00:00पहली लकीर स्वर्ग लोग की, दूसरी पृत्वी की, तीसरी पाताल की तीनों मिलकर खोलती हैं वो नाड़ी जहां से ब्रह्म की उर्जा बहती है।
00:07यही है त्रिपुंड जो आपके भीतर के तीन गुण सत, रज, तम को संतोलित करता है।
00:12यह सिर्फ तीन लकीरें, नहीं यह शिवजी का सबसे बड़ा दुख और वैराग्य की निशानी है।
00:17हर लकीर में छिपा है पूरा ब्रह्मांड का कोड।
00:19विज्यान कहता है माथे पर चंदन या भस्म लगाने से कॉर्टिसोल 23 प्रतिशत घटता है।
00:24और यही कारण है कि योगी ध्यान में तुरंत प्रवेश करते हैं।
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