महत्साव को जो अंतराश्टी स्थर पर द्रसाने के जो बात कही जाती है
02:29यहां पर जलक मिलती है कि विदेशों की सिल्पकार अंतराश्टे गीता महत्साव पर देखने को मिल रही है
02:34इस बीबात के लिए कुरुषेतर से मुनिश टूरन
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